अब राजकीय स्कूलों में होगी बीएड प्रशिक्षुओं टीचिंग प्रैक्टिस, शासन के निर्देश पर बदली व्यवस्था
राजकीय विद्यालयों को मिलेगी प्राथमिकता, जरूरत पड़ने पर अशासकीय स्कूलों में होगा आवंटन
प्रशिक्षुओं को मिलेगा सरकारी विद्यालयों में व्यावहारिक अनुभव, शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा बल
12 जुलाई 2026
लखनऊ। बीएड की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के प्रशिक्षण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक निजी विद्यालयों में टीचिंग प्रैक्टिस करने वाले बीएड प्रशिक्षुओं को प्राथमिकता के आधार पर राजकीय विद्यालयों में पढ़ाने का अवसर मिलेगा। आवश्यकता के अनुसार उन्हें अलग-अलग सरकारी विद्यालयों में प्रशिक्षण के लिए आवंटित किया जाएगा।
नई व्यवस्था का उद्देश्य भावी शिक्षकों को सरकारी विद्यालयों की वास्तविक शिक्षण व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और कक्षा संचालन का व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है। इससे प्रशिक्षुओं को विद्यालयी शिक्षा प्रणाली को नजदीक से समझने और अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में अपने शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।
इस बार बदला रहेगा बीएड में अभ्यास शिक्षण का माहौल, प्रैक्टिस टीचिंग का काम अब डीआईओएस के अधीन होगा
30 जून 2026
लखनऊ। यूपी सरकार ने बीएड शिक्षण को लेकर एक नया आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अब प्रैक्टिस टीचिंग का काम जिला विद्यालय निरीक्षक देखेंगे। ऐसे में पाठयोजना का अवलोकन, मापन व मूल्यांकन कौन करेगा यह प्रश्न अनुत्तरित है।
बताया जाता है कि अभी तक शिक्षण अभ्यास का दायित्व कॉलेज का बीएड विभाग निभाता था। अब यदि शिक्षा विभाग को यह काम सौंपा जाता है तो वह अपनी मशीनरी से इस काम को कराएंगे। ऐसे में शिक्षक पाठयोजना इत्यादि का मूल्यांकन नहीं करेंगे। दूसरी तरफ स्ववित्त पोषित महाविद्यालय के संचालक इस नियम की जानकारी विद्यार्थियों को देकर उन्हें नए नियम के तहत ढाल लेंगे। जबकि अनुदानित महाविद्यालय में शिक्षक किसी भी प्रकार से इस मामले को अपने अनुकूल नहीं मान रहे हैं।
अब राजकीय और एडेड स्कूलों से ही इंटर्नशिप कर सकेंगे बीएड विद्यार्थी, एनसीटीई के नियमों को सख्ती से लागू करने को लेकर शिक्षा विभाग की पहल
बीएड पाठ्यक्रम के तहत इंटर्नशिप कार्यक्रम होगा लागू
एनसीटीई की व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर
08 जून 2026
प्रयागराज। बीएड पाठ्यक्रम करने वाले छात्र-छात्राओं को राजकीय या सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से प्रशिक्षुता (इंटर्नशिप) करनी होगी। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के नियमों को सख्ती से लागू करने को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने पहल की है। दो साल के बीएड पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले छात्रों के लिए 20 हफ्ते की इंटर्नशिप जरूरी होगी।
पहले साल चार सप्ताह और दूसरे में 16 सप्ताह की इंटर्नशिप अनिवार्य होगी। इसका रिकॉर्ड भी प्रस्तुत करना होगा। अब तक तमाम संस्थान फर्जी इंटर्नशिप प्रमाणपत्र लगा देते थे। इससे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण नहीं हो पा रहा था।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को पांच जून को पत्र लिखा है कि एनसीटीई रेगुलेशन 2014 में दी गई व्यवस्था के अनुसार प्रदेश के सभी बीएड कॉलेजों (सरकारी अथवा निजी) में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कराया जाए।
बीएड में 20 सप्ताह की इंटर्नशिप अनिवार्य
9 मई 2026
लखनऊ। बीएड के दो वर्षीय पाठ्यक्रम में 20 सप्ताह की इंटर्नशिप जरूरी होगी। प्रशिक्षुओं को पहले वर्ष चार, दूसरे वर्ष 16 हफ्ते की इंटर्नशिप करनी होगी।
इन्हें राजकीय माध्यमिक स्कूलों पढ़ाने भेजा जाएगा। कहीं राजकीय स्कूल नहीं है तो निजी में भेजा जाएगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के नियम सख्ती से लागू होंगे।
उच्च शिक्षा संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी ने जिलों को निर्देश भेज दिए हैं। कॉलेज इंटर्नशिप के लिए छात्र सूची डीआईओएस को भेजेंगे।
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