DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Saturday, October 3, 2020

छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए योगी सरकार ने बनाई जांच कमेटी, शिक्षण संस्थाओं पर होगी खास नजर

छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए योगी सरकार ने बनाई जांच कमेटी, शिक्षण संस्थाओं पर होगी खास नजर।


प्रदेश के समाज कल्याण विभाग की ओर से गरीब छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की योजना में फर्जीवाड़े की जांच के लिए शासन स्तर पर गठित तीन सदस्यीय समिति बीएड, बीटीसी, इंजीनियरिंग,मैनेजमेंट, आईटीआई, के पाठ्यक्रम संचालित करने वाली शिक्षण संस्थाओं का पूरा ब्योरा खंगालेगी। यह जांच कमेटी सरकारी अनुदानित के साथ ही निजी शिक्षण संस्थानों की मण्डलवार औचक जांच करेगी।

 पिछले दिनों वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षण संस्थाओं द्वारा करोड़ों रुपये की फीस भरपाई व छात्रवृत्ति की धनराशि छात्र-छात्राओं के फर्जी ब्यौरे व दस्तावेजों के जरिये हासिल करने के मामलों पर गम्भीर चिन्ता जताई थी। समाज कल्याण निदेशक बालकृष्ण त्रिपाठी ने हाल ही में सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को पत्र लिखा है।

इस पत्र में वर्ष 2016-17 में प्रख्यापित दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना निमयावली के नियम 14 (दो) का हवाला देते हुए कहा गया है कि नियम विरुद्ध छात्रवृत्ति लेना आपराधिक  कृत्य है। ऐसे सैकड़ों मामलों की जांच मथुरा व सहारनपुर के शिक्षण संस्थानों के खिलाफ पहले से की जा रही है। ये मामले इतने गम्भीर हैं कि अब इनकी विस्तृत जांच के लिए एसआईटी का सहारा लेने पर भी विचार किया जा रहा है।

फर्जीवाड़े की जांच में कुछ पाठ्यक्रमों पर खास नजर, निजी शिक्षण संस्थानों की मण्डलवार होगी औचक जांच।

छात्रवृत्ति योजना : तीन सदस्यीय समिति शिक्षण संस्थाओं का ब्योरा खंगालेगी निजी शिक्षण संस्थानों की मण्डलवार औचक जांच होगी

राज्य मुख्यालय : प्रदेश के समाज कल्याण विभाग की ओर से गरीब छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की योजना में फर्जीवाड़े की जांच के लिए शासन स्तर पर गठित तीन सदस्यीय समिति बीएड, बीटीसी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आईटीआई, के पाठ्यक्रम संचालित करने वाली शिक्षण संस्थाओं का पूरा ब्यौरा खंगालेगी। यह जांच कमेटी सरकारी अनुदानित के साथ ही निजी शिक्षण संस्थानों की मण्डलवार औचक जांच करेगी।


पिछले दिनों वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षण संस्थाओं द्वारा करोड़ों रुपये की फीस भरपाई व छात्रवृत्ति की धनराशि छात्र-छात्राओं के फर्जी ब्यौरे दस्तावेजों के जरिये हासिल करने के मामलों पर गम्भीर चिन्ता जताई थी। समाज कल्याण निदेशक बालकृष्ण त्रिपाठी ने हाल ही में सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि नियम विरुद्ध छात्रवृत्ति लेना आपराधिक कृत्य है।

No comments:
Write comments