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Friday, January 15, 2021

यूपी बोर्ड के कॉलेजों में पढ़ाया जाएगा गंगा संरक्षण का पाठ, नमामि गंगे विभाग की पहल पर हाईस्कूल व इंटर स्तर पर होगा विषय, बोर्ड ने पाठ्यक्रम समिति को भेजा प्रस्ताव, नए शैक्षिक सत्र से होगा लागू

यूपी बोर्ड के कॉलेजों में पढ़ाया जाएगा गंगा संरक्षण का पाठ,  नमामि गंगे विभाग की पहल पर हाईस्कूल व इंटर स्तर पर होगा विषय, बोर्ड ने पाठ्यक्रम समिति को भेजा प्रस्ताव, नए शैक्षिक सत्र से होगा लागू

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) छात्र-छात्राओं को गंगा संरक्षण का पाठ भी पढ़ाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट नमामि गंगे विभाग की पहल पर इसे हाईस्कूल व इंटरमीडिएट स्तर पर विषय में रूप में शामिल करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। ऐसा करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य होगा। इस पाठ्यक्रम को नए शैक्षिक सत्र में शामिल किया जाएगा।


असल में, गंगा संरक्षण व जल प्रदूषण की रोकथाम के लिए जन सहभागिता जरूरी है। इसके लिए यूपी बोर्ड सबसे है। प्रदेश भर में उपयुक्त 27 हजार से अधिक संबद्ध माध्यमिक कालेजों में हर साल पचास लाख से अधिक छात्र-छात्राएं दाखिला लेते हैं। विद्यार्थियों के इस विषय की पढ़ाई और जुड़ाव का असर उनके अभिभावकों पर भी पड़ेगा। सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि गंगा संरक्षण और जल प्रदूषण की रोकथाम को पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। यूपी बोर्ड ने इसे विचार के लिए विशेषज्ञों की पाठ्यक्रम समिति के पास भेजा है। समिति की मंजूरी मिलते ही इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। छात्र-छात्राएं सीखेंगे और करेंगे सैर : छात्र छात्राएं गंगा के पवित्र जल को प्रदूषित होने से बचाने के तरीके सीखेंगे और हिमालय से बंगाल की खाड़ी तक गंगा की यात्रा भी कर सकेंगे। साथ ही गंगा स्वच्छता अभियान को युवाओं से जोड़ने और बच्चों के बीच निर्मल और अविरल गंगा की अवधारणा को फैलाने में मदद मिलेगी। इस पहल से न केवल बच्चों का ज्ञान बढ़ेगा, बल्कि गंगा स्वच्छता को भी नई गति मिलेगी।

राज्य सरकार का ग्रामीण जलापूर्ति विभाग भी तत्पर नमामि गंगे और राज्य सरकार के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि स्कूलों में गंगा प्रदूषण से संबंधित नए पाठ्यक्रम और गतिविधियां लागू की जाएं और छात्रों के लिए गंगा स्वच्छता कार्यक्रम में हिस्सा लेना अनिवार्य भी बनाया जाए।

नए सत्र से लागू होगा पाठ्यक्रम

यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि नमामि गंगे विभाग से निर्देश मिला है और उसे पाठ्यक्रम समिति के पास भेजा गया है। इस वर्ष कोरोना संक्रमण की वजह से 30 फीसद पाठ्यक्रम घटा है, इसलिए अभी इसे जोड़ना संभव नहीं है । नए शैक्षिक सत्र में इस विषय की पढ़ाई सभी कालेजों में कराई जाएगी।

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