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Sunday, June 1, 2025

इस साल से स्नातक में अप्रेंटिसशिप अनिवार्य, यूजीसी ने रोजगार से जोड़ने को पहली अप्रेंटिसशिप गाइडलाइन बनाई

इस साल से स्नातक में अप्रेंटिसशिप अनिवार्य, यूजीसी ने रोजगार से जोड़ने को पहली अप्रेंटिसशिप गाइडलाइन बनाई


नई दिल्ली। देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इस साल से स्नातक में अप्रेंटिसशिप अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगार से जोड़ा जाएगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक कार्यक्रम में सभी विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से इसे लागू करना होगा। इसमें छात्रों को इंडस्ट्री के अनुरूप रोजगार का प्रशिक्षण मिलेगा। इसके अलावा संस्थान और इंडस्ट्री के बीच तालमेल बढ़ाने और कौशल के अंतर को दूर करने पर काम होगा।


तीन महीने की अप्रेंटिसशिप में दस क्रेडिट मिलेंगे

तीन वर्षीय डिग्री में एक से तीन सेमेस्टर और चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में दो से चार सेमेस्टर अप्रेंटिसशिप के रहेंगे। अप्रेंटिसशिप में छात्रो को 10 क्रेडिट भी मिलेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की उच्चस्तरीय समिति ने अप्रेंटिसशिप गाइडलाइन तैयार की है।


दिशानिर्देश के तहत उच्च शिक्षण। संस्थानों, इंडस्ट्री और छात्रों के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता होगा। इसमें तीनों कीजिम्मेदारियां तय होंगी। उच्च शिक्षण संस्थानों को आजादी होगी कि वे इंडस्ट्री में मौजूद सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर अप्रेंटिसशिप की सीट तय कर सकेंगे।


संस्थानों को अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम के लिए नेशनल अप्रेंटिसिशप ट्रेनिंग स्कीम के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इंडस्ट्री के साथ एईडीपी प्रोग्राम ऑफर करने पर इंडस्ट्री स्टाइपेंड देगी। जबकि एनएटीएस पर रजिस्ट्रेशन करने पर केंद्र सरकार से स्टाइपेंड मिलेगा।

Sunday, March 30, 2025

अब स्नातक की पढ़ाई में अप्रेंटिसशिप अनिवार्य, यूजीसी ने रोजगार से जोड़ने को पहली अप्रेंटिसशिप गाइडलाइन तैयार की

अब स्नातक की पढ़ाई में अप्रेंटिसशिप अनिवार्य,  यूजीसी ने रोजगार से जोड़ने को पहली अप्रेंटिसशिप गाइडलाइन तैयार की


नई दिल्ली। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से स्नातक विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से अप्रेंटिसशिप करनी होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत स्नातक शिक्षा में सभी विश्वविद्यालयों को इसे लागू करना होगा। इसमें छात्रों को उद्योगों में रोजगार के लिए तैयार करना, संस्थान व उद्योग के बीच तालमेल बढ़ाने और कौशल की कमी दूर करने के लिए काम करना होगा।

नए दिशा-निर्देश के तहत तीन वर्षीय डिग्री में एक से तीन सेमेस्टर और चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में दो से चार सेमेस्टर अप्रेंटिसशिप के रहेंगे। तीन महीने की अप्रेंटिसशिप में विद्यार्थियों को 10 क्रेडिट स्कोर भी मिलेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की उच्चस्तरीय समिति ने अप्रेंटिसशिप गाइडलाइन तैयार की हैं।

उच्च शिक्षण संस्थान उद्योगों में मौजूद सुविधाओं के आधार पर अप्रेंटिसशिप की सीट तय कर सकेंगे। संस्थानों को अप्रेंटिसशिप के लिए सीधे राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना के पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। इसके लिए उद्योग और केंद्र सरकार से स्टाइपेंड भी मिलेगी।


मार्कशीट पर अप्रेंटिसशिप व क्रेडिट लिखना अनिवार्य :
 दिशा-निर्देशों के तहत अब विद्यार्थियों की मार्कशीट पर अप्रेंटिसशिप व क्रेडिट स्कोर की जानकारी लिखकर देनी होगी। अप्रेंटिसिशिप कराने की जिम्मेदारी संबंधित संस्थान की होगी। पहले सेमेस्टर में अप्रेंटिसशिप नहीं होगी, लेकिन आखिरी सेमेस्टर में अनिवार्य रहेगी।