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Thursday, October 22, 2020

छात्रवृत्ति नवीनीकरण में 50 फीसदी अंक की बाध्यता समाप्त

छात्रवृत्ति नवीनीकरण में 50 फीसदी अंक की बाध्यता समाप्त

 
केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यक छात्रों को नवीनीकरण आवेदन में 50 फीसदी अंक की बाध्यता समाप्त कर दी है। इससे काफी छात्रों को राहत होगी। नया आदेश आने के बाद विभाग की ओर से सभी संस्थानों को नए सिरे से आवेदन के निर्देश दिए गए हैं।



राष्ट्रीय स्कॉलरशिप के लिए अब तक नवीनीकरण के मामले में छात्र-छात्राओं के लिए 50 फीसदी अंक की बाध्यता की गई थी। 50 फीसदी से कम अंक होने पर छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए पात्र नहीं होते थे। निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से जारी पत्र में वर्ष 2020-21 के लिए इस नियम को शिथिल किया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शिव प्रकाश तिवारी ने नए नियम के तहत सभी को आवेदन करना है। इसके लिए संस्थाओं को पत्र लिखा गया है। इसके साथ ही अब तक केवाईसी के लिए पांच हजार संस्थानों ने आवेदन नहीं किया है। इसमें चार हजार शिक्षण संस्थान प्राथमिक व एक हजार माध्यमिक शिक्षा के संस्थान हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि केवाईसी भरने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर तक निर्धारित है। इसके बाद संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Monday, October 19, 2020

आधार वेरिफिकेशन के लिए छात्रवृत्ति के सॉफ्टवेयर में किए गए तीन बड़े बदलाव

आधार वेरिफिकेशन के लिए छात्रवृत्ति के सॉफ्टवेयर में किए गए तीन बड़े बदलाव।

लखनऊ : आधार वेरिफिकेशन के लिए छात्रवृत्ति के सॉफ्टवेयर में तीन बड़े बदलाव किए गए हैं। ये मूल नाम नाम से पहले कुमारी या श्रीमती और विवाह के बाद लड़कियों के सरनेम में परिवर्तन से संबंधित हैं। इस साल से आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिए जाने से ये बातें बड़ी समस्या बनकर उभरी थीं, उन्हें दूर कर लिया गया है।


प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को ढाई लाख रुपये तक सालाना और अन्य वर्गों के लिए दो लाख रुपये तक सालाना आय होने पर छात्रवृति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ देती है। यह सुविधा पूरी तरह से ऑनलाइन है। इस साल से भुगतान के लिए आधार सीडिंग अनिवार्य कर दी गई है। यानी, विद्यार्थी का हाईस्कूल का रिकॉर्ड और आधार कार्ड में दी गई सूचना मैच करने पर ही उसके डाटा को ओके किया जाएगा। देखने में आया कि हाईस्कूल की मार्कशीट में छात्र या छात्रा के नाम से पहले कुमार या कुमारी है, लेकिन आधार कार्ड में मूल नाम से पहले इनका इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसी तरह से हाईस्कूल की मार्कशीट में बालिकाओं के मूल नाम के आगे सरनेम कुछ और है, जबकि शादी हो जाने के कारण अब सरनेम बदल गया है। एनआईसी सी के सॉफ्टवेयर ने इस तरह के आवेदकों के डाटा को बड़े पैमाने पर खारिज करना प्रारंभ कर दिया। यह समस्या शासन की जानकारी में लाई गई, तो निर्णय लिया गया कि मूल नाम से पहले कुमार या कुमारी के आधार पर कोई भी डाटा खारिज नहीं किया जाएगा। इसी तरह से छात्राओं को पोर्टल पर शादी के बाद परिवर्तित हुआ सरनेम भी देने का ऑप्शन दिया गया है। अलबता, मूल नाम में वर्तनी का मामूली अंतर भी तभी स्वीकार होगा, जब उसे जिलास्तरीय अधिकारी वेरीफाई करेंगे।


समाज कल्याण निदेशालय के अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुविधाओं को देखते हुए सॉफ्टवेयर में ये जरूरी बदलाव कर दिए गए हैं। हर साल करीब 60 से 70 लाख विद्यार्थी इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करते हैं।

Wednesday, October 14, 2020

ढाई लाख शैक्षिक संस्थानों की केवाईसी अपडेट नहीं, छात्रों की स्कॉलरशिप लटकी

ढाई लाख शैक्षिक संस्थानों की केवाईसी अपडेट नहीं, छात्रों की स्कॉलरशिप लटकी।

लखनऊ : भारत सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय अल्पसंख्यक विभाग की ओर से अल्पसंख्यक छात्रों (मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध एवं पारसी) को छात्रवृत्ति दी जाती है। छात्रवृत्ति पाने के लिए शैक्षिक संस्थानों को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर केवाईसी अपडेट करनी होती है, लेकिन इस बार लखनऊ शहर के 4659 शैक्षिक संस्थानों में 4316 ने अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं की है। इसका सीधा खामियाजा शहर के हजारों अल्पसंख्यक बच्चों को को भुगतना पड़ेगा। अगर जल्द ही शैक्षिक संस्थानों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो बच्चे छात्रवृत्ति पाने से वंचित होना रह जाएंगे।




नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर राजधानी सहित प्रदेश कई जिलों के शैक्षिक संस्थानों के पंजीकरण व केवाईसी सत्यापन की स्पीड बहुत धीमी है। अधिकांश संस्थाओं ने पंजीकरण व केवाईसी के सत्यापन के लिए आवेदन ही नहीं जमा किए हैं। केवाईसी सत्यापन न होने से इन संस्थाओ में ऑनलाइन आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं के आवेदन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।  इस योजना के तहत गरीब अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति का दो गुना रकम मिलती है।

वर्ष 2020-21 के सत्र के लिए भारत सरकार ने सभी शैक्षिक संस्थानों को अल्पसंख्यक विभाग से केवाईसी अपडेट कराने के निर्देश दिए थे। जिले के परिषदीय, राजकीय सहायता व मान्यता प्राप्त और मदरसों को मिलाकर प्रदेशभर में 2,70,723 शैक्षिक संस्थान हैं, जिसमें करीब 2,52,485 ने अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं की है। पोर्टल पर शैक्षिक संस्थाओं के पंजीकरण व उनके केवाईसी सत्यापन चल रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय के निदेशक सी इंदुमती ने कहा कि जिन शैक्षिक संस्थानों ने केवाईसी अपडेट नहीं की है, उनके नाम की सूची जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को उपलब्ध करा दी गई है। जल्द ही केवाईसी अपडेट न होने पर उन शैक्षिक संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 


जिन शैक्षिक संस्थानों ने नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं की है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। समय रहते सभी औपचारिक्ताएं पूरी करा ली जाएंगी, ताकि बच्चों को छात्रवृत्ति मिल सके। - बालेंदु कुमार द्विवेदी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी

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Saturday, October 10, 2020

अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं की केवाईसी सत्यापित न होने से छात्रवृत्ति व फीस भरपाई में लगा अड़ंगा

अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं की केवाईसी सत्यापित न होने से छात्रवृत्ति व फीस भरपाई में लगा अड़ंगा

 
केंद्र से मिलने वाली आर्थिक मदद से राज्य के अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं को मिलने वाली फीस भरपाई और छात्रवृत्ति की सरकारी मदद मिलने में इस बार 'केवाईसी' में ढिलाई बड़ी बाधा बन रही है।


राज्य में कुल 2.70 लाख अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाएं हैं और अभी तक इनमें से महज 18, 238 संस्थाओं ने ही केवाईसी के लिए आवेदन किया है और इनमें से भी 16971 संस्थाओं की केवाईसी पूरी हो पाई है। 2 लाख 52 हजार 485 शिक्षण संस्थाओं की केवाईसी पूरी होनी अभी बाकी है और इसकी आखिरी तारीख 10 अक्तूबर है। 


प्रदेश की अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक सी. इन्दुमती ने पिछले दिनों इस बारे में सभी मुख्य विकास अधिकारियों को पत्र भी लिखा है। पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय अल्पंसख्यक कल्याण मंत्रालय की ओर से मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध एवं पारसी समुदाय के छात्र-छात्राओं को प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और मैरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति योजनाएं नेशनल स्कालरशिप पोर्टल (एनएसपी) के जरिये संचालित की जा रही हैं।

Wednesday, October 7, 2020

KVPY स्कालरशिप - 2020 : किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना में आवेदन हेतु विज्ञप्ति जारी

KVPY शिक्षावृत्ति-2020: किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना में आवेदन हेतु विज्ञप्ति जारी 



Monday, October 5, 2020

यूपी बोर्ड : कक्षा 9-10 के लिए ओबीसी छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन की समय-सारणी जारी

UP Board :  कक्षा 9-10 के लिए ओबीसी छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन की समय-सारणी जारी।

प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020-21 में कक्षा 9-10 के ओबीसी छात्र छात्राओं से आनलाइन आवेदन से लेकर छात्रवृत्ति वितरण तक के लिए समय-सारिणी जारी कर दी है। छात्रों से 12 अक्टूबर, 2020 तक आनलाइन आवेदन किया जा सकता है। छात्रवृत्ति का वितरण अन्तिम रूप से 05 जनवरी, 2021 तक कराया जाना निर्धारित है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में  छात्रवृत्ति योजना के तहत  कक्षा 9-10 के 08 लाख 33 हजार 622 अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। 


छात्र को छात्रवृत्ति प्रबन्धन प्रणाली की वेबसाइट पर तय समय में आनलाइन आवेदन कर सकते है। इस योजना के अन्तर्गत  150 रुपये  प्रति माह, अधिकतम् 10 माह  के लिए  एवं वार्षिक तदर्थ अनुदान 750 रुपये  एकमुश्त, अधिकतम 2250 रुपये  वार्षिक दिया जाता है। यह योजना केन्द्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा 50-50 प्रतिशत वित्त पोषित है। योजना फण्ड लिमिटेड होने के कारण विगत वर्षो की देनदारियां देय नहीं होती हैं। छात्र द्वारा भरे गये आनलाइन आवेदन के परीक्षणोपरान्त संदेहास्पद होने की स्थिति में छात्र को संदेहास्पद बिन्दु पर निराकरण निर्धारित समयान्तर्गत आनलाइन करते हुए वांछित अभिलेख समय से शिक्षण संस्थान में जमा करना होता है।