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Sunday, January 17, 2021

NIOS से प्रशिक्षित डीएलएड अभ्यर्थियों ने की यूपीटीईटी में शामिल करने को लेकर प्रस्ताव में संशोधन की मांग

एनआईओएस से प्रशिक्षित डीएलएड अभ्यर्थियों ने की यूपीटीईटी के प्रस्ताव में संशोधन की मांग

प्रयागराज : एनआईओएस से डीएलएड करने वाले अप्रशिक्षित शिक्षकों ने प्रदेश सरकार एवं सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी से यूपीटीईटी के प्रस्ताव में संशोधन कर उन्हें शामिल करने की मांग की है। एनआईओएस से डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से शासन के पास डीएलएड का भेजा प्रस्ताव छह जनवरी 2021 के पहले का है। छह जनवरी को एनसीटीई ने एनआईओएस से डीएलएड करने वालों को शिक्षक भर्ती परीक्षा एवं यूपीटीईटी में शामिल करने का निर्देश दिया है। ऐसे में एनआईओएस से डीएलएड करनेवालों ने पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव में संशोधन की मांग की है।



प्रदेश सरकार डीएलएड प्रशिक्षितों के हित में करे संशोधन
प्रदेश में 1.51 लाख अप्रशिक्षित शिक्षक हुए थे प्रशिक्षित

देश में अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए केंद्र सरकार ने एनआईओएस को प्रशिक्षण (डीएलएड) कराने की जिम्मेदारी सौंपी थी। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद देश भर में लगभग 14 लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों ने एनआईओएस से डीएलएड पूरा कर लिया। प्रदेश में डीएलएड करने वाले 1.51 लाख शिक्षक शामिल हैं।


प्रस्ताव में संशोधन नहीं तो यूपीटीईटी, शिक्षक भर्ती से बाहर होंगे

एनआईओएस से डीएलएड करने वालों का कहना है कि प्रस्ताव में संशोधन कर उन्हें यूपीटीईटी में शामिल होने का मौका नहीं मिला तो वह आगामी शिक्षक भर्ती से भी बाहर हो जाएंगे। एनआईओएस से प्रशिक्षण लेने वालों का कहना है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो सचिव परीक्षा नियामक पर धरना प्रदर्शन के साथ न्यायालय में याचिका दाखिल करेंगे। इन शिक्षकों का तर्क है कि केंद्र सरकार की एजेंसी से डीएलएड करने के बाद भी उनके साथ अन्याय किया जा रहा है।

Tuesday, January 12, 2021

42 हजार डीएलएड प्रशिक्षुओं का सपना टूटा, UPTET 2021 में नहीं हो पाएंगे शामिल, जानिए वजह

42 हजार डीएलएड प्रशिक्षुओं का सपना टूटा, UPTET  2021 में नहीं हो पाएंगे शामिल, जानिए वजह



42 हजार से अधिक प्रशिक्षुओं का टीईटी में शामिल होने का सपना रहेगा अधूरा। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से यूपीटीईटी 2020 में शामिल होने का सपना अधूरा रह जाएगा।



परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने पहले ही घोषणा कर दिया था कि तीसरे सेमेस्टर के अभ्यर्थी परीक्षा पास होने के बाद सीधे चौथे सेमेस्टर की परीक्षा फरवरी में देकर जल्द टीईटी में शामिल हो सकते हैं, 42 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के फेल हो जाने से टीईटी में शामिल होने का अवसर खत्म हो गया है।

NIOS डीएलएड कोर्स पर उठ रहे हैं सवाल, बिना नियमावली में संशोधन विवाद नहीं होगा हल

उत्तराखंड : NIOS डीएलएड कोर्स पर उठ रहे हैं सवाल, बिना नियमावली में संशोधन विवाद नहीं होगा हल


राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान (एनआईओएस) से डीएलएड करने वालों को बेसिक शिक्षकों की भर्ती में शामिल होने के लिए एक और बाधा पार करनी होगी। शिक्षा विभाग की बेसिक अध्यापक सेवा नियमावली के अनुसार, बेसिक शिक्षक के लिए दो साल का डीएलएड, बीएड टीईटी होना जरूरी है। मगर, एनआईओएस का डीएलएड 18 महीने का ही है। लिहाजा, एनआईओएस डीएलएड को शिक्षक भर्ती के लिए मान्य करने के लिए विभागीय नियमावली में या तो संशोधन करना होगा या सरकार को विशेष स्थिति में अलग आदेश।


संपर्क करने पर उत्तराखंड राज्य के अपर बेसिक शिक्षा निदेशक वीएस रावत ने फिर दोहराया कि शासन स्तर से जो भी दिशानिर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार आगे कार्यवाही होगी। दरअसल, एनआईओएस डीएलएड शिक्षा विभाग के लिए गरम दूध जैसा बन चुका है। न उगलते बन रहा है और न ही निगलते। बिहार हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) डीएलएड डिप्लोमा को देशभर में शिक्षक भर्ती के लिए स्वीकार कर चुकी है। दूसरी ओर, शिक्षा विभाग की नियमावली में अलग ही प्रावधान हैं। लिहाजा, एनसीटीई के आदेश की अनदेखी या नियमावली का उल्लंघन, दोनों ही सूरत में विवाद होना तय है।


हाईकोर्ट जाएंगे बीएड टीईटी वाले
दूसरी ओर, बीएड-टीईटी प्रशिक्षित महासंघ के मीडिया प्रभारी अरविंद राणा ने बताया कि हाईकोर्ट में इस मामले में केस दायर करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अधिवक्ताओं को दस्तावेज दिए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के कार्यालय रविवार को ज्ञापन भी दिया गया है। सोमवार को शिक्षा सचिव से भी इस मुद्दे पर वार्ता की जाएगी।


यह विषय संज्ञान में आया है। इस बारे में अधिकारियों से जानकारी ली जा रही है। सरकार नियमों के अनुसार ही कदम उठाएगी। -  बेसिक शिक्षा निदेशक वीएस रावत

Saturday, January 9, 2021

जल्द शिक्षक भर्ती और यूपीटीईटी की मांग को लेकर डीएलएड प्रशिक्षुओं ने महानिदेशक का किया घेराव, मिला यह आश्वासन

जल्द शिक्षक भर्ती और यूपीटीईटी की मांग को लेकर डीएलएड प्रशिक्षुओं ने महानिदेशक का किया घेराव, मिला यह आश्वासन


प्रयागराज : महानिदेशक स्कूल शिक्षा को शुक्रवार को डीएलएड प्रशिक्षुओं के गुस्से का भी शिकार होना पड़ा। बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं ने सीमैट में उनका घेराव करके नई शिक्षक भर्ती और यूपीटीईटी का नोटीफिकेशन जारी करने की मांग की। उन्हें आश्वस्त किया गया है कि जल्द ही टीईटी के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू होगी और उसके बाद भर्ती पर निर्णय लिया जाएगा।


राज्य शैक्षिक प्रबंध एवं प्रशिक्षण संस्थान पर डीएलएड संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह की अगुवाई में सैकड़ों की संख्या में प्रशिक्षुओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर घेराव किया। महानिदेशक स्कूली शिक्षा ज्ञापन लिया। उन्होंने कहा कि एनआइओएस को यूपीटीईटी में न शामिल करने के लिए शासन स्तर में बैठक किया जाएगा। रेगुलर डीएलएड को प्रथम वरीयता के लिए शासन स्तर तक बात को पहुंचाया जाएगा।

Friday, January 1, 2021

जल्द जारी होंगे डीएलएड (बीटीसी) परीक्षाओं के परिणाम

जल्द जारी होंगे डीएलएड (बीटीसी) परीक्षाओं के परिणाम।

 
प्रयागराज : आल बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रशिक्षुओं ने गुरुवार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव से मिलकर। डीएलएड परीक्षाओं का परिणाम और 2017 बैच का अंक व प्रमाणपत्र मांगा। सचिव ने कहा कि जल्द ही परिणाम जारी होंेगे और प्रमाणपत्र भी जनवरी के अंत तक मिलने की उम्मीद है।



डीएलएड प्रशिक्षुओं ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी से कहा कि 2017 बैच प्रशिक्षण पूर्ण करके नई भर्ती की प्रतीक्षा कर रहा है। टीईटी का विज्ञापन शीघ्र घोषित करने की मांग की। मौके पर अमित कुमार, तुषार शुक्ल, अंकित सिंह पटेल, अवनीश यादव, रामानुज दुबे, हिमांशु, रवि सिंह, आनंद दुबे, अखंड प्रताप सिंह, ब्रजेश वर्मा, विजय, शुभम व अभिषेक सहित अन्य प्रशिक्षु उपस्थित रहे।

Wednesday, December 30, 2020

डीएलएड 2020 का सत्र शून्य होने के कगार पर, मामले को लेकर सांसद से लेकर विधायक तक ने सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखी चिट्ठी

डीएलएड 2020 का सत्र शून्य होने के कगार पर, मामले को लेकर सांसद से लेकर विधायक तक ने सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखी चिट्ठी


प्रदेश में बीएड 2020 के दाखिले कराए गए। प्रवेश परीक्षा हुई। काउंसलिंग करा दी गई। अब दाखिले की प्रक्रिया पूरी होने जा रही है। लेकिन डीएलएड (पहले बीटीसी) सत्र 2020-21 इस बार शून्य होने के कगार पर है। असल में यहां दाखिले की प्रक्रिया शुरू ही नहीं की गई। जबकि डीएलएड में सिर्फ मेरिट के आधार पर प्रवेश लिए जाते हैं। इस मामले को लेकर सांसद से लेकर विधायक तक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। इन जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सत्र शून्य होने की स्थिति में इन संस्थानों में पढ़ाने वाले हजारों शिक्षकों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।


राजधानी समेत प्रदेश भर में डीएलएड कॉलेजों की संख्या करीब 2500 है। इनमें करीब सवा दो लाख सीटें हैं। उत्तर प्रदेश प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन के महासचिव अभिषेक यादव ने बताया कि डीएलएड में प्रशिक्षुओं का प्रवेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज के द्वारा ऑनलाइन आवेदन पत्र लेकर मेरिट के आधार पर किया जाता है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होती है। बीएड तक में प्रवेश परीक्षा कराकर दाखिले हो गए हैं लेकिन डीएलएड में आवेदन भी नहीं मांगे गए हैं।

पहले भी किया गया है सत्र शून्य
एसोसिएशन के अध्यक्ष सशक्त सिंह ने बताया कि वर्ष 2015-16 में डीएलएड का सत्र शून्य घोषित किया गया था ताकि 2016-17 से सत्र को ससमय चलाया जा सके। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रवेश प्रक्रिया प्रत्येक वर्ष सितम्बर अक्तूबर तक पूरी होती है। जबकि सत्र जुलाई से प्रारंभ हो जाना चाहिए।


एक साल बर्बाद, हजारों की रोटी पर संकट
विधायक रामानन्द बौद्ध की ओर से मुख्यमंत्री को लिखे गए में सत्र शून्य होने छात्रों का एक वर्ष बर्बाद होने के साथ ही हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों की नौकरी की समस्या का जिक्र किया गया है। उन्होंने लिखा है कि दाखिले न होने से संस्थान बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। राज्य सभा सांसद जय प्रकाश निषाद ने जल्द से जल्द प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के लिए लिखा है।