Monday, December 8, 2025
Tuesday, August 5, 2025
निपुण प्लस एप में विसंगतियों को लेकर बेसिक शिक्षक परेशान, विभाग से की सुधार की मांग
Sunday, July 27, 2025
nipun plus app : हफ्ते में पांच बच्चों का निपुण एप से करना होगा मूल्यांकन, हर बच्चे के लिए अलग-अलग रैंडम आधार पर पूछे जाएंगे प्रश्न, विषयवार बनाया गया है प्रश्न बैंक
Wednesday, October 23, 2024
वाराणसी में राज्य स्तरीय शिक्षक कार्यशाला का आयोजन
Thursday, September 19, 2024
Monday, March 18, 2024
नई शिक्षा नीति का असर : स्कूलों में अब नहीं बनेगा रिपोर्ट कार्ड, होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड से झलकेगी बच्चे की पर्सनैलिटी
नई शिक्षा नीति का असर : स्कूलों में अब नहीं बनेगा रिपोर्ट कार्ड, होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड से झलकेगी बच्चे की पर्सनैलिटी
एक क्लास की पढ़ाई पूरी करने के बाद आता है रिजल्ट. मम्मी-पापा से लेकर फ्रेंड्स तक सभी रिजल्ट के तौर मिलने वाले रिपोर्ट कार्ड देखना चाहते हैं. किस विषय में कितने नंबर आए, क्लास में क्या पोजिशन आई जैसे सवालों का जवाब इसी से मिलता है. लेकिर नई शिक्षा नीति में इस पुरानी धारणा को तोड़ने की संस्तुति की गई है. ताकि बच्चों के बीच नंबर्स को लेकर कोई भेदभाव न पनपे. आने वाले सालों में बच्चों को रिपोर्ट कार्ड की जगह स्कूल हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड देंगे. जानिए- ये क्या है.
बदलेगा रिपोर्ट कार्ड का पैटर्न
अब सिर्फ एग्जाम में मिले ग्रेड और विषयों में मिले नंबरों के आधार पर रिपोर्ट कार्ड नहीं बनाए जाएंगे. नये बदलाव के तहत स्कूल में बच्चे को पढ़ाने वाले टीचर्स, सहपाठी और यहां तक कि पेरेंट्स का फीडबैक भी रिपोर्ट कार्ड में शामिल किया जाएगा. यह कहलाएगा HPC जिसका फुल फॉर्म है हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड.
बता दें कि बीते तीन सालों से नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की बॉडी PARAKH के अंतर्गत विशेषज्ञों की टीम नए पैटर्न के रिपोर्ट कार्ड तैयार करने पर काम रही है. इसके तहत पहली से 8वीं कक्षा तक के लिए रिपोर्ट कार्ड का नया पैटर्न तैयार कर लिया गया है. वहीं, 9 से 12 तक के स्टूडेंट्स के लिए नये रिपोर्ट कार्ड बनाए जा रहे हैं.
HPC में क्या होगा नया
नए हॉलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड को नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCFSE) की संस्तुति के अनुसार तैयार किया जा रहा है. इस रिजल्ट में नबंरों की जगह लर्निंग पर फोकस किया गया है. बच्चे ने कितने सवाल हल करके कितने नंबर पाए से ज्यादा इस बात पर जोर रहेगा कि बच्चे ने पूरे साल कितना सीखा. इससे न सिर्फ स्टूडेंट्स का एकेडमिक रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी बल्कि स्टूडेंट्स खुद भी रिपोर्ट कार्ड मेकिंग प्रोसेस का हिस्सा बन सकेंगे.
एक्टिविटी बेस्ड टेस्ट से परखी जाएगी स्किल
स्कूल में सिखाई जाने वाली स्किल्स का एक्टिविटी बेस्ड टेस्ट लिया जाएगा और हर स्टूडेंट को एक्टिविटी को परखा जाएगा. उन्हें नंबर देने के लिए ये एक्टिविटी इस्तेमाल होगी.
मुझे कुछ नया सीखने का मौका मिला
मैं अपनी क्रिएटिविटी व्यक्त कर पाया
मैंने दूसरों की मदद की
एक्टिविटी पूरी हो जाने के बाद स्टूडेंट को खुद इनमें से किसी भी एक ऑप्शन को टिक करना होगा. इसके अलावा कोई स्टूडेंट चाहे तो किसी और तरीके से भी खुद को रिमार्क दे सकता है. इसके लिए मुझे अपना किया काम पसंद आया, मैंने अपने टीचर के इंस्ट्रक्शन अच्छी तरह फॉलो किए जैसे वाक्यों के आगे हां, नहीं, पता नहीं जैसे रिमार्क भी दे सकते हैं.
एक्टिविटी पूरी होने के बाद स्टूडेंट्स एक दूसरे को भी फीडबैक दे सकेंगे. इसे एक्टिविटी समझ में आई, मेरे क्लासमेट या टीचर ने एक्टिविटी में मेरी मदद की, एक्टिविटी जीतने में मैंने मदद की जैसे इंडिकेटर से खुद को ग्रेड कर सकेंगे.
स्टूडेंट्स को मिलेगा एम्बिशन कार्ड
इस हॉलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड के साथ स्टूडेंट्स को एक एम्बिशन कार्ड भी दिया जाएगा. इस कार्ड में स्टूडेंट्स अपने साल भर के गोल सेट करेंगे और इन गोल को पूरा करने के लिए जरूरी आदतें या स्किल्स की लिस्ट भी बनाएंगे. इसके अलावा क्लास 6 से 8 तक के बच्चों को खुद अपने पर्सनल और प्रोफेशनल गोल सेट करने का मौका भी मिलेगा.
16 राज्यों के CBSE स्कूलों में बनेगा HPC
PARAKH CEO इंद्राणी भादुड़ी ने इस बारे में स्पष्ट किया है कि मार्च 2023 में कुछ स्कूलों के साथ पायलट टेस्ट किया गया. अब स्कूलों को हमनें HPC रिपोर्ट कार्ड को अपनाने के निर्देश दिए हैं. स्कूल चाहें तो अपने हिसाब से इसमें जरूरी बदलाव भी कर सकते हैं. अब 15-16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्कूलों और CBSE स्कूलों में HPC लागू हो चुका है और जल्द ही सभी स्कूलों में इसी पैटर्न के साथ रिपोर्ट कार्ड तैयार किए जाएंगे.
Friday, March 8, 2024
परिषदीय स्कूलों में शिक्षक नहीं, बच्चे कैसे बनें निपुण ? यूपी बोर्ड परीक्षा ड्यूटी और बीआरसी प्रशिक्षणों ने बिगाड़ी निपुणता की लय
Thursday, December 21, 2023
Thursday, December 7, 2023
रविवार को भी कर दिया गया बंद स्कूलों का असेसमेंट, बेसिक स्कूलों के निपुण असेसमेंट में खामियां, जांच के आदेश
Sunday, November 12, 2023
प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के आधे विद्यालय घोषित होंगे निपुण, शिक्षक संकुल के और ARP की ओर से चयनित 10 विद्यालयों के विद्यार्थियों के आंकलन की तैयारी
Monday, October 16, 2023
यूपी की शैक्षणिक सामग्री पूरे देश में मुख्य सामग्री के रूप में जानी जाए, NGO पार्टनर मीट कार्यक्रम में बोले DGS विजय किरण आनंद
Tuesday, September 5, 2023
NAT : निपुण असेसमेंट टेस्ट से पहले बेसिक शिक्षा विभाग कराएगा मॉक टेस्ट
Thursday, December 15, 2022

निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों पर DC Training एवं SRG का क्षमतासंवर्धन करने तथा आगामी माह के लिए एजेंडा तैयार करने हेतु दिनांक 20 दिसम्बर को zoom meeting का होगा आयोजन
Thursday, December 1, 2022

NAT : NIPUN Assessment Test सम्बन्धी निर्देश एवं 'सरल ऐप' के प्रभावी संचालन हेतु महत्त्वपूर्ण लिंक्स एवम जरूरी जानकारी
Monday, November 21, 2022

NIPUN Assessment Test (NAT) के सम्बन्ध में जरूरी जानकारी
NIPUN Assessment Test (NAT) के सम्बन्ध में जरूरी जानकारी
1. URGENT- नया सरल ऐप इस लिंक के माध्यम से डाउनलोड करें: https://bit.ly/SaralAppDOWNLOAD
पूर्व में इन्सटाल किये गये सरल ऐप को अनइन्सटाल करके पुनः इन्सटाल करना सुनिश्चित किया जाये।
2. YouTube लाइव को पुनः देखना सुनिश्चित करें : https://bit.ly/SaralYoutubeLIVE
3. सभी निम्नलिखित YouTube लाइव की manual एवं ट्रेनिंग वीडियो लिंक शिक्षकगण तक पहुँचाना सुनिश्चित करें:
👉 Manual Link https://bit.ly/UpdatedSaralAppTrainingManual
🟣 Class 1 to 3 (Saral App Training Video)-
https://bit.ly/SaralAppClass1-3Training
🟣 Class 4 to 8 (Saral App Training Video)
https://bit.ly/SaralAppClass4-8Training
❤️ How to use Saral App (Class 1-3)-
https://bit.ly/HowToUseSaralAppClass1-3
❤️ How to use Saral App (Class 4-8)
https://bit.ly/HowToUseSaralAppClass4-8
आज्ञा से,
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश
Wednesday, October 19, 2022

बच्चों को भाषा-गणित में निपुण बनाने की मुहिम, बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य के 28 जिलों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनजागरूकता की शुरुआत की
Saturday, October 8, 2022

35 बिंदुओं में जानिए निपुण एप्टीट्यूड टेस्ट 1 (NAT) पर आयोजित यूट्यूब सत्र का निचोड़
सरल एप के जरिए मूल्यांकन को लेकर दिनांक 12 अक्टूबर को यू-ट्यूब के माध्यम से ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किए जाने के सम्बन्ध में।
35 बिंदुओं में जानिए निपुण एप्टीट्यूड टेस्ट 1 (NAT) पर आयोजित यूट्यूब सत्र का निचोड़
1 यह लर्निंग लेवल पर बेसलाइन पर काम करने के लिए असेसमेंट है।
2 यह असेसमेंट पूर्ण पारदर्शिता एवं शुचिता के साथ संपन्न कराएं।
3 त्रैमासिक असेसमेंट कब – 18 अक्टूबर 2022 (पायलट प्रोजेक्ट)
4 त्रैमासिक असेसमेंट क्यों – यह निपुण लक्ष्य के प्रति हमारी वर्तमान प्रगति जांचने के लिए है। यह हमारा अगली तिमाही के लिए लक्ष्य निर्धारित करेगा।
5 इसी के आधार पर जनपद आधारित फोकस्ड गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।
6 1 से 8 तक सभी कक्षाओं के छात्रों का आंकलन होगा।
7 आंकलन ओएमआर शीट पर होगा सरल ऐप के माध्यम से👉🏻 कक्षा 1 से तीन 3 हर बच्चे का आंकलन अध्यापक करेंगे v ओएमआर भरेंगे, और कक्षा 4 से 8 तक के बच्चे खुद हल करेंगे और ओएमआर भरेंगे।
8 सभी ओएमआर स्कैन का कार्य अध्यापक का ही होगा
9 Subject चयन में मंडल का नाम और सेट नंबर का ध्यान रखें। गलत चयन कतई न करें।
10 स्कैनिंग में फोन लैंडस्केप मोड में रखें।
11 जो छात्र आए नहीं हैं उन्हें एब्सेंट चिन्हित करें।
🔴 कक्षा 1 से 3 से जुड़े निर्देश
12 एक से तीन में हर बच्चे का प्रश्नपत्र अलग अलग नहीं होना है और यह बच्चों को वितरित नहीं करना है, अतः इनकी संख्या आप तक कम आई है।
13 पूरे प्रदेश में कक्षा के सेक्शन में A ही भरा जाना है।
14 प्रत्येक छात्र की यूनिक आईडी सरल ऐप पर उपलब्ध है, उसे एक दिन पहले ही सूचीबद्ध कर लें।
15 बच्चा उत्तर सही देता है तो गोला भरें अन्यथा उत्तर गलत होने या उत्तर न ज्ञात होने पर खाली छोड़ दें।
16 जब सभी बच्चों का आंकलन हो जाए तब ओएमआर भरने के उपरांत ही स्कैनिंग आरंभ करें।
17 ओएमआर शीट पर रिक्त स्थान पर कुछ भी नहीं लिखें।
18 स्कैन करते समय स्क्रीन पर केवल ओएमआर शीट ही आए अन्य कोई सामग्री मेज पर न रखें
19 एक बार में अधिकतम 5 ओएमआर शीट स्कैन करके सेव करें। पुनः शेष स्कैनिंग आरंभ करें। अधिक स्कैन होने पर अपलोड होने में समस्या आयेगी।
🔴 कक्षा 4 से 8 से जुड़े निर्देश
20 बच्चों को प्रश्नपत्र हल करने का पर्याप्त समय दें।
21 जब बच्चे प्रश्नपत्र हल कर लें तब ओएमआर शीट का वितरण करें।
22 एक ओएमआर शीट पर एक ही छात्र अंकित होगा।
23 ओएमआर शीट छात्र स्वयं भरेंगे। यदि मूल सूचना भरने में छात्र को कठिनाई है तो अध्यापक सहायता कर सकते हैं। यह ध्यान रखें कि बच्चे की आईडी गलत नहीं भरी जाए।
24 बच्चे यह पहले से सिखाएं कि वह गोला ठीक से भरे।
25 जब सब बच्चे ओएमआर शीट भर लेंगे तब हर बच्चे की ओएमआर शीट उसके नाम के कॉलम में सरल ऐप पर स्कैन करनी है।
26 जब सभी मार्कशीट स्कैन हो जाएं और स्कैन स्टेटस में संख्या प्रदर्शित होने लगे भी save all scan का विकल्प चयन करें।
27 कक्षा में संख्या अधिक हो तो 20 – 20 के बैच में स्कैन करें अधिक संख्या होने पर अपलोड होने में समस्या आयेगी।
28 यदि गलती से सेव पहले चयन हो जाए तो घबराएं नहीं दोबारा स्कैन चयन करके फिर स्कैनिंग कर सकते है।
29 कोई भी समस्या होने पर बेझिझक अपने एसआरजी/एआरपी/शिक्षक संकुल /तकनीकी शिक्षक संकुल से फोन पर बात करें।
30 प्रश्नपत्र में जितने प्रश्न हैं उतने गोले भरे जाने हैं शेष खाली छोड़ दिए जाएंगे।
31 स्कैन करते समय डाटा गलत है तो स्वयं ठीक करें।
32 शत प्रतिशत विद्यार्थियों का आंकलन करना सुनिश्चित करें।
33 कल समस्त अभिभावकों तक असेसमेंट के बारे में अवश्य बताएं ।
34 जनपद को निपुण बनाने में यह आकलन पहली सीढ़ी है ।
35 टीम भावना से कार्य करें ।
🔴 जुड़ने का लिंक: https://bit.ly/SaralTrainingYTLive
Wednesday, September 28, 2022

निपुण लक्ष्य एप जांचेगा बच्चे अब तक कितना हुए दक्ष?
निपुण लक्ष्य एप जांचेगा बच्चे अब तक कितना हुए दक्ष?
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में बाल वाटिका और कक्षा एक से तीन तक के दो से ढाई लाख पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अलग तरीके से भाषा एवं संख्या ज्ञान ही नहीं कराया जा रहा, बल्कि बच्चों को साथ-साथ परीक्षा भी देते रहना होगा।
बेसिक शिक्षा विभाग इसके लिए तकनीक का सहारा ले रहा है। निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से जांचा जाएगा कि बच्चे अब तक कितने दक्ष हुए हैं। और किस क्षेत्र में शिक्षक एवं अभिभावकों को अभी मेहनत करने की जरूरत है।
बेसिक शिक्षा विभाग में दीक्षा ऐप, रीड एलांग एप पहले से संचालित हैं। कोरोना महामारी के विकट दौर में परिषदीय विद्यालयों में दो वर्ष तक पढ़ाई प्रभावित हुई थी। बच्चों के स्कूल न जाने का असर उनके मानसिक विकास पर भी पड़ा है। केंद्र सरकार ने विद्यालय खुलते ही निपुण भारत मिशन शुरू किया जिसके लक्ष्य को वर्ष 2026-27 तक प्राप्त करना है। वहीं प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025-26 तक ही प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है।
इसमें कक्षा एक से तीन तक में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में पहले की तरह जोड़ा जाना है। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से इसके लिए विस्तृत तैयारियां कर पठन-पाठन के लिए संदर्शिका, निपुण लक्ष्य तैयार करके शिक्षकों को अलग से प्रशिक्षित किया जा रहा है। सभी बच्चे पढ़ाई करें और रोज स्कूल आएं इस पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पढ़ाई के पुराने ढर्रे को पीछे छोड़कर रोचक एवं खेल-खेल के अंदाज में हिंदी भाषा एवं गणितीय दक्षताओं में उन्हें निपुण बनाया जा रहा है। निपुण लक्ष्य में अंकित दक्षताओं के आंकलन के लिए विभाग ने निपुण लक्ष्य एप तैयार किया है। कक्षाओं में इसका आफलाइन उपयोग किया जा सकता है। इस एप को रीडिंग एलांग एप के माध्यम से जोड़ा गया है। एप में विषय विशेषज्ञों की ओर से बच्चों के उपयोग में आने वाले प्रश्न तैयार कर अपलोड किए गए हैं।
वैसे तो इस एप का उपयोग कर डायट मेंटर, स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) एवं अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) स्कूलों में जाकर परीक्षण करेंगे। इसमें तय समय में 75 प्रतिशत अंकों एवं भाषा का ज्ञान होने पर ही बच्चे निपुण माने जाएंगे। इसके अलावा शिक्षक एवं अभिभावक भी इसके माध्यम से जान सकेंगे कि उनके बच्चों का सीखने का स्तर क्या है। इसमें आसानी यह होगी कि अभिभावक बच्चों को निपुण बनने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बच्चों में भाषा एवं गणितीय दक्षता एवं लीडरशिप विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है।
बीआरसी पर चल रहे चार दिवसीय प्रशिक्षण
प्राथमिक शिक्षकों की क्षमता वृद्धि के लिए दीक्षा ऐप के माध्यम से आनलाइन एवं जिले के प्रत्येक ब्लॉक संसाधन केंद्र पर आफलाइन चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आनलाइन प्रशिक्षण में प्रत्येक सप्ताह दो अकादमिक तथा एक लीडरशिप कोर्स प्रदेश स्तर से अध्यापकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा जा रहा है।
निपुण लक्ष्य ऐप से यह लाभ होगा कि बच्चों के आंकलन के बाद शिक्षक उन बच्चों पर विशेष फोकस कर सकेंगे जो वांछित दक्षता हासिल नहीं कर पा रहे हैं। ये एप सभी बच्चों की पढ़ाई में सहायक बनेगा। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अलग तरीके से भाषा एवं संख्या ज्ञान ही नहीं कराया जा रहा, बल्कि बच्चों को साथ-साथ परीक्षा भी देते रहना होगा। बेसिक शिक्षा विभाग इसके लिए तकनीक का सहारा ले रहा है। निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से जांचा जाएगा कि बच्चे अब तक कितने दक्ष हुए हैं।
Monday, September 19, 2022

अपने स्कूल को निपुण बनाएंगे SRG, ARP और संकुल शिक्षक


