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Monday, December 8, 2025

आधे परिषदीय विद्यालय भी नहीं हो पाए हैं निपुण, 2027 तक सभी विद्यालयों को निपुण बनाने का लक्ष्य, अभी तक 48 हजार विद्यालय ही हुए हैं निपुण घोषित

आधे परिषदीय विद्यालय भी नहीं हो पाए हैं निपुण, 2027 तक सभी विद्यालयों को निपुण बनाने का लक्ष्य, अभी तक 48 हजार विद्यालय ही हुए हैं निपुण घोषित 


लखनऊ। प्रदेश में कक्षा एक व के बच्चों को भाषा और गणित में दक्ष बनाने के लिए निपुण भारत मिशन के तहत विद्यालयों को निपुण घोषित किया जा रहा है, लेकिन प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है। संशोधित लक्ष्य के अनुसार अब कक्षा दो तक के बच्चों को निपुण बनाना है, जबकि पहले यह दायरा कक्षा तीन तक था। प्रदेश के 111585 प्राथमिक विद्यालयों में से अब तक 48061 विद्यालय ही निपुण घोषित हो सके हैं। बाकी विद्यालयों का मूल्यांकन 15 जनवरी से शुरू होगा।


बेसिक शिक्षा विभाग निपुण को लेकर लगातार प्रशिक्षण और विशेष कार्यक्रम चला रहा है। 2027 तक सभी विद्यालयों को निपुण बनाना है। दिसंबर 2024 और फरवरी 2025 में डीएलएड प्रशिक्षुओं की मदद से 68352 विद्यालयों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें 74 प्रतिशत स्कूल ही हुए हैं  निपुण पाए गए। पिछली सत्र 2023-24 में केवल 16169 विद्यालय निपुण बने थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 48061 हो गई।

हाल के जारी आंकड़ों में जौनपुर सर्वश्रेष्ठ जिला रहा, जहां 1904 में से 1578 विद्यालय (74%) निपुण घोषित हैं। गौतमबुद्धनगर (72%), कासगंज (70%), वाराणसी (69%) और भदोही (69%) भी शीर्ष प्रदर्शन वाले जिले रहे। वहीं झांसी सबसे कमजोर रहा, जहां मात्र 16% विद्यालय ही निपुण बन सके। मुजफ्फरनगर (24%), बदायूं (24%) और बलिया (29%) भी कमजोर जिलों में शामिल हैं। 

Tuesday, August 5, 2025

निपुण प्लस एप में विसंगतियों को लेकर बेसिक शिक्षक परेशान, विभाग से की सुधार की मांग

निपुण प्लस एप में विसंगतियों को लेकर बेसिक शिक्षक परेशान, विभाग से की सुधार की मांग


उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों की दक्षता जांचने के लिए 'निपुण लक्ष्य प्लस' नामक मोबाइल एप्लिकेशन लांच किया गया है। इस ऐप को डिजिटल नवाचार के रूप में प्रस्तुत किया गया है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कार्य कर रहे शिक्षकों और छात्रों के अनुभव इसके ठीक उलट कहानी बयान कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त शिक्षकीय फीडबैक के अनुसार इस ऐप में कई तकनीकी और संरचनात्मक खामियाँ हैं, जो इसके उद्देश्य और प्रभावशीलता दोनों को ही प्रश्नों के घेरे में खड़ा कर रही हैं।


शिक्षकों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि ऐप बच्चों द्वारा दिए गए सही उत्तरों को भी गलत बता देता है, जिससे बच्चे का आत्मविश्वास प्रभावित होता है। एक भी उत्तर गलत होने पर बच्चे को 'प्रगतिशील' श्रेणी में डाल दिया जाता है, चाहे उसने अन्य सभी उत्तर सही दिए हों। इससे छात्र के वास्तविक स्तर का मूल्यांकन नहीं हो पाता और न ही उसकी मेहनत का समुचित सम्मान होता है। इससे बड़ी विडंबना यह है कि ऐप में पूछे जा रहे सवाल अक्सर उस कक्षा के उन पाठों से होते हैं जिन्हें अभी पढ़ाया ही नहीं गया होता। बच्चों से ऐसे पाठों पर आधारित सवाल पूछना जिनसे वे अभी परिचित ही नहीं हैं, एक अव्यावहारिक और अवैज्ञानिक पद्धति प्रतीत होती है, जो केवल आँकड़ों के पीछे की होड़ को दर्शाती है, न कि बच्चे की वास्तविक समझ को।


एक अन्य बड़ी समस्या संयुक्त विषय मूल्यांकन की है, जहाँ कई विषयों को एक साथ जोड़कर बच्चे का स्तर निर्धारित किया जाता है। यदि बच्चा किसी एक विषय में गलती करता है तो वह पूरे मूल्यांकन को प्रभावित कर देता है, भले ही बाकी विषयों में उसका प्रदर्शन उत्कृष्ट हो। यह तरीका न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि अधिगम मनोविज्ञान के बुनियादी सिद्धांतों के भी विरुद्ध है। शिक्षक इस बात को लेकर भी असंतुष्ट हैं कि मूल्यांकन की प्रक्रिया में कोई लचीलापन नहीं रखा गया है। स्वाभाविक है कि कोई भी बच्चा यदि 12 में से 1 या 2 सवाल गलत कर देता है, तो उसकी दक्षता को पूरी तरह खारिज नहीं किया जाना चाहिए।


शिक्षकों का कहना है कि इस ऐप को बिना फील्ड ट्रायल या उपयोगकर्ता फीडबैक के ही लागू कर दिया गया, जिससे जमीनी कठिनाइयों की पहचान ही नहीं हो सकी। निपुण प्लस ऐप के संचालन में तकनीकी खामियों की सूचना मिलने के बावजूद विभाग द्वारा अभी तक कोई स्पष्ट समाधान या दिशानिर्देश जारी नहीं किए गए हैं। 


शिक्षकों की राय है कि किसी भी ऐप के निर्माण और लांच से पहले उसका सीमित स्तर पर परीक्षण आवश्यक होता है, जिसमें विभिन्न सामाजिक, भौगोलिक और मानसिक पृष्ठभूमियों के छात्र-छात्राओं को शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षक, जो इस पूरी प्रक्रिया के सबसे निकटवर्ती और अनुभवी प्रयोक्ता हैं, उनके फीडबैक को नजरअंदाज कर देना दूरदर्शिता नहीं बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ है।


वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यह स्पष्ट है कि डिजिटल नवाचार का उद्देश्य केवल ऐप लांच करना नहीं होना चाहिए, बल्कि यह नवाचार तब ही सार्थक होगा जब वह व्यवहारिक, मानवीय और शिक्षाशास्त्रीय दृष्टिकोण से उपयुक्त हो। शिक्षकों की समस्याएँ, छात्रों की मानसिक स्थिति और स्थानीय शैक्षिक वास्तविकताओं को ध्यान में रखे बिना किया गया कोई भी डिजिटल हस्तक्षेप शिक्षा के उद्देश्यों को पूर्ण करने के बजाय उन्हें भटका सकता है। 


अतः विभाग को चाहिए कि वह निपुण प्लस जैसे किसी भी तकनीकी उपक्रम को एक निर्देश नहीं, बल्कि सुधार की एक सतत प्रक्रिया के रूप में देखे, जिसमें शिक्षक और छात्र दोनों की सहभागिता अनिवार्य हो। तभी 'निपुण भारत मिशन' की संकल्पना सच्चे अर्थों में साकार हो पाएगी।


Sunday, July 27, 2025

nipun plus app : हफ्ते में पांच बच्चों का निपुण एप से करना होगा मूल्यांकन, हर बच्चे के लिए अलग-अलग रैंडम आधार पर पूछे जाएंगे प्रश्न, विषयवार बनाया गया है प्रश्न बैंक

हफ्ते में पांच बच्चों का निपुण एप से करना होगा मूल्यांकन, हर बच्चे के लिए अलग-अलग रैंडम आधार पर पूछे जाएंगे प्रश्न, विषयवार बनाया गया है प्रश्न बैंक




लखनऊ । परिषदीय स्कूलों के शिक्षक को हर हफ्ते अपनी कक्षा के कम से कम पांच बच्चों का मूल्यांकन निपुण एप से करना  होगा। इससे शिक्षकों, अभिभावकों  और शैक्षिक अधिकारियों को बच्चों ' के पढ़ाई के स्तर की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी। 

परिषदीय स्कूलों में बच्चों के सीखने का स्तर बेहतर करने के लिए समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से निपुण एप को अपग्रेड किया गया है। एप अपग्रेड होने के बाद राज्य परियोजना की ओर से बीएसए को निर्देश मिले हैं। परियोजना से मिले निर्देशों से बीएसए ने बीईओ को अवगत कराया है। साथ ही पालन कराने का आदेश दिया है।


परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को निपुण एप पर 25 सप्ताह की शिक्षण योजना का मूल्यांकन करना होगा। एआरपी, डायट मेंटर और स्टेट रिसोर्स ग्रुप को 10 से 30 स्कूलों में सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करना होगा। इन निरीक्षणों के दौरान कक्षा एक और दो के 40 प्रतिशत, कंक्षा तीन से पांच के 30 प्रतिशत और कक्षा छह और आठ के 20 प्रतिशत बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। निपुण एप' रविवार और छुट्टियों में बंद रहेगा। एक बार में दो विद्यालयों का मूल्यांकन होने के बाद एप स्वतः ही लाक हो जाएगा।


पर्यवेक्षण के बाद शिक्षकों को जरूरी फीडबैक और रेमेडियल प्लान देना भी अनिवार्य किया गया है। एप का डाटा बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठकों में समीक्षा का आधार बनेगा। 


विषयवार बनाया गया है प्रश्न बैंक

निपुण एप पर परिषदीय शिक्षकों को हर हफ्ते पांच बच्चों का मूल्यांकन करना होगा। मूल्यांकन के लिए कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए विषयवार प्रश्न बैंक बनाया गया है, जिसमें बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता आंकने के लिए प्रश्न शामिल हैं। एप में शिक्षक, पर्यवेक्षक और मास्टर ट्रेनर शामिल किए गए हैं। इसमें हर बच्चे के लिए अलग-अलग रैंडम आधार पर प्रश्न पूछे जाएंगे और उसके प्रदर्शन के आधार पर तुरंत सहयोग भी किया जाएगा।

Wednesday, October 23, 2024

वाराणसी में राज्य स्तरीय शिक्षक कार्यशाला का आयोजन

वाराणसी में राज्य स्तरीय शिक्षक कार्यशाला का आयोजन


वाराणसी, 22 अक्टूबर 2024: बेसिक शिक्षा विभाग वाराणसी और एडुस्टफ उत्तर प्रदेश समूह के सहयोग से आगामी 27 अक्टूबर 2024 को एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह कार्यशाला निपुण भारत मिशन के अंतर्गत शिक्षकों के नवाचारी प्रयासों पर केंद्रित होगी और इसका आयोजन सनबीम वरुणा स्कूल में किया जा रहा है। 

कार्यशाला में शिक्षकों को अपने अनुभव साझा करने और नए शैक्षिक नवाचारों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। विभिन्न जिलों से चयनित शिक्षकों की सूची जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित जिलों को भेज दी गई है, और उनसे प्रतिभागियों को इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।

कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण तकनीकों से अवगत कराना और निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को मजबूत करना है।  कार्यशाला का आयोजन 27 अक्टूबर 2024 को सुबह 10 बजे से शुरू होगा, जिसमें विभिन्न जिलों के शिक्षक सम्मिलित होंगे। 

Thursday, September 19, 2024

निपुण लक्ष्य हासिल करने में जुटे बेसिक शिक्षकों को BLO ड्यूटी से मुक्त करने के सम्बन्ध में RSM का सीएम योगी को ज्ञापन

निपुण लक्ष्य हासिल  करने में जुटे बेसिक शिक्षकों को BLO ड्यूटी से मुक्त करने के सम्बन्ध में RSM का सीएम योगी को ज्ञापन


Monday, March 18, 2024

नई श‍िक्षा नीति का असर : स्‍कूलों में अब नहीं बनेगा रिपोर्ट कार्ड, होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड से झलकेगी बच्‍चे की पर्सनैलिटी

नई श‍िक्षा नीति का असर : स्‍कूलों में अब नहीं बनेगा रिपोर्ट कार्ड, होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड से झलकेगी बच्‍चे की पर्सनैलिटी


एक क्लास की पढ़ाई पूरी करने के बाद आता है रिजल्ट. मम्मी-पापा से लेकर फ्रेंड्स तक सभी रिजल्ट के तौर मिलने वाले रिपोर्ट कार्ड देखना चाहते हैं. किस विषय में कितने नंबर आए, क्लास में क्या पोजिशन आई जैसे सवालों का जवाब इसी से मिलता है. लेकिर नई श‍िक्षा नीति में इस पुरानी धारणा को तोड़ने की संस्तुति की गई है. ताकि बच्चों के बीच नंबर्स को लेकर कोई भेदभाव न पनपे. आने वाले सालों में बच्चों को रिपोर्ट कार्ड की जगह स्कूल हॉलिस्ट‍िक प्रोग्रेस कार्ड देंगे. जानिए- ये क्या है. 




बदलेगा रिपोर्ट कार्ड का पैटर्न 

अब सिर्फ एग्जाम में मिले ग्रेड और विषयों में मिले नंबरों के आधार पर रिपोर्ट कार्ड नहीं बनाए जाएंगे. नये बदलाव के तहत स्कूल में बच्चे को पढ़ाने वाले टीचर्स, सहपाठी और यहां तक कि पेरेंट्स का फीडबैक भी रिपोर्ट कार्ड में शामिल किया जाएगा. यह कहलाएगा HPC जिसका फुल फॉर्म है हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड. 


बता दें कि बीते तीन सालों से नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की बॉडी PARAKH के अंतर्गत विशेषज्ञों की टीम नए पैटर्न के रिपोर्ट कार्ड तैयार करने पर काम रही है. इसके तहत पहली से 8वीं कक्षा तक के लिए रिपोर्ट कार्ड का नया पैटर्न तैयार कर लिया गया है. वहीं, 9 से 12 तक के स्टूडेंट्स के लिए नये रिपोर्ट कार्ड बनाए जा रहे हैं. 


HPC में क्या होगा नया 

नए हॉलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड को नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCFSE) की संस्तुत‍ि के अनुसार तैयार किया जा रहा है. इस रिजल्ट में नबंरों की जगह लर्निंग पर फोकस किया गया है. बच्चे ने कितने सवाल हल करके कितने नंबर पाए से ज्यादा इस बात पर जोर रहेगा कि बच्चे ने पूरे साल कितना सीखा. इससे न सिर्फ स्टूडेंट्स का एकेडमिक रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी बल्कि स्टूडेंट्स खुद भी रिपोर्ट कार्ड मेकिंग प्रोसेस का हिस्सा बन सकेंगे. 


एक्टिविटी बेस्ड टेस्ट से परखी जाएगी स्किल

स्कूल में स‍िखाई जाने वाली स्किल्स का एक्टिविटी बेस्ड टेस्ट लिया जाएगा और हर स्टूडेंट को एक्टिविटी को परखा जाएगा. उन्हें नंबर देने के लिए ये एक्ट‍िविटी इस्तेमाल होगी. 

मुझे कुछ नया सीखने का मौका मिला

मैं अपनी क्रिएटिविटी व्यक्त कर पाया

मैंने दूसरों की मदद की


एक्टिविटी पूरी हो जाने के बाद स्टूडेंट को खुद इनमें से किसी भी एक ऑप्शन को टिक करना होगा. इसके अलावा कोई स्टूडेंट चाहे तो किसी और तरीके से भी खुद को रिमार्क दे सकता है. इसके लिए मुझे अपना किया काम पसंद आया, मैंने अपने टीचर के इंस्ट्रक्शन अच्छी तरह फॉलो किए जैसे वाक्यों के आगे हां, नहीं, पता नहीं जैसे रिमार्क भी दे सकते हैं. 


एक्टिविटी पूरी होने के बाद स्टूडेंट्स एक दूसरे को भी फीडबैक दे सकेंगे. इसे एक्टिविटी समझ में आई, मेरे क्लासमेट या टीचर ने एक्टिविटी में मेरी मदद की, एक्टिविटी जीतने में मैंने मदद की जैसे इंडिकेटर से खुद को ग्रेड कर सकेंगे. 


स्टूडेंट्स को मिलेगा एम्बिशन कार्ड
इस हॉलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड के साथ स्टूडेंट्स को एक एम्बिशन कार्ड भी दिया जाएगा. इस कार्ड में स्टूडेंट्स अपने साल भर के गोल सेट करेंगे और इन गोल को पूरा करने के लिए जरूरी आदतें या स्किल्स की लिस्ट भी बनाएंगे. इसके अलावा क्लास 6 से 8 तक के बच्चों को खुद अपने पर्सनल और प्रोफेशनल गोल सेट करने का मौका भी मिलेगा. 
 

16 राज्यों के CBSE स्कूलों में बनेगा HPC

PARAKH CEO इंद्राणी भादुड़ी ने इस बारे में स्पष्ट किया है कि मार्च 2023 में कुछ स्कूलों के साथ पायलट टेस्ट किया गया. अब स्कूलों को हमनें HPC रिपोर्ट कार्ड को अपनाने के निर्देश दिए हैं. स्कूल चाहें तो अपने हिसाब से इसमें जरूरी बदलाव भी कर सकते हैं. अब 15-16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्कूलों और CBSE स्कूलों में HPC लागू हो चुका है और जल्द ही सभी स्कूलों में इसी पैटर्न के साथ रिपोर्ट कार्ड तैयार किए जाएंगे. 

Friday, March 8, 2024

परिषदीय स्कूलों में शिक्षक नहीं, बच्चे कैसे बनें निपुण ? यूपी बोर्ड परीक्षा ड्यूटी और बीआरसी प्रशिक्षणों ने बिगाड़ी निपुणता की लय

परिषदीय स्कूलों में शिक्षक नहीं, बच्चे कैसे बनें निपुण ? यूपी बोर्ड परीक्षा ड्यूटी और बीआरसी प्रशिक्षणों ने बिगाड़ी निपुणता की लय 


लखनऊ: यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चल रही है। उनमें कक्ष निरीक्षण के लिए माध्यमिक के अलावा बेसिक शिक्षको की ड्यूटी भी लगाई जा रही है। ज्यादातर जिलों में बेसिक स्कूलों के लगभग आधे शिक्षको की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगा दी गई है। जो शिक्षक बचे है, उनको फाउडेशनल लिट्रेसी ऐंड न्यूमरेसी (FLN) ट्रेनिंग के लिए आदेश कर दिए गए है। स्कूलो में पढ़ाने के लिए शिक्षक बचे नही है। 


यह तब है जब 16 मार्च से बेसिक स्कूलो में परीक्षा भी होनी है। दरअसल, यूपी बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षण के लिए बड़ी संख्या में शिक्षको की जरूरत होती है। इसमे राजकीय और एडेड इंटर कॉलेजो के शिक्षको की ड्यूटी लगाई जाती है। एडेड इंटर कॉलेजो के शिक्षक प्रबंधतंत्र के अधीन होते है। वे परीक्षा ड्यूटी करने से बचते हैं। ऐसे में कमी पूरी करने के लिए बेसिक शिक्षको की ड्यूटी लगा दी जाती है। 


शिक्षकों का कहना है कि एक ओर बच्चों को निपुण बनाने का अभियान चल रहा है। अब बेसिक स्कूलों की परीक्षा से पहले ज्यादातर शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगा दी गई। इसी समय FLN ट्रेनिंग शुरू कर दी गई। 


वही, प्रमुख सचिव-बेसिक शिक्षा एमकेएस सुंदरम का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओ में चार-पांच दिन ही ड्यूटी रहेगी। FLN ट्रेनिंग लगभग पूरी हो रही है। जो नही कर पाएंगे, उनको बाद में करवा दी जाएगी। स्कूलों में पढ़ाई बाधित न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।


Thursday, December 21, 2023

निपुण लक्ष्य ऐप पर बच्चों के आंकलन का जनपदवार विवरण जारी

निपुण लक्ष्य ऐप पर बच्चों के आंकलन का जनपदवार विवरण जारी


Thursday, December 7, 2023

रविवार को भी कर दिया गया बंद स्कूलों का असेसमेंट, बेसिक स्कूलों के निपुण असेसमेंट में खामियां, जांच के आदेश

रविवार को भी कर दिया गया बंद स्कूलों का असेसमेंट

बेसिक स्कूलों के निपुण असेसमेंट में खामियां, जांच के आदेश


लखनऊ : बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों का निपुण असेसमेंट करवाया। यह असेसमेंट डायट में प्रशिक्षण हासिल कर रहे बीएलईडी (बीटीसी) प्रशिक्षुओं से करवाया गया। अब इसमें कई खामियां सामने आई हैं। इन प्रशिक्षुओं ने कई स्कूलों का असेसमेंट रविवार को कर दिया, जब स्कूल बंद था। वहीं कई स्कूल ऐसे भी मिले हैं जहां सभी बच्चे निपुण हो गए। अब विभाग को शक है कि यह असेसमेंट सही नहीं हुआ। राज्य परियोजना निदेशक ने सभी बीएसए, डायट प्राचार्य और बीईओ से इसकी जांच के लिए कहा है।


कक्षा एक से तीन तक के बच्चे सीखने का न्यूनतम स्तर हासिल कर लें, इसके लिए निपुण अभियान शुरू किया गया है।

ऐसे विद्यालय जहां 75 प्रतिशत बच्चे ये न्यूनतम स्तर हासिल कर लें, उसे निपुण विद्यालय घोषित किया जाता है। इसके लिए हर ब्लॉक में पांच-पांच शिक्षकों को अकैडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) बनाया गया है। इन सब एआरपी को अपने ब्लॉक के 10-10 विद्यालय गोद लेने के लिए कहा गया था। इनको गोद लिए विद्यालयों को इस दिसंबर तक निपुण बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी के असेसमेंट के लिए डायट में पढ़ने वाले बीएलईडी प्रशिक्षुओं से असेसमेंट करवाया गया था।

ये कमियां सामने आईं

■ कई प्रशिक्षुओं ने असेसमेंट की जो तारीख डाली है, उस दिन रविवार था और स्कूल बंद थे।

■ एक दिन में दो से ज्यादा विद्यालयों का असेसमेंट कर दिया।

■ एक प्रशिक्षु को आठ विद्यालयों का असेसमेंट करना था लेकिन उन्होंने 10-15 विद्यालयों का असेसमेंट कर दिया।

■ विद्यालय के सभी बच्चों को निपुण दिखा दिया।

Sunday, November 12, 2023

प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के आधे विद्यालय घोषित होंगे निपुण, शिक्षक संकुल के और ARP की ओर से चयनित 10 विद्यालयों के विद्यार्थियों के आंकलन की तैयारी

प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के आधे विद्यालय घोषित होंगे निपुण, शिक्षक संकुल के और ARP की ओर से चयनित 10 विद्यालयों के विद्यार्थियों के आंकलन की तैयारी 

एआरपी की ओर से चयनित विद्यालयों का होगा मूल्यांकन


लखनऊ। कक्षा एक से तीन के बच्चों के सतत मूल्यांकन के बाद अब प्रदेश में बेसिक के आधे विद्यालय निपुण घोषित किए जाएंगे। इसके लिए राज्य परियोजना निदेशालय इसी महीने एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) की ओर से चयनित 10- 10 विद्यालयों व यहां के विद्यार्थियों का आंकलन कराएगा। इसके परिणाम के बाद इन विद्यालयों को निपुण घोषित किया जाएगा।


साथ ही दिसंबर में निपुण सम्मान समारोह आयोजित कर इन विद्यालय के शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाएगा। प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से केंद्र की योजना के तहत कक्षा एक से तीन के बच्चों को शब्द जोड़कर पढ़ाई करने, अंकों की जानकारी, जोड़-घटाना आदि से संबंधित जानकारी कराने की कवायद कर रहा है। इसी के तहत अब हर एआरपी की ओर से चयनित 10-10 विद्यालयों को दिसंबर तक निपुण लक्ष्य पूरा करने के लिए काम किया जा रहा है।


महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने निर्देश दिया है कि एआरपी चयनित विद्यालयों व शिक्षक संकुल विद्यालयों का आंकलन डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से नवंबर महीने में करेंगे।

Monday, October 16, 2023

यूपी की शैक्षणिक सामग्री पूरे देश में मुख्य सामग्री के रूप में जानी जाए, NGO पार्टनर मीट कार्यक्रम में बोले DGS विजय किरण आनंद

यूपी की शैक्षणिक सामग्री पूरे देश में मुख्य सामग्री के रूप में जानी जाए... NGO पार्टनर मीट कार्यक्रम में बोले DGS विजय किरण आनंद


उत्तर प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ में एक दिवसीय एन.जी.ओ.पार्टनरशिप मीट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 20 संस्थाओं ने भाग लिया और अपने कार्यों की प्रस्तुति की। इसका मुख्य उद्देश्य था शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग और समझौते को मजबूत करके बच्चों को गुणवत्ता से शिक्षा प्रदान करना। इसके साथ ही, शिक्षा विभाग ने बेहतर प्रयासों को साझा किया और संयुक्त प्रयास करने का वादा किया।


लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य में शिक्षा को बढ़ावा देने तथा तकनीकी शिक्षण के माध्यम से बच्चों के बेहतर विकास के लिए लखनऊ में एक दिवसीय एन.जी.ओ.पार्टनरशिप मीट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 20 संस्थाओं ने सहभागिता कर अपने कार्यों की प्रस्तुति प्रदान की। विभिन्न संस्था से आए साथियों ने अपने कार्यों की प्रदर्शनी लगाकर उनकी उपलब्धियों को साझा किया।


एन.जी.ओ.पार्टनरशिप मीट कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था शिक्षा के क्षेत्र में साथी संगठनों के बीच सहयोग और समझौते को मजबूत करके बच्चों को गुणवत्ता से शिक्षा प्राप्त कराने के लिए संयुक्त प्रयास करना था। कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रयासों को साझा किया। 


शिक्षा विभाग ने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे प्रतिबंधों के समाधान के लिए साथी संस्थाओं के साथ सहयोग करने का वादा किया और माध्यमिक शिक्षा विभाग के साथ मिलकर विभिन्न शिक्षा संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और उनका समाधान निकालने की दिशा निर्देश दिया किया।


कार्यक्रमों में मौजूद सभी संगठनों के कार्यों की सराहना करते हुए महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश विजय किरण आनंद कहा की , "सभी साथी संस्थाओं को कार्यक्रमों के माध्यम से लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। ज्यादातर संस्थाओं के पास बेहतर सामग्री मौजूद है, जिससे हम बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर निपुण बना सकते है। हम सभी को मिलकर नए तरह के शिक्षण सामग्री बनाने पर बल देना चाहिए। हमारा सपना और संकल्प है उत्तर प्रदेश का शैक्षणिक सामग्री पुरे देश में मुख्य सामग्री के रूप में जाना जाए।"


राज्य परियोजना निदेशक (आई.ए.एस), समग्र शिक्षा (माध्यमिक) रुपेश कुमार ने कहा, "राज्य में संस्था द्वारा किए जा रहें सराहनीय है और संस्था के विभिन्न शिक्षण सहायक सामग्री तथा नई तकनीकों के माध्यम से बच्चों को आधुनिकीकरण की ओर अग्रसर किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में हम बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकेंगे।"


कार्यक्रम में उपस्थित सभी संस्था साथियों को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए एजुकेट गर्ल्स संस्था के स्टेट ऑपरेशन्स लीड नीतिन झा ने कहा, 'हम सभी बच्चों के विकास के लिए अथक प्रयासों से बच्चों को स्कूल से जोड़कर नए भारत के निर्माण में अपना सहयोग प्रदान कर सकते है। बच्चों के सपनों को साकार करने के लिए एकजुट जो कर काम कर सकते है।'


इस कार्यक्रम में विष्णु कांत पांडेय (अपर राज्य परियोजना निदेशक), सांत्वना तिवारी (संयुक्त निदेशक), शिवलाल (संयुक्त निदेशक), भगवत पटेल (संयुक्त निदेशक), दीपचंद (उप निदेशक), प्रेमचंद्र यादव (उप शिक्षा निदेशक), प्रतिमा सिंह सहायक निदेशक, एजुकेट गर्ल्स से अलका सिंह, आदित्य एवं टीम के अन्य सदस्यों ने प्रतिभाग किया।

Tuesday, September 5, 2023

NAT : निपुण असेसमेंट टेस्ट से पहले बेसिक शिक्षा विभाग कराएगा मॉक टेस्ट

NAT : निपुण असेसमेंट टेस्ट से पहले बेसिक शिक्षा विभाग कराएगा मॉक टेस्ट 

■ सभी स्कूलों को मॉक टेस्ट कराने के निर्देश 
■ कक्षा एक से आठ तक का निपुण टेस्ट होना है


लखनऊ । 'सरल ऐप' के माध्यम से निपुण एसेसमेंट टेस्ट से पहले बेसिक शिक्षा विभाग प्राइमरी एवं अपर प्राइमरी स्कूलों में मॉक टेस्ट कराएगा। विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी कर कहा है कि कक्षा 1 से लेकर आठ तक के बच्चों का दो चरणों में निपुण एसेसमेंट टेस्ट लिया जाना है।


कक्षा एक से लेकर तीन तक के बच्चों का निपुण टेस्ट 11 सितंबर को एवं कक्षा चार से लेकर आठ तक के बच्चों का निपुण टेस्ट 12 सितंबर को होना है। इससे पहले बच्चों का स्कूल स्तर पर ही मॉक टेस्ट किया जाना ज्यादा उपयोगी होगा लिहाजा सभी


स्कूल अपने स्तर से समस्त बच्चों के मॉक टेस्ट जरूर कराएं। विभागीय आदेश के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) द्वारा सभी परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) के प्रधानाध्यापक अथवा प्रभारी प्रधानाध्यापकों को तत्काल मॉक टेस्ट कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। बीएसए द्वारा स्कूलों को अपने यहां कराए जाने वाले मॉक टेस्ट के फोटो भी भेजने को कहा गया है।



Thursday, December 15, 2022

निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों पर DC Training एवं SRG का क्षमतासंवर्धन करने तथा आगामी माह के लिए एजेंडा तैयार करने हेतु दिनांक 20 दिसम्बर को zoom meeting का होगा आयोजन

निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों पर DC Training एवं SRG का क्षमतासंवर्धन करने तथा आगामी माह के लिए एजेंडा तैयार करने हेतु दिनांक 20 दिसम्बर को zoom meeting का होगा आयोजन



निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों पर DC Training एवं SRG का क्षमतासंवर्धन करने तथा आगामी माह के लिए agenda setting हेतु राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा दिनांक 20 दिसम्बर 2022 को 5pm बजे से zoom meeting का आयोजन किया जा रहा है। 

उक्त ऑनलाइन गोष्ठी में सभी जनपदों के समस्त DC Training तथा SRG की समय से प्रतिभागिता अनिवार्य है।



Thursday, December 1, 2022

NAT : NIPUN Assessment Test सम्बन्धी निर्देश एवं 'सरल ऐप' के प्रभावी संचालन हेतु महत्त्वपूर्ण लिंक्स एवम जरूरी जानकारी

NAT : NIPUN Assessment Test सम्बन्धी निर्देश एवं 'सरल ऐप' के प्रभावी संचालन हेतु महत्त्वपूर्ण लिंक्स एवम जरूरी जानकारी




1. प्ले स्टोर से Saral App डाउनलोड करें।



2.  YouTube लाइव को पुनः देखना सुनिश्चित करें : https://bit.ly/SaralAppTrainingYTLIVE




3. सभी निम्नलिखित YouTube लाइव की manual एवं ट्रेनिंग वीडियो लिंक शिक्षकगण देखे:






🔴 Class 1 to 3 (Saral App Training Video) https://bit.ly/SaralAppClass1-3Training


🔴 Class 4 to 8 (Saral App Training Video) https://bit.ly/SaralAppClass4-8Training


🔴 How to use Saral App (Class 1-3) https://bit.ly/HowToUseSaralAppClass1-3


🔴 How to use Saral App (Class 4-8) https://bit.ly/HowToUseSaralAppClass4-8


🔴 Saral App Do's & Don'ts 





Monday, November 21, 2022

NIPUN Assessment Test (NAT) के सम्बन्ध में जरूरी जानकारी

NIPUN Assessment Test (NAT) के सम्बन्ध में जरूरी जानकारी





1. URGENT- नया सरल ऐप इस लिंक के माध्यम से डाउनलोड करें: https://bit.ly/SaralAppDOWNLOAD
पूर्व में इन्सटाल किये गये सरल ऐप को अनइन्सटाल करके  पुनः इन्सटाल करना सुनिश्चित किया जाये।


2. YouTube लाइव को पुनः देखना सुनिश्चित करें : https://bit.ly/SaralYoutubeLIVE

3. सभी निम्नलिखित YouTube लाइव की manual एवं ट्रेनिंग वीडियो लिंक शिक्षकगण तक पहुँचाना सुनिश्चित करें:

👉  Manual Link  https://bit.ly/UpdatedSaralAppTrainingManual

🟣 Class 1 to 3 (Saral App Training Video)-  

https://bit.ly/SaralAppClass1-3Training

🟣 Class 4 to 8 (Saral App Training Video)

https://bit.ly/SaralAppClass4-8Training

❤️ How to use Saral App (Class 1-3)- 

https://bit.ly/HowToUseSaralAppClass1-3

❤️ How to use Saral App (Class 4-8)

https://bit.ly/HowToUseSaralAppClass4-8



आज्ञा से,

महानिदेशकस्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश

Wednesday, October 19, 2022

बच्चों को भाषा-गणित में निपुण बनाने की मुहिम, बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य के 28 जिलों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनजागरूकता की शुरुआत की

बच्चों को भाषा-गणित में निपुण बनाने की मुहिम, बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य के 28 जिलों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनजागरूकता की शुरुआत की


वर्ष 2025-26 तक प्रदेश के सभी बच्चों को भाषा और गणित में निपुण बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने मंगलवार से राज्य के 28 जिलों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जन मुहिम शुरू कर दी।



इस अभियान के तहत सभी 75 जिलों में 3750 स्थानों पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर अभिभावकों को जागरूक करने के साथ ही उनसे संवाद स्थापित किया जाएगा। पहले चरण में 18 अक्तूबर से मंडलीय मुख्यालय वाले 18 जनपदों और अन्य 10 जनपदों में यह अभियान शुरू किया गया है।


 सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से जुड़े नाटक वाले दलों द्वारा कुशल कलाकारों द्वारा ग्रामीण अंचलों में अभिभावकों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उत्तर प्रदेश को निपुण प्रदेश बनाने के लिए प्रेरित करने का काम भी इस अभियान का प्रमुख हिस्सा है।


प्रत्येक स्थान पर दो घंटे तक चलने वाले नाटक के मंचन के दौरान निपुण भारत मिशन के लक्ष्य तथा इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अभिभावकों की भागीदारी, डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खाते में 1200 रुपये अंतरित करने, बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं, आपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों के प्रति जागरूकता से जोड़ा जाएगा।

Saturday, October 8, 2022

35 बिंदुओं में जानिए निपुण एप्टीट्यूड टेस्ट 1 (NAT) पर आयोजित यूट्यूब सत्र का निचोड़

सरल एप के जरिए मूल्यांकन को लेकर दिनांक 12 अक्टूबर  को यू-ट्यूब के माध्यम से ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किए जाने के सम्बन्ध में।

35 बिंदुओं में जानिए निपुण एप्टीट्यूड टेस्ट 1 (NAT) पर आयोजित यूट्यूब सत्र का निचोड़


1  यह लर्निंग लेवल पर बेसलाइन पर काम करने के लिए असेसमेंट है।

2  यह असेसमेंट पूर्ण पारदर्शिता एवं शुचिता के साथ संपन्न कराएं।

3  त्रैमासिक असेसमेंट कब – 18 अक्टूबर 2022 (पायलट प्रोजेक्ट)

4 त्रैमासिक असेसमेंट क्यों – यह निपुण लक्ष्य के प्रति हमारी वर्तमान प्रगति जांचने के लिए है। यह हमारा अगली तिमाही के लिए लक्ष्य निर्धारित करेगा।

5  इसी के आधार पर जनपद आधारित फोकस्ड गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।

6  1 से 8 तक सभी कक्षाओं के छात्रों का आंकलन होगा।

7  आंकलन ओएमआर शीट पर होगा सरल ऐप के माध्यम से👉🏻 कक्षा 1 से तीन 3 हर बच्चे का आंकलन अध्यापक करेंगे v ओएमआर भरेंगे, और कक्षा 4 से 8 तक के बच्चे खुद हल करेंगे और ओएमआर भरेंगे।

8  सभी ओएमआर स्कैन का कार्य अध्यापक का ही होगा

9  Subject चयन में मंडल का नाम और सेट नंबर का ध्यान रखें। गलत चयन कतई न करें।

10  स्कैनिंग में फोन लैंडस्केप मोड में रखें।

11  जो छात्र आए नहीं हैं उन्हें एब्सेंट चिन्हित करें।


🔴  कक्षा 1 से 3 से जुड़े निर्देश


12  एक से तीन में हर बच्चे का प्रश्नपत्र अलग अलग नहीं होना है और यह बच्चों को वितरित नहीं करना है, अतः इनकी संख्या आप तक कम आई है।

13  पूरे प्रदेश में कक्षा के सेक्शन में A ही भरा जाना है।

14  प्रत्येक छात्र की यूनिक आईडी सरल ऐप पर उपलब्ध है, उसे एक दिन पहले ही सूचीबद्ध कर लें।

15  बच्चा उत्तर सही देता है तो गोला भरें अन्यथा उत्तर गलत होने या उत्तर न ज्ञात होने पर खाली छोड़ दें।

16  जब सभी बच्चों का आंकलन हो जाए तब ओएमआर भरने के उपरांत ही स्कैनिंग आरंभ करें।

17  ओएमआर शीट पर रिक्त स्थान पर कुछ भी नहीं लिखें।

18  स्कैन करते समय स्क्रीन पर केवल ओएमआर शीट ही आए अन्य कोई सामग्री मेज पर न रखें

19  एक बार में अधिकतम 5 ओएमआर शीट स्कैन करके सेव करें। पुनः शेष स्कैनिंग आरंभ करें। अधिक स्कैन होने पर अपलोड होने में समस्या आयेगी।


🔴  कक्षा 4 से 8 से जुड़े निर्देश


20  बच्चों को प्रश्नपत्र हल करने का पर्याप्त समय दें।

21  जब बच्चे प्रश्नपत्र हल कर लें तब ओएमआर शीट का वितरण करें।

22  एक ओएमआर शीट पर एक ही छात्र अंकित होगा।

23  ओएमआर शीट छात्र स्वयं भरेंगे। यदि मूल सूचना भरने में छात्र को कठिनाई है तो अध्यापक सहायता कर सकते हैं। यह ध्यान रखें कि बच्चे की आईडी गलत नहीं भरी जाए।

24  बच्चे यह पहले से सिखाएं कि वह गोला ठीक से भरे।

25  जब सब बच्चे ओएमआर शीट भर लेंगे तब हर बच्चे की ओएमआर शीट उसके नाम के कॉलम में सरल ऐप पर स्कैन करनी है।

26  जब सभी मार्कशीट स्कैन हो जाएं और स्कैन स्टेटस में संख्या प्रदर्शित होने लगे भी save all scan का विकल्प चयन करें।

27  कक्षा में संख्या अधिक हो तो 20 – 20 के बैच में स्कैन करें अधिक संख्या होने पर अपलोड होने में समस्या आयेगी।

28  यदि गलती से सेव पहले चयन हो जाए तो घबराएं नहीं दोबारा स्कैन चयन करके फिर स्कैनिंग कर सकते है।

29  कोई भी समस्या होने पर बेझिझक अपने एसआरजी/एआरपी/शिक्षक संकुल /तकनीकी शिक्षक संकुल से फोन पर बात करें।

30  प्रश्नपत्र में जितने प्रश्न हैं उतने गोले भरे जाने हैं शेष खाली छोड़ दिए जाएंगे।

31  स्कैन करते समय डाटा गलत है तो स्वयं ठीक करें।

32  शत प्रतिशत विद्यार्थियों का आंकलन करना सुनिश्चित करें।

33  कल समस्त अभिभावकों तक असेसमेंट के बारे में अवश्य बताएं ।

34  जनपद को निपुण बनाने में यह आकलन पहली सीढ़ी है ।

35  टीम भावना से कार्य करें ।



🔴 जुड़ने का लिंक: https://bit.ly/SaralTrainingYTLive





Wednesday, September 28, 2022

निपुण लक्ष्य एप जांचेगा बच्चे अब तक कितना हुए दक्ष?

निपुण लक्ष्य एप जांचेगा बच्चे अब तक कितना हुए दक्ष? 



परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में बाल वाटिका और कक्षा एक से तीन तक के दो से ढाई लाख पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अलग तरीके से भाषा एवं संख्या ज्ञान ही नहीं कराया जा रहा, बल्कि बच्चों को साथ-साथ परीक्षा भी देते रहना होगा। 


बेसिक शिक्षा विभाग इसके लिए तकनीक का सहारा ले रहा है। निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से जांचा जाएगा कि बच्चे अब तक कितने दक्ष हुए हैं। और किस क्षेत्र में शिक्षक एवं अभिभावकों को अभी मेहनत करने की जरूरत है।



बेसिक शिक्षा विभाग में दीक्षा ऐप, रीड एलांग एप पहले से संचालित हैं। कोरोना महामारी के विकट दौर में परिषदीय विद्यालयों में दो वर्ष तक पढ़ाई प्रभावित हुई थी। बच्चों के स्कूल न जाने का असर उनके मानसिक विकास पर भी पड़ा है। केंद्र सरकार ने विद्यालय खुलते ही निपुण भारत मिशन शुरू किया जिसके लक्ष्य को वर्ष 2026-27 तक प्राप्त करना है। वहीं प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025-26 तक ही प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है।


इसमें कक्षा एक से तीन तक में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में पहले की तरह जोड़ा जाना है। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से इसके लिए विस्तृत तैयारियां कर पठन-पाठन के लिए संदर्शिका, निपुण लक्ष्य तैयार करके शिक्षकों को अलग से प्रशिक्षित किया जा रहा है। सभी बच्चे पढ़ाई करें और रोज स्कूल आएं इस पर विशेष जोर दिया जा रहा है।


पढ़ाई के पुराने ढर्रे को पीछे छोड़कर रोचक एवं खेल-खेल के अंदाज में हिंदी भाषा एवं गणितीय दक्षताओं में उन्हें निपुण बनाया जा रहा है। निपुण लक्ष्य में अंकित दक्षताओं के आंकलन के लिए विभाग ने निपुण लक्ष्य एप तैयार किया है। कक्षाओं में इसका आफलाइन उपयोग किया जा सकता है। इस एप को रीडिंग एलांग एप के माध्यम से जोड़ा गया है। एप में विषय विशेषज्ञों की ओर से बच्चों के उपयोग में आने वाले प्रश्न तैयार कर अपलोड किए गए हैं।


वैसे तो इस एप का उपयोग कर डायट मेंटर, स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) एवं अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) स्कूलों में जाकर परीक्षण करेंगे। इसमें तय समय में 75 प्रतिशत अंकों एवं भाषा का ज्ञान होने पर ही बच्चे निपुण माने जाएंगे। इसके अलावा शिक्षक एवं अभिभावक भी इसके माध्यम से जान सकेंगे कि उनके बच्चों का सीखने का स्तर क्या है। इसमें आसानी यह होगी कि अभिभावक बच्चों को निपुण बनने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बच्चों में भाषा एवं गणितीय दक्षता एवं लीडरशिप विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है।


बीआरसी पर चल रहे चार दिवसीय प्रशिक्षण

प्राथमिक शिक्षकों की क्षमता वृद्धि के लिए दीक्षा ऐप के माध्यम से आनलाइन एवं जिले के प्रत्येक ब्लॉक संसाधन केंद्र पर आफलाइन चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आनलाइन प्रशिक्षण में प्रत्येक सप्ताह दो अकादमिक तथा एक लीडरशिप कोर्स प्रदेश स्तर से अध्यापकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा जा रहा है।


निपुण लक्ष्य ऐप से यह लाभ होगा कि बच्चों के आंकलन के बाद शिक्षक उन बच्चों पर विशेष फोकस कर सकेंगे जो वांछित दक्षता हासिल नहीं कर पा रहे हैं। ये एप सभी बच्चों की पढ़ाई में सहायक बनेगा। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अलग तरीके से भाषा एवं संख्या ज्ञान ही नहीं कराया जा रहा, बल्कि बच्चों को साथ-साथ परीक्षा भी देते रहना होगा। बेसिक शिक्षा विभाग इसके लिए तकनीक का सहारा ले रहा है। निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से जांचा जाएगा कि बच्चे अब तक कितने दक्ष हुए हैं। 

Monday, September 19, 2022

अपने स्कूल को निपुण बनाएंगे SRG, ARP और संकुल शिक्षक

अपने स्कूल को निपुण बनाएंगे SRG, ARP और संकुल शिक्षक


बेसिक शिक्षा विभाग के एसआरजी, एआरपी और संकुल शिक्षक अपने विद्यालय को निपुण विद्यालय बनाएंगे। विभाग ने निगरानी टीमों में शामिल इन शिक्षकों को पहले अपने विद्यालय के बच्चों को एक साल में निपुण बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि तय लक्ष्य के अनुसार उनके स्कूलों में पठन-पाठन दुरुस्त हो सके और इनके स्कूल दूसरों के लिए नजीर बन सकें।


कक्षा कक्ष प्रक्रियाओं व अन्य कार्यक्रमों की बेहतर निगरानी के लिए नई चेक लिस्ट जारी की जाएगी। न्याय पंचायत स्तर पर शिक्षक संकुल के सदस्यों  और ARP और SRG द्वारा अपने विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए  उन्मुखीकरण कार्यक्रम तय बिंदुओं पर होगा।


अभी तक इनसे विभाग द्वारा सूचनाओं के आदान-प्रदान का ही काम लिया जाता रहा है, लेकिन अब यह शिक्षक तय मानक के अनुसार अपने-अपने विद्यालय के बच्चों को सबसे पहले निपुण बनाएंगे, जिससे दूसरे विद्यालय और शिक्षक भी प्रेरित होंगे। इनको गतिविधि आधारित पढ़ाई करानी होगी। इसके लिए उन्हें पूरी योजना समझा दी गई है।

अभिभावक और शिक्षक मिलकर यूपी को बनाएं निपुण प्रदेश : बेसिक शिक्षा मंत्री

अभिभावक और शिक्षक  मिलकर यूपी को बनाएं निपुण प्रदेश : बेसिक शिक्षा मंत्री


लखनऊ : बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा है कि निपुण भारत मिशन के तहत अब निपुण प्रदेश बनाना है। शिक्षक अभिभावक मिलकर इस अभियान पर तेजी से जुटें। यूपी ने पहल करते हुए कक्षा चार व पांच में भी बुनियादी शिक्षा का कार्यक्रम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के अभिभावकों से बातचीत करें और उन्हें छात्रों के ज्ञान अर्जन की स्थिति बताएं, ताकि अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा पर बेहतर तरीके से ध्यान दें।


बेसिक शिक्षा मंत्री ने रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत कक्षा चार व पाँच के लिए बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान कार्यक्रम, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए विभाग की और से विभिन्न तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बच्चों को अच्छे ढंग से शिक्षा दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं और सभी सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। 


महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने कहा कि निपुण भारत मिशन के तहत निरंतर कार्य किया जा रहा है। मिशन के तहत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से संबंधित प्रशिक्षण आदि की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मिशन को सफल बनाने में शिक्षकों की अहम भूमिका है राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश में निपुण भारत कार्यक्रम संचालित है। कक्षा एक से कक्षा तीन तक के लिए बुनियादी शिक्षा पर शिक्षण कार्य सभी स्कूलों में किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रथम एजूकेशन फाउंडेशन के साथ मिलकर कक्षा चार व पांच के बच्चों के लिए बुनियादी शिक्षा पर आधारित उपचारात्मक शिक्षण के लिए शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। 


विभाग की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम संचालित होंगे। कक्षा चार पांच के सभी शिक्षकों को प्रथम एजूकेशन फाउंडेशन की ओर से दो दिनी ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां आमजन में जागरूकता लाने के लिए बालिका शिक्षा पर आधारित सांस्कृतिक दल के माध्यम से एक लघु नाटक प्रस्तुत भी प्रस्तुत किया गया।


 मंत्री ने शिक्षक निर्देशिका का विमोचन किया। इसमें स्कूल में की जाने वाली सभी गतिविधियों की जानकारी दी गई है। उन्होंने पांच मास्टर ट्रेनर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया साथ ही सरस्वती वंदना प्रस्तुत करने वाली पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोसाईगंज की बालिकाओं को सम्मानित किया। संयुक्त बेसिक शिक्षा निदेशक गणेश कुमार, उपनिदेशक पवन सचान सहित अन्य विभागीय अधिकारी व शिक्षक शिक्षिकाएं आदि उपस्थित थे।



बच्चों की शैक्षिक प्रगति अभिभावकों से साझा करें शिक्षक, बोले बेसिक शिक्षा मंत्री


लखनऊ। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षक बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने के साथ ही निपुण भारत मिशन को सफल बनाएं। अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा अर्जन की स्थिति की जानकारी भी दें। इससे अभिभावक भी बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दे सकेंगे। वे रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में निपुण भारत मिशन के तहत आयोजित साक्षरता व संख्या ज्ञान और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोल रहे थे।


उन्होंने कहा कि निपुण भारत मिशन के तहत यूपी को निपुण प्रदेश बनाने के लिए हम सबको मेहनत करना है। इस क्रम में विभाग शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दे रहा है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने कहा कि इस मिशन को सफल बनाने में शिक्षकों की अहम भूमिका है। मिशन के तहत ही कक्षा 4 व 5 के बच्चों के लिए बुनियादी शिक्षा पर आधारित उपचारात्मक शिक्षण के लिए शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। मंत्री ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोसाईगंज लखनऊ की बालिकाओं को भी सम्मानित किया गया।



अभिभावकों से भी समन्वय करें शिक्षक: संदीप सिंह


लखनऊ  । बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा है कि शिक्षक बच्चों के अभिभावकों से बातचीत करते हुए उनकी प्रगति की जानकारी दें। इससे अभिभावकों का जुड़ाव बढ़ेगा और वे बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देंगे।

श्री सिंह ने रविवार को कक्षा चार व पांच की बुनियादी शिक्षा और संख्या ज्ञान कार्यक्रम व शिक्षक प्रशिक्षण के कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि हम यूपी को सबसे पहले निपुण प्रदेश बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि निपुण भारत मिशन की सफलता शिक्षकों के ऊपर निर्भर है । हम सभी को मेहनत से काम करना है। इस मौके में उन्होंने शिक्षक निर्देशिका का विमोचन करते हुए पांच मास्टर ट्रेनर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद ने कहा कि निपुण भारत मिशन के तहत विभिन्न गतिविधियों से संबंधित प्रशिक्षण आदि की जानकारी दी जा रही है। कक्षा एक से कक्षा तीन तक के लिए बुनियादी शिक्षा पर शिक्षण कार्य सभी स्कूलों में किया जा रहा है। प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के साथ मिल कर यूपी सरकार बुनियादी शिक्षा पर आधारित प्रशिक्षण देने जा रही है।