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Tuesday, December 23, 2025

हाईकोर्ट ने कहा, बेसिक शिक्षा परिषद सचिव प्रशिक्षु शिक्षकों के वेतन पर निर्णय लें या हाजिर हों

हाईकोर्ट ने कहा, बेसिक शिक्षा परिषद सचिव प्रशिक्षु शिक्षकों के वेतन पर निर्णय लें या हाजिर हों

कोर्ट ने सोनभद्र निवासी व अन्य की अवमानना याचिका पर आदेश दिया


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को प्रशिक्षु शिक्षकों के वेतन के भुगतान पर 26 फरवरी तक निर्णय लेने का आदेश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि रिट कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने की दशा में उन्हें अदालत ने व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना पड़ेगा।


यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की अदालत ने सोनभद्र निवासी मोहम्मद अहमद व अन्य की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि 24 अप्रैल 2002 के शासनादेश के अनुसार प्रशिक्षित ग्रेड शिक्षक के रूप में वेतन पाने के हकदार हैं। इस संबंध में उन्होंने तीन अप्रैल 2024 और 11 जुलाई 2024 को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रत्यावेदन भी प्रस्तुत किए पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।

जबकि, याचियों की ओर से दाखिल याचिका निस्तारित करते हुए हाईकोर्ट की एकल पीठ ने प्रत्यावेदन तीन महीने में निस्तारित करने का आदेश दिया था। इससे पहले कोर्ट ने सोनभद्र के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से प्रत्यावेदन निस्तारित नहीं करने पर जवाब तलब किया था।

इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अनुपालन हलफनामा दाखिल कर बताया कि मामला बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव से संबंधित है। लिहाजा, कोर्ट ने याचिका में सचिव की शामिल करते हुए उन्हें कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने की मोहलत दी है। 

Tuesday, December 9, 2025

दाम्पत्य शिक्षक स्थानांतरण नीति के सम्बन्ध में

पहले से लागू नियमावली में नहीं होगा कोई बदलाव, परिषदीय शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर आया बेसिक शिक्षा परिषद का स्पष्टीकरण 


प्रयागराज । परिषदीय शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति अब पूरी तरह साफ हो गई है। आनंद कुमार सिंह उप सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षकों का स्थानांतरण केवल पहले से निर्धारित नियमों के तहत ही किया जाएगा। इसके लिए किसी नए नियम या व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय से आए एक प्रकरण के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने यह तथ्य सामने आया कि स्थानांतरण कोई शिक्षक का अधिकार नहीं, बल्कि प्रशासनिक जरूरत के आधार पर लिया जाने वाला निर्णय होता है। पत्र में यह भी साफ किया गया है कि शिक्षक का स्थानांतरण उसी जिले या क्षेत्र में होगा, जैसा कि पहले से लागू स्थानांतरण नियमावली में तय है। स्पष्ट हो गया है कि मनमाने तरीके या नियमों के बाहर स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। नियमों के अनुसार ही अपने स्थानांतरण को लेकर भरोसा रखना होगा।


दाम्पत्य शिक्षक स्थानांतरण नीति के सम्बन्ध में




Friday, November 21, 2025

कैंसर पीड़ित शिक्षिका के स्थानांतरण की मांग की अनदेखी पर हाईकोर्ट हैरान, बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को किया तलब

कैंसर पीड़ित शिक्षिका के स्थानांतरण की मांग की अनदेखी पर हाईकोर्ट हैरान, बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को किया तलब

अगली सुनवाई 25 को, अधिकारियों का सुझाव, याची पारस्परिक स्थानांतरण को कर सकती है आनलाइन आवेदन


प्रयागराज । कैंसर पीड़ित शिक्षिका के स्थानांतरण के संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के जवाच पर असंतोष व्यक्त करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उन्हें अगली सुनवाई पर उपस्थित हौने का निर्देश दिया है। कोर्ट 25 नवंबर को फिर यह मामला सुनेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने शाहजापुर की कल्पना शमां की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। हाई कोर्ट के पूर्व आदेश पर सचिव ने हलफनामा दाखिल किया था जिस पर कोर्ट संतुष्ट नहीं था।


पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने कैंसर पीड़ित याची (सहायक अध्यापिका) के स्थानांतरण अभ्यावेदन को अस्वीकार करने वाले सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के आचरण पर नाराजगी जताई थी। अदालत ने प्रकरण में सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा, यह हैरानी वाली बात है कि तकनीकी आधार पर शिक्षिका का अनुरोध खारिज कर दिया।

याची की मांग खारिज करने का आधार यह लिया गया है कि जिस संस्थान में वह कार्यरत है, वहां केवल दी शिक्षक हैं और राज्य सरकार की नीति के अनुसार किसी स्कूल में न्यूनतम 36 छात्र हैं ती तीन शिक्षक होना चाहिए। कोर्ट ने कहा, रोजाना उन्हें ऐसे मामलों से निपटना पड़ रहा है, जहां 36 से अधिक छात्र हैं और केवल एक शिक्षक है। याची अगस्त, 2015 में प्रारंभिक नियुक्ति के बाद से शाहजहांपुर स्थित जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापिका (विज्ञान) के रूप में नियुक्त हैं।

 कैंसर पीड़ित याची की सर्जरी हुई है और गाजियाबाद स्थित मैक्स कैंसर सेंटर में कीमोथेरेपी हो रही हैं। उनहोंने पूर्व में गाचिका दाखिल कर शाहजहांपुर में काम करने में आ रही कठिनाइयों का हवाला दिया था। कहा था कि इलाज गाजियाबाद में हो रहा है और परिवार व पति कहीं हैं, जो उनके कार्यस्थल से लगभग 320 किमी दूर है। कोर्ट ने पिछले वर्ष सितंबर में याचिका निस्तारित करते हुए प्राधिकारियों को याची के अभ्यावेदन पर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने का निर्देश दिया था। 

इस आदेश के बावजूद सचिव ने आग्रह खारिज कर दिया। इसलिए कल्पना ने फिर उच्च न्यायालय का रुख किया। अधिकारियों ने सुशव दिया है कि याची पारस्परिक स्थानांतरण के लिए आनलाइन आवेदन कर सकती है। इस अस्वीकृति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कोर्ट ने सचिव से जवाब दाखिल करने या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा था।

Saturday, August 16, 2025

यूपी में पिछले सात साल में 30,000 से अधिक शिक्षक हुए रिटायर, बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी

यूपी में पिछले सात साल में 30,000 से अधिक शिक्षक हुए रिटायर, बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी


लखनऊ। प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 2018 से 2024 तक कुल 30,611 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं। यह जानकारी बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विधानसभा में दी गई।

प्राप्त विवरण के अनुसार, वर्ष 2018 से ही हर साल बड़ी संख्या में शिक्षक सेवा से बाहर होते गए। सबसे अधिक सेवानिवृत्ति वर्ष 2018 में हुई, जब 7,956 शिक्षक रिटायर हुए। इसके बाद 2019 में 5,691, 2020 में 4,340, 2021 में 3,592, 2022 में 3,049, 2023 में 2,664 और 2024 में 2,707 शिक्षक सेवा निवृत्त हुए। इस प्रकार, 2018 से 2024 तक कुल मिलाकर 30,611 शिक्षक सेवा से बाहर हो गए।


शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही सेवानिवृत्तियों के बावजूद नई भर्तियों की गति धीमी रही, जिससे विद्यालयों में शिक्षकों की कमी गहराती जा रही है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि समय पर भर्ती की प्रक्रिया तेज़ नहीं हुई, तो इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता पर पड़ेगा।

प्रदेश सरकार का दावा है कि नई भर्तियों की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन विपक्ष ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि यह आंकड़ा बताता है कि स्कूलों में शिक्षक संख्या लगातार घट रही है और सरकार भर्ती प्रक्रिया में विफल रही है।


Saturday, July 26, 2025

स्वैच्छिक समायोजन : तीन दिन बाद भी सूची आई न शुरू हुए आवेदन, शिक्षकों के समायोजन की घोषणा कर भूला बेसिक शिक्षा विभाग

स्वैच्छिक समायोजन : तीन दिन बाद भी सूची आई न शुरू हुए आवेदन, शिक्षकों के समायोजन की घोषणा कर भूला बेसिक शिक्षा विभाग

23 जुलाई को जारी करनी थी सरप्लस व कम शिक्षकों वाले विद्यालयों की सूची, 24 जुलिया से शुरू होना था ऑनलाइन आवेदन


लखनऊ। प्रदेश में कम नामांकन वाले 10827 परिषदीय स्कूलों के विलय (पेयरिंग) के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के जिले के अंदर एक और समायोजन की घोषणा की थी। इसके लिए कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया। किंतु तीन दिन का समय बीतने के बाद भी शुक्रवार देर रात तक कोई भी प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी।


बेसिक शिक्षा विभाग ने पूर्व में यह घोषणा की थी कि परिषदीय स्कूलों की पेयरिंग के बाद शिक्षक-छात्र अनुपात के तहत कम शिक्षक वाले विद्यालयों में आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। इसके तहत 22 जुलाई को इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश व समय सारिणी भी जारी की गई थी। इसके अनुसार 23 जुलाई को आरटीई के मानक के अनुसार प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक की सूची ऑनलाइन जारी करनी थी।

किंतु अभी तक शिक्षक-छात्र अनुपात के अनुसार कम और ज्यादा शिक्षकों वाले स्कूलों की सूची ही नहीं जारी की जा सकी है। इसी तरह शिक्षकों के ऑनलाइन आवेदन 24 जुलाई से शुरू होना और 27 जुलाई तक चलना था। किंतु तीन दिन बीतने के बाद भी समायोजन की कोई भी प्रक्रिया नहीं शुरू हुई। ऐसा लग रहा है कि विभाग समायोजन की घोषणा करके ही भूल गया। इसकी वजह से आगे की प्रक्रिया ठप पड़ी है। वहीं समायोजन के इच्छुक शिक्षक इसके लिए परेशान हैं।


30 जुलाई तक पूरी होनी है समायोजन की प्रक्रिया

शिक्षक बार-बार विभाग की साइट देख रहे हैं और अधिकारियों को कोस रहे हैं। विभाग की ओर से जारी समय सारिणी के अनुसार 30 जुलाई तक समायोजन की प्रक्रिया पूरी होनी है। किंतु यह संभव नहीं दिख रहा है। इस बारे में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि कुछ तकनीकी दिक्कत से वजह से शिक्षकों की सूची अपलोड नहीं की जा सकी है। इसे जल्द ही पोर्टल पर अपलोड कर समायोजन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

Wednesday, May 7, 2025

खबर वॉयरल होते ही शिक्षक का मनमाना तबादला निरस्त


खबर वॉयरल होते ही शिक्षक का मनमाना तबादला निरस्त

06 मई 2025
प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी के परिषदीय शिक्षक के मनमाने तबादले को निरस्त कर दिया गया है। मथुरा के बीएसए सुनील दत्त की ओर से पांच मई को जारी नोटिस के मुताबकि कन्हैया लाल का तबादला मथुरा के पचहरा प्राथमिक विद्यालय में कर दिया गया था। स्कूल चलो अभियान के प्रथम चरण की समाप्ति के उपरांत कन्हैया लाल को मूल विद्यालय प्राथमिक विद्यालय घासियागढ़ी में फिर से तैनाती का आदेश जारी कर दिया गया है।


एक तरफ ऑनलाइन आवेदन, दूसरी ओर ऑफलाइन स्थानांतरण, परिषदीय शिक्षकों के तबादले में नियम किए दरकिनार, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी किया स्थानांतरण आदेश

04 मई 2025
प्रयागराज । परिषदीय स्कूल के शिक्षकों के जिले के अंदर और अंतरजनपदीय तबादले में जमकर मनमानी हो रही है। एक तरफ शिक्षकों से तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं तो दूसरी ओर बैकडोर से ऑफलाइन तबादले भी हो रहे हैं। माता-पिता, पति/पत्नी की गंभीर बीमारी समेत तमाम समस्याओं को लेकर हाईकोर्ट में मुकदमा लड़ रहे सैकड़ों शिक्षक इन मनमाने तबादलों से अचंभित हैं।


बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने अप्रैल में ही दो शिक्षकों के ऑफलाइन तबादले किए हैं। इससे स्थानांतरण की पूरी व्यवस्था पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रहित का हवाला देते हुए प्राथमिक विद्यालय धासियागढ़ी विकासखंड नौझील मथुरा के प्रधानाध्यापक कन्हैयालाल को नौझील विकास खंड के ही प्राथमिक विद्यालय पचहरा में 21 अप्रैल को स्थानांतरित कर दिया गया। 


सचिव के आदेश पर मथुरा के बेसिक शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त ने 25 अप्रैल को कन्हैया लाल को तैनाती दी। इससे पहले सचिव ने चार अप्रैल को अलीगढ़ के प्राथमिक विद्यालय सूरजपुर विकासखंड चंडौस की सहायक अध्यापिका पूर्णिमा सिंह का तबादला गौतमबुद्धनगर कर दिया था। सचिव के आदेश पर अलीगढ़ के बीएसए ने सात अप्रैल को पूर्णिमा सिंह को कार्यमुक्त किया था।

Saturday, March 22, 2025

CCL : बाल्यकाल देखभाल अवकाश को साल में तीन अवधियों से अधिक बढ़ाए जाने की मांग को लेकर दाखिल IGRS पर देखें बेसिक शिक्षा परिषद का जवाब

CCL : बाल्यकाल देखभाल अवकाश को साल में तीन अवधियों से अधिक बढ़ाए जाने की मांग को लेकर दाखिल IGRS पर देखें बेसिक शिक्षा परिषद का जवाब


हाल ही में, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया है जिसमें उन्होंने राज्य कर्मचारियों और बेसिक शिक्षा परिषद में कार्यरत महिला शिक्षिकाओं के बाल्यकाल देखभाल अवकाश के संबंध में स्पष्टीकरण दिया है। यह पत्र श्री शुभम मौर्य को संबोधित है, जिन्होंने आईजीआरएस संदर्भ संख्या 60000250011952 के माध्यम से इस विषय पर प्रश्न उठाया था।

श्री शुभम मौर्य ने यह अनुरोध किया था कि महिला कर्मचारियों के बाल्यकाल देखभाल अवकाश को एक साल में 3 अवधियों के अतिरिक्त तीन और अवधियों तक बढ़ाया जाए। इस अनुरोध के जवाब में, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव, सुरेंद्र कुमार तिवारी ने एक पत्र जारी किया।

पत्र में, सचिव ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों में कार्यरत महिला शिक्षिकाओं और कर्मचारियों को नियमानुसार बाल्यकाल देखभाल अवकाश अनुमन्य है। उन्होंने शासनादेश संख्या 1301/79-5-2010-33/2009 दिनांक 08 जून, 2010 का हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि बाल्यकाल देखभाल अवकाश अधिकार के रूप में नहीं मांगा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, कोई भी कर्मचारी बिना पूर्व स्वीकृति के बाल्यकाल देखभाल अवकाश पर नहीं जा सकता है। बाल्यकाल देखभाल अवकाश उपार्जित अवकाश की भांति माना जाएगा और उसी तरह स्वीकृत किया जाएगा।

सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई पोर्टल पर निर्धारित व्यवस्थानुसार, मांग/सुझाव/आर्थिक सहायता/स्थानांतरण/नौकरी दिए जाने की मांग/माननीय न्यायालय से संबंधित प्रकरण पोषणीय नहीं है। चूंकि श्री शुभम मौर्य का प्रकरण मांग/सुझाव से संबंधित है, इसलिए यह जनसुनवाई पोर्टल पर पोषणीय नहीं है।

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि बाल्यकाल देखभाल अवकाश नियमानुसार ही अनुमन्य है और इसे अधिकार के रूप में नहीं मांगा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, जनसुनवाई पोर्टल पर केवल उन्हीं प्रकरणों पर विचार किया जाएगा जो निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं।

पदोन्नति की मांग को लेकर दाखिल IGRS पर आया बेसिक शिक्षा परिषद का जवाब, देखें

पदोन्नति को लेकर दाखिल IGRS पर आया बेसिक शिक्षा परिषद का जवाब, देखें


Thursday, March 13, 2025

15 मार्च को भी होली के अवकाश की मांग, शिक्षकों के साथ शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों ने भी संगठनों के माध्यम से रखी मांग


15 मार्च को भी होली के अवकाश की मांग, शिक्षकों के साथ शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों ने भी संगठनों के माध्यम से रखी मांग


लखनऊ। परिषदीय एवं माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों ने शनिवार 15 मार्च को स्कूलों में छुट्टी घोषित करने की मांग की है। शिक्षकों के साथ शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों ने संगठनों के माध्यम से मांग की है कि विश्वविद्यालयों की तरह प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेज में 12 से 15 मार्च तक अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। संगठनों ने लखनऊ विश्वविद्यालय का हवाला देते हुए कहा है कि वहां होली का अवकाश 12 मार्च से 15 मार्च तक है।

ऐसे में बच्चों के अवकाशों को लेकर इतना भेदभाव क्यों? दोनों शिक्षा निदेशकों को भेजे ज्ञापन में संगठनों ने लिखा है कि बच्चों से उनका बचपन तो न छीनें....उन्हें भी त्योहार मनाने दें। विदित हो कि परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में होली का अवकाश 13 से 14 मार्च को ही है।





15 मार्च तक होली अवकाश बढ़ाये के अनुरोध को बेसिक शिक्षा परिषद ने ठुकराया, अब उत्तर प्रदेश शासन द्वारा ही अनुकूल निर्णय लेने की बची आस 
 
प्रयागराज 12 मार्च 2025: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा होली अवकाश को 15 मार्च तक बढ़ाने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि शासनादेश के अनुसार 13 और 14 मार्च को होली का अवकाश घोषित है, और 15 मार्च को निर्बन्धित अवकाश के अंतर्गत होली का अवकाश है।

शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने परिषदीय विद्यालयों में 13 और 14 मार्च को घोषित होली अवकाश को बढ़ाकर 15 मार्च 2025 तक करने का अनुरोध किया था। यह अनुरोध आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से किया गया था, जिसका संदर्भ संख्या 18157250033683 है।

परिषद के सचिव ने एसोसिएशन को भेजे गए पत्र में कहा है कि परिषद कार्यालय द्वारा 26 दिसंबर 2024 को जारी अवकाश तालिका में होली अवकाश की तिथियां पहले ही निर्धारित की जा चुकी हैं। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी शासनादेश संख्या-870/तीन-2024-39(2)/2018 दिनांक 17 दिसम्बर, 2024 के अनुसार वर्ष 2025 के लिए 13 और 14 मार्च 2025 को होली का अवकाश घोषित है।

परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि एसोसिएशन का अनुरोध मांग/सुझाव से संबंधित है, जो जनसुनवाई पोर्टल पर पोषणीय नहीं है। इस निर्णय से शिक्षकों में निराशा है, लेकिन परिषद ने शासनादेश का पालन करते हुए अवकाश तालिका में कोई बदलाव करने से इनकार कर दिया है।






सीएम योगी से 15 मार्च को छुट्टी घोषित करने की मांग

लखनऊ। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने होली के अगले दिन 15 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग की है। इसके लिए संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। 

संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा है कि होली के बाद लोग अपने परिचितों के यहां होली मिलने जाते हैं। वहीं प्रदेश में बहुत से शिक्षक-कर्मचारी अपने मूल स्थान से 400-500 किमी दूर नौकरी करते हैं। जहां से आने-जाने में ही लगभग एक दिन का समय लग जाता है। ऐसे में शिक्षक-कर्मचारी होली के अगले दिन सुबह 15 मार्च को कार्यालय या विद्यालय नहीं पहुंच पाएंगे। 

संगठन के प्रांतीय कोषाध्यक्ष दिलीप चौहान ने कहा है कि 16 मार्च को रविवार है। ऐसे में बाहर जाने वाले अभिभावक और बच्चे भी वापस नहीं लौट पाएंगे। इसे देखते हुए 15 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए। 



15 मार्च  को होली पर्व का अवकाश घोषित करने के सम्बंध में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने रखी मांग




15 मार्च को भैयादूज और 28 मार्च को रमजान के अंतिम शुक्रवार पर परिषदीय विद्यालयों में छुट्टी की मांग


लखनऊ। शिक्षक संगठनों ने परिषदीय विद्यालयों में 15 मार्च को भैया दूज व 28 मार्च को रमजान के अंतिम शुक्रवार पर छुट्टी घोषित करने की मांग की है। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन ने कहा है कि परिषदीय विद्यालयों में 13 और 14 मार्च को होली की छुट्टी है। 15 मार्च को विद्यालय खुल हैं जबकि 15 मार्च को भैया दूज पर्व है।

एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि विद्यालयों के शिक्षक अपने गृह जिले से इतर जिलों के दूरस्थ विकास खंडों में कार्यरत हैं। ऐसी परिस्थिति में शिक्षक-शिक्षिकाएं अपना त्योहार किस प्रकार मनाएंगे? इसी तरह 28 मार्च को रमजान का अंतिम शुक्रवार है। 31 मार्च को ईद है। जबकि परिषद ने 24 से 28 मार्च तक वार्षिक परीक्षाएं प्रस्तावित की हैं। 28 मार्च को मुस्लिम शिक्षक-शिक्षिकाओं व बच्चों की उपस्थिति न के बराबर होगी। इसका असर परीक्षाओं पर भी पड़ेगा।

इसे देखते हुए 15 और 28 मार्च को रमजान के अंतिम शुक्रवार पर विद्यालयों में सार्वजनिक अवकाश किया जाए। उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने भी बेसिक शिक्षा निदेशक पत्र भेजकर 15 मार्च को छुट्टी घोषित करने की मांग की है।

15 मार्च को अवकाश की मांग, शिक्षक विधायक ने लिखा सीएम योगी को लिखा पत्र



15 मार्च 2025 को होली पर्व का अवकाश घोषित करने के सम्बंध में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने रखी मांग

बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा जारी परिषदीय अवकाश तालिका वर्ष 2025 में दिनांक 13 मार्च (गुरुवार) एवं 14 मार्च (शुक्रवार) को मात्र दो दिन का होली पर्व का अवकाश घोषित किया गया है। जबकि विगत वर्षों में इस पर्व की महत्ता को देखते हुए कुल तीन दिवसों का होली का अवकाश घोषित किया जाता रहा है।

होली हिन्दुओं का पावन पर्व है तथा पूरे देश में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत अधिकांश शिक्षक/शिक्षिकायें अपने मूल निवास से दूर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कार्यरत हैं जो कि होली का पर्व मनाने हेतु अपने गृह जनपद जाते हैं।

अतः  15 मार्च 2025 को भी होली का अवकाश घोषित करने का कष्ट करें, ताकि प्रदेश के बेसिक शिक्षक अपने परिजनों संग धूम धाम के साथ होली का पावन पर्व मना सके।



Friday, January 31, 2025

बेसिक शिक्षकों और शिक्षामित्रों के तबादलों की प्रक्रिया पर लगा ग्रहण, शासनादेश के एक माह बाद भी नहीं जारी हुआ कार्यक्रम


बेसिक शिक्षकों और शिक्षामित्रों के तबादलों की प्रक्रिया पर लगा ग्रहण,  शासनादेश के एक माह बाद भी नहीं जारी हुआ कार्यक्रम

31 जनवरी 2025
लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों का जिले के अंदर परस्पर तबादले व एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले की प्रक्रिया एक महीने बाद भी नहीं शुरू हो पाई है। शिक्षामित्रों के समायोजन की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पाई है। इससे शिक्षक व शिक्षामित्र खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

प्रदेश में परस्पर व सामान्य तबादला जाड़े व गर्मी की छुट्टी में करने का पूर्व में निर्देश दिया गया है। इसके तहत 2023 में शुरू हुई तबादले की प्रक्रिया जनवरी 2024 में पूरी की गई। करीब एक साल बाद जिले के अंदर तबादले का शासनादेश बीती 27 दिसंबर व जिले के बाहर तबादले का शासनादेश सात जनवरी को जारी किया गया था। इसके बाद 10 जनवरी तक शिक्षकों का डाटा अपडेट करने का निर्देश दिया गया।

पर, स्थिति ये है कि जिले के अंदर परस्पर तबादले की प्रक्रिया बेसिक शिक्षा विभाग नहीं शुरू कर सका है। वहीं, शिक्षकों को एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले का भी इंतजार है। शिक्षकों का कहना है कि एक तो विभाग हर छह महीने में होने वाली प्रक्रिया को एक साल बाद शुरू कर रहा है। अब उसे भी टरकाया जा रहा है।

शिक्षकों का कहना है कि शासनादेश जारी करने में जाड़े की छुट्टी बीत गई, अब प्रक्रिया पूरी करने में गर्मी की छुट्टी बीत जाएगी। विभाग को गर्मी की छुट्टियों से पहले सभी औपचारिकता पूरी करनी चाहिए ताकि छुट्टी के दौरान शिक्षकों को रिलीव और जॉइन कराया जा सके। शिक्षकों ने बताया कि विभाग में इस पर कोई जानकारी भी नहीं दे रहा है।


बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों के साथ छल कर रहा है। एक-एक प्रक्रिया पूरी करने में छह- छह महीने लगेंगे तो शिक्षक को तबादले के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। जल्दी ही प्रक्रिया पूरी कर गर्मी की छुट्टियों में तबादले का लाभ शिक्षकों को देना चाहिए। - डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ

परस्पर तबादले का शासनादेश जारी होने के बाद शिक्षकों का डाटा अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसकी सूचनाएं जिलों से मांगी गई हैं। उच्च स्तर पर वार्ता करके आगे का कार्यक्रम जल्द जारी किया जाएगा। - सुरेंद्र तिवारी, सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद




पारस्परिक अन्तर्जनपदीय तबादला आदेश ठंडे बस्ते में, शासनादेश जारी हुए 18 दिन बीते बेसिक शिक्षा विभाग अब तक समय सारणी तक जारी नहीं कर सका

28 जनवरी 2025
लखनऊ । प्राइमरी शिक्षकों के जिले के बाहर पारस्परिक स्थानांतरण का आदेश अब ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है। शिक्षकों के पारस्परिक स्थानांतरण को लेकर शासनादेश के जारी हुए 18 दिन बीत चुके हैं परन्तु बेसिक शिक्षा विभाग अब तक समय सारणी तक जारी नहीं कर सका है। परिषदीय शिक्षक प्रक्रिया प्रारंभ होने में हो रही इस देरी से काफी परेशान हैं।


 गत वर्ष जून 2023 में पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया प्रारंभ हुई थी और साल भर बाद जून 2024 में पूर्ण हो सकी थी। इस बार यदि आवेदन प्रक्रिया समय पर शुरू हो जाती, तो शिक्षकों को इस ग्रीष्मावकाश में अपने वांछित जनपद में जाने का मौका मिल सकता है लेकिन समय सारिणी जारी न होने से शिक्षकों में निराशा की स्थिति बनी हुई है। गत वर्ष 1398 जोड़ों यानी करीब 2800 शिक्षकों को इसका लाभ मिला था।


शासनादेश जारी होने के ढ़ाई सप्ताह से अधिक समय के व्यतीत होने के बाद भी विभाग में कोई कवायद शुरू नहीं होने के पीछे विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को माना जा रहा है। क्योंकि बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के नाम सर्कुलर जारी कर कहा था कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं के अन्तः जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण की कार्यवाही राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र, लखनऊ द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन सम्पादित किया जाना है लिहाजा मानव सम्पदा पोर्टल पर शिक्षकों के विवरण मसलन, पदनाम, जन्मतिथि, मोबाइल नम्बर, नियुक्ति तिथि आदि विवरण को संशोधित व अपडेट किए जाने की कार्यवाही हरहाल में 10 जनवरी तक पूर्ण कर ली जाए लेकिन आधे से भी अधिक जिलों में इस दिशा में कोई कार्य ही नहीं हो सके है। ऐसे में पारस्परिक तबादले की प्रक्रिया लटकती नजर आ रही है।

■ 18 दिन बाद भी नहीं बनी समय सारिणी

■ परिषदीय शिक्षक प्रक्रिया में देरी से परेशान

Monday, January 13, 2025

सामूहिक बीमा की प्रीमियम कटौती का हिसाब अब तक नहीं, सामूहिक बीमा बंद होने के बावजूद आठ साल कटा प्रीमियम

सामूहिक बीमा की प्रीमियम कटौती का हिसाब अब तक नहीं, सामूहिक बीमा बंद होने के बावजूद आठ साल कटा प्रीमियम

शिक्षकों ने सीएम और पीएम तक को लिखा पत्र


लखनऊ । बेसिक शिक्षकों का सामूहिक बीमा अगस्त 2014 में बंद कर दिया गया था। इसके बावजूद शिक्षकों के खाते से हर माह 87 रुपये कटते रहे। जब 2022 में मुद्दा उठा तो शिक्षकों के खाते से यह कटौती बंद हुई।  इस दौरान शिक्षकों के खाते से 208 करोड़ रुपये ज्यादा की जो कटौती हो गई, जिसका हिसाब विभाग ने अब तक नहीं दिया। 


शिक्षक लगातार हिसाब मांग रहे हैं। इसके लिए वे सभी अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक को पत्र लिख चुके हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ बाराबंकी के जिलाध्यक्ष निर्भय सिंह कहते हैं कि कटौती बंद हुए भी दो साल बीत गए। विभाग अब तक हिसाब नहीं कर पाया है। कोविड काल में शिक्षकों की मौतें भी हुईं, लेकिन किसी को कोई क्लेम नहीं दिया गया। इस पर शिक्षकों ने मुद्दा उठाया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।


नई पॉलिसी में रुचि नहीं

शिक्षकों ने आठ साल तक हुई इस कटौती की रकम वापसी की मांग की तो विभाग ने नई बीमा पॉलिसी लाने की बात कही। उसी में इस राशि के समायोजन की बात हुई। इसके लिए बीमा कंपनी से करार भी किया लेकिन उसमें प्रीमियम ज्यादा होने के कारण शिक्षकों ने रुचि नहीं दिखाई। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक असोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार सिंह कहते हैं कि विभाग या तो कम प्रीमियम में कोई योजना लाए या फिर मय ब्याज शिक्षकों से कटौती की रकम वापस करे।


शिक्षकों से कटौती की राशि सुरक्षित है। वित्त नियंत्रक से वार्ता कर इस पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। - सुरेंद्र तिवारी, सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद

Saturday, January 11, 2025

IGRS के जरिए परिषदीय अध्यापकों की पदोन्नति किये जाने सम्बन्धी अनुरोध पर मिला यह जवाब, देखें

IGRS के जरिए परिषदीय अध्यापकों की पदोन्नति किये जाने सम्बन्धी अनुरोध पर मिला यह जवाब, देखें 


Friday, December 27, 2024

घर की राह देख रहे परिषदीय शिक्षक हुए चिंतित, पारस्परिक स्थानांतरण में शासन की उदासीनता पर बढ़ता जा रहा रोष

घर की राह देख रहे परिषदीय शिक्षक हुए चिंतित, पारस्परिक स्थानांतरण में शासन की उदासीनता पर बढ़ता जा रहा रोष


⬛ देखें क्लिक करके भेजे गए स्थानांतरण हेतु प्रस्ताव 👇





बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के पारस्परिक तबादलों की आस में बैठे बेसिक शिक्षकों का धैर्य जवाब देने लगा हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता की वजह से घर जाने की बाट जोह रहे शिक्षकों को डर सता रहा है कि कहीं इस बरस भी तबादलों का ये मौसम यूं ही न गुजर जाए। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से पिछले समर वेकेशन में पारस्परिक स्थानांतरण नहीं हो सका था। जिससे परिषदीय शिक्षक व शिक्षकायें काफी मायूस है। परिषदीय शिक्षकों का मानना है कि अगर शासनादेश जल्द जारी नहीं होता है तो इस विंटर वेकेशन में भी पारस्परिक स्थानांतरण नहीं हो पाएगाऔर फिर से लंबा इंतजार करना पड़ेगा। 


साल में सिर्फ दो बार गर्मी और सर्दी में ट्रांसफर का नियम

अंत- जनपदीय परस्पर स्थानांतरण के लिए शिक्षकों का एक शिक्षा सत्र में दो बाद तबादला किया जा सकता है। ये ट्रांसफर या तो ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान हो सकेंगे या फिर सर्दी के मौसम में छुट्टियों के समय। कक्षा के संचालित रहते हुए किसी भी सूरत में तबादले नहीं किए जा सकेंगे। शिक्षक निर्धारित तिथियों के मध्य ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।


वेबसाइट पर डालनी होगी संपूर्ण जानकारी

एनसीईआरटी की ओर से विकसित वेबसाइट पर अंत- जनपदीय तबादले के लिए आवेदन से पहले शिक्षकों को अपना संपूर्ण विवरण डालना होगा। ताकि अन्य शिक्षक भी इसे देख सकें और एक-दूसरे के विवरण के आधार पर तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकें। अंत-जनपदीय ट्रांसफर के दौरान स्थानांतरित होने वाले शिक्षकों को हर हाल में 7 दिन के अंदर विद्यालय में अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करना होगा।


बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने पारस्परिक तबादले का प्रस्ताव 10 दिसंबर को ही शासन में भेज दिया था, लेकिन शासन स्तर पर अधिकारी के उदासीनता के चलते अभी तक पारस्परिक स्थानांतरण के लिए कोई आदेश जारी नहीं हुआ।


प्राथमिक विद्यालय में विषय मैपिंग का झंझट नहीं

चूकि कक्षा एक से पांच तक के लिए तैनात बसिक शिक्षकों में सब्जेक्ट मेपिंग का झंझट नहीं है, इसलिए इन शिक्षकों के तबादलों के मध्य भाषा जैसे विज्ञान, गणित आदि की बाध्यता नहीं होगी। जबकि इसके उलट उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक पढ़ने वाले बच्चों के लिए विषयवार शिक्षकों की तैनाती की जाती है। ऐसे में यदि समान जिले में दूर दराज तैनात कोई शिक्षक अदला बदली कर तबादला कराना चाहें तो उनके लिए समान विषय के शिक्षक का होना अनिवार्य है। यानि गणित का टीचर गणित वाले से ही रिप्लेस किया जा सकेगा और विज्ञान का शिक्षक विज्ञान वाले से।


समान पद पर समान पद वाले शिक्षक का ही तबादला

अंत- जनपदीय तबादले की शर्त ये भी है कि समान पद पर समान शिक्षक का ही तबादला हो सकेगा। यदि कोई प्रधानाचार्य पद पर तैनात है तो उसी पद पर तैनात दूसरा शिक्षक भी इच्छुक होगा तभी तबादला संभव है। इसके साथ ही कागजी कार्रवाई में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। ऑनलाइन आवेदन करते वक्त यदि कोई कमी छूट गई तो उसे सुधारा नहीं जा सकेगा।


जिन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई उनका तबादला नहीं

यदि किसी शिक्षक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है तो अंत: जनपदीय स्थानांतरण की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई समाप्त होने पर ही उस शिक्षक का तबादला या कार्यमुक्त या कार्य ग्रहण कराया जा सकेगा।

Wednesday, December 25, 2024

परिषदीय स्कूलों में छमाही परीक्षायें तो शुरू हुईं पर पूर्णांक पर असमंजस अब तक बरकरार

परिषदीय स्कूलों में छमाही परीक्षायें तो शुरू हुईं पर पूर्णांक पर असमंजस अब तक बरकरार 

24 दिसंबर 2024
लखनऊ । परिषदीय स्कूलों में सोमवार से शुरू हुई अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं में अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा।  शिक्षक परीक्षा के पूर्णांक को लेकर असमंजस में रहे। शिक्षक एआरपी व अन्य शिक्षक साथियों को फोन कर वास्तविक पूर्णांक जानने का प्रयास करते रहे लेकिन सटीक जवाब देने के लिए कोई सामने नहीं आया। परीक्षा के पूर्णांक को लेकर लगातार गलतफहमी बनी रही।

निदेशक के आदेश में अर्द्धवार्षिक परीक्षा का पूर्णांक 50 घोषित किया गया था लेकिन बीते वर्षों में 30 अंक की छमाही परीक्षाएं आयोजित होती रहीं हैं। एक बिडंबना यह भी है कि प्रेरणा पोर्टल के होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट में कक्षावार पूर्णांक 30 से लेकर 60 तक निर्धारित किए गए हैं।


मॉडल प्रश्न पत्र व्हाट्सएप में पोस्ट किए

कुछ ब्लॉकों में विभिन्न शिक्षक व्हाट्सएप समूहों में माडल प्रश्न पत्र पोस्ट किए गए। यह प्रश्नपत्र 50 अंक के थे। सभी स्कूलों में ब्लैक बोर्ड में प्रश्न लिखकर परीक्षाएं कराई गईं। 


रिपोर्ट कार्ड में पूर्णांक कुछ और !

प्रेरणा पोर्टल में छमाही परीक्षा के लिए कक्षा एक में 30 अंक, कक्षा दो से पांच तक 60 अंक और कक्षा 6 से 8 तक 30 अंक निर्धारित हैं। इनमें मौखिक और लिखित का विभाजन होना है। जबकि माडल पेपर में कक्षा दो से आठ तक 50 अंक का निर्धारण किया गया है। कक्षा 2 से 5 तक में प्रत्येक सत्र परीक्षा के लिए 20 अंक निर्धारित हैं। मजे की बात है कि पहली सत्र परीक्षा विभाग 10 अंक के आधार पर करा चुका है। जबकि कक्षा 1 व 6 से 8 में सत्र परीक्षा के लिए 10 अंक निर्धारित किए गए हैं।




परीक्षाएं 23 दिसंबर से और पेपर कितने नंबर का? यह पता नहीं, बेसिक स्कूलों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं लेकिन विभाग के अलग-अलग निर्देशों से असमंजस

15 दिसंबर 2024
लखनऊ: बेसिक स्कूलों में 23 दिसंबर से अर्द्ध वार्षिक परीक्षाएं होनी हैं। स्कीम जारी कर गई है लेकिन शिक्षक परेशान है कि किस पूर्णाक के आधार पर नंवर दें? टर्म परीक्षाओं, अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षाएं 100, 120 या 200 में से कितने पूर्णाक पूणर्णांक का ही पता नहीं 100, 120 या 200 नंबर में से किस आधार पर जांचें कॉपियां और कैसे बनाएं मार्कशीट की होगी? 


वेसिक सकूलों में कक्षा एक से आठ तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की स्कीम जारी कर दी गई है। परीक्षाएं 23 दिसंबर से हैं। उसी के साथ लिखित और मौखिक अंकों का विवरण भी दिया गया है। उसमें लिखा है कि लिखित अर्द्धवार्षिक परीक्षा में सभी प्रश्न पत्रों के पूर्णांक 50 होंगे। शिक्षकों का कहना है कि वार्षिक परीक्षा  50 पूर्णांक की पहले से ही होती है। वहीं एक टर्म एग्जाम हो चुके हैं। उसका पूर्णाक 10 था। एक और टर्म एग्जाम होगा तो वह भी 10 नंवर का होगा। इस तरह साल भर में कुल पूर्णांक 120 हो गया।


पहले यह थी व्यवस्था

पहले अर्द्धवार्षिक परीक्षा 30 अंक की होती थी। वहीं, टर्म एग्जाम 10-10 नंवर के होते थे। 50 अंक की वार्षिक परीक्षा होती थी। इस तरह पूर्णाक 100 हो जाता था। शिक्षकों का कहना है कि तव कोई कंफ्यूजन नहीं होता था। पिछले साल से यह गड़बड़ी देखने को मिल रही है। विभाग के स्तर से मार्गदर्शन भी नहीं दिया जाता। यही वजह है कि अलग-अलग स्कूल अलग-अलग पूर्णाक तय करके नंवर देते हैं।


मार्कशीट के प्रोफार्मा में 200 पूर्णांक

शिक्षकों की मुसीबत तब और बढ़ गई जब उन्होंने मार्कशीट तैयार करने का प्रोफार्मा देखा। उसमें टर्म एग्जाम 20-20 नंबर के हैं। अर्द्धवार्षिक परीक्षा के पूर्णाक 60 दिए गए हैं। वार्षिक परीक्षा 100 पूर्णांक की होनी है। इस तरह कुल पूर्णांक 200 हो गया। अब शिक्षक तय नहीं कर पा रहे है कि किस पूर्णांक को मानकर वे कॉपी जांचें और मार्कशीट बनाएं। इस बारे में प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक असोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह का कहना है कि शिक्षक बहुत कन्फ्यूज है। इससे मूल्यांकन में काफी दिक्कत आएगी। विभाग को इस बारे में स्पष्ट करना चाहिए कि किस आधार पर मूल्यांकन किया जाए और मार्कशीट तैयार की जाए।


ये गड़बड़ी सुधारी

बेसिक शिक्षा विभाग ने इस बार स्कीम भी गलत जारी कर दी थी। जो स्कीम जारी की गई थी उसमें कक्षा 6 में हिंदी और कक्षा सात और आठ में विज्ञान की परीक्षा का कोई जिक्र ही नहीं था। विवाद उठने पर विभाग ने शुक्रवार को संशोधित स्कीम जारी कर दी।




असमंजस : सौ की परीक्षा में दो सौ अंक देंगे गुरुजी, रिपोर्ट फार्म में अधिक पूर्णाक देख परेशान हो रहे शिक्षकप्रत्येक बच्चे की ऑनलाइन की जा रही हॉलिस्टिक (समग्र) रिपोर्ट


लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी हो रहे नित नए आदेशों ने शिक्षकों को पशोपेश में डाल दिया है। ऑनलाइन की जा रही छात्र- छात्राओं को हॉलिस्टिक रिपोर्ट (समग्र रिपोर्ट) में गुरुजी को अब पूर्णांक से भी ज्यादा अंक देने होंगे।


पूरे सत्र में 100 अंकों की परीक्षा होती है, लेकिन रिपोर्ट में पूर्णांक 200 दिया गया है। परिषदीय स्कूलों में प्रतिवर्ष 10-10 अंकों की दो सत्र परीक्षा के अलावा 30 अंकों की अर्धवार्षिक और 50 अंकों की वार्षिक परीक्षा होती है। इस तरह पूरे सत्र में कुल 100 अंकों की परीक्षा होती है।


इसी के आधार पर इस बार की प्रथम सत्र परीक्षा सितंबर माह में 10 अंकों की हो चुकी है। इसके अंक भी परिणाम रजिस्टर में दर्ज किए जा चुके हैं। अर्द्धवार्षिक परीक्षा का भी कार्यक्रम जारी किया जा चुका है।


इसका भी पूर्णांक 50 दिया गया है। इसके बावजूद कक्षा तीन, चार और पांच की ऑनलाइन की जा रही रिपोर्ट में सत्र परीक्षा का पूर्णांक 20 और अर्द्धवार्षिक का 60 दिया गया है। साल भर में होने वाली परीक्षाओं का कुल पूर्णांक 100 है, जबकि हॉलिस्टिक रिपोर्ट में वर्षभर की परीक्षाओं का पूर्णांक 200 दर्ज करना है।


शिक्षकों की समझ नहीं आ रहा कि जब सत्र परीक्षा 10 अंकों की हुई है तो वे 20 पूर्णांक में से अंक कैसे भरें। आगे होने वाली परीक्षाओं में भी यही स्थिति होने वाली है।

Tuesday, December 24, 2024

ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न पत्र लिखकर कराई गईं बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में छमाही परीक्षायें

ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न पत्र लिखकर कराई गईं बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में छमाही परीक्षायें 


लखनऊ । प्राइमरी स्कूलों में सोमवार को शुरू हुई अर्द्ध वार्षिक परीक्षा में शिक्षकों को बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। परीक्षा से पहले शिक्षकों ने प्रश्न पत्र में दिये सवाल ब्लैक बोर्ड पर लिखे। उसके बाद बच्चों ने परीक्षा दी।


बीएसए कार्यालयों की ओर से अर्द्ध वाषिक परीक्षा के प्रश्न पत्र हाथ से लिखे पीडीएफ प्रधानाध्यापकों को भेजी गई थी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। 


पहली पाली सुबह 9:30 से 11:30 और दूसरी पाली 12:30 से 2:30 बजे के बीच हुई। कक्षा एक से पांच तक बच्चों का मौखिक परीक्षा हुई। जबकि कक्षा छह से आठ के बच्चों की क्राफ्ट, कृषि, खेल व शारीरिक शिक्षा की परीक्षा हुई।


Sunday, December 15, 2024

तबादले के लिए शासन को प्रस्ताव भेजते ही बेसिक शिक्षक खोजने लगे जोड़ीदार, व्हाट्सएप समूहों में संदेशों की हुई भरमार

तबादले के लिए शासन को  प्रस्ताव भेजते ही बेसिक शिक्षक खोजने लगे जोड़ीदार, व्हाट्सएप समूहों में संदेशों की हुई भरमार  

शिक्षकों के जिले के भीतर बाहर तबादले का प्रस्ताव, बीते साल शिक्षकों की तमन्ना पूरी न हो सकी थी


लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा उत्तर प्रदेश शासन को म्यूचुअल ट्रांसफर का प्रस्ताव भेजे जाने की खबर वायरल होते ही बेसिक शिक्षकों से जुड़े व्हाट्सअप समूह ऐसी कई पोस्टों से पटने लगे  जिनमें पारस्परिक तबादले के लिए  जोड़ीदार की तलाश की जा रही थी।  सुबह खबर आई कि विभाग ने शीतावकाश के दौरान शिक्षकों के जिले ने के भीतर व बाहर तबादले का प्रस्ताव - शासन को भेजा है। यह खबर मिलते ही शिक्षक अपने तबादले के लिए साथी तलाशने लगे।


तमाम शिक्षक जिले के भीतर व बाहर तबादला चाहते हैं। बीते साल  भी तबादले की प्रक्रिया पूरी की गई थी लेकिन इसके बावजूद सभी शिक्षकों की तमन्ना पूरी नहीं हो सकी थी। अब फिर से विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजकर अनुमति मांगी है। ऐसे में उम्मीद जगी है कि शायद आने वाली सर्दियों की छुट्टियों में जिले के भीतर व बाहर शिक्षकों के पारस्परिक स्थानान्तरण किए जाएं। 


शिक्षक जिले के भीतर व बाहर तबादला कराने के लिए अपने जोड़ीदार की तलाश में पूरी शिद्दत से जुट गए हैं। व्हाट्सअप समूहों व व्यक्तिगत रूप से साथी की तलाश की जा रही है ताकि शासन की अनुमति मिलने पर तबादले के लिए आवेदन किया जा सके। हालांकि यह सब कुछ शासन की हामी पर भी निर्भर होगा। अभी सिर्फ प्रस्ताव भेजा गया है।

5 साल की सेवा वाले परिषदीय शिक्षक ही कर सकेंगे स्थानांतरण के लिए आवेदन, म्युचुअल तबादले स्कूल से स्कूल ही होंगे

5 साल की सेवा वाले परिषदीय शिक्षक ही कर सकेंगे स्थानांतरण के लिए आवेदन, म्युचुअल तबादले स्कूल से स्कूल ही होंगे


■ सर्दियों की छुट्टियों में शुरू होंगे बेसिक शिक्षकों के म्युचुअल तबादले

■ बेसिक शिक्षा परिषद ने शासन को प्रस्ताव भेजा, महिला शिक्षकों को तय अवधि में छूट नहीं


लखनऊ : बेसिक शिक्षकों के अंतःजनपदीय (जिले के अंदर) और अंतरजनपदीय (जिले के बाहर) म्युचुअल तबादले सर्दियों की छुट्टियों में शुरू होंगे। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। अंतरजनपदीय म्युचुअल तबादलों के लिए पांच साल पूरा कर चुके महिला और पुरुष शिक्षक ही आवेदन कर सकेंगे। पहले महिला शिक्षकों के लिए यह समय सीमा दो साल थी। अब उन्हें विशेष परिस्थितियों में ही तय समय से पहले अपने गृह जिले या ससुराल में तबादलों पर विचार किया जाएगा। म्युचुअल तबादले स्कूल से स्कूल ही किए जा जाएंगे।


बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने शासन को म्युचुअल तबादलों का प्रस्ताव भेजा है। तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाएंगे। 15 दिसम्बर से सर्दियों की छुट्टियां होनी है। प्रस्ताव में कहा गया है कि तबादले सर्दियों और गर्मियों की छुट्टियों में ही किए जा सकेंगे। अंतरजनपदीय तबादलों के प्रस्ताव में सर्दियों की छुट्टियों से पहले आवेदन प्रकिया शुरू करने की बात कही गई है। 


वहीं अंतःजनपदीय तबादलों के लिए समय सीमा भी तय की गई है। तय तारीख पर बीएसए मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का ब्योरा अपडेट करेंगे। उसके बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के 15 दिन के भीतर ऑनलाइन आवेदन का प्रिंट आउट बीएसए कार्यालय में जमा किया जाएगा। उसके 15 दिन के अंदर पात्रता के संबंध में बीएसए और सीडीओ निर्णय लेंगे। उसके एक महीने के अंदर बीएसए जिलास्तरीय समिति की बैठक बुलाकर संस्तुति करेंगे। उसके 15 दिन के भीतर आपत्तियां मांगी जाएंगी। उसके बाद गर्मियों या सर्दियों की छुट्टियों में स्थानांतरण और कार्यमुक्ति का आदेश जारी किया जाएगा। 


कक्षा एक से पांच तक कोई भी शिक्षक किसी भी शिक्षक के स्थान पर आपसी सहमति से तबादले के लिए आवेदन कर सकेगा। वहीं, कक्षा छह से आठ तक संबंधित विषय के शिक्षक ही एक दूसरे का विकल्प हो सकेंगे


🆕 देखें क्लिक करके भेजे गए स्थानांतरण हेतु प्रस्ताव 👇






जनपद से बाहर और जनपद के अंदर परिषदीय शिक्षकों के म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए शासन को भेजा गया प्रस्ताव

14 दिसंबर 2024
प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से परिषदीय शिक्षकों के जिले के भीतर और एक से दूसरे जिले में पारस्परिक तबादले के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।

बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी की ओर से विशेष सचिव बेसिक शिक्षा को भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि पारस्परिक तबादले से छात्र शिक्षक अनुपात पर कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही अध्यापन का कार्य भी शिक्षक अधिक सुगमता से कर सकेंगे। 

जिले के अंदर पारस्परिक तबादले के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। वहीं, एक से दूसरे जिले में तबादले के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी।

ऑनलाइन तबादले के लिए सूचना अपलोड करने के लिए शिक्षक जिम्मेदार होंगे और त्रुटिपूर्ण सूचना पर उनके प्रत्यावेदन पर विचार नहीं होगा। शासन से मंजूरी मिलने पर वर्तमान सत्र में 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश के दौरान तबादले होंगे।


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बेसिक शिक्षकों के फिर पारस्परिक तबादले की तैयारी, इस बार भी जिले से जिले की बजाय स्कूल से स्कूल में स्थानान्तरण की योजना

■ सर्दी की छुट्टियों में हो सकता है शिक्षकों का स्थानान्तरण

■ बेसिक शिक्षा परिषद ने की तैयारी, जल्द जारी होगा आदेश

12 दिसंबर 2024
प्रयागराज । परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों को छह महीने में दूसरी बार अंतरजनपदीय पारस्परिक तबादले का तोहफा देने की तैयारी है। बेसिक शिक्षा परिषद ने सर्दी की छुट्टियों में एक से दूसरे जिले में पारस्परिक स्थानान्तरण की तैयारियां शुरू कर दी है। शिक्षक सेवा नियमावली में गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में तबादले का प्रावधान है। सबकुछ ठीक रहा तो 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश में शिक्षकों का स्थानान्तरण हो जाएगा।


इस बार भी जिले से जिले की बजाय स्कूल से स्कूल में स्थानान्तरण की योजना है। इससे पहले इसी साल गर्मी की छुट्टियों में 19 जून को 2796 परिषदीय शिक्षकों (1398 जोड़े) का तबादला हुआ था। हालांकि तबादले का शासनादेश दो जून 2023 को जारी हुआ था। कानूनी अड़चन के कारण शिक्षकों को सालभर इंतजार करना पड़ा था। उस समय स्कूल से स्कूल तबादला करने के खिलाफ शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं भी की थी, जो अभी लंबित हैं। 


स्थानान्तरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद से बड़ी संख्या में शिक्षक फिर से तबादला करने का अनुरोध कर रहे हैं। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी का कहना है कि शासन से अनुमति मिलने पर सर्दी की छुट्टियों में अंतरजनपदीय पारस्परिक तबादले की कार्रवाई की जाएगी।

Saturday, December 7, 2024

परिषदीय शिक्षकों को जबरन किया गया था कार्यमुक्त, और अब चहेते शिक्षकों का परस्पर तबादला हो गया निरस्त, तबादले को लेकर लंबित याचिका पर 12 दिसंबर को है हाईकोर्ट में सुनवाई

परिषदीय शिक्षकों को जबरन किया गया था कार्यमुक्त, और अब चहेते शिक्षकों का परस्पर तबादला हो गया निरस्त,  तबादले को लेकर लंबित याचिका पर 12 दिसंबर को है हाईकोर्ट में सुनवाई


प्रयागराज । परिषदीय शिक्षकों के अंतरजनपदीय पारस्परिक तबादले में भी मनमानी सामने आने लगी है। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने 19 जून 2024 को कुल 1398 जोड़े (2796 शिक्षकों) के अंतरजनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण के आदेश जारी किए थे। पहली बार एक से दूसरे जिले में तबादला करने की बजाय सीधे एक से दूसरे स्कूल में स्थानांतरण करने से शिक्षकों में नाराजगी थी।


तमाम शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण करने से इनकार कर दिया तो कार्रवाई की धमकी देते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से शिक्षकों को जबरन कार्यमुक्त करवाया गया था। खास बात यह है कि सचिव स्वयं शिक्षकों का तबादला आदेश निरस्त कर रहे हैं। फर्रुखाबाद से फिरोजाबाद स्थानांतरित प्रदीप सिंह राजपूत और उनके जोड़े के रूप में फिरोजाबाद से फर्रुखाबाद स्थानांतरित पुष्पेन्द्र कुमार का तबादला आदेश 23 अक्तूबर को निरस्त कर दिया गया। 

यह स्थिति तब है जबकि तबादले को लेकर शिक्षकों की याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है। स्थानांतरण केइस निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर 12 दिसंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।

Tuesday, October 29, 2024

16 हजार मृतक आश्रितों को है सम्मानजनक नौकरी का इंतजार, मृतक आश्रित कोटे से चपरासी बने कर्मी कर रहे हैं उच्च पद की मांग

16 हजार मृतक आश्रितों को है सम्मानजनक नौकरी का इंतजार, मृतक आश्रित कोटे से चपरासी बने कर्मी कर रहे हैं उच्च पद की मांग

■ बीटेक, एलएलबी, एमबीए, बीसीए, पीएचडी डिग्रीधारी बने हैं चपरासी


प्रयागराज । बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक स्कूलों में मृतक आश्रित कोटे के तहत नियुक्त प्रदेशभर के लगभग 16 हजार उच्च योग्यताधारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सम्मानजनक नौकरी का इंतजार है। शासन ने विभिन्न जिलों में परिचारक (चपरासी) के पद पर कार्यरत बीटेक, एलएलबी, एमबीए, बीसीए, पीएचडी जैसे डिग्रीधारी कर्मचारियों को डीएलएड का प्रशिक्षण कराकर और उन्हें टीईटी में शामिल होने का मौका देते हुए शिक्षक पद पर नियुक्त करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को नीति बनाने के निर्देश 16 मार्च 2023 को दिए थे। जिस पर अफसरों ने 17 अप्रैल 2023 को एक प्रस्ताव बनाकर भेजा था।

उससे संबंधित कुछ सूचनाएं शासन ने मांगी थी जो उपलब्ध नहीं कराई गई। 16 जुलाई 2024 को प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने जानकारी नहीं दी। 27 सितंबर को फिर से रिमाइंडर भेजा गया, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई। प्रदेश में 26 जुलाई 2011 को आरटीई लागू होने के बाद से परिषदीय प्राथमिक हो गया। जिन मृतक आश्रितों के पास यह अर्हता थी उन्हें तो शिक्षक पद पर नियुक्ति दे दी गई, लेकिन तमाम डीएलएड पास मृतक आश्रितों को टीईटी अर्हता न होने के कारण चतुर्थ श्रेणी के पद पर ज्वाइन करना पड़ा। बाद में उन्होंने टीईटी पास कर भी ली

मुख्य सचिव की हुई बैठक के डेढ़ साल बाद भी उच्च योग्यताधारी मृतक आश्रित कर्मचारियों के शिक्षक पद पर समायोजन के संबंध समुचित कार्रवाई नहीं हो सकी है। लगता है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों को इन कार्मिकों की मांग से कोई वास्ता नहीं है। ~ जुबेर अहमद, प्रदेश अध्यक्ष, मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ



सम्मानजनक नौकरी के इंतजार में मृतक आश्रितहजारों उच्च योग्यताधारी चतुर्थ श्रेणी में कार्यरत

बीटेक, एमबीए, बीसीए, डिग्रीधारी बने हैं चपरासी


प्रयागराज । बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में मृतक आश्रित कोटे के तहत नियुक्त उत्तर प्रदेश के लगभग 16 हजार उच्च योग्यताधारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सम्मानजनक नौकरी का इंतजार है। 


शासन ने विभिन्न जिलों में परिचारक के पद पर कार्यरत बीटेक, एलएलबी, एमबीए, बीसीए, पीएचडी जैसे डिग्रीधारी कर्मचारियों को डीएलएड का प्रशिक्षण कराकर और उन्हें टीईटी में शामिल होने का मौका देते हुए शिक्षक पद पर नियुक्त करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को नीति बनाने के निर्देश 16 मार्च 2023 को दिए थे। 


जिस पर अफसरों ने 17 अप्रैल 2023 को एक प्रस्ताव बनाकर भेजा था। कुछ सूचनाएं शासन ने मांगी थी जो उपलब्ध नहीं कराई गई। 16 जुलाई 2024 को प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।

Saturday, October 26, 2024

शिक्षामित्रों के मानदेय को बढ़ाने, शिक्षक बनाये जाने, महिला शिक्षामित्रों को उनके ससुराल में स्थानान्तरण किये जाने के मामले में IGRS पर देखें बेसिक शिक्षा परिषद का जवाब

शिक्षामित्रों के मानदेय को बढ़ाने, शिक्षक बनाये जाने, महिला शिक्षामित्रों को उनके ससुराल में स्थानान्तरण किये जाने के मामले में IGRS पर देखें बेसिक शिक्षा परिषद का जवाब