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Tuesday, December 23, 2025

हाईकोर्ट ने कहा, बेसिक शिक्षा परिषद सचिव प्रशिक्षु शिक्षकों के वेतन पर निर्णय लें या हाजिर हों

हाईकोर्ट ने कहा, बेसिक शिक्षा परिषद सचिव प्रशिक्षु शिक्षकों के वेतन पर निर्णय लें या हाजिर हों

कोर्ट ने सोनभद्र निवासी व अन्य की अवमानना याचिका पर आदेश दिया


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को प्रशिक्षु शिक्षकों के वेतन के भुगतान पर 26 फरवरी तक निर्णय लेने का आदेश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि रिट कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने की दशा में उन्हें अदालत ने व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना पड़ेगा।


यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की अदालत ने सोनभद्र निवासी मोहम्मद अहमद व अन्य की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि 24 अप्रैल 2002 के शासनादेश के अनुसार प्रशिक्षित ग्रेड शिक्षक के रूप में वेतन पाने के हकदार हैं। इस संबंध में उन्होंने तीन अप्रैल 2024 और 11 जुलाई 2024 को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रत्यावेदन भी प्रस्तुत किए पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।

जबकि, याचियों की ओर से दाखिल याचिका निस्तारित करते हुए हाईकोर्ट की एकल पीठ ने प्रत्यावेदन तीन महीने में निस्तारित करने का आदेश दिया था। इससे पहले कोर्ट ने सोनभद्र के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से प्रत्यावेदन निस्तारित नहीं करने पर जवाब तलब किया था।

इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अनुपालन हलफनामा दाखिल कर बताया कि मामला बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव से संबंधित है। लिहाजा, कोर्ट ने याचिका में सचिव की शामिल करते हुए उन्हें कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने की मोहलत दी है। 

Tuesday, December 9, 2025

दाम्पत्य शिक्षक स्थानांतरण नीति के सम्बन्ध में

पहले से लागू नियमावली में नहीं होगा कोई बदलाव, परिषदीय शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर आया बेसिक शिक्षा परिषद का स्पष्टीकरण 


प्रयागराज । परिषदीय शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति अब पूरी तरह साफ हो गई है। आनंद कुमार सिंह उप सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षकों का स्थानांतरण केवल पहले से निर्धारित नियमों के तहत ही किया जाएगा। इसके लिए किसी नए नियम या व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय से आए एक प्रकरण के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने यह तथ्य सामने आया कि स्थानांतरण कोई शिक्षक का अधिकार नहीं, बल्कि प्रशासनिक जरूरत के आधार पर लिया जाने वाला निर्णय होता है। पत्र में यह भी साफ किया गया है कि शिक्षक का स्थानांतरण उसी जिले या क्षेत्र में होगा, जैसा कि पहले से लागू स्थानांतरण नियमावली में तय है। स्पष्ट हो गया है कि मनमाने तरीके या नियमों के बाहर स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। नियमों के अनुसार ही अपने स्थानांतरण को लेकर भरोसा रखना होगा।


दाम्पत्य शिक्षक स्थानांतरण नीति के सम्बन्ध में




Friday, November 21, 2025

कैंसर पीड़ित शिक्षिका के स्थानांतरण की मांग की अनदेखी पर हाईकोर्ट हैरान, बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को किया तलब

कैंसर पीड़ित शिक्षिका के स्थानांतरण की मांग की अनदेखी पर हाईकोर्ट हैरान, बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को किया तलब

अगली सुनवाई 25 को, अधिकारियों का सुझाव, याची पारस्परिक स्थानांतरण को कर सकती है आनलाइन आवेदन


प्रयागराज । कैंसर पीड़ित शिक्षिका के स्थानांतरण के संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के जवाच पर असंतोष व्यक्त करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उन्हें अगली सुनवाई पर उपस्थित हौने का निर्देश दिया है। कोर्ट 25 नवंबर को फिर यह मामला सुनेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने शाहजापुर की कल्पना शमां की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। हाई कोर्ट के पूर्व आदेश पर सचिव ने हलफनामा दाखिल किया था जिस पर कोर्ट संतुष्ट नहीं था।


पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने कैंसर पीड़ित याची (सहायक अध्यापिका) के स्थानांतरण अभ्यावेदन को अस्वीकार करने वाले सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के आचरण पर नाराजगी जताई थी। अदालत ने प्रकरण में सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा, यह हैरानी वाली बात है कि तकनीकी आधार पर शिक्षिका का अनुरोध खारिज कर दिया।

याची की मांग खारिज करने का आधार यह लिया गया है कि जिस संस्थान में वह कार्यरत है, वहां केवल दी शिक्षक हैं और राज्य सरकार की नीति के अनुसार किसी स्कूल में न्यूनतम 36 छात्र हैं ती तीन शिक्षक होना चाहिए। कोर्ट ने कहा, रोजाना उन्हें ऐसे मामलों से निपटना पड़ रहा है, जहां 36 से अधिक छात्र हैं और केवल एक शिक्षक है। याची अगस्त, 2015 में प्रारंभिक नियुक्ति के बाद से शाहजहांपुर स्थित जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापिका (विज्ञान) के रूप में नियुक्त हैं।

 कैंसर पीड़ित याची की सर्जरी हुई है और गाजियाबाद स्थित मैक्स कैंसर सेंटर में कीमोथेरेपी हो रही हैं। उनहोंने पूर्व में गाचिका दाखिल कर शाहजहांपुर में काम करने में आ रही कठिनाइयों का हवाला दिया था। कहा था कि इलाज गाजियाबाद में हो रहा है और परिवार व पति कहीं हैं, जो उनके कार्यस्थल से लगभग 320 किमी दूर है। कोर्ट ने पिछले वर्ष सितंबर में याचिका निस्तारित करते हुए प्राधिकारियों को याची के अभ्यावेदन पर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने का निर्देश दिया था। 

इस आदेश के बावजूद सचिव ने आग्रह खारिज कर दिया। इसलिए कल्पना ने फिर उच्च न्यायालय का रुख किया। अधिकारियों ने सुशव दिया है कि याची पारस्परिक स्थानांतरण के लिए आनलाइन आवेदन कर सकती है। इस अस्वीकृति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कोर्ट ने सचिव से जवाब दाखिल करने या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा था।

Saturday, August 16, 2025

यूपी में पिछले सात साल में 30,000 से अधिक शिक्षक हुए रिटायर, बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी

यूपी में पिछले सात साल में 30,000 से अधिक शिक्षक हुए रिटायर, बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी


लखनऊ। प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 2018 से 2024 तक कुल 30,611 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं। यह जानकारी बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विधानसभा में दी गई।

प्राप्त विवरण के अनुसार, वर्ष 2018 से ही हर साल बड़ी संख्या में शिक्षक सेवा से बाहर होते गए। सबसे अधिक सेवानिवृत्ति वर्ष 2018 में हुई, जब 7,956 शिक्षक रिटायर हुए। इसके बाद 2019 में 5,691, 2020 में 4,340, 2021 में 3,592, 2022 में 3,049, 2023 में 2,664 और 2024 में 2,707 शिक्षक सेवा निवृत्त हुए। इस प्रकार, 2018 से 2024 तक कुल मिलाकर 30,611 शिक्षक सेवा से बाहर हो गए।


शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही सेवानिवृत्तियों के बावजूद नई भर्तियों की गति धीमी रही, जिससे विद्यालयों में शिक्षकों की कमी गहराती जा रही है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि समय पर भर्ती की प्रक्रिया तेज़ नहीं हुई, तो इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता पर पड़ेगा।

प्रदेश सरकार का दावा है कि नई भर्तियों की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन विपक्ष ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि यह आंकड़ा बताता है कि स्कूलों में शिक्षक संख्या लगातार घट रही है और सरकार भर्ती प्रक्रिया में विफल रही है।


Saturday, July 26, 2025

स्वैच्छिक समायोजन : तीन दिन बाद भी सूची आई न शुरू हुए आवेदन, शिक्षकों के समायोजन की घोषणा कर भूला बेसिक शिक्षा विभाग

स्वैच्छिक समायोजन : तीन दिन बाद भी सूची आई न शुरू हुए आवेदन, शिक्षकों के समायोजन की घोषणा कर भूला बेसिक शिक्षा विभाग

23 जुलाई को जारी करनी थी सरप्लस व कम शिक्षकों वाले विद्यालयों की सूची, 24 जुलिया से शुरू होना था ऑनलाइन आवेदन


लखनऊ। प्रदेश में कम नामांकन वाले 10827 परिषदीय स्कूलों के विलय (पेयरिंग) के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के जिले के अंदर एक और समायोजन की घोषणा की थी। इसके लिए कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया। किंतु तीन दिन का समय बीतने के बाद भी शुक्रवार देर रात तक कोई भी प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी।


बेसिक शिक्षा विभाग ने पूर्व में यह घोषणा की थी कि परिषदीय स्कूलों की पेयरिंग के बाद शिक्षक-छात्र अनुपात के तहत कम शिक्षक वाले विद्यालयों में आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। इसके तहत 22 जुलाई को इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश व समय सारिणी भी जारी की गई थी। इसके अनुसार 23 जुलाई को आरटीई के मानक के अनुसार प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक की सूची ऑनलाइन जारी करनी थी।

किंतु अभी तक शिक्षक-छात्र अनुपात के अनुसार कम और ज्यादा शिक्षकों वाले स्कूलों की सूची ही नहीं जारी की जा सकी है। इसी तरह शिक्षकों के ऑनलाइन आवेदन 24 जुलाई से शुरू होना और 27 जुलाई तक चलना था। किंतु तीन दिन बीतने के बाद भी समायोजन की कोई भी प्रक्रिया नहीं शुरू हुई। ऐसा लग रहा है कि विभाग समायोजन की घोषणा करके ही भूल गया। इसकी वजह से आगे की प्रक्रिया ठप पड़ी है। वहीं समायोजन के इच्छुक शिक्षक इसके लिए परेशान हैं।


30 जुलाई तक पूरी होनी है समायोजन की प्रक्रिया

शिक्षक बार-बार विभाग की साइट देख रहे हैं और अधिकारियों को कोस रहे हैं। विभाग की ओर से जारी समय सारिणी के अनुसार 30 जुलाई तक समायोजन की प्रक्रिया पूरी होनी है। किंतु यह संभव नहीं दिख रहा है। इस बारे में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि कुछ तकनीकी दिक्कत से वजह से शिक्षकों की सूची अपलोड नहीं की जा सकी है। इसे जल्द ही पोर्टल पर अपलोड कर समायोजन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

Wednesday, May 7, 2025

खबर वॉयरल होते ही शिक्षक का मनमाना तबादला निरस्त


खबर वॉयरल होते ही शिक्षक का मनमाना तबादला निरस्त

06 मई 2025
प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी के परिषदीय शिक्षक के मनमाने तबादले को निरस्त कर दिया गया है। मथुरा के बीएसए सुनील दत्त की ओर से पांच मई को जारी नोटिस के मुताबकि कन्हैया लाल का तबादला मथुरा के पचहरा प्राथमिक विद्यालय में कर दिया गया था। स्कूल चलो अभियान के प्रथम चरण की समाप्ति के उपरांत कन्हैया लाल को मूल विद्यालय प्राथमिक विद्यालय घासियागढ़ी में फिर से तैनाती का आदेश जारी कर दिया गया है।


एक तरफ ऑनलाइन आवेदन, दूसरी ओर ऑफलाइन स्थानांतरण, परिषदीय शिक्षकों के तबादले में नियम किए दरकिनार, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी किया स्थानांतरण आदेश

04 मई 2025
प्रयागराज । परिषदीय स्कूल के शिक्षकों के जिले के अंदर और अंतरजनपदीय तबादले में जमकर मनमानी हो रही है। एक तरफ शिक्षकों से तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं तो दूसरी ओर बैकडोर से ऑफलाइन तबादले भी हो रहे हैं। माता-पिता, पति/पत्नी की गंभीर बीमारी समेत तमाम समस्याओं को लेकर हाईकोर्ट में मुकदमा लड़ रहे सैकड़ों शिक्षक इन मनमाने तबादलों से अचंभित हैं।


बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने अप्रैल में ही दो शिक्षकों के ऑफलाइन तबादले किए हैं। इससे स्थानांतरण की पूरी व्यवस्था पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रहित का हवाला देते हुए प्राथमिक विद्यालय धासियागढ़ी विकासखंड नौझील मथुरा के प्रधानाध्यापक कन्हैयालाल को नौझील विकास खंड के ही प्राथमिक विद्यालय पचहरा में 21 अप्रैल को स्थानांतरित कर दिया गया। 


सचिव के आदेश पर मथुरा के बेसिक शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त ने 25 अप्रैल को कन्हैया लाल को तैनाती दी। इससे पहले सचिव ने चार अप्रैल को अलीगढ़ के प्राथमिक विद्यालय सूरजपुर विकासखंड चंडौस की सहायक अध्यापिका पूर्णिमा सिंह का तबादला गौतमबुद्धनगर कर दिया था। सचिव के आदेश पर अलीगढ़ के बीएसए ने सात अप्रैल को पूर्णिमा सिंह को कार्यमुक्त किया था।