कर्नाटक में शिक्षक अब अपने नाम के आगे लगा सकेंगे 'Tr'
समाज के सच्चे शिल्पकारों को मिला डाक्टर व इंजीनियर जैसा व्यावसायिक गौरव और सम्मान, इस संबंध में आदेश भी जारी
बेंगलुरु : शिक्षक समाज की रीढ़ होते हैं जो बिना किसी स्वार्थ के बच्चों का भविष्य गढ़कर राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देते हैं। इसी भावना को सम्मान देते हुए कर्नाटक सरकार ने शिक्षक दिवस के अवसर पर एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक निर्णय लिया है। राज्य के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने कैबिनेट की सहमति के बाद घोषणा की है कि अब कर्नाटक के लगभग साढ़े चार लाख शिक्षक अपने नाम के आगे 'टीआर' (टीचर) उपसर्ग का गर्व के साथ उपयोग कर सकेंगे।
यह निर्णय शिक्षकों को डाक्टर, इंजीनियर और प्रोफेसर जैसे प्रतिष्ठित पेशेवरों के समकक्ष खड़ा करता है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा आधिकारिक सरकारी आदेश भी जारी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने विजयनगर जिले के कुडलीगी में 'प्रजा सेवा अभियान' के दौरान स्पष्ट किया कि माता-पिता हमें जन्म देते हैं, लेकिन शिक्षक जीवन का सही मार्ग दिखाकर हमें इंसान बनाते हैं। 'टीआर' केवल दो अक्षर नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी समाज और बच्चों के भविष्य को समर्पित करने का एक जीवंत प्रतीक है।
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