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Sunday, February 8, 2026

सख्ती : परीक्षा में पर्चा लीक व अफवाह रोकेगी क्यूआरटी

सख्ती : परीक्षा में पर्चा लीक व अफवाह रोकेगी क्यूआरटी

लखनऊ : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में पर्चा लीक कराने व सोशल मीडिया पर इसे लेकर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली गई है। राज्य व जिला स्तर पर क्विक रिस्पांस टीमें (क्यूआरटी) बनाई गई हैं। पर्चा व कापियों की सुरक्षा को रात में भी स्ट्रांग रूम का औचक निरीक्षण होगा। परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ भी नजर रखेगी।


18 फरवरी से शुरू हो रहीं यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा 8033 केंद्रों पर होगी। इसमें 52.30 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। ऐसे में नकल के साथ-साथ पर्चा लीक कराने वाले नकल माफिया व सोशल मीडिया पर पर्चा लीक की भ्रामक सूचना डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर कहीं कोई अफवाह व पर्चा लीक होने की खबर सामने आती है, तो क्यूआरटी समय रहते नियंत्रण करेगी। अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित किया जाएगा कोई नेटवर्क है तो ध्वस्त

पर्यवेक्षकों की तैनाती

यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए मंडल व जिलों में एक-एक पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। अयोध्या में निदेशक साक्षरता अनिल भूषण चतुर्वेदी, लखनऊ में संयुक्त शिक्षा निदेशक विवेक नौटियाल, देवीपाटन में सीटीई प्राचार्य अजय कुमार सिंह को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

Saturday, December 20, 2025

यूपी बोर्ड : फर्जी परीक्षक रोकने को आईकार्ड जारी करेगा बोर्ड, 24 जनवरी से प्रस्तावित है इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं

यूपी बोर्ड : फर्जी परीक्षक रोकने को आईकार्ड जारी करेगा बोर्ड, 24 जनवरी से प्रस्तावित है इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं

प्रयागराज : 24 जनवरी से प्रस्तावित यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षाओं में फर्जी परीक्षकों पर रोक लगाने के लिए अधिकृत परीक्षकों को आईकार्ड जारी करने पर विचार हो रहा है। सचिव भगवती सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को बोर्ड मुख्यालय में प्रयोगात्मक परीक्षाओं को लेकर बैठक हुई। बैठक में बोर्ड के अधिकारी और स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने शुचितापूर्ण तरीके से परीक्षाएं कराने पर मंथन किया।


पिछले कुछ वर्षों में कुछ केंद्रों पर प्रायोगिक परीक्षा कराने के लिए फर्जी परीक्षकों के पहुंचने की शिकायत मिल रही है। ऐसी आशंका को समाप्त करने के लिए बोर्ड अधिकृत परीक्षकों को आईकार्ड जारी करने पर मंथन कर रहा है। इन परीक्षकों की फोटो और बायोडाटा स्कूलों को पहले से भेज दिया जाएगा ताकि उनके पहुंचने पर स्कूल के प्रधानाचार्य संतुष्ट होने पर ही उन्हें परीक्षा लेने की अनुमति देंगे।


इसके अलावा कुछ स्कूलों से परीक्षकों को धमकी मिलने की शिकायत पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कार्रवाई करने पर चर्चा हुई। एक दिन में एक परीक्षकों के अधिकतम 70-80 परीक्षार्थियों की ही प्रायोगिक परीक्षा लेने पर विचार हो रहा है। मोबाइल एप पर एक दिन में परीक्षक अधिकतम 70-80 परीक्षार्थियों के अंक ही अपलोड कर सकेंगे और उसके बाद एप लॉक हो जाएगा।

परीक्षक तारीख बदलने पर ही अन्य बच्चों के अंक अपलोड कर सकेंगे। बैठक में राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य धर्मेन्द्र कुमार सिंह, शिवचरणदास कन्हैयालाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य लालचन्द्र पाठक और ज्वाला देवी इंटर कॉलेज सिविल लाइंस के विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।

Thursday, April 18, 2024

यूपी बोर्ड : टॉपरों को मिले अंकों का कर रहे मिलान, रिजल्ट जल्द

यूपी बोर्ड : टॉपरों को मिले अंकों का कर रहे मिलान, रिजल्ट जल्द

● हाईस्कूल-इंटरमीडिएट का परिणाम बनकर तैयार

● मेरिट में गड़बड़ी से बचने के लिए हो रहा परीक्षण

प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2024 का परिणाम बनकर लगभग तैयार है। अगले सप्ताह 55 लाख से अधिक परीक्षार्थियों का परिणाम घोषित करने की तैयारी है। फिलहाल प्रदेश की मेरिट में शामिल टॉप टेन और जिले के टॉपर्स को मिले अंकों के मिलान का काम चल रहा है। मूल्यांकन पूरा होने के बाद बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं बोर्ड के प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर स्थित पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों में भेज दी गई थीं।


जहां मेधावियों की कॉपियां निकालकर उन्हें मिले अंकों का फिर से मिलान किया जा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षकों ने शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है ताकि मेरिट सूची घोषित होने के बाद किसी प्रकार की विवाद की स्थिति पैदा न हो। पिछले साल बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची को लेकर विवाद हो गया था। मेरिट में एक बहन का नाम आने पर दूसरी बहन ने कम अंक मिलने पर आपत्ति जताई थी। परीक्षण करने पर आपत्ति सही मिली थी। हालांकि सगी बहन होने के कारण मामला रफादफा हो गया था। इस घटना से सीख लेते हुए बोर्ड के अफसर उत्तरपुस्तिकाओं का परीक्षण करा रहे हैं ताकि बाद में कोई असहज स्थिति पैदा न हो।


अनुमति के बाद घोषित की जाएगी तारीख

यूपी बोर्ड की परीक्षा का परिणाम कब घोषित होगा इसे लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार निर्वाचन आयोग और शासन की अनुमति मिलने के बाद परिणाम घोषित करने की तारीख जारी की जाएगी। वैसे बोर्ड के स्तर से परिणाम घोषित करने संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

Tuesday, February 13, 2024

यूपी बोर्ड : बोर्ड परीक्षा नियंत्रण कक्ष से ऑनलाइन न जुड़ने वाले विद्यालय होंगे डिबार, सचिव ने विद्यालयों को कैमरे लगा कंट्रोल रूम से लिंक करने के लिए दिया कल तक का समय

यूपी बोर्ड : बोर्ड परीक्षा नियंत्रण कक्ष से ऑनलाइन न जुड़ने वाले विद्यालय होंगे डिबार, सचिव ने विद्यालयों को कैमरे लगा कंट्रोल रूम से लिंक करने के लिए दिया कल तक का समय

यूपी बोर्ड : रडार से बाहर हैं 500 से अधिक परीक्षा केंद्र,नोटिस जारी, 14 फरवरी तक सीसीटीवी लगाने के हैं निर्देश, खबर पढें नीचे

प्रयागराज : बोर्ड परीक्षा नियंत्रण कक्ष से ऑनलाइन न जुड़ने वाले विद्यालय तीन साल के डिबार किए जाएंगे। साथ ही प्रधानाचार्य समेत अन्य जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यूपी बोर्ड के सचिव ने केंद्र से न जुड़ने वाले विद्यालयों में बुधवार तक सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया है। इसके बाद कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में केंद्र बनाए गए सभी विद्यालयों की ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसके लिए सभी केंद्रों में सीसीटीवी लगाने तथा इनके स्ट्रांग रूम को परिषद कार्यालय में स्थापित कमांड एंड कंट्रोल रूम से जोड़ा जाना अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद कई परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम परिषद के कंट्रोल सेंट्रल में नहीं दिख रहे। विद्यालयों में सही तरीके से कैमरे ही नहीं लगे या नहीं कनेक्टिविटी ठीक नहीं है।

सचिव दिव्यकांत शुक्ल की ओर से ऐसे सभी विद्यालयों को आदेश जारी किया गया है कि सीसीटीवी कैमरे या अन्य कोई भी सूचना गलत या भ्रामक पाई जाती है तो विद्यालय को तीन साल के डिबार कर दिया जाएगा।

सचिव ने आदेश दिया है कि जिन परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम परिषद के कंट्रोल सेंटर में विजिबल नहीं हो रहे हैं वे अच्छी गुणवत्ता वाले कैमरे एवं डीवीआर लगवा लें। 14 फरवरी तक सभी विद्यालयों में इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक को दी है।

यूपी बोर्ड : रडार से बाहर हैं 500 से अधिक परीक्षा केंद्र,नोटिस जारी, 14 फरवरी तक सीसीटीवी लगाने के हैं निर्देश


प्रयागराज : 22 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के प्रश्नपत्रों की ऑनलाइन 24 घंटे सातों दिन निगरानी के लिए यूपी बोर्ड मुख्यालय में कमांड एंड कंट्रोल रूम बनाया गया है। प्रदेश के सभी 8245 परीक्षा केन्द्रों के स्ट्रांग रूम को बोर्ड मुख्यालय के कन्ट्रोल रूम से जोड़ा गया है। इनमें से 500 से अधिक ऐसे परीक्षा केन्द्र चिह्नित हुए हैं जिनके स्ट्रांग रूम के सीसीटीवी कैमरे/डीवीआर कन्ट्रोल रूम से विजिबल (दृश्य) नहीं है।

बोर्ड सचिव दिब्यकान्त शुक्ल ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को चेतावनी जारी की है कि 14 फरवरी तक ऐसे परीक्षा केन्द्रों में अच्छी गुणवत्ता वाले सीसीटीवी/डीवीआर लगवाना सुनिश्चित करें। नहीं लगने पर 15 फरवरी शासनादेश के अनुसार दोषी के विरुद्ध दंडात्मक (वैधानिक) कार्यवाही की जाएगी। तीन वर्ष के लिए प्रयागराज के 335 केंद्रों में से 44 ऐसे हैं जिनके स्ट्रांग रूम यूपी बोर्ड मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल रूम से नहीं जुड़ पा रहे हैं।

Tuesday, February 6, 2024

यूपी बोर्ड : समाधान पोर्टल पर एक माह में आए 1847 मामले

यूपी बोर्ड : समाधान पोर्टल पर एक माह में आए 1847 मामले

● पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों से 1694 मामले निस्तारित और 153 प्रकरण लंबित

प्रयागराज :  यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों के नाम सुधरवाने, मार्कशीट खो जाने व जन्मतिथि सही कराने के लिए छह जनवरी को समाधान पोर्टल शुरू किया गया था। इस पोर्टल पर 13 तरह की समस्याओं का निदान हो रहा है। एक माह बाद इस पोर्टल पर अब तक कुल 1847 प्रकरण अपलोड किए गए हैं। इनमें से परिषद के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से 1694 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है। मात्र 153 प्रकरण ऐसे है जो छात्र/छात्राओं की ओर से कतिपय प्रपत्रों को पोर्टल पर अपलोड न करने के कारण लंबित है।


बोर्ड सचिव दिब्यकांत शुक्ल की ओर से जारी सूचना के मुताबिक मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय में 363 मामलों में 338 निस्तारित कर दिया गया है। 28 लंबित है। वहीं बरेली में 124 में 115 निस्तारित हो गया है। प्रयागराज में 500 में से 453 निस्तारित और 47 लंबित है। वाराणसी में 750 में से 691 निस्तारित और 59 लंबित हैं। गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालय में 110 में 97 निस्तारित और 13 मामले लंबित हैं।

Thursday, December 7, 2023

यूपी बोर्ड : हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा समय सारिणी जारी, क्लिक करके देखें परीक्षा कार्यक्रम

यूपी बोर्ड : हाईस्कूल एवं  इंटरमीडिएट परीक्षा समय सारिणी जारी, क्लिक करके देखें परीक्षा कार्यक्रम


सीबीएसई-सीआईएससीई से आगे निकला यूपी बोर्ड, खबर पढ़ें सबसे नीचे





यूपी बोर्ड परीक्षाएं 22 फरवरी से नौ मार्च तक

प्रयागराज :  यूपी बोर्ड की 2024 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं एकसाथ 22 फरवरी से शुरू होकर नौ मार्च तक संपन्न होंगी। बोर्ड सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने गुरुवार को परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया। इसी के साथ हाईस्कूल के 29,47,324 और इंटरमीडिएट के 25,60,882 छात्र-छात्राओं का समय सारिणी का इंतजार खत्म हो गया और परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। खास बात यह है कि बोर्ड परीक्षाएं महज 12 कार्यदिवसों में संपन्न हो जाएंगी।

साल 2023 में हाईस्कूल की परीक्षाएं तो 12 कार्यदिवसों में हुई थी लेकिन इंटर के पेपर 14 दिन तक चले थे। इस लिहाज से 2024 की बोर्ड परीक्षा में इंटर के परीक्षार्थियों को थोड़ा कम समय मिलेगा।

नकलविहीन और शुचितापूर्ण परीक्षा कराने के लिए बोर्ड ने इस बार 889 केंद्र कम बनाने की तैयारी की है। 2024 के लिए 7864 केंद्र प्रस्तावित हैं। हालांकि अभी अंतिम सूची जारी नहीं हुई और केंद्रों की संख्या में मामूली बदलाव हो सकता है। पिछले साल 8753 केंद्रों पर परीक्षा हुई थी।

यही नहीं पिछले साल 540 राजकीय स्कूल केंद्र बने थे और 2024 में 1017 राजकीय स्कूलों को केंद्र बनाया जा रहा है। वित्तविहीन केंद्रों में कटौती और परीक्षा केंद्र कम होने से उनकी निगरानी में आसानी होगी और नकल माफिया अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सकेंगे।

यूपी बोर्ड आ गई इम्तिहान की घड़ी, चलो अब करें तैयारी

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाओं की समय सारिणी घोषित कर दी गई है। अधिकतर छात्र अपना कोर्स पूरा करने में जुटे हैं। कुछ छात्र ऐसे हैं जो कोर्स पूरा करने के बाद अब रिवीजन कर रहे हैं। पिछले साल हाईस्कूल की परीक्षा 12 कार्यदिवसों और इंटरमीडिएट की परीक्षा 14 कार्य दिवसों में हुई थी। 2024 में दोनों परीक्षाएं 12 कार्यदिवसों में होगी।

प्रथम पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 व द्वितीय पाली शाम 02 से 05:15 बजे तक।


सीबीएसई-सीआईएससीई से आगे निकला यूपी बोर्ड


प्रयागराज : 2024 की बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल घोषित करने में यूपी बोर्ड सबसे आगे निकल गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने यह तो बता दिया है कि परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होगी लेकिन अब तक विषयवार विस्तृत कार्यक्रम जारी नहीं किया है। 

सीबीएसई की परीक्षाएं लगभग 55 दिन चलने की उम्मीद है। सीआईएससीई भी अब तक परीक्षा कार्यक्रम जारी नहीं कर सका है। इसके अलावा तमाम राज्यों के बोर्ड अब तक टाइम टेबल जारी नहीं कर सके हैं। 

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हरी झंडी मिलने के बाद हाईस्कूल-इंटरमीडिएट का परीक्षा कार्यक्रम जारी हुआ है।


बोर्ड का बड़ा फैसला, आधे घंटे देर से सुबह की परीक्षा 

बोर्ड ने 55 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए टाइमिंग में भी बड़ा बदलाव किया है।

इस बार सुबह की पाली में आधे घंटे देरी से परीक्षा शुरू होगी। पूर्व के वर्षों में सुबह की परीक्षा आठ से 11:15 बजे की पाली में होती थी। इस बार सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे की पाली में परीक्षा होगी। वैसे तो बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र 12 किलोमीटर के दायरे में ही बनाए जाते हैं। बच्चों को समय रहते परीक्षा केंद्र तक पहुंचने का मौका देने के लिए बोर्ड ने सुबह आधे घंटे का और मार्जिन दिया है।


होली पर जमकर रंग खेलेंगे परीक्षार्थी

2024 की परीक्षा के लिए पंजीकृत परीक्षार्थी होली पर जमकर अबीर- गुलाल उड़ाएंगे। 2024 में होली 25 मार्च को पड़ रही है जबकि 10वीं- 12वीं की परीक्षाएं नौ मार्च को ही समाप्त हो जाएंगी। साफ है कि परीक्षा के बीच में होली नहीं पड़ रही है।

Saturday, December 2, 2023

यूपी बोर्ड : 2024 की बोर्ड परीक्षा से 253 केंद्र हुए डिबार, परीक्षा में सामूहिक नकल, फर्जी परीक्षार्थी बैठाने का आरोप

यूपी बोर्ड :  2024 की बोर्ड परीक्षा से 253 केंद्र हुए डिबार, परीक्षा में सामूहिक नकल, फर्जी परीक्षार्थी बैठाने का आरोप

● डिबार सूची में प्रयागराज के 36 स्कूल हैं शामिल
● अलीगढ़ के 29 और गाजीपुर के 22 स्कूल भी बाहर



प्रयागराज :  वर्ष 2024 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए यूपी बोर्ड ने 43 जिलों के 253 स्कूलों को डिबार कर दिया है। सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को 23 नवंबर को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि इन स्कूलों को किसी भी सूरत में परीक्षा केंद्र न बनाया जाए। 2024 की बोर्ड परीक्षा से डिबार स्कूलों में सर्वाधिक 36 प्रयागराज के हैं।

नकल के लिए बदनाम अलीगढ़ के 29, गाजीपुर के 22, वाराणसी के 16, लखनऊ के 14, आगरा और गोरखपुर के 11-11 जबकि कुशीनगर, बलिया और बहराइच के 10-10 स्कूल शामिल हैं। बोर्ड के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची दस दिसंबर तक जारी होगी। हालांकि जिलों से मिली सूचना के अनुसार बोर्ड ने 7864 केंद्र प्रस्तावित किए हैं जो कि 2023 की बोर्ड परीक्षा में बने केंद्रों 8753 से 889 कम है। पिछले साल 432 स्कूलों को बोर्ड परीक्षा से डिबार किया गया था। इसमें 169 परीक्षा में गड़बड़ी के कारण डिबार हुए थे। 176 स्कूल मान्यता प्रत्याहरण के कारण जबकि 87 एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र नहीं बनाए गए थे।

स्ट्रांग रूम की चाबी न होने पर भी किया डिबार

नकलविहीन और शुचितापूर्ण परीक्षा को लेकर बोर्ड ने सख्ती की है। सामूहिक नकल जैसे गंभीर आरोप में तो स्कूलों को डिबार किया ही गया है स्ट्रांग रूम की चाबी स्टैटिक मजिस्ट्रेट के पास नहीं होने पर भी स्कूलों को केंद्र बनाने से रोक दिया गया है। प्रयागराज में केदारनाथ जायसवाल इंटर कॉलेज नैनी, कमला स्मारक इंटर कॉलेज नैनी और राजरानी इंटर कॉलेज शंकरगढ़ को 2024 से 2026 तक तीन साल के लिए डिबार किया गया है। 2023 की परीक्षा में इन केंद्रों के स्ट्रांग रूम की चाबी स्टैटिक मजिस्ट्रेट के पास नहीं थी। इसके अलावा केंद्र व्यवस्थापक पूर्व परीक्षाओं की वाइस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं करा सके थे।

Saturday, November 18, 2023

यूपी बोर्ड : कक्षा नौ-दस के छात्रों को मिलेगा सीखने का लक्ष्य

यूपी बोर्ड : कक्षा नौ-दस के छात्रों को मिलेगा सीखने का लक्ष्य

● विषय विशेषज्ञों ने पहली बार तय किया लर्र्निंग आउटकम

● अंग्रेजी, गणित और विज्ञान में माहवार पाठॺक्रम का किया गया विभाजन

● महानिदेशक ने डायट प्राचार्यों और डीआईओएस को भेजा पत्र


प्रयागराज : यूपी बोर्ड के स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा नौ व दस के 50 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को पहली बार सीखने का लक्ष्य मिलेगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के विशेषज्ञों ने लर्निंग आउटकम (सीखने के प्रतिफल) का निर्धारण किया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषयों के लर्निंग आउटकम सभी डायट प्राचार्य और डीआईओएस को छह नवंबर को भेजकर उसके अनुरूप कक्षा शिक्षण एवं मूल्यांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसाओं के क्रम में कक्षा नौ से 12 तक के लिए लर्निंग आउटकम तैयार किए जा रहे हैं। इसकी जरूरत इसलिए बताई गई है ताकि स्कूलों में सीखने की गुणवत्ता बढ़ाई जा सके और शिक्षकों को इस योग्य बनाया जा सके कि वे सभी विद्यार्थियों के लिए सीखने के कौशलों को ज्यादा उपयुक्त रूप से सुनिश्चित कर सकें और सुधारात्मक कदम उठा सकें। छात्रों के सीखने की प्रगति की बेहतर जानकारी के लिए नियमित और रचनात्मक आकलन प्रणाली को अपनाते हुए इसमें विश्लेषण, तार्किक क्षमता और सैद्धांतिक स्पष्टता के आकलन के लिए लर्निंग आउटकम अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने पूरे पाठ्यक्रम को माहवार विभाजित किया है, ताकि उसके अनुरूप शिक्षण कार्य हो सके।


छात्रों के साथ शिक्षक के लिए भी गाइडलाइन

लर्निंग आउटकम में छात्रों के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के साथ ही शिक्षकों के लिए भी गाइडलाइन दी गई है। उदाहरण के तौर पर शिक्षक कक्षा दस अंकगणित पाठ में आधारभूत प्रमेय करके विरोधाभास से किसी अपरिमेय संख्या को सिद्ध करना सिखाएंगे। इसके बाद छात्र विरोधाभास से अपरिमेय संख्याओं को ज्ञात एवं सिद्ध करने में सक्षम होंगे। कक्षा दस विज्ञान में शिक्षक वैज्ञानिकों तथा उनके कार्यों के परिणामों के बारे में प्रिंट एवं गैर प्रिंट सामग्री के माध्यम से अवधारणाओं के विकास को समझाएंगे। इसके बाद विद्यार्थी वैज्ञानिक अविष्कारों और निष्कर्षों के बारे में समझ लेते हैं, जैसे मेंडल की अनुवांशिकता की संकल्पना को समझना, परमाणु मॉडल का विकास आदि।

Sunday, October 29, 2023

यूपी बोर्ड : उत्तरपुस्तिका का रंग बदलेगा, होगा बार कोड

यूपी बोर्ड : उत्तरपुस्तिका का रंग बदलेगा, होगा बार कोड

★ नकल माफिया के मंसूबे तोड़ने को फिर किया गया बड़ा परिवर्तन

★ रंग और बार कोड का स्थान बदलने पर नहीं बदल सकेंगे कापियां


प्रयागराज : वर्ष 2023 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में कीर्तिमान रच चुके यूपी बोर्ड ने वर्ष 2024 की परीक्षा में नकल माफिया पर नियंत्रण के लिए फिर बड़ा बदलाव किया है। वर्ष 2023 की परीक्षा में उत्तरपुस्तिकाओं के कवर पेज पर लगाया गया बार कोड वर्ष 2024 की परीक्षा में उत्तरपुस्तिका के मध्य में होगा। बार कोड से उत्तरपुस्तिका की रेंडम चेकिंग की जाएगी। इसके साथ ही उत्तरपुस्तिका के कवर पेज पर अंकित विवरण का रंग भी बदला गया है। इस परिवर्तन से पुरानी उत्तरपुस्तिका पर बाहर से लिखवाकर जमा कराने की आशंका ही नहीं रहेगी।

वर्ष 2024 की बोर्ड परीक्षा में कुल 55,08, 206 छात्र-छात्राएं सम्मिलित होंगी। इसमें हाईस्कूल के परीक्षार्थियों की संख्या 29, 47,324 एवं इंटरमीडिएट की 26,60,882 है। बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया साल्वर बैठाने की कोशिश के साथ उत्तरपुस्तिका बाहर से लिखवाकर केंद्र से सेटिंग कर जमा करने का कुचक्र रचते हैं। ऐसे में बोर्ड ने नकल माफिया से एक कदम आगे बढ़कर तैयारी की है। उत्तरपुस्तिका के स्वरूप में बदलाव करने से पुरानी उत्तरपुस्तिकाएं अनुपयोगी हो गई हैं। इस बदलाव की कड़ी में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तरपुस्तिका के कवर पेज पर अंकित सूचनाओं / जानकारियों का रंग परिवर्तित कर दिया गया है। हाईस्कूल की उत्तरपुस्तिकाओं पर अंकित विवरण का रंग परिवर्तित कर काला कर दिया गया है। इसके साथ ही बायी और की पट्टी का रंग भी काला किया गया है। वर्ष 2023 की परीक्षा में रंग लाल था।

इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं पर लाल रंग की पट्टी इसी तरह इंटरमीडिएट की वर्ष 2024 की परीक्षा के लिए उत्तरपुस्तिकाओं पर अंकित विवरण का रंग बदलकर लाल किया गया है और बायीं ओर की पट्टी भी लाल रंग की है। वर्ष 2023 की परीक्षा में इंटरमीडिएट के कवर पेज पर अंकित विवरण वा पट्टी का रंग काला था। इस तरह इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का रंग आपस में बदल दिया गया है। उत्तरपुस्तिकाओं पर प्रयुक्त बोर्ड का मोनोग्राम भी रंग के अनुरूप किया गया है। हालांकि, इस बार भी उसी स्थान पर रहेगा। गवर्नमेंट प्रेस ने निर्देश मिलने के बाद इस बदलाव के अनुरूप करीब तीन करोड उत्तरपुस्तिकाएं छापने की तैयारी तेज कर दी है।

Wednesday, October 18, 2023

यूपी बोर्ड : 10वीं-12वीं में घटे 3.76 लाख विद्यार्थी, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के लिए 55,08,206 पंजीकरण

यूपी बोर्ड : 10वीं-12वीं में घटे 3.76 लाख विद्यार्थी, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के लिए 55,08,206 पंजीकरण
 
2023 की तुलना में 2024 की बोर्ड परीक्षा में कमी

● पिछले साल 58,84,634 विद्यार्थियों का था रजिस्ट्रेशन


प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2024 के लिए छात्र-छात्राओं की संख्या में 3,76,428 की कमी आई है। फरवरी 2024 में प्रस्तावित बोर्ड परीक्षा के लिए 10वीं-12वीं में 55,08,206 विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ था। जबकि पिछले साल 58,84,634 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। बोर्ड ने कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए दस अक्तूबर तक मौका दिया था।

छात्र संख्या में कमी का एक बड़ा कारण पिछले सालों में परीक्षा के दौरान बरती जा रही सख्ती है। इसके चलते नकल के सहारे बोर्ड परीक्षा में पास होने की प्रवृत्ति वाले अभ्यर्थियों ने दूरी बनाई है। कक्षा नौ व 11 में 52,83,757 विद्यार्थियों ने अग्रिम पंजीकरण कराया है। गौरतलब है कि 2022 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए क्रमश 27,81,645 व 24,10,971 कुल 51,92,616 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। बोर्ड ने परीक्षा की तैयारियां भी तेज कर दी है। परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है।

Tuesday, September 26, 2023

59,860 अंकपत्र संशोधित कर यूपी बोर्ड ने धोए 38 वर्ष पुराने दाग

59,860 अंकपत्र संशोधित कर यूपी बोर्ड ने धोए 38 वर्ष पुराने दाग

प्रयागराज : यूपी बोर्ड ने वर्ष 2023 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा बिना पुनर्परीक्षा के संपन्न कराकर 30 वर्ष का रिकार्ड तोड़ने के बाद अब अंकपत्र / प्रमाणपत्र संशोधन के मामले में नया कीर्तिमान बनाया है। अंकपत्र / प्रमाणपत्र संशोधन के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों में लगने वाली भीड़ खत्म करने के लिए यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने नई पहल कर जिलों में कैंप लगवाए। इसमें बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों के अफसरों ने लंबित 59,860 मामलों के निस्तारण के लिए पत्रजात जुटाए और अंकपत्र संशोधित कराकर बैकलाग खत्म कर दिया। इसमें 38 वर्ष से लंबित प्रकरण भी निस्तारित कर सभी संशोधित अंकपत्र / प्रमाणपत्र माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट upmsp.edu.in पर आनलाइन कर दिया गया।


समयबद्धता और पारदर्शिता के साथ कार्य संपन्न करने की सरकार की मंशा पर बोर्ड ने अभियान चलाकर मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय में लंबित सर्वाधिक 24,512, बरेली में 5,188, प्रयागराज में 8,356, वाराणसी में 18,591 एवं गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालय में 3,213 अंकपत्र/ प्रमाणपत्र संशोधित कराए। पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों को मिलाकर कुल 59,860 मामले निस्तारित हुए । सर्वाधिक मामले वर्ष 2010 से 2017 तक के हैं। इनके निस्तारण के लिए नोटिस देने के बावजूद साक्ष्य नहीं उपलब्ध कराए जाने पर बोर्ड साक्ष्य जुटाने खुद जिलों में गया। सबसे पुराना प्रकरण मेरठ में हाईस्कूल परीक्षा वर्ष 1984 के परीक्षार्थी संजय कुमार का था, जिसमें पिता के नाम की स्पेलिंग में त्रुटि थी ।

अंकपत्र / प्रमाणपत्र संशोधन के पुराने प्रकरण निस्तारित करने के बाद अब नए मामले आनलाइन निस्तारित किए जाएंगे। इसके लिए पोर्टल बनाया जा रहा है, जिसमें प्रकरण को ट्रैक करने की भी व्यवस्था रहेगी। नई व्यवस्था में आवेदन, उससे संबंधित साक्ष्य / अभिलेख, सत्यापन व निस्तारण आनलाइन होंगे। निर्धारित समय में संशोधन न होने पर संबंधित कर्मचारियों/ अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।

- दिव्यकांत शुक्ल, सचिव यूपी बोर्ड |

Sunday, September 10, 2023

यूपी बोर्ड ने पकड़े 8000 विद्यालयों के बेमेल आंकड़े, परीक्षा केंद्र की आधारभूत सुविधा की उपलब्धता पर चार वर्ष के यूपी बोर्ड आंकडों में मिला अंतर

यूपी बोर्ड ने पकड़े 8000 विद्यालयों के बेमेल आंकड़े, परीक्षा केंद्र की आधारभूत सुविधा की उपलब्धता पर चार वर्ष के यूपी बोर्ड आंकडों में मिला अंतर

प्रयागराज : यूपी बोर्ड वर्ष 2024 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में कोई गडबड़ी नहीं होने देना चाहता । इसके लिए परीक्षा केंद्र बनाए जाने को लेकर शुरुआत से ही सतर्कता बरती जा रही है, ताकि गड़बड़ियों को पहले ही दुरुस्त कराकर शुचितापूर्ण परीक्षा कराई जा सके। इसी कड़ी में पिछले चार वर्षों में परीक्षा केंद्र बने विद्यालयों की ओर से वेबसाइट पर उपलब्ध आधारभूत सुविधा की समीक्षा कराई गई। इसमें पाया गया कि करीब 8000 विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें चार वर्षों में किसी न किसी वर्ष आधारभूत सुविधा के आंकड़े में अंतर है। परीक्षा केंद्र निर्धारण की नीति शुक्रवार को जारी करने के साथ बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिवों के साथ वर्चुअल बैठक में कहा कि आधारभूत सुविधा में अंतर वाले विद्यालयों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लिया जाए, ताकि केंद्र निर्धारण सही ढंग से हो सके।


परीक्षा केंद्रों पर साल्वर बैठाए जाने, परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र आउट होने की पूर्व की घटनाओं को ध्यान में रखकर शासन के निर्देश के क्रम में परीक्षा केंद्र निर्धारण के पहले ही बोर्ड ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी कड़ी में वेबसाइट पर विद्यालयों की ओर से उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का परीक्षण कराया जा रहा है। बोर्ड ने वर्ष 2018, 2019, 2020 एवं 2022 की परीक्षा के केंद्र निर्धारण के लिए वेबसाइट पर अपलोड किए गए विवरण का आपस में मिलान कराया तो किसी एक वर्ष में अंतर मिला। वर्ष 2021 में कोविड के कारण परीक्षा नहीं हुई थी। चूंकि परीक्षा केंद्र निर्धारण में शिक्षण कक्षों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और उसी अनुरूप केंद्रों पर परीक्षार्थियों की संख्या निर्धारित की जाती है। इसमें कुछ विद्यालय प्रधानाचार्य कक्ष एवं प्रायोगिक कक्ष को शिक्षण कक्ष में जोड़ लेते हैं, जबकि उनमें परीक्षा नहीं होती। कुछ जानबूझकर गलत आंकड़े भरते हैं।

इससे परीक्षा के दौरान अव्यवस्था होने पर नकल की संभावना बढ़ जाती है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बोर्ड सचिव ने बेमेल विवरण वाले विद्यालयों की भूमिका संदिग्ध मानते हुए प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगने के निर्देश क्षेत्रीय अपर सचिवों को दिए हैं। क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज की अपर सचिव विभा मिश्र ने बताया कि वर्चुअल बैठक के निर्देश के क्रम में संबंधित विद्यालयों से जवाब मांगा जा रहा है, ताकि सही आंकड़े के क्रम में केंद्र निर्धारण किया जा सके।

Sunday, August 27, 2023

अंकपत्र / प्रमाणपत्र संशोधन को जिलों में फिर जाएगा यूपी बोर्ड, पहले चरण में लगे कैंप में निपटे थे करीब 50 हजार मामले, शेष मामलों के निस्तारण को कैंप लगाने का सचिव ने दिए निर्देश

अंकपत्र / प्रमाणपत्र संशोधन को जिलों में फिर जाएगा यूपी बोर्ड, पहले चरण में लगे कैंप में निपटे थे करीब 50 हजार मामले, शेष मामलों के निस्तारण को कैंप लगाने का सचिव ने दिए निर्देश

प्रयागराज : हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंकपत्र / प्रमाणपत्र में छात्र-छात्राओं के नाम में त्रुटि, उनके माता-पिता के नाम में त्रुटि, स्पेलिंग में त्रुटि, जन्मतिथि में गड़बड़ी होने पर संशोधन के लिए यूपी बोर्ड अब जिलों में जा रहा है। बोर्ड के सभी पांच क्षेत्रीय कार्यालयों में लंबित ऐसे 61,219 प्रकरणों को निस्तारित कराने के लिए बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने 12 जून से 30 जून तक जिलों में निर्धारित तिथि में कैंप लगवाए। इसके बावजूद निस्तारित होने से रह गए करीब 10 हजार प्रकरणों के समाधान के लिए जिलों में पुनः कैंप आयोजित करने के निर्देश सभी क्षेत्रीय अपर सचिवों को दिए हैं।


लंबित प्रकरणों में कुछ ऐसे भी थे, जो कई वर्ष से पड़े थे। इसके लिए छात्र-छात्राएं क्षेत्रीय कार्यालयों के चक्कर लगाते थे। इस स्थिति में वह कई बार आर्थिक शोषण का शिकार भी होते थे। ऐसे मामलों को जानकारी मिलने पर बोर्ड सचिव ने जिलों में संबंधित विद्यालय व छात्र को पूर्व में सूचना देकर जाकर कैंप लगाकर अधूरे दस्तावेज पूरे कराने की प्रक्रिया क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से शुरू कराई। इसमें डीआइओएस एवं बीएसए को अनिवार्य रूप में उपस्थित होने को कहा गया, ताकि टोसो पर काउंटर साइन की प्रक्रिया भी कैंप में पूरी कराई जा सके। कैंप में क्षेत्रीय कार्यालयों से उप सचिव, सहायक सचिव व अन्य अधिकारी भी पहुंचे। यहां अभिलेख जुटाने के बाद बोर्ड छात्र-छात्राओं के संशोधित अंकपत्र/ प्रमाणपत्र विद्यालयों के माध्यम से भेजने का कार्य कर या है। बोर्ड सचिव ने बताया कि निस्तारित होने से शेष रह गए मामलों में जरूरी दस्तावेज जुटाने के लिए जिलों में पुनः कैंप आयोजित किया जा रहा है. ताकि पुराने प्रकरण लंबित न रहें। कुछ क्षेत्रीय कार्यालय ने कैंप का आयोजन शुरू कर दिया है। प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय को अपर सचिव विभा मिश्रा ने बताया कि पुराने कैंप में आए प्रकरणों के संशोधित अंकपत्र भेजने को प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसका बैकलाग खत्म होने को है। इसी के साथ जल्द कैंप आयोजित कराकर लंबित अन्य प्रकरणों का भी निस्तारण कराया जाएगा।

Saturday, August 19, 2023

यूपी बोर्ड परीक्षार्थियों पर बरसेंगे अंक, बन रहा माड्यूल

यूपी बोर्ड परीक्षार्थियों पर बरसेंगे अंक, बन रहा माड्यूल

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के विद्यालयों के छात्र- छात्राओं को परिश्रम के बावजूद कम अंक मिलने को गंभीरता से लिया गया है। चिंता जताई गई है। कि आखिर ज्यादातर विद्यार्थी 60 प्रतिशत अंक के आसपास ही क्यों अटक जाते हैं। वह पूर्णांक के आसपास तक क्यों नहीं पहुँचते हैं। अब इसका कारण जानने के साथ निवारण पर काम किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी अधिकतम अंक प्राप्त कर सकें।


इसके लिए कक्षा - 11 एवं 12 के छात्र-छात्राओं को ध्यान में रखकर अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषय में उपचारात्मक शिक्षण ( रेमेडियल माड्यूल) कार्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी इंस्टीट्यूट आफ एडवांस स्टडीज इन एजूकेशन (आइएएसई) को दी गई है। इसमें कठिन अध्याय, भाग, सूत्र आदि को सरल ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी सहजता से समझकर परीक्षा में अच्छे अंक पा सकें। आइएसई के प्राचार्य संतराम सोनी ने बताया कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों और शिक्षकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। विज्ञान विषय में भौतिक, रसायन और जीवविज्ञान पर केंद्रित माड्यूल बनेगा। इसी तरह गणित और अंग्रेजी विषय के विशेषज्ञ कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों के शिक्षण कार्यक्रम तैयार करेंगे। इसमें उन पक्षों का समाधान रहेगा, जिसके कारण विद्यार्थी अधिकतम अंक प्राप्त करने से वंचित हो जाते हैं । 

उपचारात्मक शिक्षण कार्यक्रम की पुस्तक में इसी पर जोर रहेगा। इसमें जो सूत्र, अध्याय या विषयवस्तु विद्यार्थियों को कठिन लगते हैं, उसका सरलीकरण होगा। इसके माध्यम से शिक्षक सरल ढंग से विद्यार्थियों को समझा सकेंगे। इसे महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद के निर्देश पर शैक्षिक सत्र 2024-25 को ध्यान में रखकर तैयार किया जाना है। माड्यूल से शिक्षण कार्यक्रम 50 दिन का होगा, जिसके अनुरूप विद्यालयों में एक अप्रैल से 20 मई तक पढ़ाई होगी।

Monday, July 17, 2023

इंतजार खत्म, यूपी बोर्ड की किताबें बाजार में

इंतजार खत्म, यूपी बोर्ड की किताबें बाजार में

लखनऊ : यूपी बोर्ड के लखनऊ में पंजीकृत करीब दो लाख बच्चों को किताबों का इंतजार खत्म हो गया है।

सरकार द्वारा मुहैया कक्षा नौ से इंटरमीडिएट की सस्ती किताबें बाजार में आ गई हैं। यह निजी प्रकाशकों की तुलना में आठ से 10 गुना सस्ती हैं। डीआईओएस की ओर से स्कूलों को सूचना भेजी जा रही है।


आपके अपने ‘हिन्दुस्तान’ अखबार में ‘साहब! कितने महीने बाद मिलेंगी यूपी बोर्ड की किताबें’ प्रकाशित खबर का परिषद ने संज्ञान लिया और दो दिन में ही किताबें बाजार में मुहैया करा दी।

सबसे महंगी किताब 72 रुपये में डीआईओएस राकेश पाण्डेय ने बताया कि अमीनाबाद में थोक विक्रेताओं के यहां किताबें आ गई हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा नामित किताबों के दाम निजी प्रकाशकों की तुलना में बहुत कम हैं। कक्षा नौ, 10, 11 व 12 में अंग्रेजी की किताबें दाम 8-10 रुपये में है। 11 की रसायन भाग-एक की किताब सबसे महंगी है, जो 72 रुपये की हैं। प्रकाशकों ने एनसीईआरटी की 36 किताबें, नान एनसीईआरटी की 12 किताबें छापी हैं।

प्रमुख किताबों के दाम
किताबें दाम

(कक्षा 9 से 12) (रुपये)

अंग्रेजी आठ से 10

गणित 41 से 69

विज्ञान 66

सामाजिक विज्ञान 42

भौतिक विज्ञान 56 से 64

रसायन विज्ञान 35 से 72

जीव विज्ञान 68 से 77

भूगोल 6 से 23

इतिहास 9 से 12

नागरिक शास्त्रत्त् 9 से 10

समाज शास्त्रत्त् 11

गृह विज्ञान 8

हिन्दी 11

संस्कृत 10

उर्दू 10

दो स्कूलों में भी स्टॉल

डीआईओएस राकेश पाण्डेय ने बताया कि जल्द ही किताबों के स्टाल लगाए जाएंगे, ताकि लखनऊ के 750 स्कूलों के दो लाख बच्चों को किताबें आसानी मिल सकें। यह स्टाल सिटी स्टेशन रोड स्थित जुबिली कॉलेज और शाहमीना रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में लगाया जाएगा। इस स्टाल से प्रधानाचार्य, शिक्षक किताबें दिलाएंगे।

Thursday, July 6, 2023

यूपी बोर्ड : स्क्रूटनी का परिणाम आज

यूपी बोर्ड : स्क्रूटनी का परिणाम आज 

 
प्रयागराज : यूपी बोर्ड की 2023 हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं की स्क्रूटनी का परिणाम गुरुवार को घोषित किया जाएगा। 

पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों को स्क्रूटनी के कुल 24557 आवेदन मिले थे। इसमें हाईस्कूल के 3903 और इंटर में 20654 आवेदन शामिल हैं।

Monday, June 19, 2023

यूपी बोर्ड की किताबें छापने को नहीं मिल रहे प्रकाशक, 30 जून तक उपलब्ध होनी थीं 12वीं तक की किताबें

यूपी बोर्ड की किताबें छापने को नहीं मिल रहे प्रकाशक, 30 जून तक उपलब्ध होनी थीं 12वीं तक की किताबें

प्रयागराज : यूपी बोर्ड की किताबें छापने को प्रकाशक तैयार नहीं हैं। 36 विषयों की अधिकृत 70 एनसीईआरटी की किताबें और 12 नॉन-एनसीईआरटी किताबों के प्रकाशन के लिए प्रकाशक नहीं मिलने के कारण बोर्ड को दोबारा से टेंडर जारी करना पड़ा है। टेंडर में देरी, अनाधिकृत किताबों की बिक्री और रॉयल्टी की शर्तों से घाटे के कारण प्रकाशकों ने हाथ खींच लिया है। इसके चलते 27 हजार से अधिक स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा नौ से 12 तक के एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को सस्ती किताबों के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।


यूपी बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने 20 मई से नौ जून तक प्रकाशकों से कुल दस वर्गों में आवेदन मांगे थे। नियम यह है कि प्रत्येक वर्ग में कम से कम तीन प्रकाशकों के टेंडर डालने पर ही उन्हें खोला जाता है। नौ जून को टेंडर अवार्ड होने पर 30 जून तक किताबें बाजार में उपलब्ध होनी थी। लेकिन नौ जून तक मानक के अनुसार आवेदन नहीं मिलने के कारण किताबों के प्रकाशन का अधिकार नहीं दिया जा सका। अब बोर्ड सचिव ने 20 जून तक टेंडर आमंत्रित किए हैं।


कभी प्रकाशन अधिकार लेने को होती थी होड़

प्रयागराज : यूपी बोर्ड की किताबों के प्रकाशन का अधिकार लेने के लिए कभी प्रकाशकों में होड़ लगी रहती थी लेकिन टेंडर में देरी के कारण एक अप्रैल को नया सत्र शुरू होने के साथ ही अधिकांश विद्यार्थी अनाधिकृत महंगी किताबें खरीद लेते हैं। इसके बाद अधिकृत किताबों की बिक्री बहुत कम होती है और प्रकाशन का अधिकार लेने वाले प्रकाशकों को घाटा उठाना पड़ता है क्योंकि रॉयल्टी के रूप में मोटी रकम देनी पड़ती है। दुकानदार भी अनाधिकृत महंगी किताबें बेचने में रुचि लेते हैं क्योंकि उसमें उनको अधिक मुनाफा मिलता है।

यूपी बोर्ड की किताबों के प्रकाशन का अधिकार लेना फायदे का सौदा नहीं रह गया है। जितनी रॉयल्टी देते हैं उसके मुकाबले कमाई नहीं हो पाती। किताबों की कीमत कम होने के कारण दुकानदार बेचने में रुचि नहीं लेते क्योंकि अनाधिकृत किताबें बेचने में उनको अधिक लाभ है।

-कैलाश नारायण अग्रवाल, डायनामिक टेक्स्ट बुक प्रिंटर्स झांसी

जुलाई के दूसरे सप्ताह तक किताबें मिलने की उम्मीद

प्रयागराज : नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को सस्ती किताबें जुलाई के दूसरे सप्ताह में मिलने की उम्मीद है। नौ जून को टेंडर फाइनल होने पर 30 जून तक किताबें बाजार में उपलब्ध होनी थी। अब 20 जून के बाद टेंडर अवार्ड होने की स्थिति में 11 जुलाई के आसपास किताबें मार्केट में आ सकती है।

Saturday, June 10, 2023

यूपी बोर्ड : 44,669 छात्र देंगे इम्प्रूवमेंट परीक्षा

यूपी बोर्ड : 44,669 छात्र देंगे इम्प्रूवमेंट परीक्षा

 
प्रयागराज : यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 44,669 परीक्षार्थी इम्प्रूवमेंट और कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होंगे। जल्द परीक्षा की तारीख घोषित की जाएगी। बोर्ड ने 2023 की 10वीं-12वीं परीक्षा में सम्मिलित छात्र-छात्राओं से सात जून तक इम्प्रूवमेंट और कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन मांगे थे। 


इंटर के 26269 परीक्षार्थियों ने कंपार्टमेंट जबकि हाईस्कूल के 18400 विद्यार्थियों ने इम्प्रूवमेंट-कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन किया है। एक विषय में फेल छात्र भी अंक सुधार या इम्प्रूवमेंट परीक्षा दे सकते हैं। दो विषय में फेल छात्र को पास होने के लिए कम से कम एक विषय में कंपार्टमेंट परीक्षा देनी पड़ती है।

Monday, June 5, 2023

नकल में फंसे 80 स्कूलों की मान्यता पर तलवार, यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों की ओर से भेजा जा रहा नोटिस

नकल में फंसे 80 स्कूलों की मान्यता पर तलवार, यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों की ओर से भेजा जा रहा नोटिस


● 120 नकलची पकड़े गए थे 80 से अधिक कॉलेजों में

● मान्यता छीनने के लिए बोर्ड मुख्यालय को संस्तुति भेजेंगे


प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान फर्जी छात्रों को परीक्षा दिलवाने के दोषी स्कूलों की मान्यता पर तलवार लटक रही है। जिन स्कूलों से फर्जी छात्र पकड़े गए थे या जहां से प्रॉक्सी परीक्षार्थियों को परीक्षा फॉर्म भरवाया था, उनकी मान्यता छीनने के लिए नोटिस भेजा जा रहा है। प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालयों की ओर से संबंधित जिले के जिला विद्यालय निरीक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई है।


दोषी मिलने पर स्कूल की मान्यता छीनने के लिए बोर्ड मुख्यालय को संस्तुति भेजी जाएगी। परीक्षा समिति की बैठक में मान्यता प्रत्याहरण पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रदेश में ऐसे 80 से अधिक कॉलेज चिह्नित हुए थे जहां से प्रॉक्सी परीक्षार्थियों को हाईस्कूल एवं इंटर का फॉर्म भरवाया गया था। परीक्षा के दौरान इन कॉलेजों से 120 मुन्ना भाई पकड़े गए थे और सभी पर एफआईआर भी कराई गई थी। इन स्कूलों के खिलाफ परिषदीय परीक्षाओं के संचालन में गंभीर अनियमितता बरतने के आधार पर मान्यता वापस ली जाएगी।

यह है व्यवस्था

इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के अध्याय-सात के विनियम-11(ड) के अनुसार- ‘संस्था द्वारा मान्यता हेतु निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने अथवा परिषद/विभाग के निर्देशों का पालन नहीं करने अथवा परिषदीय परीक्षाओं के संचालन में किसी गम्भीर अनियमितता बरतने का दोषी पाए जाने पर सम्बंधित संस्था की मान्यता प्रत्याहरित कर ली जाएगी।’

Friday, May 26, 2023

यूपी बोर्ड का वार्षिक शैक्षिक कैलेंडर जारी, फरवरी में बोर्ड परीक्षा, वर्ष 2023-24 के वार्षिक कैलेंडर में कई नई गतिविधियों का समावेश

सही करियर चुनने में पंख पोर्टल करेगा छात्र - छात्राओं की मदद, यूपी बोर्ड ने 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों का पोर्टल पर पंजीकरण कराना किया अनिवार्य


प्रयागराज : करियर को लेकर मन में उठने वाले सवालों के समाधान पंजीकरण कराना किया अनिवार्य के लिए अब पंख पोर्टल छात्रों की मदद करेगा।

माध्यमिक स्कूलों में दाखिले के साथ ही करियर को लेकर विषयों के चयन, उसमें संभावनाएं, सफलता के तरीके सहित कई प्रश्न विद्यार्थियों के मन में उठते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के इन सवालों के समाधान के लिए यूपी बोर्ड ने सभी माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि वह अपने यहां 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों का पंजीकरण पंख पोर्टल पर अवश्य कराएं।

पंख पोर्टल पर भविष्य में नौकरियों की स्थिति, विद्यार्थियों के काउंसलिंग की व्यवस्था सहित विद्यार्थियों को उनकी रुचि के करियर चुनने में मदद मिलेगी।

बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल के मुताबिक पोर्टल पर विद्यार्थियों को सही करियर चुनाव करने में आसानी होगी।



यूपी बोर्ड : पूरे साल चलेंगी उपचारात्मक कक्षाएं

कक्षा नौ से 12 तक के प्रत्येक विद्यार्थी का कॅरियर गाइडेंस पोर्टल पंख पर होगा पंजीकरण, अभिरुचि के अनुरूप कॅरियर संबंधी निर्णय लेने में मिलेगी सहायता 


प्रयागराज । यूपी बोर्ड ने शुक्रवार को वार्षिक शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिया। मई में प्रथम मासिक टेस्ट के बाद पूरे सत्र में कमजोर बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की गई है। बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के उद्देश्य से जनवरी में विद्यार्थियों की समस्याओं और जिज्ञासाओं के समाधान के लिए विद्यालय के शिक्षकों द्वारा जिज्ञासा-ऑन कॉल का संचालन किया जाएगा।


प्रत्येक स्कूल में आज के सुविचार की एक पंजिका बनाई जाएगी और महीने के अंत में सर्वश्रेष्ठ सुविचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थी को प्रार्थना सभा में सम्मानित किया जाएगा। कक्षा नौ से 12 तक के प्रत्येक विद्यार्थी का कॅरियर गाइडेंस पोर्टल पंख पर पंजीकरण कराएंगे जिसके जरिए विद्यार्थियों को अपनी अभिरुचि के अनुरूप कॅरियर संबंध निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। नियमित पठन-पाठन में ई-मेल आईडी के व्यवहारिक प्रयोग को बढ़ावा देंगे। 


तीन दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन होगा और 22 दिसंबर को महान गणितज्ञ रामानुजन की जयंती पर मेंटल मैथ्स से संबंधित प्रश्नोत्तरी/तार्किक अभिरुचि/पजल गतिविधियां आयोजित होंगी ताकि विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन एवं समस्या समाधान की प्रवृत्ति विकसित हो सके।



यूपी बोर्ड का वार्षिक शैक्षिक कैलेंडर जारी, फरवरी में बोर्ड परीक्षा, वर्ष 2023-24 के वार्षिक कैलेंडर में कई नई गतिविधियों का समावेश


प्रयागराज : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने शैक्षिक सत्र 2023-24 के लिए तिथिवार शैक्षिक कैलेंडर जारी किया है। वर्ष 2024 की यूपी बोर्ड परीक्षा फरवरी में कराई जाएगी। अर्द्धवार्षिक परीक्षा सितंबर माह तक निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर अक्टूबर 2023 के द्वितीय और तृतीय सप्ताह में होगी।

 इस नए सत्र में बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने कई नए पहलुओं का समावेश किया है, जिससे विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति लगाव बढ़े और वह प्रतिस्पर्धा की चुनौतियों से दृढ़ता से निपट सकें। नए सत्र में नया सवेरा कार्यक्रम को भी कैलेंडर में शामिल किया गया है।



पहली बार यह गतिविधियां

● आज के सुविचार की बनेगी पंजिका । सर्वश्रेष्ठ सुविचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थी को प्रार्थना सभा में सम्मानित किया जाएगा।

● एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के उत्पादों का विद्यार्थी यथासंभव प्राथमिकता से उपयोग करें, इसके लिए जिला स्तर पर होने वाले शिल्प मेलों व ओडीओपी पर आधारित प्रदर्शनी का भ्रमण विद्यार्थियों को कराया जाए। इससे उनमें स्वावलंबन तथा व्यावसायिक विकसित होगा। अभिरुचि की भावना बढ़ेगी।

● कक्षा नौ से 12 तक के प्रत्येक विद्यार्थी का करियर गाइडेंस पोर्टल 'पंख' पर पंजीकरण कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपनी अभिरुचि के अनुरूप करियर संबंधी निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।

● विद्यालय के वार्षिकोत्सव में पुरातन छात्रों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में अपने विद्यालय के प्रति विश्वास एवं गौरव भाव दृढ़ होगा।

● नए सत्र में नया सवेरा कार्यक्रम का शुभारंभ प्रत्येक सप्ताह में दो दिन शिक्षाधिकारी प्रातः कालीन सभा में विद्यार्थियों से जीवन मूल्यों, अनुशासन, करियर, नियमित दिनचर्या आदि विषयों पर प्रेरक संवाद करेंगे। विद्यालयों के पुरा छात्रों एवं विभिन्न क्षेत्रों में सफल व्यक्तियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। 

● तीन दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस' के अवसर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में दिव्यांग सहपाठियों/ शिक्षकों/ कर्मियों तथा आस-पास के दिव्यांगजनों के प्रति सम्मान एवं सहज दृष्टिकोण

● 22 दिसंबर को महान गणितज्ञ रामानुजन के जन्मदिन पर विद्यार्थियों के लिए 'मेंटल मैथ्स' से सम्बंधित प्रश्नोत्तरी / तार्किक अभिरुचि के आयोजन होंगे। इससे उनमें तार्किक चिंतन एवं समस्या समाधान की प्रवृत्ति विकसित हो सकेगी।

● नियमित पठन-पाठन में ई-मेल आइडी के व्यावहारिक प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे विद्यार्थी ईमेल का प्रयोग दैनिक जीवन की आवश्यकताओं में भी सहजता से कर पाने में सक्षम हो सकेंगे।

● मई माह में प्रथम मासिक टेस्ट के उपरान्त संपूर्ण सत्र में कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की गयी है।

● बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के उद्देश्य से जनवरी में विद्यार्थियों की समस्याओं और जिज्ञासाओं के समाधान के लिए शिक्षक जिज्ञासा- आन काल का संचालन करेंगे।