
Sunday, December 11, 2016

सिद्धार्थनगर : 30 वर्षीय शिक्षिका की मौत, ठंड से मृत्यु की आशंका, सूचना पाते ही उमड़ पड़ा पूरा गांव
करीब तीन-साढे तीन साल का मासूम यश, जिसे कुछ खबर ही नहीं, उसकी मां इस दुनिया से गुजर चुकी है। वह तो कभी मां को देखता और कभी मम्मी कहकर पुकार उठता। हृदय विदारक इस दृश्य को देखते ही जो कोई वहां मौजूद रहा, सभी की आंखों से आंसू निकल पड़े। साथ में कार्यरत शिक्षिकाएं जैसे-तैसे बच्चे को ढांढस देकर बहलाने की कोशिश में लगी रहीं।1ये दृश्य शनिवार की सुबह डुमरियागंज स्थित टीचर कालोनी में दिखाई दिया। जहां 30 वर्षीय शिक्षिका मुक्ति त्रिपाठी की अचानक मौत हो गई। शिक्षिका अपने एकलौते बेटे यश के साथ यहां रहती थीं। 2015-16 में इनकी पहली तैनाती इस ब्लाक में हुई। सेमुआडीह स्थित प्राथमिक विद्यालय में पो¨स्टग हुई तो यहीं किराए के मकान में रहने लगी। पति आनंद समेत परिवार के लोग जनपद औरैया के दिव्वापुर में रहते थे। बीच-बीच में पति यहां आते और फिर वापस लौट जाते। बताया जाता इस बार वह कहकर गए कि शनिवार को आएंगे, फिर दो दिन की छुट्टी हैं तो घर ले जाएंगे, परंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था, पत्नी को नहीं, हां उनका शव उन्हें यहां से ले जाना पड़ा।
मौत के बाद मासूम यश की स्थिति बड़ी कष्ट दायक दिखी। जिसकी भी नजर मासूम पर पड़ती, एक आह निकल जाती। वह तो यही समझ रहा था कि उनकी मां गहरी नींद में सो रही है, मम्मी कहकर वह कई बार जगाने का प्रयास भी करता रहा, इस बीच मृतक शिक्षिका के ही स्कूल में तैनात नीलम व वर्षा सक्सेना बच्चे को लेकर इधर-उधर ले जाकर बहलाने लगती, थोड़ी देर चुप रहता तो फिर वहीं भाग आता, जहां उसकी मम्मी की मौत की नींद में सो रही थीं।
Friday, November 4, 2016

चन्दौसी में टूटी लिफ्ट, शिक्षिका की मौत प्राथमिक स्कूल में शिक्षिका थी नीता
शोरूम में लगी लिफ्ट का अचानक कुंडा टूट गया, जिससे लिफ्ट पर सवार महिला, दो मासूम व शोरुम स्वामी सहित पांच लोग गिरकर घायल हो गये। सभी घायलो को निजी अस्पताल में उपचार को भर्ती कराया। जहां से डाक्टर ने एक मासूम महिला सहित एक बुजरुग की हालत गंभीर होने पर मुरादाबाद रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। बुजरुग व मासूम की हालत गंभीर बनी हुई है। महिला की मौत से ससुराल के साथ मायके में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पाकर मौके पर सीओ व कोतवाली प्रभारी पुलिस के साथ पहुंचे। लेकिन तब तक शोरुम स्वामी के परिजन शोरुम बंद करके गायव हो गए। जिला रामपुर के थाना पटवाई गांव के निवासी आशुतोष सैमुअल हाल में नगर के प्रगति बिहार निवासी फैडरिक विलयम जौनथन के मकान में अपनी पत्नी नीता लोरेन्सलाल व दो बेटो के साथ किराये पर रह रहे है। गुरुवार सुबह 11 बजे उनकी पत्नी नीता नगर के घास मंडी स्थित बिसौली गेट निवासी पंकज वाष्ण्रेय पुत्र रामेश्वर वाष्ण्रेय की स्टील वर्क्स के शोरुम पर सैफ खरीदने के लिए गई थी। नीता के साथ उनके दो बेटे पांच बर्षीय नीशू व दो बर्षीय बानी व मकान स्वामी फैडरिक विलयम जौनथन साथ में थे। शोरुम स्वामी उनको अपने शो रुम में लगी खुली लिफ्ट में सवार करके सैफ पसंद कराने को ऊपरी मंजिल पर ले जा रहा था। लेकिन बीच में ही लिफ्ट का कुंडा निकल गया और सभी लोग नीचे आकर गिरे। शोरुम में लोहे के सामान पर गिरने से सभी घायल हो गये। तेज धमाके व चीख पुकार की आवाज सुनकर आस पास के दुकानदार दौड कर शोरुम में पहुंचे। जहां देखा कि लोहे के सामान से टकराकर नीता, जौनथन व दो वर्ष का बेटा बानी खून से लथपथ फर्श पर पडे तड़प रहे थे। वहीं पंकज और नीता का बडा बेटा नीशु भी कराह रहे थे। सभी घायलों को लोगों ने अपने वाहनों से निजी अस्पतालो में ले गये। जहां से डाक्टरों ने नीता उसके बेटे बानी व जौनथन की हालत गंभीर होने पर उसको मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया। जहां सांई अस्पताल में उपचार के दौरान नीता की मौत हो गई। वही बेटा बानी व जौनथन की हालत गंभीर बनी हुई है।
नीता लॉरेन्सलाल की फाइल फोटो।
हादसे का कारण बनी शोरूम की कामचलाऊ लिफ्ट।
मृतका नीता थाना कुढ के नवादा गांव में प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थी। आशुतोष पूर्व में नगर के सुभाष रोड स्थित मैथलिस्ट चर्च में पादारी के रुप में कार्यरत थे।
Tuesday, January 19, 2016

महराजगंज : पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उलझी शिक्षिका के मौत की कहानी
महराजगंज : सहायक अध्यापक पद पर मौलिक नियुक्ति के बाद पहली छुट्टी बिताकर मथुरा से महराजगंज लौट रही शिक्षिका लक्ष्मी प्रिया की ट्रेन में हुई मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। पीएम रिपोर्ट के मुताबिक शिक्षिका की मौत ठंड की वजह से नहीं हुई है। सफर के दौरान या तो प्वाइजनिंग की शिकार हुई है या फिर दवा की साइड इफेक्ट ने इसकी जान ले लिया है। ऐसे में पोस्टमार्टम कर रहे चिकित्सकों ने शिक्षिका के बिसरा को प्रिजर्व कर लिया है।
खबर साभार : 'हिन्दुस्तान'

महराजगंज : शिक्षिका की मौत की खबर सुनते ही फफक पड़े स्कूल के बच्चे
महराजगंज : शिक्षिका लक्ष्मी प्रिया की मौत की खबर आते ही बच्चे फफक पड़े और अध्यापकों संग प्रधानाध्यापक की भी आंखें भर आयीं। प्राथमिक विद्यालय भिसवां का माहौल गमगीन हो गया और सहसा किसी के मुंह से बोल नहीं फूटे । विद्यालय में शोकसभा का आयोजन किया गया। प्रधानाध्यापक मदन गोपाल ने कहा कि लक्ष्मी हम सबके बीच ज्यादा दिन नहीं रही पर उसने अपने आचरण और सरल स्वभाव से हम सभी का दिल जीत लिया था। हर क्लास के बच्चे चाहते थे कि लक्ष्मी प्रिया ही उन्हें पढ़ाएं।
खबर साभार : 'दैनिक जागरण'