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Friday, February 3, 2017

लखनऊ : शासन ने जारी किया मतदेय स्थल बने स्कूलों में वायरिंग के लिए बजट, जल्द शुरू होगा काम, 328 परिषदीय विद्यालयों में होगा बिजली कनेक्शन

चुनाव पास आता देख सुधारी स्थिति
लेकिन बिल का पैसा नहीं
परिषदीय विद्यालयों में बिजली वायरिंग का बजट जारी किया गया है। प्रत्येक स्कूल को 6142 रुपए दिए गए हैं।
महेंद्र सिंह राणा, एडी बेसिक लखनऊ

डेली न्यूज़ नेटवर्कलखनऊ। विधान सभा चुनाव आते ही परिषदीय विद्यालयों के भी दिन बहुरने लगे हैं। यही वजह है कि राजधानी के जिन विद्यालयों में अब तक बिजली कनेक्शन नहीं हुआ, वहां शासन ने वायरिंग के लिए बजट उपलब्ध करा दिया गया है। अब मतदेय स्थल बने 328 परिषदीय विद्यालयों के अंधेरे से बच्चों को निजात मिल सकेगी।दरअसल, राजधानी के पांच सौ से अधिक प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में बिजली की व्यवस्था नहीं है। बीते दिनों जब मतदान के लिए विद्यालयों के चयन किया प्रक्रिया शुरू हुई तो पता चला कि 328 स्कूलों में वायरिंग तक नहीं है। मामला शासन के संज्ञान में लगाया गया। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा निदेशक डीबी शर्मा की ओर से इन स्कूलों में वायरिंग कराने के लिए आदेश जारी कर दिया गया। प्रत्येक स्कूल को 6142 रुपए वायरिंग का बजट पास किया गया है। जबकि कई इन स्कूलों में बिजली के कनेक्शन का काम जिला प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। यूपी में कुल 45,809 स्कूलों को वायरिंग के लिए बजट जारी किया गया है।
बीते कई वर्षों से इन विद्यालयों में बिजली की व्यवस्था नहीं है। साथ ही साफ-सफाई की स्थिति भी ठीक नहीं थी। लेकिन मतदान के लिए चिन्हित इन स्कूलों में बिजली की व्यवस्था की जा रही है, बल्कि स्कूलों की रंगाई पुताई से लेकर उनकी मरम्मत भी कराई जा रही है।स्कूलों में बिजली कनेक्शन और वायरिंग को लेकर भले ही शासन ने पैसा दे दिया है। लेकिन यहां जलने वाली बिजली के बिल की कोई व्यवस्था नहीं है। सौ-दौ रुपए का बिल तो स्कूल प्रशासन किसी तरह जमा कर देता है, लेकिन ज्यादा बिल आने पर दिक्कतें खड़ी हो जाती हैं। बीते दिनों इसी वजह से कई स्कूलों की बिजली भी काट दी गई थी।

मिर्जापुर : जहरीले भोजन से सौ से अधिक बच्चे बीमार जांच के आदेश, प्रबंधन पर लगा आरोप

इस संबंध में एडीएम वित्त विजय बहादुर सिंह ने बताया कि प्रारम्भिक जांच के उपरान्त बच्चे खाने की गड़बडी से बीमार हुए थे, हो सकता है दूध में मिलावट रही हो। जिलाधिकारी ने एसडीएम मड़िहान को मामले की जांच के आदेश दे दिए है। इलाज कराने के बाद बच्चों को पुन: स्कूल पहुंचा दिया गया।
अस्पताल में भर्ती और अन्य छात्र-छात्राओं से बात की गई तो उन्होंने विद्यालय प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि, हमें दिए जाने वाला भोजन शायद जेल से भी बद्दतर है, शिकायत करने के बाद एक-दो दिन ठीक होने के बाद पुन: पहले जैसा ही हो जाता है। आगे कुछ बच्चों ने बताया कि कहने को तो विद्यालय में दो आरों (वाटर फिल्टर) लगे हैं, लेकिन ऐक भी काम नहीं करता, बर्तन भी साफ नहीं रहता। विद्यालय के लोगों द्वारा यह भी आज समझाया गया है कि, अधिकारियों के पूछे जाने पर कुछ बताना नहीं। फिलहाल जो भी हो घटना घटने के बाद ही ऐसे मामले से पर्दा उठता है।
डेली न्यूज़ नेटवर्कमिर्जापुर। जिले के मड़िहान तहसील क्षेत्र अन्तर्गत स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय पटेहरा के छात्रों की अचानक तबियत खराब होने के कारण उन्हें पीएचसी पटेहरा और सीएचसी मड़िहान में इलाज कराया गया। इलाज कराने के बाद 83 बच्चों को पुन: स्कूल पहुंचा दिया गया। गड़बडी के कारणों का अब तक पता नहीं चला कि, किस कारण इतनी संख्या में बच्चे बीमार पड़े थे। वही मामला संज्ञान में आते ही जिलाधिकारी कंचन वर्मा ने एसडीएम मड़िहान सी.पी तिवारी को मामले की जांच के आदेश दिए है। हालांकि देखने से यही ज्ञात होता है कि मामला विषाख्त भोजन का है।घटना मंगलवार की देर रात लगभग साढ़े 10 बजे की है, जब विद्यालय के छात्रावास में रह रहें छात्र-छात्राएं रात्रि के भोजन के पश्चात सो रहे थे कि अचानक उनके पेट में दर्द होने लगा और शिकायत पर एंबुलेंस के माध्यम से बच्चों को नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया। देखते ही देखते यह संख्या लगभग 63 तक पहुंच गई। जहां एक ओर विद्यालय प्रशासन के होश उड़े थे वहीं मामला छात्रों से जूड़े होने के कारण रात्रि में जिला प्रशासन की भी नींद उड़ गई थी।जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मौके पर पहुंचकर रात्रि को ही मुख्य चिकित्साधिकारी विद्यु गुप्ता, एसडीएम मड़िहान, तहसीलदार ओम प्रकाश पाण्डेय आदि ने स्वास्थ्य व सुविधा को लेकर जानकारी ली। इसी बीच कुछ बच्चों की तबीयत में सुधार होने पर विद्यालय पहुंचाया गया। लेकिन सुबह फिर कुछ बच्चों की हालत खराब होने पर उन्हें स्थानीय अस्पताल सहित मंडलीय अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती कराया गया और बीमार छात्रों की कुल संख्या अस्पताल सूत्रों के मुताबिक लगभग सवा सौ तक पहुंच गई। सुबह से पुलिस फोर्स सहित अपर जिलाधिकारी वित्त, क्षेत्राधिकारी के.पी. सिंह, थाना प्रभारी यू.पी सिंह आदि भी पहुंच गए। मामले की जानकारी लेते हुए छात्रावास का रसोईघर भी चेक किया और खाद्य पदार्थ गलत पाए जाने पर फटकार भी लगाई। मौके पर गए खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने नमूना भी लिया और जांच के लिए लैब में भेजा।अस्पताल सूत्रों की माने तो सभी बीमार छात्र-छात्राएं अब बेहतर महसूस कर रही है। ज्ञात हो कि विद्यालय में कुल लगभग 529 छात्र-छात्राएं रहकर अध्यन करती है।

हर जिले में होगी स्कूली चालकों की ओरियंटेशन क्लास, आंखों और फिजिकल फिटनेस के साथ उनकी यातायात जानकारी का स्तर भी जाएगा आंका

लखनऊ : बच्चे घर से स्कूल तक सुरक्षित पहुंचें, इसके लिए स्कूलों से संबद्ध बसों की तो जांच हो गई लेकिन, बहुत बड़ी संख्या ऐसे वाहनों की है जिनका स्कूलों से कोई लेना-देना नहीं है। बच्चों को रोज लाने-ले जाने वाले यह वाहन अब भी जांच से बाहर हैं। परिवहन विभाग ने अब ऐसे वाहनों और इनके चालकों को परीक्षण प्रक्रिया से गुजारने की तैयारी की है।



परिवहन आयुक्त के.रविंद्र नायक ने गुरुवार को बताया कि प्रदेश भर में ऐसे वाहनों को चिह्नित किया जा रहा है। इन वाहनों को तो परखा ही जाएगा, साथ ही हर जिले में वाहन चालकों की ओरियंटेशन क्लास भी लगाई जाएगी। इस क्लास में चालकों की आंखों और फिजिकल फिटनेस के साथ उनकी यातायात संबंधी जानकारी का स्तर भी आंका जाएगा। एटा में 19 जनवरी को स्कूल बस की ट्रक से टक्कर में कई बच्चों की मौत होने के बाद परिवहन विभाग हरकत में तो आया लेकिन, असल समस्या तक उसकी पहुंच अब भी नहीं हुई है। परिवहन आयुक्त बताते हैं कि गैर संस्थागत स्कूली वाहनों में लखनऊ और कुछ बड़े जिलों में बड़ी संख्या में मारुति वैन चलाई जा रही हैं, जबकि प्रदेश भर में ज्यादातर बच्चे आटो-टेंपो से ही स्कूल का सफर तय कर रहे हैं।



स्कूलों से जुड़ी बसों की जांच का आदेश परिवहन विभाग ने एटा दुर्घटना के बाद ही जारी कर दिया था। इसमें जिलों के आरटीओ से स्कूलों को नोटिस देने के साथ ही गड़बड़ी पाए जाने पर बस को सीज करने को कहा गया था। दुर्घटना के बाद आपाधापी में वाहनों की तो जांच हो गई लेकिन, जब चालकों के परीक्षण का समय आया तो एक तिहाई फेल हो गए, जबकि एक तिहाई जांच से भाग खड़े हुए। इसीलिए परिवहन विभाग ने वाहनों की परंपरागत फिटनेस जांच से आगे बढ़कर अब प्रदेश भर के स्कूली वाहन चालकों को भी बच्चों को लाने-ले जाने लायक बनाने की तैयारी की है।

एटा स्कूल बस दुर्घटना पर सरकार से ब्योरा तलब, मुआवजे की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने पूछा सुप्रीमकोर्ट के निर्देशों पर अब तक क्या किए गए हैं उपाय

लखनऊ : हाइकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पिछले दिनों एटा में हुई स्कूल बस दुर्घटना की जांच कराए जाने और हादसे में हताहत बच्चों के परिवारीजन को मुआवजा दिए जाने की मांग वाली जनहित याचिका पर राज्य सरकार से ब्योरा तलब किया है। अदालत ने इस मामले में जानना चाहा है कि अब तक सरकार ने सुप्रीमकोर्ट के दिशा-निर्देशों पर क्या उपाय किए हैं।

यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति दिलीप बाबा साहब भोसले व न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने याची वी द पीपुल की ओर से अधिवक्ता प्रिंस लेनिन द्वारा दायर जनहित याचिका पर दिया। जनहित याचिका में कहा गया है कि अभी हाल में एटा जिले में स्कूल बस दुर्घटना में 12 बच्चों की मौत हो गई थी।

आरोप लगाया गया कि स्कूली बच्चों के आवागमन में प्रयोग होने वाले वाहनों के मानकों में अनदेखी की जा रही है। यह भी कहा गया कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भी कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा है। सुप्रीमकोर्ट ने स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाली बसों व अन्य गाड़ियों के विषय में प्रदेश सरकार को कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। याचिका में पूरे मामले की जांच कराने और मृत व घायल बच्चों के परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया कि सुप्रीमकोर्ट के निर्देशों का ठीक से पालन नही किया जा रहा है। कहा गया कि आए दिन ऐसी दुर्घटनाएं हो रही हैं, फिर भी संबंधित अधिकारी गौर नहीं कर रहे हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को तय की है।




HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD, LUCKNOW BENCH 
Chief Justice's Court 
Case :- P.I.L. CIVIL No. - 2163 of 2017 

Petitioner :- We The People Thru. General Secretary Prince Lenin 
Respondent :- Union Of India Thru. Secy. Ministry Of Human Resource & Ors. 
Counsel for Petitioner :- Prince Lenin (In Person) 
Counsel for Respondent :- C.S.C,A.S.G. 

Hon'ble Dilip B. Bhosale,Chief Justice 
Hon'ble Devendra Kumar Upadhyaya,J. 
Heard Mr. Prince Lenin, in person, and Mr. S.P. Tripathi, learned Standing Counsel for respondents 2 to 6 - State. 



Learned Standing Counsel for the State respondents is directed to file a short affidavit giving all the details of the school bus accident occurred at Etah on 19 January 2017 and also place on record as to what steps State authorities have taken to implement the directions issued by the Supreme Court in M.C. Mehta Vs. Union of India & Ors., (1997) 8 SCC 770. Counsel for the respondents may also seek instructions whether the Government proposes to award any compensation as such to the parents of the deceased children in the Etah accident. 


S.O. to 2 February 2017. 
Order Date :- 30.1.2017 
AHA 
(Dilip B Bhosale, CJ) 

(D K Upadhyaya, J) 

इलाहाबाद : बच्चों की संख्या बढ़ाओ इनाम पाओ, योजना को अमली जामा पहनाने के लिए बीएसए ने बीस ब्लाक के BEO को पत्र लिखा

⚫  बीएसए ने शुरू की पहल
⚫  शिक्षकों को मिलेगा प्रशस्ति पत्र
⚫ नए सत्र में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर होगा फोकस



इलाहाबाद : परिषदीय स्कूलों में साल दर साल बच्चों की संख्या गिर रही है। अफसरों के आदेश के बाद भी शिक्षक ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे में बीएसए ने तैयार की है। अप्रैल माह में शुरू हो रहे नए सत्र में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर फोकस होगा। जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या में इजाफा होगा वहां के शिक्षकों को बेसिक शिक्षा परिषद सचिव से सम्मानित कराए जाने की योजना बनाई गई है।



योजना को अमली जामा पहनाने के लिए बीएसए ने इस संबंध में बीस ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को ब्लाक संसाधन केंद्र पर हर माह होने वाली शिक्षकों की बैठक में इसके बारे में जानकारी देने को कहा है। निर्देश दिए हैं कि अप्रैल माह से शिक्षा सत्र शुरू हो रहा है। इसके मद्देनजर अभी से ही शिक्षक अभिभावक से संपर्क करना शुरू कर दें। अभिभावक के साथ पाक्षिक बैठक करें। बच्चों की प्रगति के बारे में उनसे बातचीत करें। बेहतर शिक्षा के लिए सुझाव मांगे। इससे संबंधित ब्लाक क्षेत्र में सकारात्मक संदेश जाएगा। अभिभावक का रूझान स्कूल की ओर बढ़ने से निश्चित ही बच्चों की संख्या बढ़ेगी।



स्कूल में बेहतर नामांकन कराने वाले शिक्षकों की सूची बीएसए कार्यालय में खंड शिक्षा अधिकारी जमा कराएंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूल के प्रधानाध्यापक समेत सभी स्टाफ को प्रशस्ति पत्र दे कर सम्मानित किया जाएगा। उप बेसिक शिक्षा अधिकारी अजरुन सिंह ने बताया कि बीएसए हरिकेश यादव ने अच्छी पहल शुरू करने की योजना बनाई है। इससे निश्चित ही स्कूलों में बच्चों की संख्या में इजाफा होगा।

महराजगंज : प्रेरक संघ का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन, मानदेय भुगतान करने तथा नवीनीकरण पत्र वितरित करने के सम्बन्ध में डीएम को सौंपा ज्ञापन

महराजगंज : प्रेरक संघ का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन, मानदेय भुगतान करने तथा नवीनीकरण पत्र वितरित करने के सम्बन्ध में डीएम को सौंपा ज्ञापन।

महराजगंज : बीएसए के निरीक्षण में अनुपस्थित मिली दो सहायक अध्यापिकाओं से स्पष्टीकरण तलब, बीएसए ने विद्यालय में अन्य कमियों को सुधारने का दिया निर्देश

महराजगंज : बीएसए के निरीक्षण में अनुपस्थित मिली दो सहायक अध्यापिकाओं से स्पष्टीकरण तलब, बीएसए ने विद्यालय में अन्य कमियों को सुधारने का दिया निर्देश।

Thursday, February 2, 2017

एटा : सामान्य विधान सभा निर्वाचन 2017 में मतदान केंद्र पर न्यूनतम मूलभूत सुविधाओं के फोटोग्राफ्स उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में बीएसए ने सभी बीईओ को जारी किया आदेश, आदेश देखें

एटा : सामान्य विधान सभा निर्वाचन 2017 में मतदान केंद्र पर न्यूनतम मूलभूत सुविधाओं के फोटोग्राफ्स उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में बीएसए ने सभी बीईओ को जारी किया आदेश, आदेश देखें

बदायूं : बरेली-मुरादाबाद स्नातक निर्वाचन(एम0एल0सी0) 2017 में वोटर लिस्ट में मतदाता के रूप में सम्मिलित शिक्षकों का विशेष आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करने के सम्बन्ध में बीएसए ने जारी किया आदेश, आदेश देखें

बदायूं : बरेली-मुरादाबाद स्नातक निर्वाचन(एम0एल0सी0) 2017 में वोटर लिस्ट में मतदाता के रूप में सम्मिलित शिक्षकों का विशेष आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करने के सम्बन्ध में बीएसए ने जारी किया आदेश, आदेश देखें

प्रतापगढ़ : फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी पाया उर्दू शिक्षक बर्खास्त,विभागीय सत्यापन में खुली पोल

प्रतापगढ़ : फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी पाया उर्दू शिक्षक बर्खास्त,विभागीय सत्यापन में खुली पोल

अमेठी : विधान सभा सामान्य निर्वाचन 2017 के अंतर्गत मतदान केन्द्रों पर आंतरिक वायरिंग हेतु प्रति विद्यालय 6142 की दर से बजट जारी कर बीएसए ने सभी बीईओ को दिया कार्य पूर्ण कराने का आदेश, आदेश देखें

अमेठी : विधान सभा सामान्य निर्वाचन 2017 के अंतर्गत मतदान केन्द्रों पर आंतरिक वायरिंग हेतु प्रति विद्यालय 6142 की दर से बजट जारी कर बीएसए ने सभी बीईओ को दिया कार्य पूर्ण कराने का आदेश, आदेश देखें

अच्छी राइटिंग व कॉपी के रखरखाव पर भी मिलेंगे नंबर, CBSE ने अच्छे लेखन को लेकर उदासीन रहने वालों पर कसी लगाम

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एटा : डीएम ने सभी बीईओ को मतदेय स्थलों पर मध्याह्न भोजन हेतु कार्यरत रसोइयों द्वारा विद्यालय के किचन से भोजन उपलब्ध करवाने एवं तैयार भोजन का न्यूनतम दर पर भुगतान पोलिंग पार्टी द्वारा किये जाने के सम्बन्ध में जारी किया आदेश, प्रति व्यक्ति भोजन की दर सहित विस्तृत आदेश देखें

एटा : डीएम ने सभी बीईओ को मतदेय स्थलों पर मध्याह्न भोजन हेतु कार्यरत रसोइयों द्वारा विद्यालय के किचन से भोजन उपलब्ध करवाने एवं तैयार भोजन का न्यूनतम दर पर भुगतान पोलिंग पार्टी द्वारा किये जाने के सम्बन्ध में जारी किया आदेश, प्रति व्यक्ति भोजन की दर सहित विस्तृत आदेश देखें


रामपुर : बीएसए ने तत्काल प्रभाव से कक्षा 8 तक के समस्त परिषदीय विद्यालयों के संचालन का समय 9 से 3 बजे तक किये जाने का जारी किया आदेश, आदेश देखें

रामपुर : बीएसए ने तत्काल प्रभाव से कक्षा 8 तक के समस्त परिषदीय विद्यालयों के संचालन का समय 9 से 3 बजे तक किये जाने का जारी किया आदेश, आदेश देखें

मुरादाबाद/अमरोहा/रामपुर/सम्भल/बिजनौर : मंडलायुक्त द्वारा सभी जिलाधिकारी को पूर्व में दिए गए आदेश को संशोधित कर अब 6फरवरी को सभी परिषदीय विद्यालयों, आँगनवाड़ी केन्द्रों एवं कॉलेज में मतदान करने सम्बन्धी सन्देश लिखे गुब्बारे उड़वाने के निर्देश, आदेश देखें

मुरादाबाद/अमरोहा/रामपुर/सम्भल/बिजनौर : मंडलायुक्त द्वारा सभी जिलाधिकारी को पूर्व में दिए गए आदेश को संशोधित कर अब 6फरवरी को सभी परिषदीय विद्यालयों, आँगनवाड़ी केन्द्रों एवं कॉलेज में मतदान करने सम्बन्धी सन्देश लिखे गुब्बारे उड़वाने के निर्देश, आदेश देखें

6 वर्ष बाद छात्रों को आखिरकार मिली सीसीई (CCE) से मुक्ति, CBSE के छठी से दसवीं कक्षा तक के छात्रों को अगले शैक्षिक सत्र से मिलेगी राहत

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UGC का मैसिव  ऑनलाइन ओपन कोर्स (MOOCS) पर पूरा ध्यान, विश्वविद्यालयों से मांगी पाठ्यक्रमों की सूची

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उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा एजेंसी का होगा गठन, मानव संसाधन विकास मंत्रालय को बजट में मिले 79686 करोड़ रुपया

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सत्यापन के बाद एलटी शिक्षकों को वेतन, 2012 में फर्जी अभिलेखों से हथियाई थी नौकरी, अभिलेखों के सत्यापन के बिना खातों में पहुंच रहा वेतन

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केंद्रीय विद्यालयों का बजट 505 करोड़ बढ़ा, अधिकांश फंड का इस्तेमाल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार में होगा खर्च

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से CBSE को मिलेगी राहत

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Wednesday, February 1, 2017

बलरामपुर : अत्यधिक ठण्ड और शीतलहर के कारण डीएम ने कक्षा 8 तक के विद्यालयों में घोषित किया 2 एवं 3 फरवरी का अवकाश, आदेश देखें

बलरामपुर : अत्यधिक ठण्ड और शीतलहर के कारण डीएम ने कक्षा 8 तक के विद्यालयों में घोषित किया 2 एवं 3 फरवरी का अवकाश, आदेश देखें

संतकबीरनगर : शीतलहर के कारण जिलाधिकारी ने किया 2 फरवरी को कक्षा-8 तक शिक्षण कार्य स्थगित, आदेश देखें

शीतलहर के कारण जिलाधिकारी ने किया 2 फरवरी को कक्षा-8 तक शिक्षण कार्य स्थगित, आदेश देखें

कानपुर देहात : ट्रेनिग ड्यूटी से नदारत 23 पीठासीन अधिकरियों पर केस, सीडीओ ने दर्ज कराया मुकदमा

 ट्रेनिग ड्यूटी से नदारत 23 पीठासीन अधिकरियों पर केस, सीडीओ ने दर्ज कराया मुकदमा

श्रावस्ती : शीतलहर, धुंध / कोहरा के कारण जिलाधिकारी के निर्देश पर 4 फरवरी 2017 तक कक्षा-8 तक के विद्यालय बन्द, आदेश देखें

श्रावस्ती : शीतलहर, धुंध / कोहरा के कारण जिलाधिकारी के निर्देश पर 4 फरवरी 2017 तक कक्षा-8 तक के विद्यालय बन्द, आदेश देखें


गोरखपुर : 28 फरवरी 2017 को 1 से 19 वर्ष के बच्चों के कृमिनाशन हेतु डी-वार्मिग डे (NDD) के आयोजन के सम्बन्ध में आदेश जारी, देखें


28 फरवरी 2017 को 1 से 19 वर्ष के बच्चों के कृमिनाशन हेतु डी-वार्मिग डे (NDD) के आयोजन के सम्बन्ध में आदेश जारी, देखें

बरेली : परमार्थ समाज कल्याण समिति ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की तिथि बढ़ाने की मांग की

जौनपुर : आय से अधिक सम्पति के मामले में बीएसए कार्यालय के बाबू के घर इनकम टैक्स का छापा, बाबू फरार पत्नी के खाते में 1.75 करोड़ रूपये, 2016 में दर्ज हुआ था केस


आय से अधिक सम्पति के मामले में बीएसए कार्यालय के बाबू के घर इनकम टैक्स का छापा, बाबू फरार पत्नी के खाते में 1.75 करोड़ रूपये, 2016 में दर्ज हुआ था केस

हाथरस : स्कूलों में लगेंगे सोलर सिस्टम, 100 से अधिक छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों के लिए शासन को भेजा गया प्रस्ताव

हाथरस : स्कूलों में लगेंगे सोलर सिस्टम, 100 से अधिक छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों के लिए शासन को भेजा गया प्रस्ताव

हाथरस : स्कूल के शौचालय के पत्थर पर झूल रहे छात्र की पत्थर टूटकर गिरने से हुई मौत, बीएसए ने कहा होगी जांच

हाथरस : स्कूल के शौचालय के पत्थर पर झूल रहे छात्र की पत्थर टूटकर गिरने से हुई मौत, बीएसए ने कहा होगी जांच



महराजगंज : बीआरसी पर शिक्षकों के प्रशिक्षण के जलपान मद में घोटाले की जांच के लिए कमेटी ने प्रशिक्षुओं का बयान लेकर रिपोर्ट डायट प्राचार्य को सौंपा, बीईओ से स्पष्टीकरण तलब

महराजगंज : मिठौरा बीआरसी पर चल रहे शिक्षकों के प्रशिक्षण के जलपान मद में घोटाले की जांच के लिए गठित कमेटी ने प्रशिक्षुओं का बयान लेकर रिपोर्ट डायट प्राचार्य को सौंपा, बीईओ से स्पष्टीकरण तलब।

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 2017-18 से हाईस्कूल में बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था दोबारा लागू करने संबंधी अधिसूचना की जारी, आंतरिक मूल्यांकन के लिए तय किए 20 अंक,

2017-18 से 10वीं में होम एग्जाम खत्म
10वीं में 80 नंबर की होगी परीक्षा
अतिरिक्त विषय में गृह विज्ञान, संगीत आदि पढ़ेंगे
अधिसूचना जारी
’ बोर्ड ने आंतरिक मूल्यांकन के लिए तय किए 20 अंक
’2017-18 से 10वीं में होम एग्जाम खत्म करने का निर्णय

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 2017-18 से हाईस्कूल में बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था दोबारा लागू करने संबंधी अधिसूचना मंगलवार को जारी कर दी। सीबीएसई ने पहले ही 10वीं में होम एग्जाम खत्म करने का निर्णय लिया था। अधिसूचना के मुताबिक 80 नंबर की परीक्षा होगी और 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के लिए निर्धारित हैं।पास होने के लिए बोर्ड परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा में सिर्फ हाईस्कूल के निर्धारित पाठ्यक्रम पूछा जाएगा। खास बात यह कि प्रत्येक विषय में अंक और ग्रेड दोनों दिए जाएंगे। आंतरिक मूल्यांकन के 20 नंबर में से 10 नंबर आवधिक परीक्षा (पिरियाडिक टेस्ट) पर मिलेंगे।पांच नंबर नोटबुक प्रस्तुतिकरण जबकि पांच अंक वाचन व श्रवण कौशल, प्रैक्टिकल व मानचित-प्रोजेक्ट कार्य के लिए रखे गए हैं। स्कूल की ओर से पूरे सत्र में तीन आवधिक लिखित परीक्षा कराई जाएगी जिसमें से दो सर्वोत्तम परीक्षा में प्राप्त अंकों का औसत लिया जाएगा। नोटबुक प्रस्तुतिकरण के लिए नियमितता, सौंपे गए कार्य का निष्पादन, नोटबुक की स्वच्छता व रखरखाव को संज्ञान में लिया जाएगा।अनुशासन को भी बोर्ड परीक्षा में गिना जाएगा : बोर्ड ने अनुशासन, जिसमें उपस्थिति, निष्ठा, व्यवहार को भी जोड़ा गया है। छात्रों का विद्यायल में यह व्यवहार भी देखा जाएगा। यह भी बोर्ड परीक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इलाहाबाद वरिष्ठ संवाददाता
इलाहाबाद। सीबीएसई हाईस्कूल के छात्र-छात्रओं को 2017-18 सत्र से छठवें अतिरिक्त विषय के रूप में कई विकल्प दिए गए हैं। छात्र पांच विषयों में अनिवार्य दो भाषाओं के अलावा एक और भाषा छठवें विषय के रूप में ले सकेंगे। गृह विज्ञान, एफआईटी/आईसीटी, एलिमेंट ऑफ बिजनेस, एलिमेंट ऑफ बुक की¨पग एंड एकाउंटेंसी, ई-पब्लि¨शग एंड ई-ऑफिस अंग्रेजी अथवा हिन्दी, पेंटिंग, कर्नाटक संगीत, हिन्दुस्तानी संगीत व एनसीसी का विकल्प मिलेगा।

आजमाए प्रयोग को विस्तार देने की तैयारी, यूपी बोर्ड प्रवेश पत्र अब ऑनलाइन देने की तैयारी

यूपी बोर्ड में कंप्यूटर के जरिए मुख्यालय पर ही परीक्षा केंद्र बनाने का प्रयास परवान नहीं चढ़ सका। इसके बाद भी अफसरों ने हार नहीं मानी है और अब एक आजमाए प्रयोग को विस्तार देने की तैयारी है। परीक्षार्थियों को यूपी बोर्ड ऑनलाइन प्रवेश पत्र मुहैया करा सकता है। वेबसाइट पर अपलोड प्रवेश पत्र को निकालने की जिम्मेदारी संबंधित स्कूलों को दिए जाने का खाका खींचा जा रहा है। भले ही पहले साल इसके बेहतर परिणाम न आये, लेकिन तकनीक का साथ लेकर अच्छी पहल का प्रयास हो रहा है। 1माध्यमिक शिक्षा परिषद यानि यूपी बोर्ड ने वर्ष 2013-14 में तकनीक से जुड़कर आगे बढ़ने की पहल की। दो बरस बाद 2015 में ही परीक्षार्थियों को ऑनलाइन प्रवेशपत्र मुहैया कराने के प्रयास हुए। बोर्ड ने सारी तैयारियों के बाद प्रदेश के सिर्फ पांच जिलों लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, मेरठ एवं बरेली में यह प्रयोग किया। इसमें लखनऊ सूबे की राजधानी होने एवं अन्य जिलों में बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय होने से परीक्षण किया गया। इसमें परीक्षार्थियों ने उत्सुकता नहीं दिखाई थी, क्योंकि बोर्ड कुछ साल पहले ही हाईटेक हुआ था और जो नियम लागू हुए थे ज्यादातर उन्हें ही समझने में जुटे थे। सफल न होने का दूसरा कारण सभी स्कूलों को उस वर्ष ऑफलाइन भी प्रवेश पत्र मुहैया कराए गए थे, ऐसे में धन एवं समय खर्च करने से विद्यालय प्रधानाचार्यो ने परहेज किया। प्रवेश पत्र में परीक्षार्थी के संबंधित स्कूल प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर होते हैं इसलिए इसे डाउनलोड करने की जिम्मेदारी स्कूल प्रधानाचार्य को ही दी गई थी। प्रधानाचार्यो ने केवल वही प्रवेश पत्र डाउनलोड किए जो किसी कारण से गायब हो गए थे या फिर उनमें कोई गलत प्रविष्टि दर्ज थी। बोर्ड और तकनीक के साथ चलते अब कई वर्ष हो चुके हैं। सभी विद्यालय हर साल ऑनलाइन पंजीकरण एवं परीक्षा फार्म भरवा ही रहे हैं। ऐसे में प्रवेश पत्र के पायलट प्रोजेक्ट को लागू करने की फिर तैयारी है। बोर्ड ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन प्रवेश पत्र मुहैया कराने के पक्ष में है, ताकि किसी तरह की दिक्कत न हो। ऑनलाइन प्रवेश पत्र अपलोड करने से लोगों को इस दिशा में धीरे-धीरे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा और कुछ वर्षो में यह ऑनलाइन ही निकाले जा सकेंगे। सहमति बनी तो इस बार भी प्रधानाचार्यो को ही यह जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि वह हस्ताक्षर एवं मुहर लगाकर उसे वैध करके परीक्षार्थी को सौंप दें। बोर्ड के दूसरे पक्ष का कहना है कि परीक्षा से संबंधित तमाम सामग्री एक साथ विद्यालयों को हर साल भेजी ही जाती है उसी के साथ प्रवेश पत्र भी आसानी से चले जाते हैं। इसमें एजेंसी को तैयार करना पड़ेगा साथ ही प्रधानाचार्यो से भी अनुरोध करना होगा। सकारात्मक बात यह है कि बोर्ड ने इस बार परीक्षा नीति में हर केंद्र पर कंप्यूटर व अन्य यंत्र उपलब्ध है ऐसे में प्रवेश पत्र डाउनलोड कराने में कोई समस्या नहीं होगी।