जागरण संवाददाता, गोरखपुर : सरकार के निर्देश पर शासन ने दूध के लिए परिषदीय बच्चों को मिलने वाला कन्वर्जन कास्ट बढ़ा दिया है। इसके बाद भी ग्राम प्रधान, सभासद और प्रधानाध्यापकों की उदासीनता के चलते बच्चों के गिलास नहीं भर पा रहे हैं। जबकि, अप्रैल तक का धन विद्यालयों तक पहुंच गया है। 1जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश यादव के अनुसार दूध वितरण व्यवस्था की निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके लिए टीम गठित की गई है। टीम विद्यालयों में पड़ताल करेगी। अनियमितता पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। समन्वयक दीप पटेल ने बताया कि मध्याह्न् भोजन के अलावा अनुश्रवण प्रणाली की भी समीक्षा होगी। उन्होंने रसोइयों से अपील किया है कि वे रसोईघर में खाद्य सामग्री के अलावा अन्य कोई पदार्थ लेकर प्रवेश न करें। हर बुधवार को मध्याह्न् भोजन के साथ बच्चों को 150 मिलीग्राम गरम दूध देना अनिवार्य है। सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना 15 जुलाई 2015 से ही शुरू है। लेकिन, उदासीनता के चलते यह योजना आज तक परवान नहीं चढ़ सकी।
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