प्रदेश सरकार शुरू से टीईटी अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार कर रही है। संघ इस व्यवहार को बिलकुल बर्दास्त नहीं करेगा। इसके लिए आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। यह बातें उत्तर प्रदेश टीईटी संर्घष मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीलमणि शुक्ल ने बुधवार को सिटी पैलेस स्थित शिविर कार्यालय पर कही। कहा कि सन् 2011 में जब प्रदेश में प्रशिक्षित अध्यापक नहीं थे तब शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर चुके बीएड प्रशिक्षुओं ने अपनी उपस्थित दर्ज कराई थी। इसलिए प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक के रिक्त पदों पर सबसे पहला इन्हीं का है। शिक्षामित्र समायोजन के बारे में उन्होंने अभ्यर्थियों को बताया कि संघ इसके लिए पूरी तरह से तैयार है। कहा कि योग्यता का विकल्प अयोग्यता नहीं होती है इसीलिए सर्वोच्च न्यायालय से भी शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कराया जाएगा। जिलाध्यक्ष अजरुन प्रसाद ने कहा कि विभागीय अधिकारियों से बीते दिनों उच्च प्राथमिक स्कूलों में हुई गणित विज्ञान शिक्षकों की भर्ती में कई अभ्यर्थी फर्जी पाए गए थे। अभ्यर्थियों की सीटों को भी रिक्त बची सीटों में मिलाकर नई मेरिट सूची तैयार किए जाने की मांग की। इसका सभी अभ्यर्थियों ने समर्थन किया। बैठक में नवीन कुमार मिश्र, राजेश चतुर्वेदी, रामशुभ, सुरेश, राकेश ओझा, दीपक, पवन, अजय, विनोद व अखिलेश सहित कई अभ्यर्थी उपस्थित रहे
No comments:
Write comments