कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में छात्रओं को दी जाने वाली सुविधा और संसाधनों के नाम पर 41 लाख रुपये का गबन के गंभीर आरोप लगे हैं। बॉ स्कूलों में संसाधनों के नाम पर खर्च धनराशि का आरटीआइ से ब्योरा मांगा है। घटना की शिकायत शिक्षा मंत्रलय से लेकर उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक ने इस पर संज्ञान लिया है। टेंडर प्रक्रिया साथ विद्यालयों को आवंटित धनराशि के सभी दस्तावेज तलब किए हैं। युवा क्रांतिकारी छात्र संगठन ने तत्कालीन बीएसए और आनंद प्रकाश शर्मा और पटल सहायक ललित मौर्य पर सांठगांड कर फर्जी कुटेशन और टेंडर दिखाकर 41 लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया है। इसमें छात्रओं के लिए स्वेटर, लोअर, इनर, जूते, तौलिया, नाईट शूट, मोजे दास्ताने, गर्म कैप, लगेज बैग, चप्पल, कूलर, वाटर कूलर और जनरेटर क्रय किए करने के नाम पर घालमेल की बात कही गई है। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए बॉ स्कूलों में पूर्व में खरीदी गई सभी सामग्री के दस्तावेज तलब कर लिए हैं। कुटेशन, टेंडर पत्रवली के साथ खरीदे गए सामान के समस्त बिल वाउचर भी मांगे हैं। जेडी शिव प्रकाश द्विवेदी ने बीएसए को भेजे पत्र में कहा कि यह गंभीर शिकायत है। इसके सभी अभिलेख पटल सहायक के जरिए भेजे जाएं। वहीं इसकी शिकायत शिक्षा मंत्री के साथ शासन के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने से विभाग में खलबली मची है। बहरहाल पूरे प्रकरण पर जांच होगी। बीएसए प्रेमचंद यादव ने कहा कि आरटीआइ से मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध करा दी गई हैं।
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