मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में शनिवार को जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आधा दर्जन विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया तो पढ़ाई की पोल खुल गई। सहायक ही नहीं प्रधानाध्यापक भी बिना बताये अनुपस्थित थे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश यादव ने मौके पर ही गैरहाजिर पांच शिक्षकों को निलंबित कर दिया। अनियमितता पाये जाने पर तीन शिक्षकों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार चरगांवा ब्लाक स्थित प्राथमिक विद्यालय ठाकुरपुर नंबर की प्रधानाध्यापक यशोदा सिंह और सहायक अध्यापक किरन सिंह, कैंपियरगज ब्लाक स्थित प्राथमिक विद्यालय अलगटपुर के प्रधानाध्यापक श्रीचंद्र विश्वकर्मा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय अलगटपुर के प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार नायक तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर प्रथम के सहायक अध्यापक वीरेंद्र कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा अनियमिता पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय अलगटपुर व प्राथमिक विद्यालय अलगटपुर के सहायक अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। प्राथमिक विद्यालय जंगल कौड़िया प्रथम की सहायक अध्यापक प्रतिभा पांडेय का वेतन रोक दिया गया है। यह स्थिति तब है जब खुद मुख्य विकास अधिकारी डा.मन्नान अख्तर परिषदीय शिक्षा के उन्नयन को लेकर पहल कर रहे हैं। शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए उन्होंने ‘शिक्षक डायरी’ अनिवार्य कर दी है। इसके लिए सभी ब्लाक संसाधन केंद्रों पर शिक्षकों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
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