DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Tuesday, February 2, 2021

शासन का फैसला : स्पॉट सीट पर दाखिला लेने वाले सामान्य छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं, पुराने छात्रों को पाठ्यक्रम पूरा होने तक मिलता रहेगा योजना का लाभ

शासन का फैसला : स्पॉट सीट पर दाखिला लेने वाले सामान्य छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं, पुराने छात्रों को पाठ्यक्रम पूरा होने तक मिलता रहेगा योजना का लाभ


लखनऊ : निजी विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में मैनेजमेंट कोटा या स्पॉट सीट पर प्रवेश लेने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों को न तो शुल्क की भरपाई होगी और न ही उन्हें छात्रवृत्ति मिलेगी। यह प्रावधान इस सत्र से लागू किया गया है। हालांकि, पुराने छात्रों को पाठ्यक्रम पूरा होने तक योजना का लाभ मिलता रहेगा। इस संबंध में शासन ने एनआईसी को निर्देश जारी कर दिए हैं। 



शासन ने वर्ष 2019 में इस संबंध में जारी नियमावली में कहा था कि यह प्रावधान सत्र 2020- 21 से लागू होगा। इसके तहत निजी विश्वविद्यालय या शिक्षण संस्थान में 'मैनेजमेंट कोटा या 'स्पॉट एडमिशन' सीट पर दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं को शुल्क भरपाई नहीं की जाएगी। निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय या राज्यस्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा से दाखिला लेने का प्रावधान है। इन प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से काउंसिलिंग के बिना सीधे प्रवेश (स्पॉट एडमिशन) लेने वाले छात्र मैनेजमेंट कोटे के अंतर्गत आएंगे।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार, अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए यह व्यवस्था वर्ष 2018 19 से ही लागू है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए यह योजना चालू सत्र से लागू की गई है। सत्र 2020-21 में किसी भी पाठ्यक्रम में प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वालों पर यह नियम लागू होगा उस पाठ्यक्रम में पहले से पढ़ाई कर रहे छात्रों को इस सुविधा से वंचित नहीं किया जाएगा।

No comments:
Write comments