राज्य विश्वविद्यालयों, एडेड व स्वावित्तपोषित डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों और परिजनों को मिलेगा पांच लाख तक का सालाना कैशलेस उपचार, कैबिनेट की मंजूरी
10 मार्च 2026
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में बदलाव का फैसला किया है। राज्य विश्वविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कॉलेजों व स्वावित्तपोषित डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों और परिजनों को पांच लाख तक का सालाना कैशलेस उपचार मिलेगा। इनमें नियमित पाठ्यक्रमों के साथ-साथ स्वावित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों व कर्मियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
योजना के तहत प्रति शिक्षक लगभग 2479 रुपये का प्रीमियम खर्च आएगा। इस व्यवस्था से प्रदेश के 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है। इसके लिए राज्य सरकार पर करीब 31.92 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
सरकार की इस पहल के तहत निजी अस्पतालों को भी योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि शिक्षकों और कर्मचारियों को इलाज के लिए अधिक विकल्प मिल सकें और उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
09 मार्च 2026
लखनऊ: करीब एक माह बाद मंगलवार को लोक भवन में कैबिनेट की बैठक होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में आवास, स्टांप, औद्योगिक विकास, ऊर्जा, परिवहन, शिक्षा आदि विभागों के 27 से अधिक प्रस्तावों को स्वीकृति मिल सकती है।
प्रदेश सरकार बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभागों के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले अशासकीय सहायताप्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक, स्ववित्तपोषित मान्यताप्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों व राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने जा रही है। मंगलवार को उच्च शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल सकती है।
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