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Monday, February 1, 2021

CTET : सॉल्वर गिरोह के सदस्यों की बैंक खातों व संपत्ति की जांच शुरू, कई और सदस्य रडार पर

CTET : सॉल्वर गिरोह के सदस्यों की बैंक खातों व संपत्ति की जांच शुरू, कई और सदस्य रडार पर

CTET -2021 :  परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के सरगना व साल्वर सहित 07 सदस्य गिरफ्तार।

CTET परीक्षा में सेंध : कौशांबी का शिक्षक मुहैया कराता था अभ्यर्थी, होगी विभागीय कार्रवाई

CTET परीक्षा में साल्वर गैंग का भंडाफोड़, दस गिरफ्तार


एसटीएफ की गिरफ्त में आए सॉल्वर गिरोह के सभी सदस्यों की संपत्ति की जांच शुरू हो गई है। उनके बैंक खातों की डीटेल्स निकाली जा रही है। इसके अलावा उनके करीबियों की संपत्ति को भी खंगाला जा रहा है। उनकी कॉल डीटेल्स में कई संदिग्ध लोगों के नंबर मिले हैं। उन्हें भी खंगाला जा रहा है। पुलिस को इस गोरखधंधे में कई लोगों के शामिल होने की आशंका है। जांच में जिनके नाम सामने आएंगे, उन्हें भी वांछित किया जाएगा।




एसटीएफ ने रविवार कोसीटेट की परीक्षा में साल्वर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए प्रयागराज से सरगना प्रशांत सिंह, धर्मेंद्र सिंह, शिवपूजन पटेल, मुनेश कुमार, आदित्य शाही, पूजा देवी और गोरखपुर से यतेंद्र कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। गिरोह ने केपी उच्च शिक्षा संस्थान झलवा और गोरखपुर के इंदिरा गांधी गर्ल्स डिग्री कालेज रामपुर में तीन मूल अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर को बिठाया था। आरोपियों से पूछताछ में एसटीएफ को तमाम अहम जानकारी मिली है। इसके आधार पर पुलिस ने उनके खातों की जांच शुरू कर दी है।

सभी की बैंक डीटेल्स निकाली गई हैं। पुलिस बैंक अधिकारियों से पता करेगी कि उनके या उनके करीबी लोगों के खाते में हाल में कितना ट्रांजैक्शन हुआ है। अन्य संपत्तियों पर भी पुलिस की नजर है। करीबी रिश्तेदार के नाम से खरीदी गई संपत्तियों को भी खंगाला जाएगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उनके कॉल डीटेल्स में कई नंबर मिले हैं, जिनसे सीटेट की परीक्षा से पहले कुछ दिनों में बहुत बातें हुई हैं।

उन नंबरों की भी छानबीन चल रही है। पूछताछ में यह भी पता चला है कि गिरोह ने न सिर्फ सीटेट परीक्षा बल्कि कई और परीक्षाओं में भी सेंध लगाई है। उसकी भी जांच की जा रही है। एएसपी एसटीएफ नीरज पांडेय ने बताया कि सभी की संपत्तियों की जांच होगी। कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गिरोह के अन्य लोगों की जांच हो रही है। सुबूत पाए जाने के बाद उन्हें भी वांछित किया जाएगा।

तीन छात्रों समेत पांच वांटेड, तलाश में दबिश
एसटीएफ ने रविवार को सॉल्वर गिरोह के सरगना प्रशांत सिंह समेत सात आरोपियों को पकड़ा था। इसमें तीन सॉल्वर भी शामिल थे। पुलिस ने उन तीन छात्रों को भी वांटेड कर दिया है, जिनकी जगह पर साल्वर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। तीन छात्रों के अलावा कौशांबी के शिक्षक कमलेश कुमार और जाली आधार व अन्य दस्तावेज बनाने वाले रोहित को भी वांटेड किया गया है। सभी वांछितों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।


प्रयागराज : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तरफ से रविवार को कराई गई केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने शिक्षक, इंजीनियर समेत दस आरोपितों की गिरफ्तारी की है। उनके पास से दो कार, बाइक, फर्जी आधार कार्ड, प्रवेश पत्र, चार लाख रुपये का चेक, चेक बुक व 13.50 हजार रुपये नगद मिले हैं। एक अध्यापक व छात्र की तलाश चल रही है।

एसटीएफ प्रयागराज को प्रयागराज और गोरखपुर में साल्वर बैठने की सूचना मिली थी। एएसपी एसटीएफ नीरज पांडेय ने गोरखपुर इकाई को इसकी जानकारी दी। केपी उच्च शिक्षा संस्थान में अभिषेक सिंह निवासी मऊ की जगह आदित्य शाही और बैरहना कीडगंज की इंद्रावती देवी के स्थान पर पूजा देवी परीक्षा दे रही थी। दोनों से पूछताछ के बाद गैंग के सरगना प्रशांत सिंह, धर्मेद्र सिंह व शिवपूजन पटेल व मुनेश को इलाहाबाद विवि की साइंस फैकल्टी कर्नलगंज से गिरफ्तार किया गया। गोरखपुर से यतेंद्र को पकड़ा गया। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एएसपी का कहना है कि मूल अभ्यर्थी व साल्वर के फोटो कंप्यूटर से मि¨क्सग करके नकल कराते थे। लिखित परीक्षा पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी दो लाख रुपये में सौदा हुआ था। साल्वर को 50 हजार रुपये दिए गए थे।

मुरादाबाद में खिलेंद्र सिंह निवासी नजरपुर बैकना जिला बिजनौर के स्थान पर परीक्षा देने आया साल्वर पंकज कुमार निवासी हमीरपुर फरमोर, थाना शेखपुर पटना बिहार तथा मझोला क्षेत्र में राकेश कुमार यादव निवासी गांव सिघराही थाना लदनिया, जिला मधुबनी बिहार को पकड़ा। वह अमरोहा के मोहनपुर सुमराली गांव निवासी इरशाद के स्थान पर परीक्षा देने आया था। मैनपुरी में महेंद्र सिंह (आंबेडकर पार्क, फीरोजाबाद) नामक युवक राहुल वर्मा (इटावा रोड, बेवर) के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया।


■ इनकी हुई गिरफ्तारी

● प्रशांत सिंह (सरगना) निवासी चिरैया कोट, मऊ। वर्तमान पता-जनहित कुंज अपार्टमेंट जार्जटाउन-प्रयागराज। राजकीय इंटर कॉलेज अमरोहा में शिक्षक।

● धर्मेंद्र सिंह (सरगना) निवासी कुसुवा मनौरी, कौशांबी। वर्तमान पता- कैलाश अपार्टमेंट जार्जटाउन-प्रयागराज। प्राथमिक विद्यालय उसरी रायबरेली में शिक्षक।

● शिवपूजन पटेल (सॉल्वर) निवासी सुरुवा फतनपुर प्रतापगढ़। वर्तमान पता- ग्रींस अपार्टमेंट हरिद्वार। आरएसपीएल हरिद्वार में इंजीनियर।

● मुनेश कुमार चौहान (अभ्यर्थी) निवासी जबदा, अमरोहा। प्राइवेट स्कूल में अध्यापक।

● आदित्य शाही (सॉल्वर) निवासी खामपार, देवरिया।

● कुमारी पूजा देवी (सॉल्वर) निवासी सलेमपुर, चांदपुर फतेहपुर। प्राथमिक विद्यालय अमौली ¨बदकी फतेहपुर में अध्यापक।

● यतेंद्र कुमार सिंह (सॉल्वर) निवासी भुजौलीकला, विजयीपुर गोपालगंज बिहार। वर्तमान पता- आवास विकास कॉलोनी, झारखंडी गोरखपुर।

■ यह हैं फरार आरोपित

● कमलेश तिवारी निवासी सैयद सरावा, पूरामुफ्ती, कौशांबी। प्राथमिक स्कूल में अध्यापक।

● रोहित निवासी हालैंड हॉल हॉस्टल, कर्नलगंज-प्रयागराज। छात्र।

प्रयागराज : केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) की लिखित परीक्षा में सेंध लगाने वाला एक संगठित गिरोह है। गैंग के हर सदस्य की अलग-अलग भूमिका होती थी। स्पेशल टॉस्क फोर्स एसटीएफ को पूछताछ में पता चला है कि कौशांबी के पूरामुफ्ती, सैयद सरांवा गांव में रहने वाला कमलेश गैंग को कंडीडेट मुहैय्या कराता था।


वह एक अभ्यर्थी को पास कराने के लिए सरगना धर्मेद्र और प्रशांत को डेढ़ से दो लाख रुपये देता था। खुद अभ्यर्थी से कितना पैसा लेता था, यह उसकी गिरफ्तारी पर पता चल सकेगा। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि कमलेश भी एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक है। इस कारण वह दूसरे शिक्षकों की मदद से अभ्यर्थियों तक पहुंचता रहा होगा। उसके पकड़े जाने के बाद कुछ और लोगों का नाम प्रकाश में आ सकता है। वहीं, हॉलैंड हॉल हॉस्टल में रहने वाला रोहित कंप्यूटर की मदद से मूल अभ्यर्थी और सॉल्वर की फोटो मि¨क्सग करके फर्जी एडमिट कार्ड और आधार कार्ड बनाने का काम करता था। एक अभ्यर्थी के लिए वह 20 हजार रुपये लेता था। रोहित के पकड़े जाने पर उसकी कारस्तानी और दूसरी जानकारी सामने आएगी। एसटीएफ का यह भी दावा है कि अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वह पहले भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह का फर्जीवाड़ा कर चुके हैं। फर्जीवाड़ा करके फ्लैट और प्लॉट खरीदने की तैयारी भी कर रहे थे।

सॉल्वरों को पहले मिल गया था पैसा :

गिरफ्तार सॉल्वर शिवपूजन ने पूछताछ में बताया कि उसे दूसरी पाली में दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देनी थी। उसे 50 हजार रुपये पहले ही मिल गए थे।  वहीं, अभ्यर्थी मुनेश ने बताया कि उसकी परीक्षा दूसरी पाली में थी। सॉल्वर उपलब्ध कराने के लिए उसने गिरोह के सरगना प्रशांत सिंह व धर्मेंद्र को पहले ही दो लाख रुपये दे चुका था। अभिषेक की जगह परीक्षा देते समय पकड़ा गया आदित्य शाही ही उसका पेपर हल करता, मगर पकड़ा गया। एसटीएफ अभ्यर्थी अभिषेक व इंद्रावती की भी तलाश कर रही है।


परीक्षा केंद्र पर छापेमारी, विवाहिता बनकर बैठी थी पेपर साल्व करने

परीक्षा केंद्र में छापेमारी के दौरान कुमारी पूजा को देख एसटीएफ की टीम हैरत में पड़ गई। पूजा की शादी नहीं हुई है, लेकिन वह पेपर सॉल्व करने के लिए विवाहिता बन गई थी। चूंकि मूल अभ्यर्थी इंद्रावती विवाहित महिला है, इसके चलते पूजा ने अपने मांग में सिंदूर भर रखा था। पूछताछ में अभियुक्ता ने इस तथ्य को उजागर किया।

शिक्षकों पर होगी विभागीय कार्रवाई

गैंग का सरगना प्रशांत सिंह इंटर कॉलेज और धर्मेंद्र प्राथमिक स्कूल में शिक्षक है। जबकि सॉल्वर पूजा देवी भी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका है। फरार कमलेश भी अध्यापक है। एएसपी एसटीएफ नीरज पांडेय ने बताया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि उन्हें नौकरी कैसे मिली थी। फिलहाल सभी पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। इंजीनियर के संस्थान में भी एसटीएफ उसके पत्र भेजेगी।

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