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Tuesday, June 22, 2021

ग्रीष्मावकाश की जगह परिषदीय शिक्षकों ने मांगा EL अवकाश

ग्रीष्मावकाश की जगह परिषदीय शिक्षकों ने मांगा EL अवकाश

ट्विटर पर ट्रेंड हुयी बेसिक शिक्षकों की सरकार से अर्जित अवकाश (EL)  की माँग 



लखनऊ। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने राज्य कर्मचारियों की भांति  अर्जित अबकाश (ईएल) देने की मांग को लेकर सोमवार को ट्विटर पर अभियान चलाया। स्वतः स्फूर्त शिक्षक समूह, उप्र. प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन समेत अन्य संगठनों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री समेत शासन प्रशासन को अपनी मांग को लेकर ट्विटर पर अभियान चलाया। शिक्षकों ने बताया कि उन्हें पहले 48 दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलता था।


इसको भी अब कम कर दिया गया है। 15 दिन घटाकर शीतकालीन अबकाश के अंतर्गत कर दिया गया। इसके अलावा 14 दिन का आकस्मिक अवकाश मिलता है। शिक्षकों ने बताया कि उन्हें ग्रीष्मकालीन अवकाश नहीं चाहिए, वे राज्य कर्मचारियों की भांति ईएल की मांग करते हैं जिसे वे साल भर में कभी भी ले सकते हैं। 


उप्र. प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने बताया कि प्राइमरी का मास्टर, स्वतः स्फूर्त शिक्षक समूह समेत अन्य संगठनों के बैनर तले शिक्षक ग्रीष्पकालीन अवकाश को खत्म कर इसकी एवज में 40 दिन का ईएल देने की मांग करते हैं।



 उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षकों द्वारा ट्विटर के माध्यम से सरकार से ईएल की माँग की गई। यह अभियान लगभग डेढ़ लाख ट्वीट होने पर ट्विटर पर ट्रेंड हो गया। शिक्षकों का कहना है कि हमे भी अन्य सरकारी विभागों की तरह ईएल की सुविधा उपलब्ध करायी जाये। इसके लिये चाहे गर्मी की छुट्टियाँ खत्म कर दी जाये। 

सीतापुर के शिक्षक अभिषेक शुक्ला ने कहा कि समाज द्वारा शिक्षक छुट्टियों के लिये हमेशा से बदनाम किये जाते है किन्तु सच्चाई यह है कि उन्हे सभी कर्मचारियों की अपेक्षा सबसे कम अवकाश मिलते है। रविवार वाले दिन भी शिक्षकों को पल्स पोलियो, चुनाव हेतु बीएलओ व अन्य कार्यों हेतु भी विद्यालय खोलने जाना पड़ता है। गर्मियों के अवकाश में भी विभाग व अन्य विभाग के कार्यों के लिये शिक्षक काम करते है। 


शिक्षक अपने विभाग के कार्यों के अतिरिक्त अन्य विभागों के कार्य भी छुट्टी वाले दिन भी करते है। इसलिए शिक्षकों को भी ईएल का लाभ मिलना ही चाहिये। क्योंकि मात्र चौदह आकस्मिक अवकाश में शिक्षक अपने सामाजिक व पारिवारिक दायित्वों की पूर्ति कैसे कर पायेगा। इसलिये सरकार द्वार इस पर विचार करके समानता का व्यवहार करते हुये शिक्षको को भी ईएल की सुविधा देनी चाहिये। इसके लिये यदि आवश्यक हो तो गर्मी की छुट्टियाँ भी समाप्त कर दी जाये।


ग्रीष्मावकाश की जगह मिले 30 दिन अवकाश

बरेली। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ का ट्विटर अभियान सोमवार को भी जारी रहा। मंडल अध्यक्ष डॉ विनोद शर्मा ने बताया कि सोमवार को शिक्षकों ने ग्रीष्म अवकाशों की जगह अर्जित अवकाश देने की मांग उठाई। ग्रीष्मावकाश में भी शिक्षकों से कोई न कोई कार्य लिया जाता है।

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