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Wednesday, June 9, 2021

परिषदीय स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई कराने के लिए नवप्रयोग शुरू, पढ़ाई में मददगार होंगे प्रेरणा साथी

परिषदीय स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई कराने के लिए नवप्रयोग शुरू, पढ़ाई में मददगार होंगे प्रेरणा साथी


प्रयागराज : कोविड-19 महामारी के बीच परिषदीय स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई कराने के लिए नवप्रयोग शुरू हो रहा है। खासकर उन बच्चों के लिए, जिनके अभिभावकों के पास स्मार्टफोन नहीं है। उनकी यह कमी प्रेरणा साथी पूरी करेंगे। इसके लिए विद्यालयों को गांव के 10 ऐसे साथियों का चयन करने को कहा गया है, जो स्वेच्छा से बच्चों को पढ़ाने के लिए अपना स्मार्टफोन दे सकें। प्रधानाध्यापक उनका प्रेरणा एप पर पंजीकरण कराएंगे और विद्यालय के वाट्सएप ग्रुप से जोड़ेंगे, समय-समय पर शिक्षण सामग्री भेजी जा सके।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद इन दिनों प्रदेश में मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला चला रहे हैं। ‘घर ही बन जाएगा विद्यालय हमारा, हम चलाएंगे ई-पाठशाला’ के तहत प्रथम, द्वितीय व तृतीय चरण पूरा हो चुका है और अब चतुर्थ चरण नई गतिविधियों के साथ शुरू हो रहा है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन व अधिकतम बच्चों तक पहुंच बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने वालंटियर्स आनबोर्डिग ड्राइव शुरू की है। इसमें वालंटियर्स को प्रेरणा साथी के नाम से जाना जाएगा। इन साथियों को साप्ताहिक शिक्षण सामग्री मुहैया कराई जाएगी।

 इन साथियों के चयन के लिए यह देखना होगा कि उनमें नि:स्वार्थ सहायता देने की भावना हो, निकट रिश्तेदार, पड़ोसी या फिर समुदाय के ऐसे शुभचिंतक को तलाशा जाए, जिनके पास स्मार्टफोन व इंटरनेट सुविधा हो। वे राज्य स्तर से मिलने वाली शिक्षण सामग्री को बच्चों के बीच साझा करें। यह भी निर्देश है कि बच्चे प्रतिदिन कम से कम 20 मिनट तक प्रेरणा लक्ष्य एप का प्रयोग करते हुए अभ्यास कर सकें। प्रेरणा साथी हर शनिवार को होने वाली साप्ताहिक क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित कर सकें। महानिदेशक ने कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए अलग लिंक जारी किए हैं।


फतेहपुर : अब 'प्रेरणा सारथी' सभालेंगे विद्यालयों की ई-पाठशाला, प्रधानाध्यापकों को दी गई दस प्रेरणा सारथी चयन करने की जिम्मेदारी


■ ऑनलाइन शिक्षा

• प्रधानाध्यापकों को दी गई दस प्रेरणा सारथी चयन करने की जिम्मेदारी
• स्कूली बच्चों के पड़ोसी रिश्तेदार या पुरातन छात्र बन सकते हैं सारथी।



फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों के हर बच्चे तक आनलाइन शिक्षा पहुंचाने के लिए अब प्रेरणा सारथी की मदद ली जाएगी । परिषदीय विद्यालयों में चौथे चरण की शुरू हो रही ई - पाठशाला में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को जोड़ने के लिए प्रेरणा साथियों का चयन किया जाएगा।


राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद द्वारा आदेश जारी करने के बाद जिले स्तर पर विभाग के अफसरों ने तेजी दिखानी शुरू कर दी है। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश देकर बीएसए ने स्कूल के प्रधानाध्यापकों को इस कवायद में जुटने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया में योगदान देने के लिए प्रेरणा सारथी के पास स्मार्टफोन होना जरूरी है । उनको स्कूल से दी जाने वाली सामग्री को बच्चों तक पहुंचाना होगा । हर विद्यालय में प्रधानाध्यापक 10-10 प्रेरणा सारथियों का चयन कर इन्हें इस प्रक्रिया से जुड़करबच्चों को ज्ञान बांटने को प्रेरित करेंगे।


ये बन सकते हैं प्रेरणा सारथी

प्रेरणा सारथी बच्चों के रिश्तेदार, पड़ोसी या फिर पुरातन छात्र हो सकते हैं । जिसके बाद इन्हें अपने मोबाइल पर प्रेरणा लक्ष्य एप, रीड एलांग एप, दीक्षा एप डाउनलोड करना होगा। जिन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि छात्र कम से कम 20 मिनट रोज प्रेरणा लक्ष्य एप का इस्तेमाल करे । हर शिक्षक के साथ एक या दो वॉलिटियर को जोड़ा जाएगा। जो हर सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को व्हाट्स एप ग्रुप के माध्यम से कक्षावार व विषयवार सामग्री को साझा करेंगे ।

""ई-पाठशाला के चौथे चरण में प्रेरणा सारथी जोड़े जाएंगे। इसके लिए सभी को व्यवस्था के तहत बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने की तैयारी करने को कहा गया है। - शिवेन्द्र प्रताप सिंह, बीएसए

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