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Wednesday, June 9, 2021

University Exam 2021 : यूपी में विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं 15 अगस्त तक, नहीं होंगे प्रैक्टिकल

University Exam 2021 : यूपी में विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं 15 अगस्त तक, प्रैक्टिकल नहीं होंगे

University exam 2021 : प्रदेश के सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों में स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं 15 अगस्त तक करवाई जाएंगी। प्रैक्टिकल परीक्षाएं नहीं होंगी और लिखित परीक्षा का समय तीन घंटे से घटाकर एक से डेढ़ घंटे रखा जाएगा। ये निर्देश मंगलवार को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने दिए हैं। 31 अगस्त 2021 तक परीक्षाफल घोषित किया जाएगा। नया सत्र (2021-22) 13 सितम्बर से प्रारम्भ किया जाएगा।


कुलपति करेंगे परीक्षा प्रणाली का सरलीकरण
उन्होंने कहा कि संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षाओं की तारीखों का निर्धारण किया जाएगा। प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं होंगी, उनके अंकों का निर्धारण लिखित परीक्षा के आधार पर होगा। मौखिक परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी। परीक्षा एवं प्रश्न पत्र के स्वरूप के लिए संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति-कार्य परिषद को अधिकृत किया गया है। परीक्षा प्रणाली का वे सरलीकरण कर सकेंगे। मसलन वे एक विषय के सभी प्रश्नपत्रों को मिलाकर एक ही प्रश्नपत्र बनाने पर विचार कर सकते हैं। बहुविकल्पीय व ओएमआर आधारित या दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पत्र विश्वविद्यालय अपने हिसाब से बना सकेंगे।


ऑनलाइन परीक्षा कराने पर विचार कर सकते हैं विश्वविद्यालय
डा. शर्मा ने कहा कि यदि कोई विवि अपनी परीक्षा ऑनलाइन करवा सकता है तो यह भी विचारणीय होगा। प्रश्न पत्रों के हल करने की समयावधि आधी होने के कारण प्रश्नपत्र का आकार भी छोटा किया जाएगा मसलन 10 की जगह पांच ही प्रश्न पूछे जाएं। कोरोना संक्रमण के कारण यदि कोई छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएगा तो उसे विशेष परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। यह प्राविधान शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए केवल एक बार लागू होगा। अंकों में सुधार के लिए छात्र 2022 में आयोजित होने वाली बैक पेपर परीक्षा या 2022-23 में आयोजित होने वाली वार्षिक-सेमेस्टर परीक्षा में शामिल हो सकता है।

ये दिशा-निर्देश विश्वविद्यालय में संचालित कला, विज्ञान, वाणिज्य, विधि संकाय व वर्ष 2022-23 में संचालित परास्नातक पाठ्यक्रमों के संदर्भ में हैं। अभियंत्रण एवं प्रबन्धन के स्नातक/परास्नातक पाठ्यक्रमों के संदर्भ में प्राविधिक शिक्षा विभाग निर्देश जारी करेगा।



यूपी: स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के विद्यार्थी बिना परीक्षा के प्रोन्नत किए जाएंगे


यूपी के विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के परीक्षार्थियों को प्रमोट किया जाएगा। इससे संबंधित गाइडलाइंस जारी कर दी गई हैं।

प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम व स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा। वहीं स्नातक द्वितीय वर्ष, अंतिम वर्ष और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं अगस्त के मध्य तक कराई जाएगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में 13 सितंबर से शैक्षिक सत्र 2021-22 शुरू किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने मंगलवार को उच्च शिक्षण संस्थानों की परीक्षा की गाइड लाइन जारी करते हुए प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं कराने की घोषणा की। प्रायोगिक परीक्षा के अंकों का निर्धारण लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर होगा जबकि मौखिक परीक्षा ऑनलाइन ली जा सकेगी। परीक्षा की अवधि को तीन से घटाकर डेढ़ घंटे किया गया है। विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र में 50 प्रतिशत प्रश्नों को ही हल करना होगा। 31 अगस्त तक परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा।

  वार्षिक परीक्षा के लिए यह रहेगी व्यवस्था
- जिन विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा नहीं हुई है वहां पर विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के द्वितीय वर्ष में प्रोन्नत किया जाएगा। उन्हें वर्ष 2022 में होने वाली स्नातक द्वितीय वर्ष की परीक्षा के प्राप्तांक के आधार पर प्रथम वर्ष के परिणाम दिए जाएंगे।
- ऐसे विश्वविद्यालय जहां पर 2020 में स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा हो चुकी थी। वहां पर द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को स्नातक प्रथम वर्ष के अंकों के आधार पर द्वितीय वर्ष के अंक देकर स्नातक तृृतीय वर्ष में प्रोन्नत किया जाएगा।

- ऐसे विश्वविद्यालय जहां पर 2020 में स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के द्वितीय वर्ष में प्रोन्नत किया गया था। वहां पर 2021 में स्नातक द्वितीय वर्ष की परीक्षा कराई जाएगी, द्वितीय वर्ष के परिणाम के आधार पर ही विद्यार्थियों को स्नातक तृतीय वर्ष में प्रोन्नत किया जाएगा।

- स्नातक तृतीय (अंतिम) वर्ष की परीक्षाएं कराई जाएगी।

स्नातकोत्तर परीक्षा के लिए यह रहेगी व्यवस्था
- स्नातकोत्तर पूर्वार्द्ध (प्रथम वर्ष) के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के उत्तरार्द्ध (अंतिम वर्ष) में प्रोन्नत किया जाएगा। 2022 में होने वाली स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षा के अंकों के आधार पर उनके पूर्वार्द्ध के अंक निर्धारित किए जाएंगे।
- स्नातकोत्तर उत्तरार्द्ध (अंतिम वर्ष) की परीक्षाएं आयोजित की जाएगी।

ऑनलाइन परीक्षा भी करा सकते हैं विश्वविद्यालय
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय किसी पाठ्यक्रम विशेष की ऑनलाइन वार्षिक परीक्षा भी करा सकते है। इसके लिए उन्हें समक्ष प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने बताया कि सभी विश्वविद्यालयों को अगस्त के मध्य तक वार्षिक परीक्षाएं आयोजित करानी होगी। परीक्षा की तिथि और कार्यक्रम का निर्धारण विश्वविद्यालय अपने स्तर से कर सकेंगे। परीक्षा प्रणाली का सरलीकरण विश्वविद्यालय स्तर से किया जाएगा। विश्वविद्यालय एक ही विषय के सभी प्रश्न पत्रों को शामिल करते हुए एक ही प्रश्न पत्र बनाने पर विचार करने के निर्देश दिए है। विश्वविद्यालयों को मौजूदा परिस्थिति और उनकी तैयारी के मद्देनजर बहुविकल्पीय, ओएमआर शीट और विस्तृत उत्तरीय प्रश्न पत्र के आधार पर परीक्षा कराने के निर्देश दिए है।

विशेष परीक्षा करानी होगी
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि यदि कोरोना संक्रमित होने के कारण कोई विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते हैं तो उन विद्यार्थियों को उस पाठ्यक्रम या प्रश्न पत्र की विशेष परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विशेष परीक्षा का आयोजन विश्वविद्यालय अपनी सुविधा के अनुसार करा सकते है। विशेष परीक्षा की व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2020-21 में केवल एक बार लागू होगी।

परिणाम सुधारने का मौका मिलेगा
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि यदि कोई विद्यार्थी परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं है तो उन्हें 2022 मेंहोने वाले बैक पेपर परीक्षा या 2022-23 में होने वाली वार्षिक/सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होकर परिणाम सुधारने का मौका दिया जाएगा।

स्नातक एवं स्नातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा कराई जाएगी
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा कराई जाएगी। यदि विश्वविद्यालयों में स्नातक पंचम और स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा नहीं कराई गई है तो अंतिम सेमेस्टर में प्राप्त अंकों के आधार पर पूर्व सेमेस्टर के अंक निर्धारित किए जाएंगे। जहां पर विषम और सम सेमेस्टर की परीक्षा नहींहुई वहां पर मिड टर्म / आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर विषम एवं सम सेमेस्टर के अंक निर्धारित कर परिणाम जारी किया जाएगा।

जिन विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा हो चुकी है। वहां द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर के अंक प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर में मिले प्राप्तांक के आधार पर निर्धारित किए जाएंगे। जहां स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा हो चुकी है वहां द्वितीय सेमेस्टर के अंक प्रथम व तृतीय सेमेस्टर के अंकों के आधार या मिड टर्म आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर निर्धारित किए जा सकते है।



UP UG & PG Exam 2021: ग्रेजुएट तथा पोस्ट ग्रेजुएट के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को देनी होगी परीक्षा, शीघ्र जारी होगा कार्यक्रम


UP UG PG Exam 2021 सरकार ने उच्च शिक्षा में फाइनल ईयर के विद्यार्थियों की परीक्षा कराने का फैसला किया है। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही कक्षा में प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे जबकि स्नातक के फर्स्ट व सेकेंड ईयर तथा परास्नातक के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्रा प्रोन्नत होंगे।

लखनऊ :  कोरोना वायरस संक्रमण के कारण प्रभावित प्रदेश की बेसिक व माध्यमिक के साथ ही उच्च शिक्षा के लिए भी योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिशा-निर्देश तय कर लिया है। सरकार ने उच्च शिक्षा में फाइनल ईयर के सभी विद्यार्थियों की परीक्षा कराने का फैसला किया है। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही यह अगली कक्षा में प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे जबकि स्नातक के फर्स्ट व सेकेंड ईयर तथा परास्नातक के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्रा अगली कक्षाओं में प्रोन्नत होंगे। उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने बताया कि इस प्रक्रिया से प्रदेश के करीब 41 लाख विद्यार्थी अगली कक्षाओं में प्रोन्नत होंगे।

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की ओर से विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिए हैं कि वह परीक्षा और प्रोन्नति देने की तैयारियां शीघ्र शुरू करें। इसके तहत जिन विश्वविद्यालयों में वार्षिक परीक्षा प्रणाली लागू है, वहां यूजी प्रथम वर्ष व द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी अगली कक्षा में प्रोन्नत किए जाएंगे। जिन विवि में इस वर्ष यूजी प्रथम वर्ष की परीक्षा नहीं हो पाई है, उनके छात्रों को द्वितीय वर्ष में प्रोन्नत किया जाएगा तथा वर्ष 2022 में होने वाली द्वितीय वर्ष की परीक्षा के अंकों के आधार पर प्रथम वर्ष की परीक्षा के अंक निर्धारित किए जाएंगे। जिन विश्वविद्यालयों में वर्ष 2020 में यूजी प्रथम वर्ष की परीक्षा हुई थी, वहां द्वितीय वर्ष के छात्रों के अंक प्रथम वर्ष की परीक्षा के अंकों के आधार पर तय कर उन्हें तृतीय वर्ष में प्रोन्नति दे दी जाएगी। जिन विश्वविद्यालय में कोरोना के कारण यूजी प्रथम वर्ष की परीक्षाएं वर्ष 2020 में नहीं हो पाईं थी और विद्यार्थियों को दूसरे वर्ष में प्रोन्नत कर दिया गया था, वहां छात्र द्वितीय वर्ष की परीक्षा देने के बाद ही तृतीय वर्ष में प्रोन्नत किए जाएंगे। इसी तरह पीजी के विद्यार्थी भी प्रोन्नत होंगे।

दूसरी तरफ जिन संस्थानों में सेमेस्टर प्रणाली लागू है और वहां यूजी प्रथम व तृतीय (विषम) तथा पीजी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं हो चुकी हैं, वहां स्नातक द्वितीय सेमेस्टर व चतुर्थ (सम) सेमेस्टर तथा पीजी द्वितीय सेमेस्टर के अंक प्रथम व तृतीय सेमेस्टर तथा मिड टर्म परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन के अंकों के आधार आधार पर तय किए जाएंगे।

प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण समस्त विश्वविद्यालय व डिग्री कालेजों में स्नातक (यूजी) व स्नातकोत्तर (पीजी) के अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की परीक्षाएं ही आयोजित की जाएंगी। बाकी सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को प्रोन्नति देने के निर्देश दिए गए हैं। अंतिम वर्ष व सेमेस्टर की परीक्षाएं अगस्त के मध्य तक संपन्न करा ली जाएंगी और रिजल्ट भी 31 अगस्त तक घोषित कर दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग के इस फैसले से करीब 41 लाख छात्रों को बड़ी राहत मिल गई है। यूजी व पीजी में अंतिम वर्ष व अंतिम सेमेस्टर के सभी विषयों की परीक्षा में सिर्फ एक प्रश्नपत्र होगा और बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा का समय भी तीन घंटे की बजाए एक या डेढ़ घंटे होगा। ऐसे में पिछले वर्षों के मुकाबले प्रश्नपत्र में सवाल भी करीब 50 प्रतिशत ही होंगे।

जहां विषम एवं सम सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं हुई हैं, वहां मिड टर्म व आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर विषम सेमेस्टर व सम सेमेस्टर के अंकों के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा। जो विद्यार्थी इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं, वह अगले वर्ष 2022 की बैक पेपर परीक्षा या वार्षिक परीक्षा में शामिल होकर अपने अंक सुधार सकेंगे। विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वह कोरोना प्रोटोकाल के अनुसार ही परीक्षाएं कराएंगे। परीक्षा से पहले अनिवार्य रूप से सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। 13 सितंबर से नया शैक्षिक सत्र शुरू होगा, ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू करने के भी निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों के बीच दो गज की दूरी होगी और छात्रों को दो मास्क लगाकर आना होगा।


प्रदेश में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी(एएमयू), बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) और इलाहाबाद यूनिवर्सिर्टी में परीक्षा की बाबत केंद्र सरकार का शिक्षा मंत्रालय दिशा-निर्देश जारी करेगा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय भी अपनी कार्ययोजना तैयार कर रहा है।

बिना इम्तिहान दिए द्वितीय वर्ष में प्रोन्नत छात्रों की भी होगी परीक्षा 41 लाख को राहत, एक विषय का एक पेपर व बहुविकल्पीय होंगे सवाल अगस्त के मध्य तक करानी होगी परीक्षा, 31 अगस्त तक रिजल्ट अंतिम वर्ष या सेमेस्टर की परीक्षा सिर्फ एक या डेढ़ घंटे की होगी प्रायोगिक परीक्षा के अंक लिखित परीक्षा के आधार पर होंगे तय पिछले वर्षों के मुकाबले प्रश्नपत्र में सिर्फ 50 प्रतिशत होंगे सवाल अंक सुधार के लिए छात्र अगले वर्ष होने वाली परीक्षा में बैठ सकेंगे विश्वविद्यालय व कालेज मौखिक परीक्षा आनलाइन करेंगे आयोजित 13 सितंबर विश्वविद्यालय व कालेजों का नया सत्र होगा शुरू ।

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