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Friday, June 18, 2021

यूपी बोर्ड : 12वीं के रिजल्ट का फॉर्मूला तय, हाईस्कूल में 50-50 के आधार पर जारी होगा परिणाम

UPMSP UP Board 10th 12th Exam result 2021: CBSE के बाद यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों की निगाहें सरकार पर टिकी, इस फार्मूले पर बनी सहमति

सीबीएसई की ओर से बारहवीं का रिजल्ट तैयार करने का फार्मूला जारी करने के बाद यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों की निगाहें राज्य सरकार पर हैं। फार्मूला इसी हफ्ते जारी होने की उम्मीद है। यूपी में इंटरमीडिएट में हाईस्कूल का 50 फीसदी, 11वीं का 40 फीसदी व 12वीं के प्री बोर्ड/ प्रैक्टिकल के 10 फीसदी अंक के साथ रिजल्ट जारी करने पर कमेटी ने सहमति दी है। लेकिन मुख्यमंत्री ने अभी इसे अनुमति नहीं दी है। यूपी बोर्ड के लगभग 56 लाख विद्यार्थियों का भविष्य इससे तय होगा। 



वहीं हाईस्कूल में 50-50 फीसदी नवीं व दसवीं कक्षा के प्री बोर्ड परीक्षा के अंक लेकर रिजल्ट तैयार होगा। मुख्यमंत्री की अनुमति मिलने के बाद यूपी बोर्ड रिजल्ट की तैयारियां करेगा। रिजल्ट निकालने से पहले माध्यमिक शिक्षा परिषद को इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 में भी संशोधन करना होगा। इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के अधीन लिखित परीक्षा के माध्यम से ही रिजल्ट तैयार होने का नियम है। इस नियम को संशोधित करने और अधिसूचित करने के बाद ही रिजल्ट जारी किया जाएगा ताकि कोई कानूनी अड़चन न हो।
सीबीएसई ने 10 वीं और 11वीं के अंकों को 60 फीसदी का भारांक दिया है जबकि 12वीं की परीक्षाओं व प्री बोर्ड आदि को 40 फीसदी का। वहीं आईसीएसई के फार्मूले में इसके अलावा स्कूल का पिछले छह वर्षों का रिजल्ट भी देखा जाएगा। परीक्षा परिणाम का फॉर्मूला तय करने के लिए अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटी को लगभग चार हजार सुझाव मिले थे।  

ये भी सुझाए गए फार्मूले-  
-हाईस्कूल में नवीं कक्षा का रिजल्ट व 10वीं के आंतरिक परीक्षा के अंक
- इंटरमीडिएट में 40 फीसदी हाईस्कूल,  60 फीसदी में 11वीं व प्री बोर्ड के अंकों को मिला कर 
-व्यक्तिगत परीक्षार्थी के यदि नंबर नहीं है तो केवल पास का प्रमाणपत्र, यदि अंक हैं तो उनके आधार पर रिजल्ट तैयार होगा

यूपी बोर्ड : 12वीं के रिजल्ट का फॉर्मूला तय, हाईस्कूल में 50-50 के आधार पर जारी होगा परिणाम

परीक्षा परिणाम का फार्मूला तय करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने विभिन्न स्तर से रायशुमारी के बाद ड्राफ्ट तैयार किया है।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों को कक्षा 9वीं के 50 प्रतिशत और कक्षा 10वीं प्री-बोर्ड के प्राप्तांक के 10 प्रतिशत अंक देकर परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा। वहीं इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को 10वीं कक्षा के 50 प्रतिशत, 11वीं कक्षा के 40 प्रतिशत और 12वीं प्री-बोर्ड के प्राप्तांक के दस प्रतिशत अंक देकर परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा। परीक्षा परिणाम का फॉर्मूला तय करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने विभिन्न स्तर से रायशुमारी के बाद ड्राफ्ट तैयार किया है।


प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा को रद्द किया गया है। प्रदेश सरकार ने हाई स्कूल के 29,94,312 और इंटरमीडिएट के 26,10.316 परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा के उत्तीर्ण करने का निर्णय किया है। हाई स्कूल और इंटरमीडिए बोर्ड परीक्षा परिणाम का फॉर्मूला तय करने के लिए एसीएस आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटीृ को 3910 सुझाव मिले हैं। प्रदेश के विधायकों, शिक्षा विदें, अभिभावकों, शिक्षकों ने इसमें सुझाव दिए हैं। सभी सुझावों का अध्ययन कर समिति ने विद्यार्थियों के हित में समिति रिपोर्ट तैयार की है।


इसलिए अलग है यूपी का फॉर्मूला

सीबीएसई में पठन पाठन की प्रक्रिया अलग है। यूपी बोर्ड में पठन-पाठन अलग है। यूपी बोर्ड में पहली बार प्री-बोर्ड परीक्षा हुई है जबकि सीबीएसई में पिछले लंबे समय से प्री-बोर्ड हो रहा है। कृषि, शारीरिक शिक्षा के लिए अलग-अलग फार्मूला होगा। समिति की ओर से तैयार ड्राफ्ट का 20 जून तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद उसे लागू किया जाएगा।

फीस वापस नहीं होगी

बताया जाता है कि हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड में बिना परीक्षा के उत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों को आगामी समय में होने वाली बोर्ड परीक्षा में अंक सुधार का मौका दिया जाएगा। परीक्षार्थी एक विषय या सभी विषय में परीक्षा देकर अपना परिणाम सुधार सकेंगे। उस समय उनसे परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसलिए परीक्षार्थियों से लिया गया परीक्षा शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।

ऐसा होगा निर्णय

हाई स्कूल
1. यदि किसी विद्यार्थी ने कक्षा 9 में अंग्रेजी विषय में 100 में से 80 नंबर प्राप्त किए थे। तो 50 प्रतिशत अंक के आधार पर 9वीं कक्षा के 40 अंक दिए जाएंगे। कक्षा 10 की प्री-बोर्ड में अंग्रेजी विषय में 100 में से 60 अंक प्राप्त किए हैं तो 50 प्रतिशत के आधार पर प्री-बोड 4 के 30 अंक लिए जाएंगे। इस तरह हाई स्कूल में परीक्षार्थी को अंग्रेजी विषय में 100 में से 70 अंक दिए जाएंगे।

इंटरमीडिएट
यदि किसी विद्यार्थी ने 10वीं बोर्ड की परीक्षा में हिन्दी विषय में 100 में से 70 अंक प्राप्त किए थे तो 50 प्रतिशत के आधार पर 10वीं कक्षा के 35 अंक लिए जाएंगे। 11वीं कक्षा में विद्यार्थी ने हिन्दी में 100 में से 60 अंक प्राप्त किए थे तो 40 प्रतिशत के आधार पर 11वीं कक्षा के 24 अंक लिए जाएंगे। 12वीं की प्री-बोर्ड में हिन्दी में 100 में से 60 अंक प्राप्त किए हैं तो दस प्रतिशत के आधार पर प्री-बोर्ड के 6 अंक लिए जाएंगे। इस प्रकार परीक्षार्थी को इंटरमीडिएट में हिन्दी विषय में 65 प्रतिशत अंक दिए जाएंगे।

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