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Friday, February 6, 2026

योग्य शिक्षकों को मिलेगा अवसर, SCERT शुरू कर रहा है कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए रिकॉर्डेड मॉडल ऑनलाइन शिक्षण कार्यक्रम, देखें जारी विज्ञप्ति


कक्षा छह से 12 के छात्र छात्राओं को अब ऑनलाइन क्लास की भी सुविधा, योग्य शिक्षकों को मिलेगा अवसर

लखनऊ। प्रदेश में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से छात्र-छात्राओं को डिजिटल पठन-पाठन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में अब कक्षा छह से 12 के छात्रों को ऑनलाइन क्लास की भी सुविधा मिलेगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से छात्रों को शिक्षकों के रिकॉर्डेड लेक्चर उपलब्ध कराए जाएंगे। 

बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की पहल पर एससीईआरटी ने यह कवायद शुरू की है। ताकि छात्र कक्षाओं से खाली समय में या फिर शाम को घर में भी इनको सुनकर भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान और गणित की तैयारी कर सकेंगे। यह पूरी तरह निःशुल्क होगा। यह एससीईआरटी की वेबसाइट, समग्र शिक्षा की वेबसाइट के साथ-साथ दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध होगा। आगे चलकर इसे पीएम ई-विद्या चैनल पर भी चलाया जाएगा।

एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने बताया कि इस शैक्षिक पहल का उद्देश्य कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों में विषय की समझ को और बेहतर किया जाए। उनके अधिगम स्तर में निरंतर सुधार किया जाए। साथ ही कठिन चीजों को सरल, रोचक और प्रभावी शिक्षण विधियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए। 


योग्य शिक्षकों को मिलेगा अवसर, SCERT शुरू कर रहा है कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए रिकॉर्डेड मॉडल ऑनलाइन शिक्षण कार्यक्रम, देखें जारी विज्ञप्ति

प्रदेश के विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने की दिशा में SCERT का डिजिटल कदम, भौतिक, रसायन, गणित और जीव विज्ञान के लिए रिकॉर्डेड ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करेगा SCERT


लखनऊ । राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तर प्रदेश ने कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शैक्षिक पहल की घोषणा की है। इसके तहत प्रदेश के परिषदीय, माध्यमिक एवं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित एवं जीव विज्ञान विषयों में रिकॉर्डेड मॉडल ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा।

SCERT द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में विषयगत समझ को गहरा करना, अधिगम स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित करना तथा कठिन अवधारणाओं को सरल, रोचक और प्रभावी शिक्षण विधियों के माध्यम से प्रस्तुत करना है। यह पहल विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शैक्षिक संसाधनों तक समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस कार्यक्रम के लिए राज्य के परिषदीय, माध्यमिक एवं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक कार्यरत हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के इच्छुक और योग्य शिक्षक स्वयं नामांकन (सेल्फ-नॉमिनेशन) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया गूगल फॉर्म के जरिए पूरी की जाएगी। चयनित शिक्षक रिकॉर्डेड मॉडल ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन करेंगे, जिससे न केवल विषयवस्तु की स्पष्ट समझ विकसित होगी, बल्कि नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल टूल्स और प्रभावी शैक्षिक रणनीतियों से भी शिक्षक और विद्यार्थी परिचित हो सकेंगे।

SCERT ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षण प्रदान करने वाले चयनित शिक्षकों को निर्धारित मानदेय प्रदान किया जाएगा। यह पहल शिक्षकों की अकादमिक दक्षता, अनुभव और समर्पण को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी एक अहम प्रयास है।

कार्यक्रम से संबंधित पात्रता मानदंड, नामांकन प्रक्रिया, चयन प्रक्रिया तथा कक्षावार एवं विषयवार समय सारिणी की विस्तृत जानकारी SCERT उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। परिषद ने यह भी बताया कि चयनित शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र के साथ निर्धारित मानदेय प्रदान किया जाएगा।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को सशक्त बनाने और विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक ठोस कदम साबित हो सकती है।



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