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Friday, March 25, 2022

पीएम मोदी की छात्रों के साथ "परीक्षा पे चर्चा" आज, कार्यक्रम का होगा सीधा प्रसारण

पीएम मोदी की छात्रों के साथ "परीक्षा पे चर्चा" आज, कार्यक्रम का होगा सीधा प्रसारण, 15 लाख से ज्यादा लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन


पीएम नरेन्द्र मोदी आज परिक्षाओं से ठीक पहले छात्रों के साथ परीक्षा पे चर्चा करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सुबह 11 बजे नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होगा। करीब एक हजार छात्र और शिक्षक इस कार्यक्रम में पीएम के सामने मौजूद रहेंगे।

नई दिल्ली: परीक्षाओं से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छात्रों के साथ होने वाली परीक्षा पे चर्चा को लेकर आखिरकार इंतजार खत्म हुआ। पीएम की छात्रों के साथ यह चर्चा शुक्रवार सुबह 11 बजे नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होगी। करीब एक हजार छात्र और शिक्षक इस कार्यक्रम में पीएम के सामने मौजूद रहेंगे, जबकि लाखों की संख्या में छात्र, शिक्षक और अभिभावक आनलाइन जुड़ेंगे। पीएम मोदी की छात्रों के साथ होने वाली इस महत्वपूर्ण चर्चा से जुड़ी तैयारियों को गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय ने अंतिम रूप दिया।

परीक्षा पे चर्चा, एक सार्वजनिक आंदोलन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने गुरुवार को सहयोगी मंत्रियों के साथ तालकटोरा स्टेडियम पहुंचकर तैयारियों को जांचा। प्रधान ने कहा कि, ‘परीक्षा पे चर्चा एक बहुप्रतीक्षित वार्षिक कार्यक्रम है, जिसमें प्रधानमंत्री परीक्षा के तनाव से संबंधित सवालों का जवाब देते हैं और एक जीवंत कार्यक्रम में छात्रों द्वारा अपनी अनूठी आकर्षक शैली में संबंधित क्षेत्रों को प्रस्तुत करते हैं।’ 


परीक्षा पे चर्चा, एक सार्वजनिक आंदोलन करार देते हुए, मंत्री प्रधान ने देश के कोविड-19 महामारी से बाहर आने और परीक्षाओं को आफलाइन मोड में स्थानांतरित करने के मद्देनजर इस वर्ष के परीक्षा पे चर्चा के महत्व को रेखांकित किया। 21वीं सदी की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण में परीक्षा पे चर्चा जैसी पहलों के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी एक औपचारिक संस्था बन रही है जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री सीधे छात्रों से बातचीत करते हैं।


लाखों लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन

गौरतलब है कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इस बार करीब 15 लाख छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके साथ ही शिक्षा मंत्रालय ने इस चर्चा का देश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में सीधे प्रसारण का निर्देश दिया है। पीएम मोदी की छात्रों के साथ परीक्षा पे चर्चा का यह पांचवां संस्करण है। इस दौरान वे छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव को भगाने का मंत्र देते दिखेंगे।





"परीक्षा पे चर्चा" : पीएम मोदी से डेढ़ घंटे में 20 सवाल पूछेंगे छात्र



नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छात्रों के साथ एक अप्रैल को प्रस्तावित परीक्षा पे चर्चा को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने इस बार खास तैयारी की है। इसमें छात्र प्रधानमंत्री से पिछले सत्रों के मुकाबले काफी रोचक सवाल करते दिखेंगे।


 पीएम की छात्रों के साथ परीक्षा पर चर्चा करीब डेढ़ घंटे चलेगी। इस दौरान छात्रों की ओर से पीएम से करीब 20 सवाल पूछे जाएंगे। सभी अलग-अलग विषयों पर केंद्रित होंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने सोमवार को पत्रकारों को परीक्षा पे चर्चा से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी। 


सभी राज्यों से इस चर्चा से जुड़ने का अनुरोध किया गया है। राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को भी पत्र लिखकर छात्रों के लिए उपयोगी इस चर्चा से जुड़ने के लिए कहा गया है। सभी राज्यों के राजभवनों में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा। यह पहल इसलिए भी की गई है, ताकि राज्यों में पढ़ने वाले छात्र भी परीक्षा के तनाव को दूर करने के लिए पीएम की टिप्स का लाभ उठा सकें।



एक अप्रैल को पीएम मोदी छात्रों संग करेंगे परीक्षा पे चर्चा
PM Modi Pariksha Pe Charcha First April


नई दिल्ली: दसवीं और बारहवीं बोर्ड सहित दूसरी अहम प्रतियोगी परीक्षाओं से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बार फिर से छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव को दूर करने का मंत्र देते दिखेंगे। यह चर्चा अब एक अप्रैल को नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में होगी। इसमें छात्रों के साथ शिक्षक और अभिभावक भी शामिल होंगे।



कोरोना संकट के चलते पहले इस चर्चा को पिछले साल की तरह वचरुअल ही रखा गया था, लेकिन कोरोना की स्थिति में तेजी से हुए सुधार के बाद शिक्षा मंत्रलय ने इस चर्चा को पहले की तरह आयोजित करने का एलान किया है। शिक्षा मंत्रलय ने गुरुवार को पीएम मोदी की छात्रों के साथ परीक्षा पे चर्चा की तारीख घोषित की। जिसमें छात्र पहले की तरह पीएम के साथ बैठकर परीक्षा और पढ़ाई से जुड़े विषयों पर सीधे सवाल पूछ सकेंगे। पीएम मोदी की छात्रों के साथ परीक्षा पे चर्चा करने की यह शुरुआत 2018 में हुई थी। तब से हर साल इसका आयोजन होता आ रहा है। इस चर्चा के लिए रजिस्ट्रेशन का काम दिसंबर से शुरू हो गया था।

IASE प्रयागराज और केयर इंडिया कार्यशाला : अध्यापकों को परिवर्तनों को स्वीकारने और डायरी लेखन करने की सलाह

IASE प्रयागराज और केयर इंडिया कार्यशाला : अध्यापकों को परिवर्तनों को स्वीकारने और डायरी लेखन करने की सलाह



प्रयागराज : इंस्टीट्यूट आफ एडवांस्ड स्टडी इन एजुकेशन व केयर इंडिया की ओर से संविलियन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की नेतृत्व क्षमता संवर्धन के लिए लखनऊ में इन दिनों प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। गुरुवार को संस्थान की प्राचार्य एवं अपर शिक्षा निदेशक ललिता प्रदीप ने प्रधानाध्यापकों से जिम्मेदारियों के समुचित निर्वहन का आग्रह किया। कहा कि देश के भविष्य के निर्माण की जो जिम्मेदारी मिली है उसे उत्साह के साथ निभाएं। 


इस मौके पर पठन-पाठन में हो रहे बदलाव को स्वीकारनें व डायरी लेखन पर बल दिया गया। स्कूल आफ ओपन आइडियाज के संस्थापक डा. संजीव राय ने संविलियन विद्यालयों की विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान पर प्रकाश डाला। 



इस दौरान शिक्षकों ने मिड डे मील एवं पोषाहार की मात्रा एवं गणना संबंधी विसंगतियों को उठाया। इसके अतिरिक्त प्रधानाध्यापकों के पद संबंधी प्रतिस्पर्धा, डीबीटी व अन्य शिक्षणेत्तर कार्यों में लगाए जाने संबंधी समस्याएं बताईं। विषय विशेषज्ञों ने सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन, कुशल प्रशासन को लेकर टिप्स दिए। शिक्षा के डिजिटलीकरण के महत्व को भी बताया गया। 


अध्यापकों को उपस्थिति व पढ़ाई के घंटों को बढ़ाने के लिए भी प्रेरित किया गया। कहा गया कि तीन आर सिद्धांत अर्थात रेगुलेटरी, रिवीजन, रिकार्ड्स पर गौर करें। विद्यालय और कक्षा का वातावरण भी बेहतर होना चाहिए।



 प्रशिक्षण कार्यक्रम में वंदना मिश्रा, अशोक नाथ तिवारी, अमिता सिंह, उपकेंद्र नाथ सिंह, स्मिता जायसवाल आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशिक्षण सत्र में यह भी तय किया गया कि प्रदेश के 23733 संविलियन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के मध्य आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए भविष्य में कई अन्य कार्यशाला व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

राज्य के विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति के मानक के मामले में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा

राज्य के विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति के मानक के मामले में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा



नई दिल्ली : क्या राज्यीय विश्वविद्यालयों में कुलपति (वीसी) की नियुक्ति करने में यूजीसी (विवि अनुदान आयोग) के मानकों का पालन करना आवश्यक है, या राज्य ये नियुक्तियां अपने मानकों के अनुसार कर सकता है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम फैसला देने का निर्णय किया है।



हाल ही में उत्तराखंड और केरल के दो मामले शीर्ष अदालत में आए हैं, जिसमें हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के दो फैसलों के आधार पर वीसी की नियुक्तियों पर अलग दृष्टिकोण लिया है। उत्तराखंड में हाईकोर्ट ने शोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के वीसी की नियुक्ति रद्द कर दी जबकि वहीं केरल हाईकोर्ट ने वीसी की नियुक्ति में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया और कहा कि वीसी की नियुक्ति में यूजीसी के नियम राज्य पर बाध्यकारी नहीं हैं।

जेल जाते-जाते बचे बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव, जानिए क्या था मामला

जेल जाते-जाते बचे बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव, जानिए क्या था मामला



प्रयागराज : सहायक अध्यापकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के मामले में हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना करने पर बेसिक शिक्षा परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल बुधवार को जेल जाते-जाते बच गए। कोर्ट के कई बार के आदेश के बावजूद सचिव ने शिक्षिकाओं के स्थानांतरण का आवेदन रद्द किया। हाईकोर्ट ने इसचिव को तलब किया था। 


परिषद सचिव बुधवार को जब कोर्ट में हाजिर हुए, तब भी उन्होंने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया था। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने सख्त रुख अपनाया। कहा कि शिक्षिका का बेटा बीमार है ऐसे में अधिकारी मानवीय संवेदना का परिचय देने की बजाय अड़ियल रुख अपनाए हुए हैं। साथ ही कोर्ट के आदेश की अवमानना भी कर रहे हैं। 



कोर्ट ने सचिव को चेतावनी दी कि अगर आदेश का पालन नहीं करते हैं तो उन्हें यहीं से (न्यायालय) जेल भेज दिया जाएगा। यहां तक कि कोर्ट ने सचिव को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस बुलाने तक को कह दिया। कोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए अधिवक्ता अर्चना सिंह ने सचिव की ओर से कोर्ट से अनुरोध किया कि कुछ समय की मोहलत दी जाए। 



इस पर कोर्ट ने कहा कि वह अदालत उठने के बाद अपने चैंबर में इस मामले को सुनेंगे और सचिव भी वहां मौजूद रहेंगे। इसके बाद शाम को जब चैंबर में अदालत बैठी तो सचिव ने आदेश का अनुपालन करते हुए दोनों शिक्षिकाओं के स्थानांतरण का आदेश उनके अधिवक्ता नवीन कुमार शर्मा को सौंप दिया। आदेश का अनुपालन हो जाने पर कोर्ट ने अवमानना याचिका निस्तारित कर दी। इससे पूर्व हाईकोर्ट ने शिक्षिकाओं के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की अर्जी खारिज करने के सचिव के आदेश को रद्द कर दिया था।


क्या था मामला
प्रयागराज में कार्यरत शिक्षिका रुखसार मरियम रिजवी और सोनभद्र की शिक्षिका शोभा देवी ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। मरियम ने लखनऊ के लिए जबकि शोभा देवी ने चित्रकूट के लिए स्थानांतरण की मांग की थी। दोनों शिक्षिकाओं ने आधार लिया था कि उनके बच्चे बीमार हैं, जिनकी देखभाल के लिए उनका स्थानांतरण किया जाना जरूरी है। सचिव ने उनका आवेदन निरस्त कर दिया। सचिव के इस आदेश को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई।

TET की तर्ज पर अब यूपी में MTET, मदरसा टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (एमटीईटी) का होगा आयोजन

TET की तर्ज पर अब यूपी में MTET,  मदरसा टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (एमटीईटी) का होगा आयोजन

 
लखनऊ :  उत्तर प्रदेश में अब सरकारी शिक्षक भर्ती के लिए आयोजित होने वाले टीचर्स एजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) की तर्ज पर मदरसा टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (एमटीईटी) आयोजित होगा। प्रदेश सरकारी मान्यता प्राप्त व अनुदानित मदरसों में अब मदरसा प्रबंधक सीधे अपने स्तर पर रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती नहीं कर पाएंगे। हिन्दुस्तान से बातचीत में मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डा.इफ्तेखार जावेद ने यह जानकारी दी।

इन खाली पदों के लिए पहले उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड आवेदन आमंत्रित करेगा। उसके बाद चयनित अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा आयोजित करवाएगा। इस लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का साक्षात्कार आदि की प्रक्रिया मदरसा प्रबंधन पूरी करके नियुक्त करेगा।

इसी के साथ अनुदानित व मान्यता प्राप्त मदरसों में अब मोबाइल एप से भी पढ़ाई होगी। उ.प्र.मदरसा बोर्ड ने एक मोबाइल एप तैयार करवाया है। रमजान के बाद इसकी लांचिंग की जाएगी। बोर्ड के रजिस्ट्रार एस.एन.पाण्डेय ने बताया कि मोबाइल एप में एनसीईआरटी के सभी पाठ्यक्रमों के साथ धार्मिक शिक्षा के कोर्स का मैटीरियल भी उपलब्ध होगा। यह स्टडी मैटीरियल शिक्षकों के लिए काफी उपयोगी रहेगा।


यूपी : कक्षाएं शुरू होने से पहले अब मदरसों में गाना होगा राष्ट्रगान, शिक्षा परिषद की बैठक में हुआ तय

मदरसा शिक्षा परिषद की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले,  TET की तर्ज पर MTET के जरिए शिक्षकों की होगी नियुक्ति। 

यूपी के सभी मदरसों में अब राष्ट्रगान अनिवार्य, दीनियात के प्रश्नपत्रों को कम कर जोड़े गए आधुनिक विषय

मदरसा शिक्षकों के बच्चे कहां पढ़ते हैं, होगा सर्वे, मदरसा बोर्ड की बैठक में फैसला



योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा मदरसों में सुधार के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डा. इफ्तिखार अहमद जावेद की अध्यक्षता में गुरुवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें कई अहम निर्णय लिए गए।


लखनऊ । उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने राज्य के सभी मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य कर दिया है। 11 मई से शुरू होने वाले नए शिक्षण सत्र में कक्षाएं प्रारंभ होने से पहले अन्य दुआओं के साथ ही राष्ट्रगान का गायन अनिवार्य होगा।
इसके अलावा अब मदरसा बोर्ड के पाठ्यक्रम को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए दीनियात (धर्म संबंधी) के प्रश्नपत्रों को कम कर आधुनिक विषयों को जोड़ दिया है। अब दीनियात के चार के बजाय केवल एक प्रश्नपत्र होगा। सेकेंड्री (मुंशी/मौलवी) में अरबी व फारसी के साथ-साथ दीनियात को शामिल करते हुए केवल एक पेपर होगा। इसके अलावा हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्र अलग-अलग होंगे।

योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा मदरसों में सुधार के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डा. इफ्तिखार अहमद जावेद की अध्यक्षता में गुरुवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें कई अहम निर्णय लिए गए। मदरसा बोर्ड में अब छह प्रश्नपत्रों की परीक्षा होगी। बेसिक शिक्षा परिषद की तर्ज पर कक्षा एक से आठ तक के पाठ्यक्रम में दीनियात के विषय के अतिरिक्त हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्र होंगे।

मदरसों में घटती छात्र संख्या पर भी बैठक में चिंता जताई गई। साथ ही तय किया गया कि जिन मदरसों में छात्र कम हैं और शिक्षक अधिक हैं वहां के शिक्षकों को दूसरे मदरसों में समायोजित किया जाएगा। बैठक में सदस्यों ने कहा कि बहुत से मदरसा शिक्षक ऐसे हैं जो अपने बेटे-बेटियों को कान्वेंट स्कूल में पढ़ाते हैं जबकि अन्य को मदरसा शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित करते हैं। मान्यता प्राप्त मदरसों के शिक्षकों व कर्मचारियों के पुत्र-पुत्रियां कहां पढ़ रहे इस बारे में मदरसा बोर्ड सर्वे कराएगा।

बोर्ड बैठक में तय हुआ कि मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत संचालित मदरसों की शैक्षिक गुणवत्ता का मूल्यांकन कराया जाएगा। स्थायी मान्यता प्राप्त मदरसों के लिए जो प्रस्ताव आए हैं वह विनियमावली 2016 के अनुरूप हो तो उन्हें स्वीकृत किया जाए अन्यथा वापस भेज दिया जाए। भूमि व भवन के ट्रांसफर संबंधी प्रस्ताव बोर्ड के रजिस्ट्रार निस्तारित करेंगे।

आगामी सत्र से मदरसों में छात्रों के पंजीकरण आनलाइन कराए जाने की व्यवस्था कराने व आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली विकसित करने का निर्णय लिया गया है। शिक्षकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक मदरसे में बायोमैट्रिक उपस्थिति सिस्टम की स्थापना की जाएगी। बैठक में सदस्य कमर अली, तनवीर रिजवी, डा. इमरान अहमद, असद हुसैन के अलावा वित्त एवं लेखाधिकारी आशीष आनन्द व रजिस्ट्रार शेषनाथ पाण्डेय मुख्य रूप से उपस्थित थे।

14 मई से शुरू होंगी मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं : बोर्ड बैठक में तय हुआ कि मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं 14 मई से शुरू होकर 27 मई तक चलेंगी। रजिस्ट्रार शेषनाथ पाण्डेय परीक्षा समिति से विचार कर विस्तृत कार्यक्रम जारी करेंगे। बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं राज्य के अनुदानित मदरसों व आलिया स्तर के स्थायी मान्यता प्राप्त मदरसों में सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होंगी।


टीईटी की तर्ज पर मदरसा शिक्षकों के लिए एमटीईटी : मदरसा बोर्ड ने मदरसा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से योग्य शिक्षकों के चयन के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की तर्ज पर मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एमटीईटी) लागू करने का निर्णय लिया गया। बोर्ड ने रजिस्ट्रार को इसका प्रस्ताव बनाकर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अब मदरसों में रिक्त पदों पर भर्तियां उन्हीं अभ्यर्थियों से की जाएंगी जो एमटीईटी परीक्षा पास होंगे। वर्तमान में करीब 550 मदरसा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। एमटीईटी के लागू होने से भर्तियों में भाई-भतीजावाद के आरोप भी नहीं लगेंगे।


प्रदेश के मान्यता प्राप्त, अनुदानित व गैर अनुदानित मदरसों में नए शिक्षण सत्र से कक्षाएं शुरू होने से पहले विद्यार्थियों को राष्ट्रगान गाना होगा। इसे अन्य दुआओं के साथ अनिवार्य कर दिया गया है। इतना ही नहीं, मदरसों की शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए टीईटी की तर्ज पर शिक्षकों की भर्ती के लिए मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एमटीईटी) भी शुरू किया जाएगा। ये निर्णय बृहस्पतिवार को मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए। 

डॉ. जावेद ने बताया कि बोर्ड के रजिस्ट्रार जल्द ही शासन को एमटीईटी के बाबत प्रस्ताव भेजेंगे। उन्होंने बताया कि मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के बच्चे किन संस्थानों से शिक्षा हासिल कर रहे हैं, इसका सर्वे कराने पर भी सहमति बनी है। बैठक में बोर्ड के सदस्य कमर अली, तनवीर रिजवी, डॉ. इमरान अहमद, असद हुसैन, अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय में लेखाधिकारी आशीष आनंद और बोर्ड के रजिस्ट्रार एसएन पांडेय मौजूद रहे।


मदरसों में शिक्षक और विद्यार्थी अनुपात की होगी जांच
डॉ. जावेद ने बताया कि मदरसों में विद्यार्थियों की घटती संख्या को देखते हुए अनुदानित मदरसों में शिक्षक और विद्यार्थी अनुपात की जांच कराने का निर्णय लिया गया है। छात्रों के अनुपात से ज्यादा शिक्षक होने पर शिक्षकों को समायोजित किया जाएगा। इसके अलावा मदरसों बायोमीट्रिक हाजिरी सिस्टम लागू करने का भी निर्णय लिया गया है।


14 से 27 मई के बीच होंगी मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं
परिषद के चेयरमैन ने बताया कि मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं 14 से 27 मई के बीच कराई जाएंगी। बेसिक शिक्षा परिषद की तर्ज पर कक्षा एक से आठ तक के पाठ्यक्रम दीनियात के विषयों के अलावा हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय के प्रश्न पत्र परीक्षा में शामिल होंगे।


मदरसा बोर्ड: अरबी फारसी के साथ दीनियात भी शामिल

लखनऊ : मदरसा बोर्ड की सेकेंडरी (मुंशी-मौलवी) में अरबी-फारसी साहित्य के साथ दीनियात शामिल करते हुए एक विषय रखा जाएगा। बाकी हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के प्रश्न पत्र अलग होंगे।

बैठक में तय किया गया कि मदरसों में घटती छात्र संख्या के चलते जिन अनुदानित मदरसों में छात्रों की संख्या से शिक्षक के पद अधिक सृजित हैं वहां के शिक्षक जिन मदरसों में शिक्षक कम हैं वहां समायोजित के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बैठक में मदरसा शिक्षकों के पुत्र-पुत्रियों के अंग्रेजी शिक्षा ग्रहण करने की जानकारी प्राप्त करने के लिए सर्वे कराने का निर्णय लिया गया।


मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा एमटीईटी लागू होगी:

बैठक में यह भी तय किया गया कि मदरसों में छात्र पंजीकरण ऑनलाइन कराया जाएगा और आधार बेस्ड उपस्थिति प्रणाली विकसित करते हुए अगले सत्र से लागू की जाएगी। मदरसा शिक्षकों की ससमय उपस्थिति के लिए मदरसों में बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की जाएगी।

UP Board Exam 2022: पहले दिन चार लाख से अधिक ने छोड़ी बोर्ड परीक्षा, 100 से अधिक पकड़े गए नकलची


यूपीबोर्ड : 29 मार्च की परीक्षा में 77139 छात्र रहे अनुपस्थित, पकड़े गए 5 नकलची

UP Board Exam 2022: यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान मंगलवार को पूरे प्रदेश में 77139 छात्र-छात्राएं अनुपस्थित रहे, जबकि पांच विद्यार्थियों को नकल करते पकड़ा गया। सचिव दिब्यकांत शुक्ल के अनुसार प्रथम पाली में हाईस्कूल संस्कृत व इंटर चित्रकला (आलेखन), चित्रकला (प्रावैधिक) व रंजन कला के लिए पंजीकृत 7,71,822 परीक्षार्थियों में से 77041 जबकि दूसरी पाली में हाईस्कूल संगीत वादन व इंटर अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य भूगोल-पुराना पाठ्यक्रम (वाणिज्य वर्ग के लिए) में पंजीकृत 2094 में से 98 अनुपस्थित रहे। प्रयागराज में दोनों पालियों में 3505 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। बुधवार को पहली पाली में हाईस्कूल वाणिज्य व इंटर भाषा जबकि दूसरी पाली में हाईस्कूल सिलाई व इंटर अंग्रेजी की परीक्षा होगी।

11 अप्रैल तक चलाई जा रहीं फ्री बसें :
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 24 मार्च 2022 से शुरू हो चुकी हैं और 11 अप्रैल 2022 तक चलेंगी। प्रदेश भर में 8 हजार से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें लखनऊ समेत प्रदेश भर में एक हजार से ज्यादा केंद्रों पर पहुंचने के लिए परिवहन सेवाओं की सुविधा नहीं है। ऐसे में परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज बसें चलाई जाएंगी। इन बसों का संचालन 11 अप्रैल 2022 तक होगा।

UP Board Exam 2022: पहले दिन चार लाख से अधिक ने छोड़ी बोर्ड परीक्षा, 100 से अधिक पकड़े गए नकलची।

यूपी बोर्ड : सूबे में दूसरे दिन चार हजार परीक्षार्थियों ने छोड़ी परीक्षा।

यूपी बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों के अनुपस्थिति का सिलसिला जारी, तीसरे दिन 70 हजार ने छोड़ दी परीक्षा, नकल करते हुए पकड़ी गईं तीन छात्राएं, खबर पढ़ें सबसे नीचे।

नकलविहीन परीक्षा को लेकर शासन की सख्ती के कारण यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन ही चार लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने पेपर छोड़ दिया। नकल रोकने और शुचितापूर्वक परीक्षा संपन्न कराने के लिए प्रदेश के 254 अतिसंवेदनशील और 861 संवेदनशील केंद्रों पर एसटीएफ, एलआईयू और स्थानीय पुलिस को लगाया गया था।


पहले दिन सुबह 8 से 11.15 बजे की पाली में हाईस्कूल हिन्दी, प्रारंभिक हिन्दी व इंटर सैन्य विज्ञान जबकि 2 से 5.15 बजे की दूसरी पाली में इंटर हिन्दी व सामान्य हिन्दी का पेपर था। बोर्ड मुख्यालय को सभी 75 जिलों से मिली सूचना के मुताबिक पहली पाली में 2,61,058 छात्र-छात्राएं अनुपस्थित थे। दूसरी पाली की सूचना जिलों से रात नौ बजे तक प्राप्त नहीं हो सकी थी। 

हालांकि सूत्रों के अनुसार दूसरी पाली में डेढ़ लाख परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। दोनों पालियों में 100 से अधिक नकलचियों के पकड़े जाने की सूचना थी। प्रदेशभर में बने सभी 8373 केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। केंद्र व्यवस्थापक व स्टैटिक मजिस्ट्रेट को छोड़कर परीक्षा केंद्र के अंदर किसी को भी फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी।


यूपी बोर्ड : सूबे में दूसरे दिन चार हजार परीक्षार्थियों ने छोड़ी परीक्षा

यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन हिंदी का पेपर चार लाख से अधिक विद्यार्थियों ने छोड़ दिया था। परीक्षा केंद्रों पर हुई सख्ती का असर है कि दूसरे दिन भी चार हजार 494 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।

यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 में दूसरे दिन भी दोनों में कुल 4 हजार 494 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। सूबे में कुल पांच नकलची पकड़े गए। इसमें चार छात्र हाईस्कूल की परीक्षा के दौरान और एक छात्रा इंटरमीडिएट की परीक्षा में नकल करते हुए पकड़ी गई। मथुरा में दूसरे की जगह पर परीक्षा देने पहुंचे दो लोगों को पकड़ा गया है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। 

यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन हिंदी का पेपर चार लाख से अधिक विद्यार्थियों ने छोड़ दिया था। परीक्षा केंद्रों पर हुई सख्ती का असर है कि दूसरे दिन भी चार हजार 494 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।

शुक्रवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल की पाली, अरबी, फारसी तथा इंटरमीडिएट की संगीत गायन, वादन, नृत्य  और दूसरी पाली में इंटर की सामान्य आधारिक विषय, कृषि शस्य विज्ञान प्रथम प्रश्न पत्र भाग एक व कृषि शस्य विज्ञान भाग दो के षष्ठम प्रश्न पत्र की परीक्षा हुई। दूसरी पाली में हाईस्कूल की संगीत गायन की परीक्षा हुई। प्रथम पाली में कुल 8275 अभ्यर्थी पंजीकृत रहे। इनमें से 514 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली में 79, 615 परीक्षार्थी थे। इनमें से 3980 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।


यूपी बोर्ड परीक्षा : तीसरे दिन 70 हजार ने छोड़ दी परीक्षा, नकल करते हुए पकड़ी गईं तीन छात्राएं

परीक्षार्थियों के अनुपस्थिति का सिलसिला जारी

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव के मुताबिक शनिवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल की गृहविज्ञान और इंटरमीडिएट की उर्दू, गुजराती, पंजाबी, बंगला, मराठी, असमी, उड़िया, कन्नड़, सिंधी, तमिल, मलयालम तथा नेपाली भाषा की परीक्षा थी।

यूपी बोर्ड परीक्षा में केंद्रों पर सख्ती का असर दिख रहा है। परीक्षा छोड़ने वाले परीक्षार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार को तीसरे दिन भी यह  क्रम जारी रहा। दोनों पालियों की परीक्षा में कुल 70 हजार 207 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। सूबे में हाईस्कूल की परीक्षा के दौरान उड़ाका दल ने तीन छात्राओं को नकल करते हुए पकड़ा। 

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव के मुताबिक शनिवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल की गृहविज्ञान और इंटरमीडिएट की उर्दू, गुजराती, पंजाबी, बंगला, मराठी, असमी, उड़िया, कन्नड़, सिंधी, तमिल, मलयालम तथा नेपाली भाषा की परीक्षा थी। दूसरी पाली में इंटरमीडिएट में वाणिज्य वर्ग की लेखाशास्त्र की परीक्षा रही। प्रथम पाली में कुल 8 लाख 11 हजार 121 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 7 लाख 43 हजार 427 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 67 हजार 694 विद्यार्थी परीक्षा से अनुपस्थित रहे।

परीक्षार्थियों के अनुपस्थिति का सिलसिला जारी

दूसरी पाली की परीक्षा में कुल 57 हजार 037 अभ्यर्थी पंजीकृत रहे। इनमें से 54 हजार 524 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जबकि 2513 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। तीसरे दिन की परीक्षा में कुल 8 लाख 68 हजार 158 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे। इनमें से 7 लाख 97 हजार 951विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
 
सोमवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल की चित्रकला, रंजनकला तथा इंटरमीडिएट की भूगोल तथा द्वितीय पाली में हाईस्कूल की कंप्यूटर तथा इंटरमीडिएट की व्यवसाय अध्ययन नया पाठ्यक्रम और गृहविज्ञान विषय की परीक्षा होगी।

UP Board Exam 2022: पहले दिन चार लाख से अधिक ने छोड़ी बोर्ड परीक्षा, 100 से अधिक पकड़े गए नकलची

UP Board Exam 2022: पहले दिन चार लाख से अधिक ने छोड़ी बोर्ड परीक्षा, 100 से अधिक पकड़े गए नकलची

नकलविहीन परीक्षा को लेकर शासन की सख्ती के कारण यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन ही चार लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने पेपर छोड़ दिया। नकल रोकने और शुचितापूर्वक परीक्षा संपन्न कराने के लिए प्रदेश के 254 अतिसंवेदनशील और 861 संवेदनशील केंद्रों पर एसटीएफ, एलआईयू और स्थानीय पुलिस को लगाया गया था।


पहले दिन सुबह 8 से 11.15 बजे की पाली में हाईस्कूल हिन्दी, प्रारंभिक हिन्दी व इंटर सैन्य विज्ञान जबकि 2 से 5.15 बजे की दूसरी पाली में इंटर हिन्दी व सामान्य हिन्दी का पेपर था। बोर्ड मुख्यालय को सभी 75 जिलों से मिली सूचना के मुताबिक पहली पाली में 2,61,058 छात्र-छात्राएं अनुपस्थित थे। दूसरी पाली की सूचना जिलों से रात नौ बजे तक प्राप्त नहीं हो सकी थी। 

हालांकि सूत्रों के अनुसार दूसरी पाली में डेढ़ लाख परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। दोनों पालियों में 100 से अधिक नकलचियों के पकड़े जाने की सूचना थी। प्रदेशभर में बने सभी 8373 केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। केंद्र व्यवस्थापक व स्टैटिक मजिस्ट्रेट को छोड़कर परीक्षा केंद्र के अंदर किसी को भी फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी।

Thursday, March 24, 2022

गोरखपुर : DM ने लापरवाही पर की कार्रवाई, चार BEO के निलंबन की संस्तुति

गोरखपुर : DM ने लापरवाही पर की कार्रवाई, चार BEO के निलंबन की संस्तुति

मेडिकल / सीसीएल या अन्य अवकाश लेने पर भी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने का देना होगा शपथपत्र, बीएसए बिजनौर का आदेश देखें।

मेडिकल / सीसीएल या अन्य अवकाश लेने पर भी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने का देना होगा शपथपत्र, बीएसए बिजनौर का आदेश देखें।


मृत शिक्षकों को भी बना दिया गया कक्ष पर्यवेक्षक, ऑनलाइन ड्यूटी लगाने में आई विसंगति का हल स्थानीय स्तर पर, माध्यमिक शिक्षा विभाग का फैसला

मृत शिक्षकों को भी बना दिया गया कक्ष पर्यवेक्षक, ऑनलाइन ड्यूटी लगाने में आई विसंगति का हल स्थानीय स्तर पर, माध्यमिक शिक्षा विभाग का फैसला


लखनऊ : यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से पर्यवेक्षकों की ऑनलाइन ड्यूटी लगाने में बड़ी गड़बड़ी सामने आयी हैं। बोर्ड परीक्षाओं के लिए परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। ड्यूटी लगाते वक्त ये भी ध्यान नहीं रखा गया है कि शिक्षक जीवित है या मृत। मृत शिक्षकों की ड्यूटी भी लगा दी है।


बोर्ड परीक्षा के लिए लगायी गई ऑनलाइन ड्यूटी में सरोजिनीनगर ब्लॉक के बेसिक स्कूल सदरौना के जगदम्बा प्रसाद यादव की ड्यूटी पर्यवेक्षक के रूप में लगायी गई है जिनका पूर्व में निधन में हो चुका है। इसी प्रकार चिनहट ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय खाले देवरिया में मृत शिक्षिका कुसुम यादव की तैनाती भी पर्यवेक्षक के रूप में कर दी गई है।



विसंगति का हल स्थानीय स्तर पर : माध्यमिक शिक्षा विभाग

हाईस्कूल व इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी में विसंगति का निस्तारण स्थानीय स्तर पर किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने आदेश जारी किया है कि पहली बार सॉफ्टवेयर के माध्यम से ड्यूटी लगाई गई है जिसमें डाटा फीडिंग में हुई गलती के कारण कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगने में कुछ गलतियां हो सकती हैं।

उत्तर पुस्तिका के हर पन्ने पर लिखना होगा रोल नंबर, 75 जिलों में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे पर्यवेक्षण

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं आज से, 10वीं में 27.81 और 12वीं में 24.11 लाख परीक्षार्थी

उत्तर पुस्तिका के हर पन्ने पर लिखना होगा रोल नंबर, 75 जिलों में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे पर्यवेक्षण

 

🔵 आंकड़ों पर नजर

■ प्रदेश के 8373 केंद्रों पर होगी 10वीं-12वीं की परीक्षा

■ 27,81,654 परीक्षार्थी हाईस्कूल में हैं पंजीकृत

■ 24,11,035 छात्र-छात्राएं इंटरमीडिएट की परीक्षा देंगे

■ 75 जिलों में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पर्यवेक्षण करेंगे



यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं गुरुवार से शुरू होंगी। प्रदेशभर में निर्धारित 8373 केंद्रों पर 51,92,689 छात्र-छात्राएं परीक्षा में सम्मिलित होंगे। बोर्ड ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया है कि परीक्षार्थियों से कॉपी के प्रत्येक पन्ने पर अपनी हैंडराइटिंग में कॉपी का क्रमांक और अपना अनुक्रमांक (रोल नंबर) लिखवाना सुनिश्चित करें। परीक्षा में मेधावी छात्रों की कॉपी बदलने की घटनाओं को रोकने के लिए बोर्ड ने यह निर्देश दिए हैं।


इससे कॉपी या बीच के पन्ने बदलने पर पता चल जाएगा। साथ ही परीक्षा कक्ष में नक्शे, चित्र, ड्राइंग जैसी सामग्रियों को भी हटाने के निर्देश दिए हैं। पहले दिन गुरुवार सुबह 8 से 11.15 बजे की पाली में हाईस्कूल हिन्दी व प्रारंभिक हिन्दी औरइंटर सैन्य विज्ञान की परीक्षा होगी। जबकि 2 से 5.15 बजे की दूसरी पाली में इंटर हिन्दी व सामान्य का पेपर होगा। शासन ने साफ कर दिया है कि प्रत्येक केंद्र परशांतिपूर्ण एवं शुचितापूर्ण परीक्षा कराने के लिए सुपर जोनल, जोनल सेक्टर व स्टैटिक मजिस्ट्रेट व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।


 सभी 75 जिलों में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है। (देखें आदेशमुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कमिश्नर, पुलिस महानिरीक्षक, डीएम, एसएसपी, एसपी व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।


 परीक्षा की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। यूपी बोर्ड परीक्षा सम्मिलित हो रहे सभी छात्र-छात्राओं को मेरी शुभकामनाएं। खूब मेहनत से पढ़ाई करें और किसी के बहकावे में न आएं।
- दिव्यकांत शुक्ल, सचिव यूपी बोर्ड

परीक्षार्थियों के लिए बोर्ड परीक्षा में चलेंगी स्पेशल बसें

परीक्षार्थियों के लिए बोर्ड परीक्षा में चलेंगी स्पेशल बसें


UP Board Exam 2022: यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 24 मार्च से शुरू हो रही हैं। प्रदेश भर में आठ हजार से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें लखनऊ समेत प्रदेश भर में एक हजार से ज्यादा केंद्रों पर पहुंचने के लिए परिवहन सेवाओं की सुविधा नहीं है। ऐसे में परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज बसें चलाई जाएंगी। इन बसों का संचालन 11 अप्रैल तक होगा।


परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक, डीआईओएस से परीक्षा केंद्रों का ब्यौरा लेकर जरूरी कदम उठाएंगे। इसके लिए हर क्षेत्र में बस स्टापेज चिन्हित करके परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुंचाने की तैयारी की गई है। क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव बोस ने बताया कि लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है।

सीएम ने बोर्ड परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दींमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ट्वीट करके यूपी बोर्ड की 10वीं व 12वीं की परीक्षा में शामिल हो रहे सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा-‘कल से यूपी बोर्ड की 10वीं व 12वीं कक्षा की परीक्षाएं आरंभ हो रही हैं। सभी परीक्षार्थी पूर्ण एकाग्रता के साथ बिना किसी तनाव के परीक्षा में सम्मिलित हों। आपका परिश्रम अवश्य फलीभूत होगा व निश्चित ही सुखद परिणाम प्राप्त होंगे। मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।’

उच्च शिक्षा : डिग्री कॉलेजों में प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति प्रक्रिया शुरू

उच्च शिक्षा : डिग्री कॉलेजों में प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति प्रक्रिया शुरू

प्रदेश के राजकीय व सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत शिक्षकों को प्रोफेसर पद पर प्रोन्नत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शासन के आदेश पर चयन समिति के अध्यक्ष नामित कर दिए गए हैं।


डिग्री कॉलेजों में भी प्रोफेसर पदनाम देने के शासनादेश के बाद पहली बार यह प्रक्रिया शुरू हुई है। इससे पहले केवल प्राचार्यों को ही प्रोफेसर पदनाम दिया गया था। अब कॅरियर एडवांसमेंट योजना के तहत एसोसिएट प्रोफेसर (एकेडमिक लेवल 13 ए) से प्रोफेसर (एकेडमिक लेवल 14) में प्रोन्नति के लिए महाविद्यालय स्तर पर चयन समिति का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। राजकीय महाविद्यालयों के लिए संबंधित क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को चयन समिति का अध्यक्ष नामित किया गया है। शासन के आदेश पर शिक्षा निदेशक (उच्च शिक्षा) डॉ. अमित भारद्वाज ने इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। चयन समिति अर्ह पाए जाने वाले शिक्षकों की सूची अपनी स्पष्ट संस्तुति के साथ शासन को भेजेगी।

सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के लिए भी चयन समिति का गठन किया गया है। प्रोन्नति के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की शर्तें पूरी करनी होंगी, जो एकेडमिक परफार्मेंस इंडीकेटर्स (एपीआई) में दी गई हैं। आवेदक को प्रोन्नति के लिए आवश्यक एपीआई अंक हासिल करने होंगे, जिसमें विशिष्ट योग्यताओं अलग-अलग अंक निर्धारित हैं।

प्रक्रिया पर विरोध जता रहे शिक्षक संगठन
डिग्री कॉलेजों के शिक्षक संगठन प्रोन्नति से संबंधित शासनादेश में लगाई गई शर्तों का विरोध कर रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी आपत्ति अर्हता तिथि को लेकर है। प्रोफेसर पदनाम वर्ष 2021 में शासनादेश जारी होने की तिथि से दिया जाएगा, जबकि बहुत से शिक्षक वर्षों पहले से प्रोन्नति के लिए अर्ह हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा) इस पर पहले ही अपना विरोध दर्ज करा चुका है। लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय कहते हैं कि कॉलेजों में प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति की शर्तें विश्वविद्यालयों से भी ज्यादा कड़ी कर दी गई हैं।

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा आज से, 51.92 लाख विद्यार्थी देंगे परीक्षाएं।

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा आज से, 51.92 लाख विद्यार्थी देंगे परीक्षाएं।


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट 2022 परीक्षा गुरुवार से शुरू हो रही है। दोनों कक्षाओं के 51.92 लाख परीक्षार्थियों के साथ ही परीक्षा संस्था के सामने सकुशल परीक्षा कराना बड़ी चुनौती है। नकल रोकने के प्रभावी इंतजाम किए गए हैं। संगठित नकल कराने वालों पर रासुका लगाने का प्रविधान है। परीक्षाएं 12 अप्रैल तक चलेंगी। वर्ष 2021 में कोविड संक्रमण के कारण बोर्ड की परीक्षाएं नहीं कराई गई थी, सभी परीक्षार्थियों को अगली कक्षा में प्रोन्नत किया गया था।


यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए हर कक्ष में सीसीटीवी कैमरे बोलकर होने वाली नकल रोकने के लिए वायस रिकार्डर लगाए गए हैं। इसके अलावा वेबकास्टिंग के माध्यम से मानीटरिंग करने के लिए डीवीआर के साथ राउटर लगे हैं। जिला मुख्यालयों के साथ ही राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से वेबकास्टिंग के माध्यम से परीक्षा की कड़ी निगरानी होगी।


परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षकों का इंतजाम पूरा हो चुका है। हर जिले में जिला प्रशासन की ओर से जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों की नियुक्त हुई है, जो भ्रमणशील रहकर परीक्षा को नकलविहीन कराएंगे। विभाग ने पांच सचल दस्तों का गठन किया है। इसके अलावा शासन व प्रशासन के उच्च अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो गतिविधियों पर नजर रखेंगे ओर शासन को रिपोर्ट सौंपेंगे।


उत्तरपुस्तिकाएं व प्रश्नपत्र पहुंचाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। सभी जिलों में क्रमांकित कापियों का प्रयोग हो रहा है। परीक्षाओं में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए एसटीएफ जैसी एजेंसी सक्रिय है, वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक को गोपनीय सूचनाएं देने के लिए एलआइयू का इस्तेमाल किया जा रहा है।


यूपी बोर्ड परीक्षा तैयारी एक नजर में


हाईस्कूल परीक्षार्थी : 27,81,654

बालक : 15,53,198, बालिकाएं : 12,28,456

इंटर के परीक्षार्थी : 24,11,035

बालक : 13,24,200, बालिकाएं : 10,86,835

कुल परीक्षा केंद्र :  8,373


यूपी बोर्ड परीक्षा की समय सारिणी

हाईस्कूल परीक्षा 12 दिन चलेंगी। (सुबह 8.00 से 11.15 बजे तक)

इंटरमीडिएट की परीक्षा 15 दिन चलेंगी। (अपरान्ह 2.00 से 5.15 बजे तक)


यूपी बोर्ड परीक्षा से जुड़ी अन्य खास बातें


संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्रों की सख्त निगरानी, एलआइयू भी रहेगी सक्रिय।

सभी जिलों में परीक्षार्थी उपस्थिति पंजिका पर क्रमांकित कापियों का कोड भी डालेंगे।

जिन केंद्रों पर छात्राएं अपने ही स्कूल में परीक्षा देंगी वहां पर दूसरे कालेज का केंद्र व्यवस्थापक।

परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद होने या न चलने पर केंद्र व्यवस्थापक व अफसरों पर कार्रवाई।

अति संवेदनशील केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरे समय रहेगा, सचल दल के साथ पुलिस बल मौजूद होगा।

परीक्षार्थियों से अभद्रता नहीं होगी, नकल होने पर कक्ष निरीक्षक व केंद्र व्यवस्थापक पर कार्रवाई होगी।

नकल होने पर जिलाधिकारी, डीआइओएस व जेडी सामूहिक रूप से जिम्मेदार होंगे।


केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षकों की आनलाइन ड्यूटी : बोर्ड परीक्षाओं में पहली बार साफ्टवेयर के माध्यम से केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक व वाह्य कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गयी है, ताकि परीक्षा में पारदर्शिता व शुचिता बनी रहे। कुल 1,37,084 परीक्षा कक्षों में 2,74,168 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गयी है, जिसमें 50 प्रतिशत वाह्य कक्ष निरीक्षक हैं। ये प्रयोग सफल होना बड़ी चुनौती है, क्योंकि इसके पहले परीक्षार्थियों की हाजिरी का मोबाइल एप फेल हो चुका है और इस बार घोषित होने से पहले ही परीक्षा कार्यक्रम भी लीक हुआ है।


आम लोग कर सकते इनका इस्तेमाल : जन सामान्य की सुविधा के लिए ई-मेल वाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक, हेल्प लाइन व फैक्स नंबर जारी किए गए हैं जो निम्नवत् है -


ई-मेल : upboardexamwww@gmail.com
फेसबुक : pboard Exam
वाट्सएप : 8840850347
ट्विटर :@upboardexam
हेल्पलाइन नंबर : प्रयागराज- 18001805310, 18001805312
लखनऊ : 18001806607, 18001806608
फैक्स नबर : 0522 2237607


बेसिक शिक्षकों की यूपी बोर्ड परीक्षा में मनमानी ड्यूटी लगाने से पैदा हुआ परिषदीय स्कूलों की परीक्षाओं पर संकट

अजब गजब : अपनी छोड़ यूपी बोर्ड की परीक्षा कराएंगे बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापक


"अपने घर अंधेरा और दूसरों के घर उजाला" की कहावत बेसिक शिक्षा विभाग पर सटीक बैठती है। जी हां बेसिक स्कूलों में वार्षिक परीक्षा आज से शुरू हो गई है और ज्यादातर अध्यापकों की यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लग गई है। अध्यापक असमंजस में हैं कि अपनी परीक्षा कराएं या फिर बोर्ड की।


बेसिक स्कूलों में मंगलवार से वार्षिक परीक्षा शुरू हो गई है। वहीं यूपी बोर्ड परीक्षा 24 मार्च से शुरू होंगी। जानकर ताज्जुब होगा कि कई बेसिक स्कूलों के ज्यादातर अध्यापकों की ड्यूटी यूपी बोर्ड परीक्षा में लग गई है। बेसिक स्कूल अध्यापकों से खाली हो गए हैं। सैकड़ों की संख्या वाले बेसिक स्कूलों में कैसे एक अध्यापक परीक्षा कराएंगे। परेशान अध्यापक जिलों में बीएसए से भी मिले हैं। 



बेसिक शिक्षकों की यूपी बोर्ड परीक्षा में मनमानी ड्यूटी लगाने से पैदा हुआ परिषदीय स्कूलों की परीक्षाओं पर संकट


लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षाओं में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगने से प्राइमरी स्कूलों की परीक्षाओं पर संकट आ गया है। कई जिलों में 80 फीसदी से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है जिससे प्राइमरी स्कूल या तो एकल शिक्षक या फिर शिक्षामित्रों-अनुदेशकों के भरोसे है। वह भी तब जब 22 मार्च से प्राइमरी स्कूलों में परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं और 30-31 मार्च तक रिजल्ट बनना है।



यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 24 मार्च से 13 अप्रैल तक है। लिहाजा परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को 13 अप्रैल तक कार्यमुक्त किया गया है। ऐसे में स्कूलों में परीक्षा करवाना, कॉपियां जांचने का काम शिक्षामित्रों के जिम्मे आ गया है।


लखनऊ के बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को पत्र लिख कर मार्गदर्शन मांगा है कि बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी लगने से कई स्कूल या तो एकल शिक्षक वाले हो गए हैं या फिर एक भी शिक्षक नहीं बचा है। ऐसे में प्राइमरी स्कूलों की परीक्षाओं पर संकट है। वहीं उनके मूल स्कूल से 40-45 किमी दूर ड्यूटी लगाई गई है जबकि कई शिक्षक दिव्यांग भी हैं।


अलीगढ़ के बीएसए ने आदेश दिया है कि ऐसे शिक्षक को ड्यूटी के लिए कार्यमुक्त न किया जाए जिससे स्कूल बंद होने की नौबत आ जाए। प्रतापगढ़ के बीएसए भूपेन्द्र सिंह और अम्बेडकर नगर के बीएसए भोलेन्द्र प्रताप सिंह ने भी आदेश जारी किया कि प्रधानाध्यापक और एक वरिष्ठ शिक्षक को कार्यमुक्त न किया जाए।


मनमानी ड्यूटी लगाने का विरोध

परिषदीय शिक्षकों की अनियमित तरीके से ड्यूटी लगाने का शिक्षकों ने विरोध किया है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने मण्लीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक लखनऊ पीएन सिंह व बीएसए, डीआईओएस को ज्ञापन सौंप कर विरोध जताया। संघ जिला संयोजक डा प्रभाकान्त मिश्रा ने कहा कि कई स्कूल हैं जहां सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि अधिकारियों ने बिना परिषदीय स्कूलों की परीक्षाओं का ध्यान रखे शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी।


Wednesday, March 23, 2022

माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा आयोजित वर्ष 2022 की यूपी बोर्ड परीक्षा संबंध में।

माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा आयोजित वर्ष 2022 की यूपी बोर्ड परीक्षा संबंध में।


वर्ष 2022 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों के विवरणों में संशोधन के संबंध

वर्ष 2022 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों के विवरणों में संशोधन के संबंध


वर्ष 2022 की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट यूपी बोर्ड परीक्षा हेतु कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति में त्रुटियों को अपडेट / संशोधित करने के सम्बन्ध में।

वर्ष 2022 की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट यूपी बोर्ड परीक्षा हेतु कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति में त्रुटियों को अपडेट / संशोधित करने के सम्बन्ध में।



पॉलीटेक्निक परीक्षाएं 2 अप्रैल तक, परिणाम 30 मई को

पॉलीटेक्निक परीक्षाएं 2 अप्रैल तक, परिणाम 30 मई को

लखनऊ : पॉलीटेक्निक की परीक्षाएं दो अप्रैल तक चलेंगी। इसमें 497 संस्थाओं के कुल 189473 परीक्षार्थी शामिल होंगे। प्रदेश के 259 परीक्षा केन्द्रों में 129 राजकीय, 18 सहायताप्राप्त व 112 निजी क्षेत्र के परीक्षा केन्द्र इसमें शामिल हैं। 17 अप्रैल से 25 मई के बीच मूल्यांकन किया जाएगा और परीक्षाफल यू-राईज पोर्टल के माध्यम से 30 मई को घोषित किया जाएगा।


प्राविधिक शिक्षा के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि परीक्षा केन्द्रों पर केन्द्र अधीक्षक की नियुक्ति हर निजी क्षेत्र के परीक्षा केन्द्र पर केन्द्र अधीक्षक के साथ-साथ राजकीय / अनुदानित क्षेत्र की संस्थाओं में कार्यरत अधिकारी स्थायी पर्यवेक्षक बनेंगे।

एनसीईआरटी की किताबों पर आधारित होगी दाखिला परीक्षा, केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए सीयूईटी का पाठ्यक्रम 12वीं की किताबों के आधार पर होगा

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए सीयूईटी: 75 सवालों में 60 के देने होंगे जवाब, ऐसी होगी परीक्षा, खबर पढ़ें सबसे नीचे


एनसीईआरटी की किताबों पर आधारित होगी दाखिला परीक्षा, केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए सीयूईटी का पाठ्यक्रम 12वीं की किताबों के आधार पर होगा

नई दिल्ली :  डीयू और जेएनयू समेत सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए प्रस्तावित कॉमन यूनिवर्सिटी इंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् की 12वीं की किताबों पर आधारित होगा। सीयूईटी के अंकों के आधार पर ही दाखिला मिलेगा। छात्रों को ऊंची कटऑफ से राहत देने के लिए यह पहल की गई है।


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुसार, केंद्रीय विश्वविद्यालयों को आगामी सत्र से स्नातक पाठ्यक्रमों में सीयूईटी के अंकों के आधार पर ही दाखिला देना होगा। कोई भी केंद्रीय विश्वविद्यालय 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर छात्रों को वेटेज नहीं देगी। यूजीसी ने यह कहा है कि विश्वविद्यालयों को अलग-अलग पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए 12वीं में न्यूनतम अंक सीमा तय करने का अधिकार होगा। उदाहरण के तौर पर कोई यूनिवर्सिटी यह कह सकती है कि यूजी प्रोग्राम में दाखिले के लिए सीयूईटी स्कोर के साथ-साथ 12वीं में न्यूनतम 60 फीसदी अंक जरूरी हैं। वहीं, कोई यूनिवर्सिटी चाहे तो सीयूईटी स्कोर के साथ 12वीं में न्यूनतम 70 फीसदी या अन्य का मापदंड अपना सकती है। यानी विश्वविद्यालय अपने विवेक से यह पैमाना तय कर सकेंगे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी शैक्षणिक सत्र 2022-23 से सीयूईटी का आयोजन करेगी। विस्तृत जानकारी एनटीए की वेबसाइट nta.ac.in पर जल्द दी जाएगी।

आवेदन कब से होगा : यूजीसी के अनुसार, जुलाई के पहले सप्ताह में सीयूईटी का आयोजन होगा। इसके लिए आवेदन अप्रैल से शुरू होंगे।

टेस्ट का माध्यम क्या होगा : सीयूईटी 13 भाषाओं में होगा। उम्मीदवार इनमें से अपनी पसंद की भाषा का चयन कर सकते हैं। छात्रों के पास अंग्रेजी, हिंदी, असमी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु व उर्दू का विकल्प रहेगा।
 
तनाव से मुक्ति की कवायद

डीयू जैसे कुछ विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में दाखिले का कटऑफ 100 फीसदी तक होता है। जिससे छात्रों में मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। क्योंकि, अलग-अलग बोर्ड के अंक देने के मानक भिन्न-भिन्न होते हैं। ऐसे में कॉमन टेस्ट के माध्यम से पूरे देश के छात्रों को एक समान अवसर मुहैया कराया जाना लक्ष्य है। खासकर, पूर्वोत्तर और ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले छात्रों को।

परीक्षा ऑनलाइन होगी

आवेदन ऑनलाइन किया जा सकेगा। एंट्रेंस टेस्ट कंप्यूटर आधारित होगा। छात्र परीक्षा केंद्र जाकर कंप्यूटर पर परीक्षा दे सकेंगे।

एक भाषा का पेपर अनिवार्य

सीयूईटी में तीन खंड होंगे। खंड-1ए भाषा का अनिवार्य होगा। इसके तहत भाषा के ज्ञान को परखा जाएगा। परीक्षार्थी 13 भाषाओं में से किसी एक का चयन कर सकेंगे। खंड-1बी में सामान्य परीक्षा और पाठ्यक्रम-विशिष्ट विषय होंगे। 27 में से अधिकतम छह डोमेन का चयन कर सकेंगे। तीसरा खंड वैकल्पिक होगा। छात्र शेष चार डोमेन केंद्रित विषय और फ्रेंच, अरबी, जर्मन समेत किसी एक वैकल्पिक भाषा की परीक्षा देंगे। इसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे।

परीक्षा दो पालियों में होगी। 12वीं पास छात्र सीयूईटी में बैठ सकता है।

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए सीयूईटी: 75 सवालों में 60 के देने होंगे जवाब, ऐसी होगी परीक्षा

नई दिल्ली: केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) की घोषणा के बाद अब उससे जुड़ी तैयारियां भी तेज हो गई हैं। फिलहाल इसके आयोजन की जो योजना बनाई गई है, उसके तहत यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। साथ इसका आयोजन पूरे देश में होगा। अंडर ग्रेजुएट के सामान्य पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए होने वाली इस परीक्षा में कुल 75 सवाल पूछे जाएंगे, लेकिन छात्रों को सिर्फ 60 सवालों के ही जवाब देने होंगे। परीक्षा एक घंटे की होगी और सभी सवाल 12वीं स्टैंडर्ड के होंगे।

शिक्षा मंत्रलय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, सीयूईटी का पूरा खाका तैयार हो गया है। जल्द ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस बीच, सीयूईटी के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू करने के संकेत दिए गए हैं जो 30 अप्रैल तक प्रस्तावित है। हालांकि परीक्षा जुलाई में आयोजित होगी और इसकी तिथि का एलान भी जल्द करने के संकेत दिए गए हैं। भाषा या संस्कृत से जुड़े पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए इसके साथ ही एक अलग परीक्षा होगी, जिसमें करीब 50 सवाल पूछे जाएंगे और छात्रों को सिर्फ 40 के ही जवाब देने होंगे। इस परीक्षा का समय 45 मिनट का होगा। खास बात यह है कि छात्रों को रजिस्ट्रेशन के समय ही इससे जुड़े सभी विकल्पों को भरना होगा। परीक्षा के आयोजन का जिम्मा नेशनल टे¨स्टग एजेंसी (एनटीए) को दिया गया है। सीयूईटी के आयोजन में जुटे अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा में छात्रों को ज्यादा सवालों के विकल्प दिए जाएंगे। यह व्यवस्था देशभर में 12वीं के अलग-अलग बोर्डो के चलते बनाई गई है। हालांकि परीक्षा एनसीईआरटी से जुड़े पाठ्यक्रमों पर ही आधारित होगी, लेकिन कोशिश होगी कि जो भी सवाल रखे जाएं उन्हें लेकर देश के दूसरे बोर्डो से पढ़कर आने वाले छात्रों को कोई दिक्कत न हो। यह परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित होगी।


ऐसी होगी परीक्षा

’>>कंप्यूटर आधारित होगी एक घंटे की परीक्षा

’>>12वीं के पाठ्यक्रम से पूछे जाएंगे सवाल

’>>एनसीईआरटी से जुड़े पाठ्यक्रम पर होगी आधारित

’>>13 भाषाओं में होगी, रजिस्ट्रेशन के वक्त भरना होगा विकल्प

’>>अलग-अलग बोर्डो के कारण मिलेंगे ज्यादा विकल्प

’>>जुलाई में होगी परीक्षा, जल्द होगा तिथि का एलान

आधी अधूरी तैयारियों और आपाधापी के बीच परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षायें शुरू

आधी अधूरी तैयारियों और आपाधापी के बीच परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षायें शुरू


 
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं मंगलवार से आफलाइन मोड में शुरू हो गईं। यह 26 मार्च तक चलेंगी। पहले दिन प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की मौखिक परीक्षा हुई। उच्च प्राथमिक के विद्यार्थियों की लिखित परीक्षा कराई गई।



 कई जिलों में स्कूलों में शिक्षकों ने प्रश्नपत्र न पहुंचने की शिकायत की। यह भी बताया कि पहली पाली की परीक्षा के लिए वाट्सएप पर प्रश्नपत्र भेजे गए। उसे शिक्षकों ने ब्लैकबोर्ड पर लिखा। उसके बाद परीक्षा शुरू हुई। हालांकि 12:30 बजे से 2:30 बजे की दूसरी पाली की परीक्षा में प्रश्नपत्र पहुंच गए। इससे पहले कई शिक्षकों को प्रश्नपत्र के लिए बीआरसी तक दौड़ भी लगानी पड़ी।

यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिलों में प्रभारी अधिकारी तैनात, देखें आदेश

यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिलों में प्रभारी अधिकारी तैनात, देखें आदेश

 
लखनऊ :  माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव शम्भू कुमार यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के प्रभारी होंगे और राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम की मॉनिटरिंग करेंगे। विशेष सचिव जय शंकर दुबे प्रभारी अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष मॉनिटरिंग करेंगे और संवेदनशील जिले आजमगढ़, वाराणसी और गोरखपुर मंडलों के जिलों का दौरा करेंगे।


सभी जिलों के लिए प्रभारी अधिकारी भी नियुक्त कर दिए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने मंगलवार को आदेश जारी कर दिया है। शम्भु कुमार लखनऊ, इसके आसपास के जिलों में परीक्षा के दौरान निरीक्षण भी करेंगे। हर पाली व दिन के अंत में उस दिन की परीक्षा की पूरी रिपोर्ट लेंगे।


 वहीं जय शंकर दुबे सभी जिलों में प्रश्नपत्र व उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनटरिंग करेंगे और सॉफ्टवेयर के माध्यम से कक्ष निरीक्षकों व अन्य कर्मचारियों की तैनाती, उपस्थिति व देयकों की मॉनिटरिंग भी करेंगे। शिक्षा निदेशक परीक्षा के सफलतापूर्वक संचालन के लिए जिम्मेदार होंगे। प्रश्नपत्र व उत्तरपुस्तिकाओं के सुरक्षित रखरखाव, परीक्षा कार्यों में संलग्न सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी समेत विभिन्न विभागों से समन्वय, हेल्पलाइन के एकाउंट की क्रियाशीलता आदि की मॉनिटरिंग की जाएगी।


हड़ताल पर रोक: माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन सभी सेवाओं में हड़ताल पर छह महीने के लिए तत्काल प्रभाव रोक भी लगा दी गई है।



केन्द्र व्यवस्थापक एक घंटा पहले पहुंचेंगे परीक्षा केन्द्र

लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा में केंद्र व्यवस्थापक को परीक्षा शुरू होने के एक घंटा पहले तो स्टैटिक मजिस्ट्रेट को आधा घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। नकलविहीन के नाम पर परीक्षार्थियों के जूते-मोजे उतार कर परीक्षा देने को नहीं कहा जाएगा। स्टैटिक व सेक्टर मजिस्ट्रेट और केन्द्र व्यवस्थापक को परीक्षा के दौरान क्या करना है, क्या नहीं, इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पाण्डेय ने आदेश जारी कर दिया है। परीक्षाएं 24 मार्च से शुरू हो रही हैं।

तीनों को ही मीडिया ब्रीफिंग व प्रेस से बात करने की मनाही है। वहीं सीसीटीवी के सामने सील्ड पैकेट खुलवाना व डबल लॉकर तक पुलिस एस्कार्ट में पहुंचाने के भी आदेश हैं। बालिकाओं की तलाशी पुरुष नहीं लेंगे।

Allahabad Highcourt Basic Shiksha Parishad: बेसिक शिक्षा सचिव तीन मामलों में प्रथम दृष्टया अवमानना में दोषी, हाईकोर्ट ने तीन महीने के भीतर मामले निस्तारित करने को कहा

Allahabad Highcourt Basic Shiksha Parishad: बेसिक शिक्षा सचिव तीन मामलों में प्रथम दृष्टया अवमानना में दोषी, हाईकोर्ट ने तीन महीने के भीतर मामले निस्तारित करने को कहा 



इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल को तीन मामलों में प्रथम दृष्टया दोषी पाया है। कोर्ट ने कहा कि सचिव ने कोर्ट के आदेशों की अनुपालन नहीं किया है। इसलिए वह अवमानना के दोषी है।



हालांकि, कोर्ट ने उन्हें रियायत दी है। कोर्ट ने तीनों ही मामलों को तीन महीने के भीतर निस्तारित करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने तीन अलग-अलग अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया है।



कोर्ट के समक्ष याची मनीष कुमार वर्मा, तकीम सिंह और तरुन वर्मा ने अवमानना याचिका दाखिल की थी। याची मनीष कुमार वर्मा और तरुण वर्मा का तर्क था कि कोर्ट ने उनकी ओर से पूर्व में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए 17 नवंबर 2021 को आदेश पारित किया था। इसी तरह याची तकीम सिंह ने भी कहा कि पांच अक्तूबर 2021 को कोर्ट ने सचिव को पूर्व के आदेश का पालन करने को कहा था लेकिन उन्होंने अनुपालन नहीं किया।



इस पर तीनों याचियों ने अवमानना याचिका दायर की है। कोर्ट ने तीनों मामलों की अलग-अलग सुनवाई की और सचिव को तीनों ही मामलों का निस्तारण आदेश की प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर करने का आदेश दिया। कोर्ट ने याचियों से कहा है कि अगर सचिव तीन महीने में याचिकाओं का निस्तारण नहीं करते हैं तो वह फिर कोर्ट आ सकते हैं।

Tuesday, March 22, 2022

माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन सभी सेवाओं में 6 माह के लिए हड़ताल निषिद्ध किए जाने सम्बन्धी अधिसूचना जारी

माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन सभी सेवाओं में 6 माह के लिए हड़ताल निषिद्ध किए जाने सम्बन्धी अधिसूचना जारी।

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षाओं की वजह से माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन सभी सेवाओं में हड़ताल पर रोक


लखनऊ: माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाएं 24 मार्च से शुरू हो रही हैं। दोनों परीक्षाओं में 51.75 लाख परीक्षार्थी हैं, इम्तिहान में किसी तरह का व्यवधान न पड़े इसलिए शासन ने माध्यमिक शिक्षा परिषद के -अधीन सभी सेवाओं में हड़ताल पर रोक लगा दी है।

अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम 1966 की (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 30, 1966) धारा तीन की उपधारा एक के तहत शक्ति का प्रयोग करके माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन सभी सेवाओं में हड़ताल को तात्कालिक प्रभाव से छह माह की अवधि के लिए निषिद्ध कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त धारा की उप धारा दो के अधीन इस आदेश को सरकारी गजट में प्रकाशित कराने का निर्देश दिया गया है।





केंद्रीय विद्यालयों में सांसदों का एडमिशन कोटा हो सकता है खत्म, जानिए क्यों?

केंद्रीय विद्यालयों में सांसदों का एडमिशन कोटा हो सकता है खत्म, जानिए क्यों?



केंद्रीय विद्यालयों में 10 छात्रों को प्रवेश के लिए मिला सांसदों का कोटा खत्म हो सकता है। लोकसभा में सोमवार को सभी दलों के सांसदों ने कोटा बढ़ाने या फिर स्थायी रूप से खत्म करने की मांग की। स्पीकर ओम बिरला के हस्तक्षेप के बाद शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह जल्द ही सभी दलों के नेताओं से बातचीत कर अंतिम निर्णय लेंगे।


प्रश्नकाल में कांग्रेस के मनीष तिवारी ने कहा कि प्रवेश कोटा सांसदों के लिए जी का जंजाल बन गया है। एक सांसद लगभग 40 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि प्रतिवर्ष वह दस बच्चों का ही प्रवेश दिला सकता है। ऐसे में या तो कोटा को बढ़ाकर कम से कम 50 किया जाए या इसे हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाए।


तिवारी की मांग का सभी दलों के सांसदों ने समर्थन किया। इस दौरान स्पीकर के पूछने पर सभी दलों के सांसदों ने कोटा समाप्ति पर हामी भरी। इस पर स्पीकर ने कहा कि शिक्षामंत्री सभी दलों के नेताओं से बातचीत कर निर्णय लेंगे।


प्रधान भी कोटा खत्म करने के पक्ष में
 शिक्षामंत्री प्रधान ने कहा कि केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए कोटा सिस्टम को सुधारने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। पहले सांसदों के पास कोटा नहीं था। बाद में दो से पांच और अब दस है। हालांकि इस मामले में सांसदों को तय करना है कि वह कोटा चाहते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही सभी दलों के नेताओं की इस विषय पर राय लेकर उचित फैसला करेंगे।

ऑनलाइन ड्यूटी का प्रयोग पड़ रहा भारी, आज से बेसिक शिक्षा में परीक्षाएं और बेसिक शिक्षकों की लगा दी यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी 🤦🏻

ऑनलाइन ड्यूटी का प्रयोग पड़ रहा भारी,  आज से बेसिक शिक्षा में परीक्षाएं और  बेसिक शिक्षकों की लगा दी यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी 🤦🏻



माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से पहली बार लगाई गई ऑनलाइन ड्यूटी ने अधिकारियों को परेशान कर दिया है। ऑनलाइन ड्यूटी में बेसिक के अधिकतर स्कूलों के पूरे स्टाफ को लगा दिया है। वहीं 22 मार्च से बेसिक की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। ऐसे में बिना शिक्षकों के ये परीक्षाएं कैसे होंगी। इसको लेकर शिक्षकों से लेकर अधिकारी तक परेशान हैं।


यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को कराने के लिए हर साल माध्यमिक के साथ-साथ बेसिक के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती थी। बोर्ड ने से पहली बार ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है। ऐसे में सॉफ्टवेयर ने बेसिक के अधिकतर स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है।


इसकी वजह से कई जगहों पर सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगने की वजह से विद्यालय उन दिनों बंद रहेंगे। वहीं 22 मार्च से बेसिक की परीक्षाएं भी प्रस्तावित है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि बेसिक के शिक्षक 22 से 31 मार्च तक अपनी परीक्षाएं कराएं या फिर 24 मार्च से शुरू हो रही बोर्ड की परीक्षाएं कराने जाएं। 

सोशल मीडिया व्हाट्सएप आदि पर यूपी बोर्ड परीक्षा का पेपर साझा करना अपराध, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जारी की सार्वजनिक चेतावनी

सोशल मीडिया व्हाट्सएप आदि पर यूपी बोर्ड परीक्षा का पेपर साझा करना अपराध,  माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जारी की सार्वजनिक चेतावनी



                         सार्वजनिक सूचना


सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद् उ०प्र० प्रयागराज द्वारा दिनांक 24.03.2022 से हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षायें प्रारम्भ हो रही हैं। बोर्ड की परीक्षा में किसी विषय की परीक्षा समाप्त होने से पूर्व यदि उस विषय का कोई प्रश्न पत्र या उसका हल WhatsApp/सोशल मीडिया या अन्य किसी माध्यम से संचारित करने का प्रयास किया जाता है तो ऐसा कृत्य उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-1998 की धारा - 4 / 10 के अन्तर्गत दण्डनीय, संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध है। 


किसी के मोबाइल / अन्य उपकरण पर / द्वारा ऐसा कृत्य पाये जाने पर कठोरतम कार्यवाही की जायेगी। परन्तु यदि कोई इस प्रकार के कृत्य की सूचना जनहित में अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा, जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस कमिश्नर / वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक, सभापति / सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद अथवा जिला विद्यालय निरीक्षक को देता है तो वह इस धारा से आच्छादित नहीं होगा ।


अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 शासन
माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश
द्वारा जारी


केंद्रीय विश्वविद्यालयों के दाखिले में बारहवीं के अंकों को इसी सत्र से नहीं मिलेगा वेटेज, अनिवार्य होगा कामन एंट्रेंस टेस्ट, मेरिट के आधार पर ही मिलेगा दाखिला

केंद्रीय विश्वविद्यालयों के दाखिले में बारहवीं के अंकों को इसी सत्र से नहीं मिलेगा वेटेज, अनिवार्य होगा कामन एंट्रेंस टेस्ट, मेरिट के आधार पर ही मिलेगा दाखिला।


45 केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं देश में, सभी में लागू होगी नई व्यवस्था

सुधार

◆ यूजीसी चेयरमैन ने स्पष्ट सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए दिए दिशा-निर्देश

◆ अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट दोनों के लिए होगा कामन एंट्रेंस टेस्ट

◆ केंद्रीय विवि के साथ राज्य और निजी विश्वविद्यालयों भी दाखिले में स्कोर का कर सकेंगे उपयोग कामन एंट्रेंस टेस्ट की जिम्मेदारी एनटीए को सौंपी गई।


नई दिल्ली : सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला इस बार यानी नए शैक्षणिक सत्र 2022-23 से कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट नई व्यवस्था ( सीयूईटी) के जरिये ही होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सोमवार को इसे लेकर पूरी स्थिति स्पष्ट की है। साथ ही कहा है कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों के दखिले में बारहवीं के अंकों को अब कोई वेटेज नहीं मिलेगा, बल्कि इनमें दाखिला सीयूईटी की मेरिट के आधार पर ही मिलेगा। इस टेस्ट के आयोजन का जिम्मा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को सौंपा गया है।

यूजीसी चेयरमैन मामिडाला जगदीश कुमार सोमवार को सीयूईटी को लेकर बताया कि सीयूईटी का आयोजन केंद्रीय विश्वविद्यालयों के अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट दोनों ही कोसों में दाखिले के लिए आयोजित होगी। सीयूईटी का आयोजन संभवतः जुलाई के पहले हफ्ते में होगा। इसकी अधिसूचना भी मंगलवार को जारी हो जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को अब सीयूईटी के आधार पर ही छात्रों को दखिला देना होगा। यह सभी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए अनिवार्य होगा। साथ ही राज्य और निजी विश्वविद्यालय भी चाहें तो वे भी सीयूईटी के स्कोर के आधार पर छात्रों को दाखिल दे सकते हैं। इसका डाटा सभी विश्वविद्यालयों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।

यूजीसी चेयरमैन ने साफ किया इस नई व्यवस्था के अनिवार्य होते ही केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अब बारहवीं के अंकों के आधार पर कोई वेटेज नहीं मिलेगा। उनका कहना था कि इससे पीछे अलग-अलग बोडौँ में मूल्यांकन का अलग-अलग पैटर्न है। ऐसे में सिर्फ परीक्षा के आधार पर तैयार होने वाली मेरिट लिस्ट से ही अब दाखिला मिलेगा।

यूजीसी चेयरमैन ने बताया कि यह परीक्षा कम्प्यूटराइज परीक्षा होगी। साथ ही तेरह भाषाओं में आयोजित होगी। इस वैरान सामान्य आरक्षण और संस्थानों की ओर से स्थानीय या फिर किसी अल्पसंख्यक वर्ग के लिए पहले से निर्धारित आरक्षण में बदलाव नहीं होगा। वह सारी व्यवस्था पूर्व की तरह लागू रहेगी। यह जरूर होगा कि सभी को दाखिला सीयूईटी के जरिए ही दिया जाएगा, यानी आरक्षित वर्ग में भी जो प्रतिभाशाली होंगे उन्हें पहले दाखिले का मौका मिलेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते तक इसकी तारीखों सहित पूरी प्रक्रिया भी एनटीए की ओर से घोषित कर दी जाएगी। इस पूरी व्यवस्था से छात्रों को दाखिले के काफी मौके भी मिलेंगे। साथ ही उन्हें बेकार में भटकना नहीं पड़ेगा।

विद्यांजलि योजना से जुड़कर कोई भी बदल सकता है शिक्षण संस्थानों की तस्वीर

अपने आसपास के उच्च शिक्षण संस्थानों की खराब हालात को लेकर अब सिर्फ कोसने से काम नहीं चलेगा बल्कि उन्हें बेहतर बनाने के लिए आपके सहयोग की भी जरूरत होगी। शिक्षा मंत्रालय ने उच्च शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए विद्यांजलि स्कीम को नए रूप में सामने लाया है, जिसमें कोई भी स्वैच्छिक रूप से उच्च शिक्षण संस्थानों को बेहतर बनाने में सहयोग दे सकेगा। इनमें कोई व्यक्ति, उद्योग या संस्थान | सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर ही नहीं बल्कि पढ़ाने या क्षेत्र विशेष में प्रशिक्षण देने आदि से भी जुड़ सकता है।

यूपी बोर्ड : 1.16 लाख शिक्षक कराएंगे 10वीं-12वीं की परीक्षा

यूपी बोर्ड : 1.16 लाख शिक्षक कराएंगे 10वीं-12वीं की परीक्षा 

 
प्रयागराज : 24 मार्च से शुरू हो रही यूपी बोर्ड की परीक्षा में 1.16 लाख शिक्षकों और केंद्र व्यवस्थापकों की ड्यूटी लगाई गई है। बोर्ड ने पहली बार अपने स्तर से केंद्र व्यवस्थापकों, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों की ऑनलाइन ड्यूटी लगाई है। इसका मकसद परीक्षा को शुचितापूर्वक और नकलविहीन संपन्न कराना है।


सूत्रों के अनुसार 8373 परीक्षा केंद्रों पर लगभग एक लाख कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। 250 या इससे कम परीक्षार्थियों पर एक, 251 से 500 तक दो, 501 से 750 तक तीन और 750 से अधिक परीक्षार्थी होने पर चार कक्ष निरीक्षकों को लगाया गया है। प्रत्येक केंद्र के लिए एक केंद्र व्यवस्थापक व एक अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के हिसाब से 16746 प्रधानाचार्यों व वरिष्ठ शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है।

सभी 75 जिलों में पर्यवेक्षकों की हुई तैनाती: नकलविहीन बोर्ड परीक्षा संपन्न कराने के लिए सभी 75 जिलों में शिक्षा विभाग के एक-एक अफसर को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

शिक्षा निदेशालय में उप शिक्षा निदेशक (सेवा-1) डॉ. नीरज कुमार पांडेय को प्रयागराज, उप शिक्षा निदेशक (अर्थ) राजेन्द्र प्रताप को फतेहपुर, सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय लखनऊ में वरिष्ठ विशेषज्ञ राजेन्द्र प्रसाद को प्रतापगढ़ और प्राचार्य आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान डॉ. स्कंद शुक्ल को कौशाम्बी का पर्यवेक्षक नामित किया गया है।

कंट्रोल रूम में बड़ी टीवी स्क्रीन लगेगी: बोर्ड परीक्षा की ऑनलाइन निगरानी के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम में जल्द बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी।

डीएम संजय कुमार खत्री ने 16 मार्च को निरीक्षण के दौरान बड़ी स्क्रीन लगाने के निर्देश दिए थे ताकि एकसाथ 50 स्कूलों को देखा जा सके। वर्तमान में जो स्क्रीन लगी है उसमें 20-20 स्कूलों को ही देखा जा सकता है। जानकारी के मुताबिक बड़ी टीवी स्क्रीन मंगा ली गई है।

आठ जोनल, 24 सेक्टर मजिस्ट्रेट लगाए

बोर्ड परीक्षा के लिए जिले को आठ जोन और 24 सेक्टर में बांटा गया है। इनमें आठ जोनल और 24 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इसके अलावा प्रत्येक केंद्र पर एक-एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट को भी तैनात किया जाएगा।

जिले की परीक्षा तैयारियों के संबंध में बैठक आज

प्रयागराज के 321 केंद्रों पर 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर सेंट एंथोनी गर्ल्स इंटर कॉलेज में मंगलवार को बैठक होगी। सुबह 11 से 12 बजे तक सभी जोनल, सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 12.30 से 1.30 बजे तक अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक और 2 से 3 बजे तक केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक होगी।

यूपी के मदरसों में पढ़ने वालों की तादाद और घटी, देखें आंकड़े

यूपी के मदरसों में पढ़ने वालों की तादाद और घटी, देखें आंकड़े

मुंशी मौलवी पाठ्यक्रम

परीक्षा वर्ष 

रजिस्टर्ड परीक्षार्थियों की संख्या

परीक्षा में शामिल हुए छात्र-छात्राओं की संख्या

2016  422627  317046

2017  371052  299053

2018  270755  208280

2019  206337  165778

2020  182259  141052

2021  123046  122132

2022  लगभग 92000 ————


लखनऊ  : उत्तर प्रदेश में मुस्लिम बच्चे अब मुंशी-मौलवी नहीं बनना चाहते। राज्य के मदरसों में पढ़ने के प्रति नई पीढ़ी की दिलचस्पी लगातार कम होती जा रही है। इसका सुबूत हैं मदरसा शिक्षा परिषद के आंकड़े। इन आंकड़ों के अनुसार मुंशी मौलवी यानी सेकेण्ड्री और सीनियर सेकेण्ड्री पाठ्यक्रम में 3.30 लाख बच्चे कम हो गए हैं। लगातार तीन वर्षों से भी यह संख्या घटती जा रही है। बीते तीन वर्षों में ही 1.14 लाख छात्र कम हो गए हैं।

मदरसों में इन कोर्सों में पंजीकृत छात्रों की संख्या वर्ष 2016 में 4 लाख 22 हजार 627 थी, जो इस साल यानी 2022 में घटकर महज 92000 रह गई है। इसकी वजह मदरसों की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र-छात्राओं को मिलने वाले प्रमाण पत्र की कोई अहमियत न होना है। आज तक उ.प्र.मदरसा शिक्षा परिषद किसी भाषा विश्वविद्यालय से अपनी सम्बद्धता या अपने पाठ्यक्रमों की मान्यता हासिल नहीं कर सकी है। परिषद के चेयरमैन डा.इफ्तेखार जावेद खुद कुबूल करते हैं कि प्रदेश के मदरसों से पढ़कर निकलने वाले छात्र-छात्राओं को उनके प्रमाण पत्रों के आधार पर रोजगार नहीं मिलता।

रमजान के बाद होंगी परीक्षाएं: परिषद के रजिस्ट्रार एस.एन.पाण्डेय ने बताया कि इस बार वार्षिक परीक्षाएं तीन अप्रैल से शुरू हो रहे रमजान के कारण मई के महीने में करवाई जाएंगी।

उच्च शिक्षा : छात्रों को नहीं मिल रही पूरी फीस प्रतिपूर्ति

उच्च शिक्षा : छात्रों को नहीं मिल रही पूरी फीस प्रतिपूर्ति

लखनऊ : प्रदेश में स्व वित्त पोषित निजी कालेज विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस मनमाने ढंग से तय करते हैं मगर अनुसूचित जाति-जनजाति, सामान्य वर्ग, ओबीसी आदि के गरीब व जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को सरकारी छात्रवृत्ति व फीस भरपाई की राशि उतनी नहीं मिलती, जिससे वह अपनी पूरी वार्षिक फीस अदा कर सकें।


अफसर इसे निजी शिक्षण संस्थानों की मनमानी करार देते हैं। विभाग के सहायक निदेशक और छात्रवृत्ति प्रभारी सिद्धार्थ मिश्र बताते हैं-जिस विश्वविद्यालय से यह निजी कालेज सम्बद्ध होते हैं उस विश्वविद्यालय द्वारा बीबीए, बीसीए, एमपीएड, बीपीएड, एमएड, एलएलबी पाठ्यक्रमों की मनमाने ढंग से तय फीस मान्य नहीं होती। न ही प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से ही इस तय फीस का अनुमोदन ही होता है। आगरा के आंबेडकर विवि से सम्बद्ध निजी कालेजों में बीबीए, बीसीए की फीस 40 हजार रुपये अधिक है। मगर विभाग से बीबीए की फीस भरपाई की राशि 2992 रुपये और बीसीए पाठ्यक्रम की फीस भरपाई 14075 रुपये ही आई।

Monday, March 21, 2022

UP Board Exam 2022 : सभी जिलों व राज्य स्तर पर तैयार कंट्रोल रूम से यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों की आनलाइन निगरानी

UP Board Exam 2022 : सभी जिलों व राज्य स्तर पर तैयार कंट्रोल रूम से यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों की आनलाइन निगरानी

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 24 मार्च से शुरू हो रही हैं जो अप्रैल के पहले पखवारे में पूरी होंगी। इनके लिए 8373 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा वाइस रिकार्डर और वेबकास्टिंग के माध्यम से मानीटरिंग के लिए डीवीआर के साथ राउटर भी लगाया गया है।


लखनऊ : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारियां तेज हैं। नकल पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए इस बार भी परीक्षा केंद्रों की आनलाइन निगरानी की जाएगी, इसके लिए हर जिले और राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। सोमवार को इन कंट्रोल रूम को आपस में जोड़कर तैयारियों का जायजा लिया गया।

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 24 मार्च से शुरू हो रही हैं, जो अप्रैल के पहले पखवारे में पूरी होंगी। हाईस्कूल में 27 लाख 83 हजार 742 और इंटर में 23 लाख 91 हजार 841 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनके लिए 8373 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा, वाइस रिकार्डर और वेबकास्टिंग के माध्यम से मानीटरिंग के लिए डीवीआर के साथ राउटर भी लगाया गया है। इसका आइपी एड्रेस, यूजर आइडी और पासवर्ड आदि कालेजों के प्रधानाचार्यों को मुहैया कराया गया है।

शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया था कि स्कूलों में बिजली आपूर्ति और नेट कनेक्टिविटी की व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए, ताकि किसी तरह की समस्या न हो। ज्ञात हो कि पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण की वजह से हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाएं नहीं कराई गई थी, सभी छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रोन्नति दी गई थी।

सोमवार को जिला व राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम को कनेक्ट करके परीक्षण किया गया। माध्यमिक शिक्षा के शिविर कार्यालय पर राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में मंडलवार मानीटरिंग का प्रबंध किया गया है। इसके अलावा जिले में भी इसी तरह से हर क्षेत्र व कालेजों की परीक्षा के दौरान निगरानी होगी। परीक्षण में सभी केंद्रों को कुछ घंटे में जोड़ा गया। इससे किसी भी परीक्षा केंद्र पर नकल होने पर रोक लगाई जा सकेगी।

बोर्ड प्रशासन पहली बार कक्ष निरीक्षकों की भी आनलाइन ड्यूटी लगा रहा है, इससे केंद्रों पर जुगाड़ करके नकल पर रोक लग सकेगी। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र मंगलवार को राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का निरीक्षण करेंगे। वे प्रदेश के रिमोट एरिया के परीक्षा केंद्रों का शिविर कार्यालय से निरीक्षण करेंगे।

प्रयागराज : आठ महीने में 56 शिक्षकों का नहीं हो सका चयन

प्रयागराज : आठ महीने में 56 शिक्षकों का नहीं हो सका चयन

● कस्तूरबा विद्यालयों के लिए 15 जुलाई तक लिए गए थे आवेदन

● दो लेखाकार, दो मुख्य और छह सहायक रसोइया के पद थे

पदों की संख्या

36 पूर्णकालिक शिक्षिका

20 अंशकालिक शिक्षक/शिक्षिका

2 लेखाकार

2 मुख्य रसोइया

6 सहायक रसोइया

2 चौकीदार


प्रयागराज : जिले में संचालित 20 कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालयों में संविदा पर शिक्षिकाओं के 56 और दूसरे पदों पर चयन प्रक्रिया आठ महीने में भी पूरी नहीं हो सकी। 2021-22 सत्र के लिए आवेदन मांगे गए थे लेकिन सत्र पूरा होने में मात्र 10 दिन बचा है और आवेदक अब तक इंतजार कर रहे हैं। पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने 25 जून को विज्ञापन जारी कर 15 जुलाई तक ऑफलाइन आवेदन मांगे थे।

लगभग 25 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। पूर्णकालिक शिक्षिका, लेखाकार, मुख्य रसोइया एवं सहायक रसोइया के पदों के लिए केवल महिलाओं से आवेदन मांगे गए थे। शिक्षिका व लेखाकार का चयन शैक्षणिक मेरिट पर जबकि मुख्य व सहायक रसोइया और चौकीदार का चयन साक्षात्कार से होना था। आयु सीमा 25 से 45 वर्ष थी।