DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर लख़नऊ वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Monday, February 26, 2024

प्रोजेक्ट अलंकार में 500 करोड़ शेष, रुचि नहीं ले रहे कॉलेज

प्रोजेक्ट अलंकार में 500 करोड़ शेष, रुचि नहीं ले रहे कॉलेज


लखनऊ। प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए प्रोजेक्ट अलंकार की शुरुआत की गई। शासन ने इसके तहत अब तक 883 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। किंतु अभी तक 347 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई। कॉलेजों की रुचि न लेने से अभी 500 करोड़ शेष हैं। अब इस योजना में राजकीय विद्यालयों की बाउंड्रीवाल बनाने का प्रस्ताव मांगा गया है।


बेसिक विद्यालयों की दशा सुधारने में प्रोजेक्ट अलंकार की योजना काफी सहयोगी रही है। इसे देखते हुए शासन ने इस साल से माध्यमिक के एडेड कॉलेजों की दशा सुधारने के लिए यहां भी इस योजना को लागू किया। इसमें विशेष रुचि लेते हुए पहले 500 और अनुपूरक बजट में 383 करोड़ का प्रावधान किया। किंतु अभी तक लगभग 160 कॉलेजों के प्रस्ताव के अनुसार 347 करोड़ की ही राशि स्वीकृत हुई है।


योजना के तहत पुराने जर्जर हो चुके एडेड विद्यालयों में जीर्णोद्धार, नई कक्षाओं के निर्माण, मरम्मत, अवस्थापना आदि के लिए 75 फीसदी राशि शासन और 25 फीसदी संबंधित विद्यालय को देना है। पहले चरण में 160 विद्यालयों को यह राशि दी गई है। दूसरे चरण में 86 विद्यालयों के लिए 34 करोड़ और तीसरे में 115 कॉलेजों के लिए 51 करोड़ का और प्रस्ताव भेजा गया है।


माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने सभी डीआईओएस से इस योजना के तहत अब माध्यमिक के बाउंड्रीविहीन राजकीय कॉलेजों की बाउंड्री बनवाने के लिए प्रस्ताव मांगे थे। इसके तहत दो दर्जन जिलों ने प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने डीआईओएस को निर्देश दिया है कि इन प्रस्ताव का परीक्षण कर एस्टीमेट तैयार कराएं। डीएम की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन कराकर प्रस्ताव भेजें। ताकि जल्द से जल्द बजट स्वीकृत किया जा सके।

पदोन्नत किए गए राजकीय महाविद्यालयों के 114 प्रवक्ता, अगले चरण में 248 प्रवक्ताओं को दी जाएगी पदोन्नति

पदोन्नत किए गए राजकीय महाविद्यालयों के 114 प्रवक्ता, अगले चरण में 248 प्रवक्ताओं को दी जाएगी पदोन्नति


प्रयागराज : राजकीय महाविद्यालयों के 114 प्रवक्ताओं को पदोन्नत कर दिया गया है। कई वर्षों से यह प्रक्रिया लंबित थी। उत्तर प्रदेश राजकीय महाविद्यालय शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से कई बार इसकी मांग की गई थी। उच्च शिक्षा मंत्री की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था। शासन में प्रक्रिया लंबित होने के कारण प्रवक्ता कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच शासन से पदोन्नति आदेश जारी कर दिया गया है। अगले चरण में 248 प्रवक्ताओं को पदोन्नत किया जाएगा। इसकी फाइल निदेशालय से शासन को भेजी जा चुकी है।


प्रदेश के 171 राजकीय महाविद्यालयों में तैनात प्रवक्ताओं को करियर एडवांस योजना के तहत पदोन्नति का लाभ दिया जाता है। वर्ष 2020 से इनकी पदोन्नति रुकी हुई थी। पदोन्नति की फाइल निदेशालय से शासन को कई बार भेजी जाती थी लेकिन उसमें आपत्ति लगाकर रोका गया था। पदोन्नति के लिए संगठन के


अगले चरण में 248 प्रवक्ताओं को दी जाएगी पदोन्नति

प्रदेश अध्यक्ष डा. इंदु प्रकाश सिंह, प्रदेश संयोजक डा. आदित्य प्रताप सिंह, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश संयोजक डा. रितु शुक्ला ने उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से पिछले वर्ष मुलाकात की थी। पदोन्नति सहित संगठन की 10 मांगें थीं। मंत्री के आश्वासन के बाद प्रक्रिया तेज हुई। अब सभी आपत्तियां दूर करके पदोन्नति का आदेश जारी कर दिया गया है। इसमें 44 प्रवक्ता और तीन प्रवक्ता पुस्तकालय को ग्रेड पे नौ हजार मिल गया है। 20 प्रवक्ता और तीन प्रवक्ता पुस्तकालय को आठ हजार ग्रेड पे और 44 प्रवक्ता को सात हजार ग्रेड पे मिल गया है। उच्च शिक्षा निदेशक प्रोफेसर ब्रह्मदेव ने बताया कि कुछ आपत्तियों के कारण पदोन्नति प्रक्रिया रुकी हुई थी। अब उसे दूर करके पदोन्नत कर दिया गया है।

Sunday, February 25, 2024

CTET Certificate Download link : सीटेट के ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी, ऐसे करें डाउनलोड

CTET Certificate Download link : सीटेट के ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी, ऐसे करें डाउनलोड



CTET सीटेट के सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए हैं सीटेट की अब तक की सभी परीक्षाओं के सर्टिफिकेट यहां नीचे दिए गए लिंक से आप डाउनलोड कर सकते हैं।

सेंटर टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट के लिए रिक्शा का आयोजन समाप्त होने के बाद में परिणाम जारी कर दिया है जिसके लिए सभी अभ्यर्थी अपना सीटेट सर्टिफिकेट डाउनलोड करना चाहते हैं सीटेट के लिए सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है जिसे आप घर बैठे बिना कहीं पर जाए फिर भी डाउनलोड कर सकते हैं.


सीटेट सर्टिफिकेट डाउनलोड करने की प्रक्रिया

सबसे पहले कैंडिडेट्स को प्ले स्टोर या आईओएस से डिजिलॉकर का मोबाइल App डाउनलोड करना होगा।, डिजिलॉकर ऐप डाउनलोड करने के बाद आपको अपना यूजरनेम और पासवर्ड डालकर साइन इन करना होगा।

यदि किसी उम्मीदवार का डिजी लॉकर पर खाता नहीं है तो उसे साइन अप के बटन पर क्लिक करना होगा, यह खबर आप बेसिक शिक्षा न्यूज़ डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। उम्मीदवारों को नाम,मोबाइल नंबर, लिंग, आधार संख्या आदि जैसे विवरण दर्ज करने होंगे, इसके बाद आधार कार्ड नंबर दर्ज कर नेक्स्ट के बटन पर क्लिक करें।

आपको एक ओटीपी प्राप्त होगा जो आपको अगले स्टेप पर ले जाएगा, ओटीपी दर्ज करने के बाद होमपेज खुल जाएगा और आप जारी किए गए दस्तावेज देख सकते हैं, फिर “जारी किए गए दस्तावेज़” पर क्लिक करें और “केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, दिल्ली” खोजें और विकल्प पर क्लिक करें।

उसके बाद CTET सर्टिफिकेट और CTET मार्कशीट विकल्प के बटन को चुनें, फिर उम्मीदवार को अपना नाम, रोल नंबर दर्ज कर वर्ष और महीने का चयन करना होगा, ऐसा करने के बाद, उम्मीदवार को “दस्तावेज़ प्राप्त करें” विकल्प पर क्लिक करना होगा।

आपका सीटीईटी मार्कशीट और सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध होगा, सभी विवरण जमा करने के बाद, उम्मीदवारों को उनके डिजिलॉकर ऐप में स्थिति अपडेट मिल जाएगी।


Saturday, February 24, 2024

अगले 5 वर्ष तक स्थानान्तरण की मांग नहीं करने की शर्त पर अंतःजनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण स्वीकार करने के लिए बाध्यता नहीं, देखें हाईकोर्ट ऑर्डर

अगले 5 वर्ष तक स्थानान्तरण की मांग नहीं करने की शर्त पर अंतःजनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण स्वीकार करने के लिए बाध्यता नहीं, देखें हाईकोर्ट ऑर्डर
 

अब एमबीबीएस के छात्र भी पढ़ेंगे आयुष का ककहरा

अब एमबीबीएस के छात्र भी पढ़ेंगे आयुष का ककहरा

• आयुष मंत्रालय की पहल पर पाठ्यक्रम में होगा शामिल

एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने पर पूरा जोर
 
लखनऊ : अब एमबीबीएस के छात्र अपने पाठ्यक्रम में आयुष की भी पढ़ाई कर सकेंगे। उन्हें आयुर्वेद, होम्योपैथी व यूनानी इत्यादि का आधारभूत ज्ञान देने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। आयुष मंत्रालय की पहल पर जल्द इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने पर पूरा जोर दिया जा रहा है। एलोपैथ के विद्यार्थी आयुर्वेद व होम्योपैथी इत्यादि का ज्ञान अर्जित कर इस विधा के चिकित्सकों के साथ मिलकर रोगियों का उपचार करेंगे तो अच्छे परिणाम सामने आएंगे और आयुष को बढ़ावा मिलेगा।


आयुष मंत्रालय के सलाहकार डा. कौस्तुभ उपाध्याय के मुताबिक राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी), राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनएचसी) और भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए गठित राष्ट्रीय आयोग (एनसीआइएसएम) इन तीनों के विशेषज्ञों की टीम पाठ्यक्रम तैयार करने में जुटी है। 


योग को पहले से ही एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में जोड़ा गया है। अब पाठ्यक्रम में उन्हें आयुष का विकल्प भी दिया जाएगा। जब एलोपैथ के डाक्टर व आयुष के डाक्टर आपस में मिलकर काम करेंगे तो एक-दूसरे की चिकित्सा पद्धति के प्रति आदर का भाव भी बढ़ेगा।


अभी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को आयुष अस्पतालों में 10 दिन के विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। अब देश में धीरे-धीरे एकीकृत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एकीकृत चिकित्सालय बनाने पर जोर दिया जा रहा है। यहां एक छत के नीचे ही एलोपैथी, आयुर्वेद व होम्योपैथी आदि के चिकित्सक आपस में मिलकर रोगी का इलाज करेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कोई भी मनपसंद विषय पढ़ने की आजादी मिलेगी। देश भर में 12 हजार आयुष वेलनेस सेंटर भी खोले जाएंगे।


मदरसों में आधुनिक शिक्षा योजना का किया जाएगा नवीनीकरण, अल्पसंख्यक आयोग की ओर से केंद्र सरकार को लिखा पत्र

मदरसों में आधुनिक शिक्षा योजना का किया जाएगा नवीनीकरण, अल्पसंख्यक आयोग की ओर से केंद्र सरकार को लिखा पत्र


प्रयागराज। मदरसों में आधुनिक शिक्षा के नवीनीकरण के साथ शिक्षकों को वेतन मिलने की उम्मीद जगी है। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग की ओर से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को इस संबंध में पत्र लिखा गया है।


मदरसों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने, उनका कायाकल्प करने समेत कई अन्य योजनाओं शुरू किया गया है। साथ ही शिक्षकों को वेतन मिलने की उम्मीद भी जगी है। बताया जा रहा है कि इस मद में कुछ राशि आई थी लेकिन उससे एक-दो महीने का भी वेतन भी नहीं दिया जा सका था।

प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी ने बताया कि आधुनिक शिक्षा योजना के नवीनीकरण, शिक्षकों का बकाया वेतन दिए जाने के लिए भी पीएम और सीएम को लिखा है।

अध्यक्ष ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को अन्य वर्ग की तरह शिक्षा दी जा रही है। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व विनय सिंह, डूडा की परियोजना निदेशक वर्तिका सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कृष्ण मुरारी शुक्रवार को प्रयागराज आए उत्तर आदि मौजूद रहे। 



केंद्रांश बंद होने से उत्तर प्रदेश के मदरसों में बंद हुई आधुनिक शिक्षा

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश के मदरसों में अब आधुनिक शिक्षा बंद हो गई है। इन मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों का मानदेय रोक दिया गया है। मानदेय न मिलने की स्थिति में मदरसों में केवल दीनी तालीम ही दी जाएगी।


मदरसों में पढ़ रहे छात्रों को आधुनिक शिक्षा जैसे कंप्यूटर, वोकेशनल कोर्स के लिए सरकार ने वर्ष 2016 में प्रबंध किया था। इस सम्बन्ध में यह आदेश हुआ था कि केंद्र सरकार से मिल रहा केंद्रांश जब तक मिलता रहेगा, आधुनिक शिक्षा के लिए शिक्षकों को मानदेय दिया जाता रहेगा। 


पिछले दिनों निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से सभी जिलों के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजा गया। जिसमें इस बात का जिक्र किया गया है कि केंद्र सरकार से मिलने वाला केंद्रांश अब बंद हो गया है। ऐसी दशा में मानदेय की वित्तीय सहायता अब नहीं दी जा सकेगी।


 शिक्षकों को मानदेय न देने की दशा में अब मदरसों में आधुनिक पढ़ाई भी बंद हो गई है। इस योजना के तहत जिले के 147 मदरसों में 388 शिक्षक आधुनिक शिक्षा के लिए रखे गए थे।


60 और 40 का था भुगतान अनुपात 

प्रदेश में मदरसों में आधुनिक शिक्षा के लिए जो योजना चलाई जा रही थी, उसमें बजट का प्रावधान केंद्र व राज्य सरकार दोनों की ओर से था। जिसमें 60 फीसदी अंशदान केंद्र और 40 फीसदी राज्य सरकार का था।


12 और 15 हजार था मानदेय

शिक्षकों को मानदेय दो श्रेणियों में दिया जा रहा था। स्नातक पास 128 शिक्षक के लिए 12 हजार तो परास्नातक या एमए करने वाले 260 शिक्षकों के लिए 15 हजार रुपये प्रति माह का प्रावधान किया गया था।


यूपी बोर्ड परीक्षाओं में गैरहाजिर कक्ष निरीक्षकों पर होगी कार्रवाई, परीक्षा केंद्रों पर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति

यूपी बोर्ड परीक्षाओं में गैरहाजिर कक्ष निरीक्षकों पर होगी कार्रवाई, परीक्षा केंद्रों पर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति


लखनऊ। प्रदेश में बृहस्पतिवार से शुरू हुई यूपी बोर्ड की परीक्षा के पहले दिन माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था। इसमें काफी संख्या में कक्ष निरीक्षक अनुपस्थित मिले थे। वहीं, कई जिलों से भी ऐसी ही रिपोर्ट मिली है। शासन ने इसका संज्ञान लेते हुए सख्ती शुरू कर दी है। 


शासन ने ऐसे कक्ष निरीक्षकों की सूची सभी डीआईओएस से मांगी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने कहा है कि कोई भी शिक्षक परिषदीय परीक्षाओं के दिए गए कार्य के निर्वहन में आनाकानी करे या अनुपस्थित रहे तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।



यूपी बोर्ड परीक्षा केन्द्र पर अनुपस्थित कक्ष निरीक्षकों की मांगी गई सूचना, अनुशासनात्मक कार्यवाही की तैयारी



 

Friday, February 23, 2024

अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वेतन भुगतान मानव सम्पदा पोर्टल के माध्यम से आनलाइन हस्तान्तरण के सम्बन्ध में।

अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वेतन भुगतान मानव सम्पदा पोर्टल के माध्यम से आनलाइन हस्तान्तरण के सम्बन्ध में।


CBSE Open Book Exam : नवंबर दिसंबर से ओपन बुक एग्जाम संभव, बोर्ड छोड़कर सभी परीक्षाएं किताबें खोलकर दे सकेंगे

CBSE  Open Book Exam : नवंबर दिसंबर से ओपन बुक एग्जाम संभव, बोर्ड छोड़कर सभी परीक्षाएं किताबें खोलकर दे सकेंगे

 

नई दिल्ली । सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) के 9वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्र किताबें और नोट्स खोलकर परीक्षा दे सकेंगे। सूत्रों के अनुसार, नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनएफसी) की सिफारिशों के तहत ओपन बुक एग्जाम (ओबीई) को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसी साल नवंबर-दिसंबर से शुरू किए जाने की संभावना है। हालांकि, ओपन बुक एग्जाम को 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं में लागू नहीं किया जाएगा।


एनएफसी का मानना है कि आरेबीई से छात्रों में परीक्षा के प्रति अनावश्यक तनाव और चिंताओं में कमी आएगी। इस बीच, सीबीएसई के निदेशक (एकेडमिक्स) डॉ. जोसेफ इमैनुएल का कहना है कि अभी ओबीई की स्टडी की जा रही है। इसके बाद तय होगा कि इसे कब और कैसे लागू किया जाएगा।


शुरू में कुछ स्कूलों में, बाद में देश भर में लागू होगा

सूत्रों के अनुसार, पायलट प्रोजेक्ट में कुछ स्कूलों में ओपन बुक एग्जाम होगा। सभी पक्षों द्वारा आकलन करने के बाद इसे देशभर में लागू किया जाएगा।

9वीं-10वीं कक्षा मेंः गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषय में

11वीं-12वीं मेंः अंग्रेजी, गणित और जीव विज्ञान के विषय में


दुनिया के कई प्रमुख देशों में ओपन बुक एग्जाम

यूरोपः नॉर्वे, फिनलैंड, स्वीडन और डेनमार्क के स्कूलों में
अमेरिकाः लॉ कॉलेज और एडवांस्ड प्लेसमेंट एग्जाम
जर्मनीः इंजीनियरिंग के कोर्स
ऑस्ट्रेलियाः मेडिकल की परीक्षाएं
ब्रिटेनः इकोनॉमिक्स के ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स



नौ से 12वीं तक के लिए किताब खोलकर परीक्षा देने की योजना का होगा परीक्षण

सीबीएसई शासकीय निकाय की बैठक में परियोजना को लेकर हुई चर्चा

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इस साल के अंत में कक्षा नौ से 12वीं तक के कुछ चुनिंदा स्कूलों में खुली किताब के जरिये परीक्षा (ओपन बुक परीक्षा- ओबीई) की प्रयोगात्मक कार्यक्रम की योजना बना रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, दिसंबर, 2023 में सीबीएसई शासकीय निकाय की बैठक में इस परियोजना को लेकर चर्चा की गई। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में इस प्रारूप को अपनाने की कोई योजना नहीं है। अधिकारी ने कहा, यह योजना राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा में की गई सिफारिशों के अनुरूप है।

यूपी बोर्डः पहले दिन तीन लाख से अधिक ने छोड़ी परीक्षा, आठ पर एफआईआर

यूपी बोर्डः पहले दिन तीन लाख से अधिक ने छोड़ी परीक्षा, आठ पर एफआईआर

पहले दिन पूरे प्रदेश में कुल 8,265 केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित

सात लोग दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़े गए, एक केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ भी कार्रवाई


प्रयागराज। सख्ती का असर परीक्षा के पहले दिन ही दिखा। सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी की रणनीति भी कारगर साबित हुई है। नतीजा यह रहा कि पहले दिन यूपी बोर्ड की बृहस्पतिवार को आयोजित हुई हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 3,33,541 विद्यार्थियों ने छोड़ दी। प्रयागराज में 12411 छात्र गैरहाजिर रहे। हालांकि, पिछले वर्ष बोर्ड की परीक्षा में करीब चार लाख ने हिंदी की परीक्षा छोड़ी थी।


बोर्ड परीक्षाओं के पहले दिन प्रदेश भर में प्रथम पाली में 29,43,766 परीक्षार्थी और द्वितीय पाली में 24,67,715 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। परीक्षा के दौरान प्रथम पाली में 2,03,299 और द्वितीय पाली में 1,30,242 परीक्षार्थी शामिल नहीं हुए। साथ ही पूरे प्रदेश में प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान सात लोग दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़े गए। एटा जिले का एक केंद्र व्यवस्थापक भी अनुचित व्यवहार करता पाया गया। इन सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।


प्रथम पाली में हाईस्कूल की हिंदी, प्रारंभिक हिंदी और इंटरमीडिएट की सैन्य विज्ञान की परीक्षा हुई। वहीं, द्वितीय पाली में हाईस्कूल की वाणिज्य और इंटरमीडिएट की हिंदी और सामान्य हिंदी की परीक्षा आयोजित की गई।


यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि हाईस्कूल की परीक्षा में कुल पांच परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते पकड़े गए। इनमें पांच बालक और एक बालिका शामिल है। इनको आगामी परीक्षाओं से प्रतिबंधित कर दिया गया है। दूसरी पाली की परीक्षा में कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है।

उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी के जरिये लगातार नजर रखी जा रही थी। इस दौरान मुख्यालय में बने कमांड एंड कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाती रही। 

PPP पर 20 पालीटेक्निक व आइटीआइ चला सकेंगी संस्थाएं

PPP पर 20 पालीटेक्निक व आइटीआइ चला सकेंगी संस्थाएं

• अभी तक एक निजी संस्था को सिर्फ पांच संस्थान ही दिए जाते थे

• टेंडर में कम कंपनियां आने के कारण नियमों में किया गया वदलाव


लखनऊ : प्रशिक्षण संस्थानों औद्योगिक (आइटीआइ) व पालीटेक्निक संस्थानों को सार्वजनिक-निजी सहभागिता  (पीपीपी) माडल पर चलाने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। अभी तक एक निजी संस्था को दो आइटीआइ व तीन पालीटेक्निक  संस्थान यानी कुल पांच संस्थान ही • पीपीपी माडल पर चलाने के लिए दिए जा सकते थे। अब 20 संस्थानों को पीपीपी माडल पर चलाने के लिए एक निजी संस्था को दिया जा सकेगा।


 प्रमुख सचिव, प्राविधिक शिक्षा - एम देवराज के मुताबिक 17 नवंबर, 2020 को जारी शासनादेश में संशोधन किया गया है। इसे बुधवार को जारी कर दिया गया। ऐसे में अब 5 निविदा के माध्यम से निजी संस्थानों 1 को पहले चार गुणा अधिक संस्थान - पीपीपी माडल पर चलाने के लिए दिए जा सकेंगे। दरअसल बीते दिनों 39 आइटीआइ को पीपीपी माडल पर चलाने के लिए निविदा जारी की गई थी लेकिन मात्र आठ आइटीआइ ही निजी संस्थाओं को दी जा सकीं। दोबारा 31 आइटीआइ को पीपीपी माडल पर चलाने के लिए निजी संस्थाओं को आमंत्रित किया गया है। 


फिलहाल, अब नए नियमों के लागू होने से इन आइटीआइ की शुरुआत की जा सकेगी। विद्यार्थियों को उनके घर के नजदीक ही गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। यही नहीं अभी तक यह भी व्यवस्था थी कि अगर वह सिर्फ पालीटेक्निक चलाना चाहता है या फिर सिर्फ आइटीआइ ही चलाना चाहता है तो उसे मात्र छह संस्थान ही चलाने की अनुमति दी जाती थी। अब कोई झंझट नहीं होगा।


पहले चरण में प्रदेश की 19 पॉलीटेक्निक और आईटीआई PPP मॉडल पर चलेंगी

लखनऊ। प्रदेश में नए बने राजकीय पॉलीटेक्निक व आईटीआई का संचालन नए सत्र से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा। इसके लिए पहले चरण में 19 पॉलीटेक्निक व आईटीआई इनके संचालन के लिए संस्थानों की सूची शासन ने जारी की को पीपीपी मॉडल पर चलाने को हरी झंडी दी गई है। इसमें लखनऊ में बख्शी का तालाब स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक व कादीपुर सुल्तानपुर का पॉलीटेक्निक भी शामिल है।


शासन की ओर से पिछले दिनों निर्णय लिया गया था कि नए बन रहे राजकीय पॉलीटेक्निक व आईटीआई का संचालन पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा। इसके तहत प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से प्राइवेट संस्थानों से निविदाएं मांगी गई थीं।


 प्राविधिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एम देवराज ने बताया कि आवश्यक औपचारिकता पूरी कर कमेटी ने 19 पॉलीटेक्निक व आईटीआई को पीपीपी मॉडल पर देने की सहमति दी है।

इसके अनुसार आवश्यक कार्यवाई शुरू कर दी गई है। नए सत्र से यहां पर पठन-पाठन शुरू करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि राजकीय पॉलीटेक्निक व आईटीआई को पीपीपी मॉडल पर देने के लिए नियमों में ढील दी गई है। 

पूर्व की व्यवस्था के अनुसार एक निविदाकर्ता को अधिकतम चार आईटीआई व छह पॉलीटेक्निक यानी कुल दस संस्थान ही दिए जा सकते थे। शासन ने इसे संशोधित करते हुए 20 राजकीय पॉलीटेक्निक व राजकीय आईटीआई दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे इस क्षेत्र में बड़े संस्थान ज्यादा आ सकेंगे।

Thursday, February 22, 2024

यूपी बोर्ड परीक्षा आज से, पेपर लीक पर होगी जेल

यूपी बोर्ड परीक्षा 12 कार्य दिवसों में संपन्न होगी


लखनऊ/प्रयागराज । यूपी बोर्ड परीक्षाएं कुल 12 कार्य दिवसों में 22 फरवरी से 9 मार्च के बीच होंगी।

बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल के 1571184 छात्र तथा 1376127 छात्राएं (कुल 29,47,311) एवं इंटरमीडिएट के 1428323 छात्र तथा 1149676 छात्राएं (कुल 25,77,997) शामिल होंगे। कुल 55,25,308 परीक्षार्थियों में से 5360745 संस्थागत एवं 164563 व्यक्तिगत परीक्षार्थी है।

 नकल पर प्रभावी रोकथाम के कारण वर्ष 2024 में 164563 छात्र- छात्राएं व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में पंजीकृत हुए हैं, जबकि 2017 में यह संख्या 3,53,106 थी। गुरुवार को परीक्षा दो पालियों में होगी।


यूपी बोर्ड परीक्षा आज से, इंटरनेट मीडिया पर क्यूआरटी का पहरा

हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा देंगे 55 लाख से अधिक परीक्षार्थी

लखनऊ : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं, गुरुवार से शुरू होंगी और नौ मार्च को खत्म होंगी। कुल 12 कार्यदिवसों में परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। परीक्षा में 55,25,308 विद्यार्थी शामिल होंगे जिनके लिए 8,265 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 

परीक्षा में नकल रोकने के लिए इस बार सख्त इंतजाम किए गए हैं। खासकर इंटरनेट मीडिया पर पर्चा लीक की अफवाह फैलाने या पर्चा वायरल करने वालों के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) गठित की गई है। यह टीम वाट्सएप, फेसबुक व एक्स आदि पर पूरी नजर रखेगी। वहीं पर्चा हल कर उसे प्रसारित करने को दंडनीय संज्ञेय व गैर जमानती अपराध घोषित किया गया है।

माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने लोक भवन में पत्रकारों से बताया कि 16 अति संवेदनशील जिलों की विशेष निगरानी की जा रही है। पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ भी पूरी तरह अलर्ट है। परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए सात राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। 

परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे व वायस रिकार्डर लगाए गए हैं और लाइव वेब टेलीकास्टिंग के माध्यम से प्रत्येक परीक्षा केंद्र की निगरानी की जाएगी। परीक्षा केंद्रों की 100 मीटर की परिधि में समाज विरोधी तत्वों व बाहरी व्यक्तियों को एकत्र होने से रोकने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत धारा-144 लागू की गई है। यूपी बोर्ड परीक्षाएं दो पालियों में होंगी। पिछले वर्षों तक पहली पाली सुबह आठ बजे से शुरू होती थी।


यूपी बोर्ड परीक्षा आज से,  पेपर लीक पर होगी जेल


लखनऊ/प्रयागराज । प्रदेश | के 8265 केंद्रों पर गुरुवार से शुरू हो रही यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के लिए योगी सरकार ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। व्हाट्सएप से लेकर सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म तक अराजक तत्वों की कड़ी निगरानी की जा रही है। परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने की कोशिश करने वाले जेल भेजे जाएंगे।

यह जानकारी अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा दीपक कुमार ने दी। वह बुधवार को लोकभवन सभागार में बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पहली बार क्यूआरटी गठित की गई है जो उन लोगों पर तत्काल कार्रवाई करेगी जो भ्रामक खबरें फैला कर गुमराह करने, सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास करते पाए जाएंगे।


🟢 ये होगा पहली बार

■ सभी केंद्र व्यवस्थापकों, बाहरी केंद्र व्यवस्थापकों एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को परीक्षा संपादन के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

■ 3.11 लाख कक्ष निरीक्षकों को सुरक्षित क्यूआर कोड एवं क्रमांक युक्त कम्प्यूटराइज्ड परिचय पत्र जारी किया गया है।


🔴 हेल्पलाइन नंबर

■ शिकायत के लिए  18001806607  और 180018066078

■ समाधान व परामर्श के लिए 18001805310 और 18001805312



यूपी बोर्ड : तकनीक के सहारे नकलविहीन परीक्षा की तैयारी, प्रश्नपत्र हल कर प्रसारित करना हुआ गैर जमानती अपराध

सूबे में 8,265 परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 55 लाख, 25 हजार, 308 परीक्षार्थी

परीक्षा में बाधा डालने वालों पर दर्ज होगी एफआईआर


प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 22 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इसके लिए बोर्ड की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए केंद्रों से लेकर कक्ष निरीक्षकों और उत्तर पुस्तिकाओं तक में इस बार तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 55 लाख 25 हजार 308 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के लिए सूबे में 8,265 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि 8,265 केंद्रों में 566 राजकीय विद्यालय, 3,479 सहायता प्राप्त और 4,220 वित्तवहीन विद्यालय शामिल हैं। इन परीक्षा केंद्रों पर कुल दो लाख 99 हजार 121 कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के लिए कुल 1,297 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 430 जोनल मजिस्ट्रेट, 75 राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक और 416 सचल दल का गठन किया गया है। इसके साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों पर एक-एक केंद्र व्यवस्थाक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।

 परीक्षा केंद्रों और स्ट्रांग रूम पर रखी जाएगी 24 घंटे नजर नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए केंद्रों के एक लाख 35 हजार परीक्षा कक्षों और परिसर में लगभग तीन लाख वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

इसके लिए प्रत्येक जिले, पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों और माध्यमिक शिक्षा परिषद के मुख्यालय में कमांड और कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं, जहां से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। साथ ही कक्ष निरीक्षकों के परिचय पत्र में क्यूआर कोड लगाया गया है। उत्तर पुस्तिकाओं में भी अदला-बदली रोकने के लिए क्यूआर कोड लगाया गया है। साथ ही पहली बार उत्तर पुस्तिका के सभी पृष्ठों पर क्रमांक संख्या अंकित की गई है।


16 जिले अतिसंवेदनशील : मथुरा, बागपत, अलीगढ़, मैनपुरी, एटा, हरदोई, आजमगढ़, बलिया, मऊ, प्रयागराज, कौशाम्बी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा


सोशल मीडिया और व्हाट्सएप या किसी अन्य माध्यम से पर किसी विषय की परीक्षा समाप्त होने से पहले यदि उस विषय का प्रश्न पत्र या उसका कोई भाग या उसके हल को सार्वजनिक करने का प्रयास किया जाता है तो ऐसा करने वाले के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और यह अपराध गैर जमानती होगा। परीक्षाओं में नकल या किसी भी गड़बड़ी की शिकायत टोल फ्री नंबरों 18001805310 और 18001805312 पर की जा सकती है।


स्टेट कंट्रोल रूम से होगी यूपी बोर्ड परीक्षा की आनलाइन निगरानी, 22 फरवरी से नौ मार्च तक परीक्षाओं हेतु बने 8265 परीक्षा केंद्र


लखनऊ : यूपी बोर्ड परीक्षा की आनलाइन निगरानी सीधे स्टेट कंट्रोल रूम से होगी। बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए प्रत्येक परीक्षा केंद्र के हर कक्ष की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे, वायस रिकार्डर तथा राउटर स्थापित किए गए हैं, जिसके माध्यम से लाइव मानीटरिंग वेबकास्टिंग जाएगी।

 माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी फरवरी से नौ मार्च तक होने वाली हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं के आनलाइन निगरानी के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने शिविर कार्यालय, शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) लखनऊ में नवीनीकृत सभागार का लोकार्पण भी किया।

मंत्री ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में 8265 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 275 परीक्षा केंद्रों को अति संवेदनशील एवं 466 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील परीक्षा केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है। नकल विहीन परीक्षा के लिए संपूर्ण परीक्षा अवधि की लाइव मानीटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से की जाएगी।



यूपी बोर्ड में प्रथम पाली की परीक्षा का समय बढ़ा, राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर  18001806607 और 18001806608 जारी


लखनऊ  । प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने रविवार को शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के लखनऊ स्थित शिविर कार्यालय में हाईस्कूल एवं इंटर की परीक्षाओं की ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए स्थापित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। इसमें टोल फ्री नंबर- 18001806607 और 18001806608 होंगे। 


और इस मौके पर मंत्री ने कहा कि छात्र- छाआओं की सुविधा के लिए इस वर्ष प्रथम बार पहली पाली की परीक्षा का समय सुबह आठ बजे 11.15 बजे के स्थान पर सुबह 8.30 से 11.45 बजे किया गया है। द्वितीय पाली का समय पूर्ववत अपराह्न दो बजे से शाम 5.15 बजे तक है।


मंत्री ने शिविर कार्यालय में नवीनीकृत सभागार का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि 22 फरवरी से नौ मार्च तक होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रदेश में कुल 8265 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 275 परीक्षा केन्द्रों को अति संवेदनशील एवं 466 परीक्षा केन्द्रों को संवेदनशील चिह्नित किया गया है।



छात्र यहां करें संपर्क

माध्यमिक शिक्षा परिषद् प्रयागराज में भी टोल फ्री नंबर होगा जिसका नंबर 18001805310 व 18001805312 है। ईमेल upboardexams2024@gmail.com, व्हाट्सएप नम्बर 9235071514 आदि पर भी संपर्क किया जा सकता है।

सेवा बहाली के लिए आज लखनऊ में पैदल यात्रा करेंगे तदर्थ शिक्षक

सेवा बहाली के लिए आज लखनऊ में पैदल यात्रा करेंगे तदर्थ शिक्षक

लखनऊ। माध्यमिक के एडेड कॉलेजों के तदर्थ शिक्षक सेवा बहाली के लिए फिर से आंदोलन करेंगे। 22 फरवरी को वे राजधानी में पैदल यात्रा निकालकर ज्ञापन देंगे। तीन मार्च से फिर से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पर अनिश्चितकालीन धरना देंगे। 

माध्यमिक तदर्थ संघर्ष समिति की बैठक में ये निर्णय हुआ। बैठक संरक्षक रमेश प्रताप सिंह और रवीन्द्र सिंह की अध्यक्षता में लखनऊ पब्लिक स्कूल, तेलीबाग में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 22 फरवरी को रॉयल होटल से सभी तदर्थ शिक्षक 11 बजे माध्यमिक निदेशालय तक सेवा बहाली पैदल यात्रा निकालेंगे। 
माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेंद्र देव को ज्ञापन देकर लखनऊ, जौनपुर, बहराइच का वेतन जारी करवाने और सेवा बहाली का प्रत्यावेदन देंगे। 24 फरवरी को गोरक्षपीठ धाम गोरखपुर, 27 फरवरी को काशी विश्वनाथ धाम वाराणसी में मुख्यमंत्री को संबोधित सेवा बहाली की अर्जी मंदिर के मुख्य पुजारी को देंगे। 28 फरवरी को तदर्थ शिक्षक अपने जिले के भाजपा जिलाध्यक्षों के माध्यम से सीएम को संबोधित सेवा बहाली का प्रत्यावेदन देंगे। 


सेवा बहाली के लिए लखनऊ में पैदल यात्रा करेंगे तदर्थ शिक्षक, 24 को गोरक्षपीठ धाम, 27 को बाबा विश्वनाथ धाम में लगाएंगे अर्जी


लखनऊ। प्रदेश में माध्यमिक के एडेड कॉलेजों के तदर्थ शिक्षक सेवा बहाली के लिए एक बार फिर आंदोलन करेंगे। इसके लिए जहां 22 फरवरी को वह राजधानी में पैदल यात्रा निकालकर ज्ञापन देंगे। 


 तीन मार्च से फिर से के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पर का अनिश्चितकालीन धरना देंगे। यह नी निर्णय माध्यमिक तदर्थ संघर्ष समिति के की मंगलवार को हुई बैठक में लिया ड, गया। संरक्षक रमेश प्रताप सिंह और नी रवीन्द्र सिंह की अध्यक्षता में की लखनऊ पब्लिक स्कूल, तेलीबाग में में बैठक में निर्णय लिया गया कि 22 न्त फरवरी को रॉयल होटल से सभी निदेशालय तक "सेवा बहाली पैदल यात्रा" निकालेंगे।


माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेंद्र देव को ज्ञापन देकर लखनऊ, जौनपुर, बहराइच का वेतन जारी करवाने और सेवा बहाली का प्रत्यावेदन देंगे। इसी क्रम में 24 फरवरी को गोरक्षपीठ धाम गोरखपुर, 27 फरवरी को काशी विश्वनाथ धाम वाराणसी में मुख्यमंत्री को संबोधित सेवा बहाली की अर्जी मंदिर के मुख्य पुजारी को देंगे। 28 फरवरी को तदर्थ शिक्षक अपने जिले के भाजपा जिलाध्यक्षों के माध्यम से सीएम को संबोधित सेवा बहाली का प्रत्यावेदन देंगे। 

एक मार्च को प्रदेश भाजपा कार्यालय लखनऊ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सम्बोधित प्रत्यावेदन देंगे। इसके बाद भी सेवा बहाली नहीं की जाती है तो तीन मार्च से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। 

बैठक में राकेश सिंह, प्रभात कुमार त्रिपाठी, इंद्रनील सिंह, सूर्य प्रताप सिंह, अभिमन्यु सिंह, आशीष सिंह, मनोज सिंह, सुशील सिंह, प्रत्यूष सिंह, आसाराम वर्मा आदि उपस्थित थे। 

Wednesday, February 21, 2024

CBSE : साल में दो बार 10वीं 12वीं परीक्षा वाला नियम इस साल से नहीं, जानिये कब से लागू होगा यह नियम

CBSE : साल में दो बार 10वीं 12वीं परीक्षा वाला नियम इस साल से नहीं, जानिये कब से लागू होगा यह नियम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा  है कि छात्रों के पास शैक्षणिक सत्र 2025-26 से कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा दो बार देने का विकल्प होगा। 


 राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत केंद्र की योजना पर प्रकाश डालते हुए प्रधान ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 से छात्रों को कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में दो बार उपस्थित होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दृष्टिकोण छात्रों को तनाव मुक्त रखना, उन्हें गुणवत्ता से समृद्ध करना, संस्कृति से जोड़े रखना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है तथा यही 2047 तक भारत को  विकसित देश बनाने का सूत्र है।


आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा था कि इसी साल से दो बार 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था लागू की जाएगी। अकादमिक सत्र 2024-25 पहला बैच होगा, जिसके विद्यार्थियों को साल में दो बार बोर्ड परीक्षाओं में बैठने का मौका मिलेगा।


इससे पहले अक्टूबर 2023 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी बताया था कि 2024 से 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो मर्तबा हुआ करेंगी। लेकिन अब शिक्षा मंत्री ने साफ कर दिया है कि यह नया नियम 2024 से नहीं 2025 से आएगा। 


एक बार अवसर मिलने के डर से होने वाले तनाव को घटाने के लिए यह विकल्प पेश किया जा रहा है। अगर कोई छात्र पहली बार की परीक्षा के स्कोर से संतुष्ट नहीं है तो वह अगली बार फिर से परीक्षा में बैठ सकता है। साल की दोनों बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों का बेस्ट स्कोर ही लिया जाएगा। बेस्ट स्कोर के आधार पर रिजल्ट की मेरिट बनेगी। 


नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के तहत सभी कक्षाओं की नए पाठ्यक्रम की किताबें मुहैया कराएगी। 

ढाई वर्ष से अटकी एडेड जूनियर शिक्षक भर्ती पूरी करने को निदेशालय पर प्रदर्शन

ढाई वर्ष से अटकी एडेड जूनियर शिक्षक भर्ती पूरी करने को निदेशालय पर प्रदर्शन

प्रयागराजः परीक्षा के करीब ढाई वर्ष बाद भी जूनियर हाईस्कूल के 1894 पदों की भर्ती पूरी नहीं हो सकी है। इस भर्ती को लेकर लगाई याचिका हाई कोर्ट से निस्तारित होने के बाद अभ्यर्थियों ने भर्ती जल्द पूरी किए जाने की मांग को लेकर निदेशालय में अपर शिक्षा निदेशक बेसिक के कार्यालय के गेट पर बैनर लगाकर घेराव कर प्रदर्शन किया। 

यह भर्ती ढाई वर्ष से अटकी है, इसलिए इस अवधि में रिक्त हुए अन्य पदों को इसमें शामिल कर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। यह भर्ती परीक्षा उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) की ओर से 17 अक्टूबर 2021 को कराई गई थी। इसका परिणाम 15 नवंबर 2021 को आया, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों ने कम अंक मिलने को लेकर शिकायत की। 

जांच में आरोप सही मिलने पर पुनर्मूल्यांकन के आधार पर संशोधित परिणाम छह सितंबर 2022 को घोषित किया गया। पहले घोषित परिणाम में सफल कई अभ्यर्थी संशोधित परिणाम में असफल हो गए। याचिका पर सुनवाई के चलते हाई कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी थी। अब 15 फरवरी को कोर्ट में याचिकाएं खारिज हो गईं, जिससे भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने का मार्ग प्रशस्त हो गया।

 ऐसे में जूनियर शिक्षक संघर्ष समिति के अध्यक्ष नागेंद्र पाण्डेय की अगुवाई में अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उप शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह ने बताया कि स्थगन हटने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती में पदों को बढ़ाने के लिए अभ्यर्थियों ने दिया धरना, हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू


प्रयागराज। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने और पदों की संख्या में वृद्धि करने के लिए सोमवार को अपर शिक्षा निदेशक बेसिक के कार्यालय के सामने धरना दिया। 


जूनियर एडेड विद्यालयों में सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक के 1897 पदों के लिए साल 2,021 में परीक्षा कराई गई थी। सहायक अध्यापक के 1507 और प्रधानाध्यापक के 390 पदों पर निकाली गई भर्ती का परिणाम दो साल पहले ही आ गया था। परिणाम को प्रयागराज हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। 


बीती 15 फरवरी को हाईकोर्ट ने निर्णय देते हुए भर्ती का रास्ता साफ कर दिया | है। इसके बाद अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने के लिए धरना दिया और पदों में वृद्धि की मांग भी की।


 जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती संघर्ष समिति के अध्यक्ष नागेंद्र पांडेय ने बताया कि विद्यालयों में रिक्त पड़े छह हजार पदों को भी इस भर्ती में जोड़ा जाए। साथ ही हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद मेरिट जारी कर शीघ्र ही नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाए।


अभ्यर्थियों की पद बढ़ाने की मांग को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मेरिट जारी करके शीघ्र ही भर्ती पूरी की जाएगी। संजय यादव, अपर शिक्षा निदेशक बेसिक, प्रयागराज उप्र

Tuesday, February 20, 2024

नियुक्ति के लिए 69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने फिर किया प्रदर्शन, चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग

नियुक्ति के लिए 69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने फिर किया प्रदर्शन, चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग


लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों ने सोमवार को बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा से मुलाकात और 6800 सूची के चयनितों को नियुक्ति देने की मांग उठाई।


 सोमवार को  अचानक पहुंचे अभ्यर्थियों ने निदेशालय के अंदर धरना-प्रदर्शन शुरू कर किया। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने गेट बंद करा दिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि 6800 अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। अभ्यर्थी लगातार एक साल से आंदोलन कर रहे हैं। 


बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह आदि से मुलाकात के बाद भी इसका कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। दोपहर बाद महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन। वर्मा से एक प्रतिनिधिमंडल की पुलिस ने मुलाकात कराई। 


अभ्यर्थियों ने बताया कि महानिदेशक ने बताया कि इस मामले को न्याय विभाग परामर्श के लिए भेजा गया है। जल्द ही वहां से जवाब आ जाएगा। अभ्यर्थियों के लिए सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। प्रदर्शन में अमरेंद्र पटेल, धनंजय गुप्ता, वीरेंद्र, विक्रम यादव, अनू पटेल, अर्चना शर्मा, यशवंत, भोलानाथ अंबेडकर आदि शामिल थे। 

मांग : 'बेसिक शिक्षकों के जल्द किए जाएं अंतर्जनपदीय परस्पर तबादले', PSPSA ने भेजा ज्ञापन

मांग : 'बेसिक शिक्षकों के जल्द किए जाएं अंतर्जनपदीय परस्पर तबादले', PSPSA ने भेजा ज्ञापन 


लखनऊ। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन ने सोमवार को प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डॉ. एमकेएस सुंदरम को शिक्षकों के एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले को लेकर ज्ञापन भेजा है।


एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश में चार हजार परिषदीय शिक्षकों के परस्पर तबादले आठ महीने बाद भी पूरे नहीं हुए। विभागीय आदेश के अनुसार, सामान्य और परस्पर तबादले की प्रक्रिया गर्मी की छुट्टी में समानांतर चलनी थी। इनमें सामान्य तबादले तो 25 दिन में ही हो गए, लेकिन परस्पर तबादलों का मामला फंस गया। 

प्रांतीय महामंत्री आशुतोष मिश्रा ने कहा कि कोर्ट ने इस प्रक्रिया पर कोई स्थगन आदेश नहीं दिया है। फिर भी चार हजार शिक्षक भटकने को मजबूर हैं।

स्कूल की मान्यता के लिए एक लाख रुपये घूस लेते लिपिक गिरफ्तार, एडी बेसिक पर भी केस दर्ज

एक लाख घूस लेते बाबू बंदी,  एडी बेसिक पर भी मुकदमा,

बलिया के स्कूल संचालक से मांगी थी रिश्वत जूनियर हाईस्कूल की मान्यता देने का मामला

आजमगढ़ । एंटी करप्शन की टीम ने सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षा निदेशक कार्यालय के लिपिक को एक लाख रुपये घूस लेते दबोच लिया। वह बलिया के एक विद्यालय संचालक से मान्यता दिलाने के नाम पर घूस ले रहा था। एंटी करप्शन की टीम ने एडी बेसिक और लिपिक पर मुकदमा दर्ज कराया है।

बलिया के सिकंदरपुर क्षेत्र के महरो निवासी राजीव कुमार सिंह ने जूनियर हाईस्कूल की मान्यता के लिए आवेदन किया था। कई माह से फाइल एडी बेसिक कार्यालय में लटकी थी। 

आरोप है कि एडी कार्यालय के लिपिक मनोज कुमार श्रीवास्तव निवासी घोरठ, जाफरपुर ने फाइल बढ़ाने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। राजीव ने एंटी करप्शन टीम को सूचना दी। 

जांच के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए केमिकल लगाकर एक लाख रुपये राजीव को दे दिया। जैसे ही राजीव ने लिपिक मनोज को रुपये दिये उसे टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक हरिवंश कुमार शुक्ल ने बताया कि मामले में डीआईओएस व एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्र की संलिप्तता भी मिली है।


स्कूल की मान्यता के लिए एक लाख रुपये घूस लेते लिपिक गिरफ्तार, एडी बेसिक पर भी केस दर्ज 


आजमगढ़। एडी बेसिक व डीआईओएस मनोज कुमार मिश्रा के लिपिक मनोज श्रीवास्तव को सोमवार को एक लाख रुपये रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने कहा कि वह एडी बेसिक के कहने पर घूस ले रहा था। एंटी करप्शन टीम ने एडी बेसिक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया है।


बलिया के सिकंदरपुर थानाक्षेत्र के महरो गांव निवासी राजीव कुमार सिंह स्कूल चलाते हैं। कक्षा छह से आठ तक की मान्यता के लिए वह एडी बेसिक कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे। उनके अनुसार, कार्यालय के लिपिक मनोज ने इसके लिए एक लाख की मांग की।


 इस पर राजीव ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। टीम ने योजना बनाई और सोमवार को डीएम से मिलकर दो गवाहों के साथ एडी बेसिक कार्यालय पहुंची। यहां राजीव ने एक लाख रुपये लिपिक मनोज को दिए और टीम ने रंगे हाथों उसे पकड़ लिया। 


एडी बेसिक कार्यालय के लिपिक मनोज श्रीवास्तव को एक लाख रुपये घूस लेते पकड़ा गया है। उसने बताया कि एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा के कहने पर उसने पैसा लिया था। लिपिक व एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। - शैलेंद्र कुमार सिंह, विवेचक एंटी करप्शन टीम

Monday, February 19, 2024

यूपी बोर्ड परीक्षा वर्ष 2024 हेतु सामान्य निर्देश जारी

यूपी बोर्ड परीक्षा वर्ष 2024 हेतु सामान्य निर्देश जारी


यूपी बोर्ड परीक्षा में अब टॉपर भी बन सकेंगे दिव्यांग परीक्षार्थियों के सहायक

यूपी बोर्ड परीक्षा में अब टॉपर भी बन सकेंगे दिव्यांग परीक्षार्थियों के सहायक


प्रयागराज। अब टॉपर भी दिव्यांग परीक्षार्थियों के सहायक बन सकेंगे। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 22 फरवरी से शुरू हो रही हैं। सामान्य परीक्षार्थियों के साथ- साथ दिव्यांग भी परीक्षा में शामिल होते हैं। बोर्ड ने दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए चले आ रहे परीक्षा के नियमों में संशोधन किया है। 


माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने आदेश जारी कर दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों को सहायक के रूप में मिलने वाले श्रुति लेखक की योग्यता में परिवर्तन करते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने दृष्टि बाधित परीक्षार्थियों के लिए श्रुति लेखक रखने के नियमों में दी ढील दिव्यांगों को बड़ी राहत दी है।


साल 2,001 में परिषद ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को सुविधा देते हुए आदेश पारित किया था कि कक्षा 10 और कक्षा 12 के परीक्षार्थियों को श्रुति लेखक की सहायता दी जाएगी। इस आदेश के तहत नियम बनाया गया था कि श्रुति लेखक सहायता करने वाले विद्यार्थी से एक कक्षा पीछे का हो और उसने अपनी कक्षा में अधिकतम 45 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। अब इस अंकों के प्रतिशत की सीमा को समाप्त कर दिया गया है।


अयोध्या स्थित दृष्टि बाधित, दिव्यांग समिति के राष्ट्रीय महासचिव विवेकमणि त्रिपाठी ने बताया कि हमारी समिति पिछले 10 वर्षों से इसके लिए संघर्ष कर रही थी। श्रुति लेखक के अधिकतम 45 प्रतिशत अंक वाले नियम की वजह से हर वर्ष बहुत से दृष्टिबाधित परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित हो जाते थे। 

Sunday, February 18, 2024

उत्तर प्रदेश में बेटी पैदा होने पर 25 हजार रूपए देगी योगी सरकार, अब तक दिए जा रहे थे 15 हजार

उत्तर प्रदेश में बेटी पैदा होने पर 25 हजार रूपए देगी योगी सरकार, अब तक दिए जा रहे थे 15 हजार


 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब उत्तर प्रदेश में लडक़ी पैदा होने पर उत्तर प्रदेश सरकार 25 हजार रूपए लडक़ी के माता-पिता को देगी।

 उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में अब तक 15 हजार रूपए दिए जा रहे थे। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 हजार रूपए को बढ़ाकर 25 हजार रूपए करने का फैसला कर लिया है। इस फैसले की जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक शिशिर सिंह ने कहा है कि कन्या सुमंगल योजना में बड़े बदलाव किए गए हैं।


क्या है उत्तर प्रदेश की कन्या सुमंगला योजना
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की सरकार में कन्या यानि बेटी पैदा होने पर नगद धनराशि देती है। इस योजना का नाम मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना है। इस योजना की शुरूआत वर्ष-2019 में पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ की गई थी। इस योजना के तहत बेटी पैदा होने से लेकर 12वीं कक्षा पास करने तक बेटी के लालन-पालन में मदद करने के लिए सरकार नगद राशि देती है। उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी तारीफ कर चुके हैं।


अब बढ़ाई गई है राशि
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में बेटी के जन्म के समय 2 हजार रूपए नगद देने का प्रावधान था। अब इस राशि को बढ़ाकर उत्तर प्रदेश सरकार ने 5 हजार रूपए कर दिया है। इसी प्रकार बेटी की उम्र 1 वर्ष पूरी हो जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार 1 हजार रूपये दे रही थी। अप्रैल महीने से 2 हजार रूपए दिये जाएंगे। कक्षा-1 में प्रवेश लेने पर बेटी को 2 हजार रूपए देने का प्रावधान था। इस प्रावधान को बढ़ाकर उत्तर प्रदेश सरकार ने 3 हजार रूपये कर दिया है। जब बेटी कक्षा-6 में प्रवेश लेगी उसे उत्तर प्रदेश की सरकार 2 हजार रूपये दे रही थी। उसे भी बढ़ाकर 3 हजार रूपये कर दिया गया है। कक्षा-9 में प्रवेश लेने पर बेटी को 3 हजार रूपये दिये जा रहे थे अब 5 हजार रूपये दिये जाएंगे। 12वीं कक्षा पास करने के बाद स्नातक में प्रवेश लेते समय अब उत्तर प्रदेश सरकार बेटी को 5 हजार रूपये के बजाए 7 हजार रूपये देगी।

इसी प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को 25 हजार रूपये नकद देगी। उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना की प्रधानमंत्री समेत अनेक प्रदेशों के मुख्यमंत्री तारीफ कर चुके हैं। 



बेटी के जन्म पर अब दो की जगह मिलेंगे पांच हजार रुपये, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में राशि 15 हजार से बढ़कर हुई 25 हजार, बढ़ी धनराशि एक अप्रैल से होगी लागू

लखनऊ। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में मिलने वाली राशि 15 हजार रुपये से बढ़ाकर अब 25 हजार रुपये कर दी गई है। अभी जन्म के समय कन्या को दो हजार रुपये मिलते हैं, एक अप्रैल से बढ़कर ये पांच हजार रुपये हो जाएगी।


 25 हजार रुपये की बढ़ी धनराशि एक अप्रैल 2024 से प्रभावी होगी। महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य से महिला कल्याण विभाग ने अप्रैल 2019 में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत लाभार्थियों को 15 हजार रुपये दिए जाते हैं। 


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब इस राशि को बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया है। मालूम रहे कि इस योजना के तहत छह अलग-अलग श्रेणियों में धनराशि दी जाती है।


Saturday, February 17, 2024

उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह-क एवं ख उच्चतर के अधिकारियों के विवरण के सम्बन्ध में।

उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह-क एवं ख उच्चतर के अधिकारियों के विवरण के सम्बन्ध में।


मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से आगामी माहों में समूह 'क' एवं 'ख' के अधिकारियों/कार्मिकों के सेवा सम्बन्धी समस्त सूचनाएं / प्रक्रियाएं (यथा-वेतन भुगतान, अवशेष भुगतान, गोपनीय आख्या एवं स्थानान्तरण प्रकिया आदि) ऑनलाइन किये जाने के सम्‍बन्‍ध में।

मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से आगामी माहों में समूह 'क' एवं 'ख' के अधिकारियों/कार्मिकों के सेवा सम्बन्धी समस्त सूचनाएं / प्रक्रियाएं (यथा-वेतन भुगतान, अवशेष भुगतान, गोपनीय आख्या एवं स्थानान्तरण प्रकिया आदि) ऑनलाइन किये जाने के सम्‍बन्‍ध में।

नैक में ग्रेडिंग खत्म, रुकेगा शिक्षण संस्थानों का फर्जीवाड़ा मिलेगा एक्रीडिएटेड और नॉन एक्रीडिएटेड का दर्जा

नैक में ग्रेडिंग खत्म, रुकेगा शिक्षण संस्थानों का फर्जीवाड़ा मिलेगा एक्रीडिएटेड और नॉन एक्रीडिएटेड का दर्जा


लखनऊ। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) में अच्छी ग्रेडिंग के लिए शिक्षण संस्थानों की ओर से गलत डाटा देने का फर्जीवाड़ा अब नहीं चलेगा। इसे रोकने के लिए ग्रडिंग सिस्टम को समाप्त कर दिया है। इसकी जगह पर बाइनेरी सिस्टम लागू होगा।


संस्थाओं को एक्रीडिएटेड और नॉन एक्रीडिएटेड का दर्जा मिलेगा। इसमें उन्हें पांच लेवल तक की उपाधि मिलेगी। यह जानकारी राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम के अध्यक्ष अनिल सहस्त्रबुद्धे ने शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय संस्थागत नेतृत्व समागम में दी। 


उन्होंने बताया कि एक्रीडिएशन लेने वाली संस्थाओं को एक से पांच लेवल तक में बांटा जाएगा। लेवल पांच उन्हें मिलेगा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालयों से टक्कर ले सकते हों। इसमें आवेदन के लिए मानक पूरे करने होंगे।


 उन्होंने बताया कि एक्रीडिएशन की नई व्यवस्था तीन महीने में लागू हो जाएगी। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के शिक्षण संस्थानों व विशेषज्ञता वाले संस्थानों के मानक अलग होंगे। वर्तमान में जिन संस्थानों के पास ग्रेडिंग की व्यवस्था है, उनमें बदलाव नहीं होगा। 

अब इग्नू के 40 लाख छात्रों की डिग्री, अंकपत्र, क्रेडिट बस एक क्लिक दूर, दस्तावेज पाने को छात्रों को नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

अब इग्नू के 40 लाख छात्रों की डिग्री, अंकपत्र, क्रेडिट बस एक क्लिक दूर,  दस्तावेज पाने को छात्रों को नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर


नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी इग्नू के 40 लाख छात्रों की डिग्री, मार्कशीट यानी अंकपत्र और क्रेडिट की जानकारी अब एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 37 सालों के छात्रों के सभी शैक्षणिक दस्तावेज नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (एनएडी) पर अपलोड किए जा रहे हैं। 


जबकि ग्रेड या क्रेडिट अकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) से जोड़े गए हैं। अब छात्रों को पढ़ाई, नौकरी, वीजा समेत दूसरी जरूरतों के लिए अपने दस्तावेज लेने को क्षेत्रीय केंद्र के चक्कर नहीं काटने होंगे। कंपनी नौकरी के लिए भारत समेत विदेश से कहीं से भी डिजिलॉकर से उनके ऑनलाइन शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच कर सकेगी।


इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के कुलसचिव प्रोफेसर विद्या भगत नेगी ने बताया कि विश्वविद्यालय से डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले सभी छात्रों के शैक्षणिक दस्तावेज को नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी पर अपलोड करने का काम जारी है। 


शैक्षणिक दस्तावेज डिजिलॉकर पर ऑनलाइन दस्तावेज भंडारण सुविधा में जुड़ चुके हैं। डिग्री प्रोग्राम में कोर्स की पढ़ाई से प्राप्त ग्रेड या क्रेडिट को अकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) से जुड़ गए हैं।


उपराष्ट्रपति 20 को देंगे डिग्री

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 20 फरवरी को इग्नू के 37वें दीक्षांत समारोह में तीन लाख आठ हजार 605 छात्रों को यूजी, पीजी, पीएचडी, एमफिल, डिप्लोमा व सर्टिफिकेट देंगे। इग्नू मुख्यालय में उपराष्ट्रपति गोल्ड मेडल पाने वाले छात्रों को सम्मानित करेंगे।

Friday, February 16, 2024

राज्य सूचना आयोग ने बीएसए पर लगाया 25-25 हजार का जुर्माना

राज्य सूचना आयोग ने बीएसए पर लगाया 25-25 हजार का जुर्माना


औरैया : सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत दो अलग-अलग मामलों में मांगी गई सूचना न देने पर राज्य सूचना आयोग ने बीएसए पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही कहा कि वेतन से अर्थदंड की कटौती नियमानुसार ही की जाए। 


कंपोजिट विद्यालय जैतपुर में सहायक अध्यापक कुलदीप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत उन्होंने 2020 में बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी), लेखा अधिकारी, बीआरसी (ब्लाक संसाधन केंद्र) कार्यालय के अधिकारियों व सभी कर्मचारियों का नाम, पता, संपर्क सूत्र व अधिकार समेत अन्य जानकारी मांगी थी।


 इसके बाद 2022 में विभाग ने उनका वेतन वृद्धि रोक दिया था। इसमें कहा गया था कि ग्रामीणों ने उनके खिलाफ स्कूल न आने की शिकायत की है। जबकि ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि कोई शिकायत नहीं की है। इस पर सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी किन-किन ग्रामीणों ने शिकायत के साथ शपथ पत्र दिया है। यह दोनों सूचनाएं बीएसए ने नहीं दीं।


 इस पर राज्य सूचना आयोग ने 18 दिसंबर 2023 को दोनों मामले में 25-25 हजार का जुर्माना लगाया है। बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि यह मामला 2022 का है। सूचना दी गई है । खंड शिक्षा अधिकारी भी आयोग में मौजूद थे। अपील कर दी गई है।

परिषदीय छात्रों की आनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था पहले दिन ही फेल, शिक्षकों और संगठनों के विरोध के दम पर शुरू नहीं हो सकी प्रक्रिया

• विभागीय कार्यों के लिए अपने नाम से नहीं खरीद रहे सिम कार्ड

• गुरुवार से लागू हुई इस व्यवस्था का शिक्षकों ने किया विरोध

परिषदीय छात्रों की आनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था पहले दिन ही फेल, शिक्षकों और संगठनों के विरोध के दम पर शुरू नहीं हो सकी प्रक्रिया


लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में छात्रों की - आनलाइन उपस्थिति को शिक्षकों ने ठेंगा दिखा - दिया। उपस्थिति के साथ-साथ मिड डे मील खाने - वाले विद्यार्थियों का आनलाइन ब्योरा भी नहीं - भेजा गया। 12 तरह के रजिस्टर को डिजिटल किए जाने का शिक्षकों ने विरोध किया। वह - विभागीय कार्यों के लिए अपने नाम से सिम कार्ड - खरीदने का विरोध कर रहे हैं। परिषदीय स्कूलों - को कंपोजिट ग्रांट के रूप में 1,500 रुपये दिए - गए थे लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षकों ने संगठनों के विरोध के साथ खड़े होकर सिम कार्ड नहीं खरीदा।


उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश = अध्यक्ष अनिल यादव का कहना है कि विभाग - की ओर से सिम कार्ड उपलब्ध कराया जाना - चाहिए। पहले चरण में 2.09 लाख टैबलेट स्कूलों को भेजे गए थे। 1.34 लाख परिषदीय स्कूलों को दो-दो टैबलेट दिए जा रहे हैं। अभी - परिषदीय स्कूलों व कंपोजिट स्कूलों के अलावा - बड़ी संख्या में पूर्व माध्यमिक स्कूलों में दो-दो टैबलेट भी नहीं भेजे गए हैं। 


शिक्षकों को प्रेरणा एप पर उपस्थिति माड्यूल के उपयोग करने का भी प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। गुरुवार से लागू की गई यह व्यवस्था पहले ही दिन ध्वस्त हो गई। न ही आनलाइन उपस्थिति दर्ज हुई और न ही आफलाइन।


शिक्षकों का कहना है कि पहले उन्हें इसके संचालन की ट्रेनिंग दी जाए और विभाग खुद सिम कार्ड खरीदकर दे तभी वे टैबलेट का उपयोग करेंगे। 


उधर महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में इस व्यवस्था को सख्ती के साथ लागू कराया जाए लेकिन शिक्षाधिकारी इसे लागू कराने में पहले ही दिन असफल रहे। अब विभागीय अधिकारी इसकी समीक्षा में जुटे हैं।

केन्द्रीय विद्यालयों के छात्र अब गूगल-पे, फोन-पे से भी जमा कर सकेंगे फीस, KVS ने फीस जमा करने के लिए भारत बिल पेमेंट सिस्टम का भी दिया विकल्प

केन्द्रीय  विद्यालयों के छात्र अब गूगल-पे, फोन-पे से भी जमा कर सकेंगे फीस, KVS  ने फीस जमा करने के लिए भारत बिल पेमेंट सिस्टम का भी दिया विकल्प


नई दिल्ली : केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 14 लाख से अधिक छात्रों को केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस ) ने बड़ी राहत दी है। वे अब अपनी फीस का भुगतान भारत बिल पेमेंट सिस्टम से जुड़े फोन-पे, गूगल-पे और अमेजन पे सहित करीब चार सौ अलग-अलग प्लेटफार्मों से भी कर सकेंगे। 


अभी तक वह अपनी फीस को अलग- अलग बैंकों या फिर एनबीएफसी (नान बैकिंग फाइनेंस कंपनी) के जरिये ही आनलाइन जमा कर सकते थे। ऐसे में इस फैसले को छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत देने वाला अहम कदम माना जा रहा है। 


केंद्रीय विद्यालय संगठन ने यह कदम अभिभावकों की दिक्कतों के साथ ही रिजर्व बैंक की सलाह को ध्यान में रखते हुए उठाया है। जिसमें रिजर्व बैंक ने संस्थानों से ईज आफ डूइंग बिजनेस और डिजिटल इंडिया की पहल के जरिये सभी तरह के पेमेंट सिस्टम को आसान बनाने का सुझाव दिया था। 


हालांकि, इस सिस्टम को शुरू करने के पहले केवीएस ने जनवरी महीने में इसे लेकर एक ट्रायल भी किया। जिसमें सफल पाए जाने के बाद इसे अब छात्रों के लिए खोल दिया गया है। इसके तहत अब फोन-पे, गूगल-पे और अमेजन-पे सहित भारत बिल पेमेंट सिस्टम से जुड़े लगभग 400 एप के जरिये फीस का भुगतान किया जा सकेगा। 


गौरतलब है कि केंद्रीय विद्यालयों में 2013-14 तक फीस को कक्षा शिक्षकों के जरिये जमा कराने की व्यवस्था थी। जिसे 2014-15 में मोदी सरकार के आने के बाद आनलाइन किया गया। जो अलग-अलग बैंकों के जरिये ही जमा कराई जाती थी।

ओएमआर शीट की गलती पर सहायक शिक्षक भर्ती के परिणाम पर दखल नहीं – हाईकोर्ट

सहायक अध्यापक भर्ती 2021 के संशोधित परिणाम पर हाई कोर्ट का हस्तक्षेप से इन्कार


प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि प्रतियोगी परीक्षा की निष्पक्षता में दिशा-निर्देश का पालन भी शामिल है। यदि निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया है और कंप्यूटर ने विषय शिफ्ट के आधार पर ओएमआर शीट की जांच नहीं की है तो यह विधिक गलती नहीं है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती के घोषित परिणाम की जांच कर नया परिणाम घोषित करने तथा पुराना परिणाम निरस्त करने संबंधी सचिव पीएनपी के आदेश की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने रंजीत कुमार यादव सहित 177 अभ्यर्थियों की याचिका खारिज करते हुए दिया है। 19 फरवरी 2021 के शासनादेश के तहत सहायक अध्यापकों की भर्ती की गई। परीक्षा परिणाम 15 नवंबर 2021 को घोषित किया गया। याची सफल घोषित किए गए, किंतु छह सितंबर 2022 को संशोधित परिणाम घोषित किया गया। इसमें याचियों को शामिल नहीं किया गया। 

 इनका कहना था कि ओएमआर भरने में कोई गलती नहीं की गई है। सरकार की तरफ से कहा गया कि ओएमआर शीट गलत तरीके से भरी गई है। विषय पूरी तरह से नहीं भरे गए हैं। इससे कंप्यूटर ने ओएमआर शीट की जांच नहीं की।


ओएमआर शीट की गलती पर सहायक शिक्षक भर्ती के परिणाम पर दखल नहीं – हाईकोर्ट 

प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती 2021 के घोषित परिणाम की जांच के बाद संशोधित परिणाम घोषित कर पुराना परिणाम निरस्त करने के मामले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दखल देने से मना कर दिया है।


कोर्ट ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की निष्पक्षता में दिशा-निर्देश का पालन भी शामिल हैं। यदि निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया है और कम्प्यूटर ने विषय शिफ्टिंग के आधार पर ओएमआर शीट की जांच नहीं की तो यह विधिक गलती नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने रंजीत कुमार यादव सहित 177 अभ्यर्थियों की याचिकाओं को खारिज करते हुए दिया है।

मामले के तथ्यों के अनुसार 19 फरवरी 2021 के शासनादेश के तहत सहायक अध्यापकों की भर्ती की गई। 15 नवंबर 2021 को परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। सभी याची सफल घोषित किए गए लेकिन बाद में संशोधित परिणाम घोषित किया गया। जिसमें याचियों को शामिल नहीं किया गया। इसे चुनौती दी गई।


मामले में 19 फरवरी 21 के शासनादेश के तहत सहायक अध्यापकों की भर्ती की गई। 15 नवंबर 21 को परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। सभी याची सफल घोषित किए गए। किंतु, छह सितंबर 22 को घोषित संशोधित परिणाम में याचियों को शामिल नहीं किया गया। 


याचियों ने चुनौती देते हुए कहा कि ओएमआर भरने में कोई कोई ग़लती नही की गई है। । यह जांच में भी पाया गया। सरकार की ओर से कहा गया कि अगर ओएमआर शीट गलत तरीके से भरी गई है, विषय पूरी तरह से नहीं भरे गए हैं। इससे कंप्यूटर ने ओएमआर सीट की जांच नहीं की। याचियों ने विषय सही नहीं भरा। इसकी सफाई देने में भी विफल रहे। 

Thursday, February 15, 2024

जनवरी 2024 को आयोजित हुई केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (CTET) का परिणाम जारी, एक क्लिक में देखें रिजल्ट

CTET जनवरी 2024 के परिणाम के विषय में प्रेस विज्ञप्ति देखें 





जनवरी 2024 को आयोजित हुई केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (CTET) का परिणाम जारी, एक क्लिक में देखें रिजल्ट





🔴 क्लिक करके देखें अपना सीटेट परिणाम 



CBSE : X (ट्विटर) पर छात्रों को गुमराह कर रहे 30 फर्जी हैंडल, बोर्ड ने लिस्ट जारी कर किया सचेत

CBSE : X (ट्विटर) पर छात्रों को गुमराह कर रहे 30 फर्जी हैंडल, बोर्ड ने लिस्ट जारी कर किया सचेत 


केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) के नाम और उसके लोगो के साथ सोशल साइट पर बड़ी संख्या में भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। बोर्ड परीक्षा से पहले प्रश्न प्रश्न पत्र उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे शरारती तत्वों को लेकर बोर्ड ने अभिभावक और छात्र-छात्राओं को सचेत करते हुए झांसे में न आने की सलाह दी है।

सीबीएसई 10वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो रहे हैं और उससे पहले ही सोशल साइट पर भ्रामक सूचना, फर्जी प्रश्न पत्र के नाम पर पैसा वसूलने वाले सक्रिय हो गए है। बोर्ड ने सभी विद्यालयों, परीक्षा केन्द्रों को सर्कुलर जारी कर एक्स, टेलीग्राम, यू-ट्यूब पर सीबीएसई नाम वाले फर्जी हैण्डल से प्रसारित होने वाली सूचनाओं के मकड़जाल से बचने की अपील की है। साथ ही बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर ऐसे 30 हैण्डल की सूची जारी की है, जो सीबीएसई के नाम और लोगो को इस्तेमाल कर गलत तथ्य और सूचनाएं प्रसारित कर रहे हैं। बोर्ड ने ऐसे हैण्डल और अफवाह फैलाने वाले अन्य लोगों पर पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है। एक्स पर बोर्ड का अधिकारिक हैण्डल सिर्फ सीबीएसई इंडिया 29 है। सिर्फ इसी पर प्रसारित सूचनाओं को सही माने।


इन हैण्डल पर कार्रवाई
सीबीएसई एचक्यू, सीबीएसई, सीबीएसई बोर्ड इंडिया, सीबीएसई न्यूज, सीबीएसई वर्ल्ड, सीबीएसई अपडेट्स, सीबीएसई रिजल्ट, सीबीएसई लाइब्रेरी, सीबीएसई पोर्टल, सीबीएसई रिजल्टस, सीबीएसई गाइड, सीबीएसई (सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ सेकेण्डरी एजुकेशन) सीबीएर्सई क्वायरीज आर साल्वड, सीबीएर्सई न्यूज, सीबीएसई अपडेट्स, सीबीएर्सई एग्जाम टाइम टेबल, सीबीएर्सई बोर्ड रिजल्ट, सीबीएसई एग्जाम रिपोर्ट, सीबीएसई कैम्पस, सीबीएसई न्यूज अलर्ट, सीबीएसई, सीबीएसईएग्जाम, सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट, सीबीएसई इंडिया, सीबीएसई जोन, सीबीएसई यूजीसी नेट, सीटेट सीबीएसई, ऑनलाइन सीबीएसई, सीबीएसई रिजल्ट, सीबीएसई


प्रश्न पत्र मौजूद होने का करते हैं दावा
बोर्ड ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व प्रश्न पत्र तक पहुंच का दावा करते हैं। उसे यूटयूब, फेसबुक, टेलीग्राम आदि पर वायरल कर भ्रम पैदा करते हैं। नमूना प्रश्न पेपर का फर्जी लिंक जारी कर दावा करते हैं कि यहीं से सवाल पूछे जाएंगे। शरारती तत्वों द्वारा नकली तस्वीरें और वीडियो प्रसारित कर दावा किया जाता है कि उनके पास बोर्ड एग्जाम के प्रश्न पत्र मौजूद हैं। इनके झांसे में न आएं।


सीबीएसई ने फर्जी सूचनाओं, प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने जैसी बात करने वाले सोशल साइट हैंडल की सूची जारी की है। छात्र-छात्राओं को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी खबर की पुष्टि के लिए अधिकारिक वेबसाइट या हैण्डल पर भरोसा करें। इधर-उधर न भटकें। –जावेद आलम खान, सिटी को-आर्डिनेटर सीबीएसई

CBSE: 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आज से, सुबह 10 बजे के बाद नहीं मिलेंगी प्रवेश की अनुमति, समय से पहुंचने का निर्देश

CBSE ने बोर्ड परीक्षाओं से पहले स्कूलों, अभिभावकों और छात्रों को दी विशेष सलाह 






CBSE: 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आज से, सुबह 10 बजे के बाद नहीं मिलेंगी प्रवेश की अनुमति, समय से पहुंचने का निर्देश 


नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं बृहस्पतिवार से शुरू हो रही हैं। इसमें भारत समेत 26 देशों में 39 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए 72 सौ परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें से दिल्ली में 877 केंद्रों में 5,80,192 छात्र परीक्षा देंगे। 


सुबह 10 बजे के बाद परीक्षा केंद्रों में छात्रों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। दूसरी ओर, सीबीएसई ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि किसान आंदोलन के कारण दिल्ली में यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है। इससे जाम लग रहा है। ऐसे में विद्यार्थी समय से पहले घर से निकलें। आवागमन के लिए मेट्रो का इस्तेमाल बेहतर रहेगा। 

नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के अनुसार बदलाव की तैयारी, हाईस्कूल में अब सात विषयों की देनी होगी बोर्ड परीक्षा

नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के अनुसार बदलाव की तैयारी, हाईस्कूल में अब सात विषयों की देनी होगी बोर्ड परीक्षा


यूपी बोर्ड : राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) 2023 या राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के तहत हाईस्कूल में छात्रों को अब सात विषयों की देनी होगी परीक्षा


प्रयागराज : यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में अध्ययनरत हाईस्कूल के छात्र-छात्राओं को अब सात विषयों की बोर्ड परीक्षा देनी होगी।


वर्तमान में छह विषय की ही बोर्ड परीक्षा होती है जिसमें पांच अनिवार्य होते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) 2023 या राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के तहत हाईस्कूल के शैक्षणिक ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन की तैयारी है जिसकी शुरुआत कक्षा नौ से होगी। इसके लिए बोर्ड मुख्यालय में विषय विशेषज्ञों की कार्यशालाएं चल रही हैं। प्रस्तावित संशोधन का मसौदा बनाकर शासन को भेजा जाएगा और मंजूरी के बाद उसे लागू करेंगे। फिलहाल विभिन्न विषयों को वर्गीकृत किया जा रहा है। विद्यार्थियों को भाषा के तहत अनिवार्य रूप से तीन भाषा पढ़नी होगी। हिन्दी, अंग्रेजी के अलावा संस्कृत, उर्दू, बांग्ला आदि भाषा में से कोई एक लेनी होगी। तीनों भाषा का अलग-अलग पेपर होगा। इसके अलावा चौथा पेपर मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटेशनल थिंकिंग, पांचवां पेपर विज्ञान और छठवां प्रश्नपत्र सामाजिक विज्ञान का रहेगा। सातवां पेपर पर्यावरण शिक्षा का जोड़ा जा रहा है।


तीन अतिरिक्त विषयों का स्कूल स्तर पर मूल्यांकन

पाठ्यक्रम में संशोधन के बाद सात विषयों की बोर्ड परीक्षा होगी। इसके अलावा छात्र-छात्राओं को तीन अतिरिक्त विषयों आर्ट एजुकेशन, फिजिकल एजुकेशन एंड वेल बीईंग और वोकेशनल एजुकेशन भी पढ़ना होगा। इनका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा लेकिन परीक्षकों को दूसरे स्कूल से बुलाना होगा। आर्ट एजुकेशन के तहत गायन, वादन, चित्रकला एवं रंजनकला, फिजिकल एजुकेशन एंड वेल बीईंग में शारीरिक शिक्षा एवं योग आदि को रखा गया है जबकि वोकेशनल कोर्स में मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल, रिटेल ट्रेडिंग आदि में से कोई एक विकल्प मिलेगा।

मदरसा बोर्ड में कड़ाई से दो दिन में 60 हजार परीक्षार्थियों ने छोड़ दी परीक्षा

मदरसा बोर्ड में कड़ाई से दो दिन में 60 हजार परीक्षार्थियों ने छोड़ दी परीक्षा


लखनऊ। मदरसा बोर्ड की मुंशी- मौलवी, आलिम, कामिल और फाजिल की परीक्षाओं में दो दिनों में 60,521 परीक्षार्थी शामिल नहीं हुए। नकल और अव्यवस्थाओं पर नकेल के लिए प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर वेबकास्टिंग के जरिये कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है।


 मदरसा बोर्ड की सेकेंडरी (मुंशी-मौलवी), सीनियर सेकेंडरी (आलिम), कामिल और फाजिल की परीक्षाओं में प्रदेश भर से करीब 1,41115 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था।


 मदरसा बोर्ड की रजिस्ट्रार ने बताया कि परीक्षा के दूसरे दिन बुधवार को प्रदेश भर से प्रथम पाली में 20247 परीक्षार्थी व द्वितीय पाली में 4942 परीक्षार्थी शामिल नहीं हुए। संवाद

हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से ठीक से पैरवी न होने का आरोप लगाते हुए 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने फिर किया प्रदर्शन

हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से ठीक से पैरवी न होने का आरोप लगाते हुए  69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने फिर किया प्रदर्शन


लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की नाराजगी कम नहीं हो रही है। हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से ठीक से पैरवी न होने का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने बुधवार को गोल्फ क्लब चौराहे पर प्रदर्शन किया।


 कुछ देर चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने अभ्यर्थियों को बस में बैठाकर ईको गार्डेन पहुंचा दिया। प्रदर्शन कर रहीं कुछ महिला अभ्यर्थी छोटे बच्चे भी लेकर आई थीं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई में ठीक से पैरवी न करके उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। 


14 फरवरी 2024
अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर किया प्रदर्शन

लखनऊः परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों को पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए बस में बैठाकर ईको गार्डन भेज दिया।

धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने मांग थी कि सरकार ने पांच जनवरी 2022 को इस भर्ती में 6,800 सीट पर आरक्षण घोटाला होना स्वीकार किया। इसकी एक लिस्ट निकाली गई, लेकिन उसे लखनऊ हाई कोर्ट सिंगल बेंच ने 13 मार्च 2023 को पूरी तरह से रद कर दिया। अब वह ऐसी स्थिति में उस रद हुई लिस्ट पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। 

अभ्यर्थी आठ दिन पहले भी बेसिक शिक्षा मंत्री से मिले थे। उन्हें आश्वासन मिला था कि अधिकारियों के साथ उनकी वार्ता कराई जाएगी, इस दिशा में बात आगे नहीं बढ़ी तो वह दोबारा से मंत्री के आवास पर पहुंचे, लेकिन बेसिक शिक्षा मंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश चौधरी का कहना है कि इस भर्ती में बेसिक शिक्षा नियमावली और आरक्षण नियमावली का उल्लंघन हुआ है।


69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का मंत्री आवास पर प्रदर्शन, हाइकोर्ट में शिक्षक भर्ती की चल रही सुनवाई में ठीक से पैरवी नहीं करने का लगाया आरोप 
 
69 हजार शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस के नोक झोंक भी हुई।

लखनऊ : 69 हजार शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने सरकार पर हाइकोर्ट में लचर पैरवी करने का आरोप लगाया। 6800 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने ताली बजाते हुए जोरदार नारेबाजी की। शिक्षा मंत्री से मुलाकात कराए जाने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोक भी हुई।


माल एवेन्यू स्थित बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस लगातार उन पर वहां से हटाने का दबाव बनाती रही। अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री से मुलाकात की बात पर अड़े रहे तो पुलिस ने उन्हे हटाने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया। 

अभ्यर्थियों को जबरन खींच-खींच कर , हाथ और पैर से पकड़ कर गाडियों में भरा गया। महिला अभ्यर्थियों को जबरन खींचने के दौरान भी खूब नोकझोक हुई। लेकिन पुलिस ने उन्हें भी जबरदस्ती वहां से उठाकर गाड़ियों में भर कर ईको गार्डेन भेज दिया। इस दौरान महिला अभ्यर्थियों ने उनके साथ पुलिस द्वारा अभद्रता किए जाने का आरोप भी लगाया। 

आरक्षित वर्ग के शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। आरोप लगाया कि हाइकोर्ट में शिक्षक भर्ती की चल रही सुनवाई में सरकारी वकील ढंग से पैरवी न करके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि चयन सूची जारी हुए दो वर्ष होने को हैं लेकिन सरकार ने नियुक्ति नहीं दी।


लखनऊ में शिक्षक अभ्यर्थियों ने फिर घेरा बेसिक शिक्षा मंत्री का आवास, पुलिस ने भेजा ईको गार्डन 

यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती से वंचित रह गए 6800 अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया. हालांकि पुलिस ने सभी को बसों में भरकर ईको गार्डन भेज दिया. 

लखनऊ : शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधित विसंगतियों को लेकर बीते 606 दिनों से प्रदर्शन कर रहे 6800 शिक्षक अभ्यर्थी मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पहुंच गए. इस दौरान अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर खूब नारेबाजी की. इसके बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर धरना स्थल ईको गार्डन भेज दिया.

अभ्यर्थियों का आरोप है कि शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों की सरकार की तरफ से अनदेखी की गई. इसको लेकर वह बीते लगातार दो साल से नियुक्ति की मांग कर रहे हैं. अभी एक फरवरी को ही बेसिक शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर मांगों पर जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया था. पर अभी तक इस पर कोई प्रक्रिया नहीं शुरू हो पाई है. प्रदर्शन के दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा. बाद में पुलिस ने हंगामा कर रहे हैं अभ्यर्थियों को बसों में भरकर इको गार्डन भेज दिया.

मंत्री आवास पर भारी पुलिस बल तैनात : प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण में हुई विसंगतियों के कारण उनकी नियुक्ति नहीं हो सकी है. बीते एक फरवरी को मंत्री के साथ हुई वार्ता में जल्द ही मुख्यमंत्री से वार्ता कर इन विसंगतियों को दूर कर नियुक्ति करने का आश्वासन दिया गया था. करीब दो हफ्ता बीतने के बाद भी इस पर कोई प्रक्रिया नहीं शुरू हो पाई है. प्रदर्शन कर रहे आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का कहना है कि 23 दिसंबर 2021 को पांच मेंबर के डेलिगेशन की मुख्यमंत्री से वार्ता हुई थी. मांगों को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत भी कराया था.