संसू, गोंडा: समायोजित शिक्षकों का वेतन निवेश देने के बाद भी आयकर के रूप में काटने व फरवरी में ही बीएसए के आदेश देने के बाद भी बीस शिक्षकों का वेतन जारी न करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए डीएम से मिलने का निर्णय लिया है। रविवार को गांधी पार्क में उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता करते हुए संघ के प्रांतीय संरक्षक शिव कुमार शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में सबसे बड़ी समस्या अवशेष शिक्षामित्रों के समायोजन की है, जिसके लिए शासन स्तर पर वार्ता चल रही है। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिंहा से पिछले दिनों संघ का एक प्रतिनिधिमंडल मिला था, जिसमें शासन में प्रस्ताव व प्रत्यावेदन प्रस्तुत करने की मांग की गई। 1जिला महामंत्री शिव मूर्ति पांडेय ने शिक्षामित्रों का मूल अभिलेख संबंधित को वापस करने के लिए बीएसए से मांग किया। उनका कहना था कि जिस स्थान पर अभिलेख रखा है, सुरक्षा की दृष्टि से वह संतोषजनक नहीं है। जिला मीडिया प्रभारी अवधेश मणि मिश्र ने बताया कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव ने संगठन की मांग पर पूर्व में हुई परीक्षा का अंकपत्र व प्रमाणपत्र शीघ्र जारी करने व अगले सेमेस्टर की परीक्षा मई 2016 में कराने का आश्वासन दिया है। तब जाकर लोगों को राहत मिली और राहत की सांस ली। बैठक का संचालन ब्लॉक अध्यक्ष वशिष्ठ पांडेय ने किया। बैठक को मंडल अध्यक्ष रामलाल साहू, जिला उपाध्यक्ष सत्यव्रत सिंह ने संबोधित किया। इस मौके पर सुनील तिवारी, महेंद्र सिंह, केशरी नंदन, ओम प्रकाश यादव, फिरोज अहमद, राकेश पांडेय, दिनेश गुप्ता, इमरान अहमद, पवन मिश्र, राकेश मिश्र, इंदू पांडेय, लवली यादव सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।
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