जागरण संवाददाता, बिजनौर : ग्राम प्रधानों ने मिड डे मील में दूध और फल देने के आदेश का विरोध करते हुए इसे ग्राम प्रधानों को परेशान करने वाला बताया है। प्रधानों का कहना है कि दूध वितरण में ही ग्राम प्रधानों को भारी परेशानी ङोलनी पड़ रही हैं अब वे फल कहां से देंगे। साथ ही प्रधानों ने उनका मानदेय 10 हजार रुपये करने की मांग की है। 1सोमवार को ग्राम प्रधान संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया गया। ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम प्रधानों को केवल 2500 रुपये मानदेय प्रतिमाह मिल रहा है। यह बहुत कम है। उन्होंने मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने की मांग की है। साथ ही कहा गया है कि ग्राम प्रधानों को शपथ लिए तीन माह बीत गए हैं लेकिन अभी तक विकास कार्यों से संबंधित उचित दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। 1उन्होंने अविलंब दिशा निर्देश जारी कराने की मांग की है। साथ ही कहा है कि मिड डे मील के तहत सप्ताह में एक दिन दूध देने की व्यवस्था है। दूध वितरण में प्रधानों को निजी तौर पर खर्च करना पड़ रहा है। अब फल वितरण की बात कही जा रही है। ग्राम प्रधानों को इसमें भारी परेशानी उठानी होगा। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष मुकेश दाहिया, बिजेंद्र सिंह, हुकम सिंह, राकेश, भोले, अमित, सुधीर, चांद सिंह आदि शामिल रहे।
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