एक जनवरी 2004 के बाद नियुक्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बुढ़ापे में दी जाने वाली पुरानी पेंशन समाप्त कर दी गई है। इसे लेकर शिक्षकों व कर्मचारियों में आक्रोश है। उन्होंने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इसके लिए बीएसए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया। पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त होने के बाद जनपद के शिक्षकों में भारी आक्रोश है। इसके विरोध में उन्होंने बीएसए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन व नारेबाजी की। शिक्षकों का आरोप है कि देश के तीन राज्य पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा व केरल में आज भी पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल है। उन्होंने प्रदेश में भी इसे लागू करने की बात कही। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के जिला संयोजक अमन कुमार ने बताया कि सरकार को शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। यदि इस समस्या का जल्द समाधान न किया गया तो 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में इसका असर दिखाई देगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
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