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Wednesday, June 17, 2020

फतेहपुर : KGB स्कूलों के स्टाफ के सत्यापन में जुटे अफसर

‘अनामिका' की तलाश को सत्यापन।


फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग ने शासन के निर्देश पर जिले के सभी कस्तूरबा विद्यालयों के कर्मियों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखांे के सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया। प्रथम चरण मंे सत्यापन का कार्य मूल अभिलेखों से मिलान के जरिए किया गया है। अब अभिलेखों से मिले इनपुट की गहनता से जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित की जाएगी।

शासन के आदेश के बाद कस्तूरबा विद्यालयों के स्टाफ के अभिलेख किए गए तलब
जनपद मंे इस समय कुल दस कस्तूरबा आवासीय विद्यालय हैं जिनमें 136 संविदा कार्मिकांे की तैनाती की गई है। एक संविदा कर्मी ने पहले ही नौकरी छोड़ दी थी। इसके चलते विभाग के बुलावे पर अन्य सभी 135 संविदा कर्मियों ने विभाग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना भौतिक सत्यापन कराया एवं मूल अभिलेख व प्रमाण पत्र जांच टीम को सौंपे। विभाग ने बीईओ मुख्यालय के नेतृत्व मंे गठित की गई जांच टीम को सत्यापन का जिम्मा सौंपा था। टीम ने सभी कस्तूरबा विद्यालयों के संविदाकर्मियों को बुलावा भेजा था। इनमें वार्डेन, पार्ट टाइम टीचर समेत अन्य स्टाफ शामिल है। जांच टीम ने बा स्कूलों में तैनात कर्मियों का भौतिक सत्यापन कर उनके द्वारा लाए गए मूल अभिलेखों से नौकरी की शुरूआत मंे उपलब्ध कराए गए प्रपत्रों व शैक्षिक अभिलेखों से मिलान किया। इस दौरान प्रत्येक संविदा कर्मी की फाइलों से मिले इनपुट को डायरी में नोट किया गया। अनामिका नाम से कई जिलों के कस्तूरबा स्कूलों में नौकरी करने का मामला सामने आने के बाद शासन द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम मंे यह जांच कराई जा रही है। शासन अब पूरी तरह मुतमईन होना चाहता है कि हर जिले मंे ऐसे प्रकरण सामने न आएं।


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फतेहपुर : KGB स्कूलों के स्टाफ के सत्यापन में जुटे अफसर।


फतेहपुर : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबी) में कार्यरत शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच कराने का निर्णय लिया था। जिले में शैक्षिक सत्यापन की जांच का काम जिले में रफ्तार पकड़ चुका है। मंगलवार को भिटौरा, तेलंगाना और हथगाम ब्लाकों में खुले विद्यालयों की जांच का काम हुआ। जिसमें ब्लाक के मुखिया खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच अधिकारी बनाया गया। बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय राकेश सचान जांच कार्य पर पैनी नजर रखे रहे। केजीबी विद्यालय में हुए फर्जीवाड़े के बाद भले ही जिले में ऐसा कोई मामला नहीं पकड़ा गया है लेकिन जांच के आदेश का पालन हो रहा है। एक विद्यालय में कार्यरत 14 शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के द्वारा लगाए गए शैक्षिक अभिलेखों की जांच हो रही है। सर्व शिक्षा अभियान बालिका शिक्षा के दफ्तर में मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी तेलंगाना विश्वनाथ पाठक, भिटौरा अनिल रावत, प्रदीप वर्मा और सुश्री मोनिका सिंह तथा जिला समन्वयक डॉ. विवेक शुक्ला की टीम नियुक्ति के समय प्रस्तुत की गई पत्रावलियों की जांच की। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश पर जांच कराई जा रही है। जिले में 10 कस्तूरबा स्कूल संचालित हो रहे हैं जिनमें अब तक 7 स्कूलों की जांच हो गई है। शेष तीन ब्लाकों के स्कूलों की जांच बुधवार को पूरी करा दी जाएगी।


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फतेहपुर : अब डेडीकेटेड टीम KGBV शिक्षकों के दस्तावेजों की करेगी जांच।


फतेहपुर कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में संविदा के शिक्षकों की नौकरी का फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद सीएम ने सभी शिक्षकों की जांच कराने का फैसला लिया है। सालों साल से नौकरी कर रहे शिक्षकों के दिलों की धड़कन बढ़ गई हैं। असल में जिले में दिव्यांगता के आधार पर नौकरी पाने वालों और सेवा शर्तों का लाभ उठाने वाले शिक्षकों को लेकर चार साल पहले जांच कराने का निर्णय गया था। यह मामला सेटिंग-गेटिंग के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। भर्तियों में फर्जीवाड़े में वर्ष 2017 में तत्कालीन बीएसए विनय कुमार ने कार्रवाई करते हुए दो शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की थी। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि जिले में फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी और लाभ पाने वालों की संख्या नहीं है। दिव्यांगता को नौकरी के बीच में दर्शाकर नौकरी करने वालों की संख्या 48 है। इसमें तमाम शिक्षक नेता भी शामिल हैं। इसको लेकर करीब चाल साल पहले एक आदेश हुआ था कि दिव्यांगता कोटे के शिक्षक शिक्षकों की जांच प्रदेश स्तरीय टीम करेगी। वहीं फर्जी अभिलेख लगाने वालों की जांच प्रदेश स्तर से एसटीएफ भी कर रही है। हालांकि इस सबके बीच अभी तक जिले का कोई मामला पकड़ में नहीं आया है। सीएम के द्वारा डेडीकेटेड जांच टीम के गठन के बाद जिले में हलचल तेज हो गई हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि डेडीकेटेड जांच दल का गठन किया गया है। जिले में जांच होगी तो उसका पूरा सहयोग किया जाएगा।





शैक्षिक अभिलेखों की विभाग ने जांच शुरू की

फतेहपुर : कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में फर्जीवाड़ा का मामला पकड़े जाने पर जांच कराए जाने का निर्णय गया गया था। इसके क्रम में बीएसए ने जिला समन्वयक बालिका शिक्षा के जिला समन्वयक डॉ. विवेक शुक्ला को निर्देशित किया था। जिले में 10 ब्लाकों में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल संचालित हो रहे हैं। उनकी जांच कर ली जाए। पहले दिन बहुआ, ऐराया, असोथर और हसवा के शिक्षक-शिक्षिकाओं के शैक्षिक अभिलेखों की स्थानीय स्तर पर जांच प्रारंभ की गई। देरशाम तक जांच चलती रही लेकिन चारों ब्लाकों का काम पूरा नहीं हो पाया था। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी 10 स्कूलों के पूरे स्टाफ की जांच महानिदेशक के निर्देश के बाद कराई जा रही है।


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