DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Thursday, September 24, 2020

सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के 1565 पद हैं खाली

संबद्ध प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के 1565 पद हैं खाली।

प्रयागराज : यूपी में खाली पदों पर छह महीने में भर्ती की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सभी विभागों ने अपने-अपने यहां रिक्तियों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध प्राथमिक प्रभाग में शिक्षकों के 1565 खाली पदों की सूचना माध्यमिक शिक्षा विभाग को प्राप्त हुई है। प्रदेशभर के 553 स्कूलों में शिक्षकों के कुल 4838 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 3273 शिक्षक कार्यरत हैं जबकि 1565 पद खाली हैं। इन स्कूलों में लंबे समय तक प्रबंधकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षक नेताओं के चहेतों को नियुक्ति मिलती रही।


सूबे में 2017 में सरकार बदलने के बाद संबद्ध प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को दे दी गई। चयन बोर्ड की नियमावली में 18 फरवरी 2019 को हुए संशोधन के बाद अब संबद्ध प्राइमरी में शिक्षकों की भर्ती केवल लिखित परीक्षा के आधार पर होगी। साक्षात्कार नहीं रहेगा। अपर निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव के 16 सितंबर के पत्र के जवाब में सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों ने 1565 रिक्त पदों की सूचना भेजी है।

कई स्कूलों में नहीं बचे एक भी शिक्षक

संबद्ध प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए नियमावली बनाने के नाम पर 2001 में सारी भर्ती रोक दी गयी थी। इसके बाद कुछ शर्तों के साथ 2003 में नियुक्तियां शुरू की गयी लेकिन नियमावली के अभाव में अधिकतर स्कूलों ने शिक्षक भर्ती में रुचि नहीं ली। लंबे समय तक नियमित नियुक्ति नहीं होने के कारण विभिन्न जिलों के कई स्कूलों में शिक्षक नहीं बचे। इस पर इन स्कूलों के प्रबंधक एक या दो शिक्षक रखकर बच्चों को सभी विषय पढ़वा रहे हैं। प्रयागराज में केसर विद्यापीठ से संबद्ध प्राइमरी में एकमात्र शिक्षक इस साल 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गए। इलाहाबाद इंटर कॉलेज में 2012 से कोई शिक्षक नहीं है।

No comments:
Write comments