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Sunday, September 27, 2020

फर्जीवाड़ा : फर्जी संस्कृत बोर्ड दे रहा प्रबंधन तक डिग्रियां, संस्कृत एजुकेशन के नाम पर चल रहा फर्जी शिक्षा बोर्ड

फर्जीवाड़ा : फर्जी संस्कृत बोर्ड दे रहा प्रबंधन तक डिग्रियां, संस्कृत एजुकेशन के नाम पर चल रहा फर्जी शिक्षा बोर्ड।

लखनऊ : आठवीं फेल हैं लेकिन, 12वीं पास की मार्कशीट चाहिए। सब मिल जाएगी। बस कीमत चुकानी पड़ेगी। जी हां, ऐसा ही खेल राजधानी समेत प्रदेश भर में चल रहा है। यूपी बोर्ड ऑफ सेकेंडरी संस्कृत एजुकेशन' के नाम पर यह खेल हो रहा है। चौंकिए नहीं, ये एक फर्जी शिक्षा बोर्ड है जिसका नाम प्रदेश सरकार के संस्कृत बोर्ड से मिलता जुलता है। प्रदेश सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद शाहमीना रोड, लखनऊ का गठन किया गया है। इसकी आधिकारिक वेबसाइट www.sanskriteb.gov.in है। जालसाज इसी से मिलते जुलते 'यूपी बोर्ड ऑफ सेकंडरी संस्कृत एजुकेशन के नाम पर एक फर्जी शिक्षा बोर्ड का संचालन कर रहे हैं। यह सारा खेल वेबसाइट www.upbsse.com के नाम पर किया जा रहा है।

 

2018 से चल रहा है खेल : फर्जी शिक्षा बोर्ड का यह खेल वर्ष 2018 से चल रहा है। इस फर्जी वेबसाइट की आईटी एक्सपर्ट्स से जांच कराई तो पता चला कि इस वेबसाइट www.upbsse.com का पहला पंजीकरण नवम्बर 2018 में किया गया था। इसके बाद नवम्बर 2019 में इसका रिन्यूवल कराया गया। साफ है कि लगातार जालसाज इसका संचालन कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर दो पत्ते भी दिए गए हैं। पहला पता वास्तविक उ0प्र माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, शाहमीना रोड का दिया गया है। वहीं, दूसरा पता इलाहाबाद का है। यहां आठवीं से लेकर 12वीं और डिप्लोमा से लेकर डिग्री तक सब उपलब्ध है।

फेल छात्रों और दूरदराज के छात्रों को करते हैं गुमराह : इन जालसाजों का सारा खेल वेबसाइट के माध्यम से चल रहा है। 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में फेल हो चुके छात्रों के साथ ही यह दूरदराज के इलाकों में रहने वाले छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को गुमराह कर रहे हैं। वह इनको पास कराने का झांसा देकर अपने जाल में फसाते हैं।


विभागीय स्तर पर भी इस तरह के फर्जी बोर्ड के संबंध में शिकायत सामने आई है। जल्द ही, विभागीय कार्रवाई के साथ पुलिस को शामिल करके मामले की जांच की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। -दीप चन्द, सचिव, उप्र माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद

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