DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Friday, March 1, 2024

परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की रियल टाइम अटेंडेंस को लेकर शुरू हुई सख्ती, एक दर्जन जिलों के 50 विकासखंड चिह्नित

परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की रियल टाइम अटेंडेंस को लेकर शुरू हुई सख्ती,  एक दर्जन जिलों के 50 विकासखंड चिह्नित

रायबरेली समेत एक दर्जन जिलों के 50 विकासखंड चिह्नित, शिक्षक संघ ने कहा, शिक्षकों पर न डाला जाए दबाव

लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की रियल टाइम अटेंडेंस को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। रोजाना बच्चों की उपस्थिति न अपडेट करने वाले एक दर्जन जिलों के 50 विकासखंड चिह्नित किए गए हैं। इनकी छह मार्च को समीक्षा बैठक होगी। माना जा रहा है कि शासन यहां के बीईओ पर कार्रवाई कर सकता है।


परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति, मिड डे मील समेत एक दर्जन रजिस्टर डिजिटल करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में हाल ही में बच्चों की उपस्थिति व मिड डे मील की जानकारी रोजाना ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अभी भी काफी विद्यालयों में टैबलेट का प्रयोग नहीं शुरू हो सका है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने रायबरेली व बस्ती समेत एक दर्जन जिलों के 50 विकासखंड में डाटा इंट्री काफी कम होने पर नाराजगी जताई है।


 उन्होंने समीक्षा बैठक में सभी बीएसए व बीईओ को उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को पत्र लिखकर ऑनलाइन उपस्थिति के लिए शिक्षकों पर दबाव न बनाने की मांग की है। बच्चों की उपस्थिति अपडेट करने व मिड डे मील की रिकॉर्डिंग व फल- दूध वितरण की तस्वीर मांगे जाने पर रोक लगाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों के प्रोन्नत वेतनमान का निर्धारण, शिक्षकों की वरिष्ठता सूची का प्रकाशन, जीपीएफ लेजर को अपडेट, ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों को नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में शामिल किया जाए।


DGSE ने दी बीएसए और बीईओ को दी फिर चेतावनी, डिजिटल हाज़िरी में अभी भी सीतापुर टॉप पर, देखें जनपदवार प्रगति 


 शासनादेश दिनांक 20 जुलाई, 2023 के अनुपालन में दिनांक 15 फ़रवरी, 2024 से समस्त जनपदों के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्र उपस्थिति पंजिका एवं मध्याह्न भोजन पंजिका का डिजिटल रूप ही मान्य किये जाने के सम्बन्ध में निर्देशित किया गया है ।

उक्त के सम्बन्ध में दिनाँक - 26 फरवरी , 2024 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में महानिदेशक , स्कूल शिक्षा महोदया द्वारा उक्त दोनो पंजिकाओं के शत-प्रतिशत उपयोग के सम्बन्ध में निर्देशित किया गया है । उक्त के उपरांत भी आज की प्रगति निराशाजनक है । तत्सम्बन्धी जनपदवार Tracker संलग्न है।

अतः समस्त BSA एवम BEO को निर्देशित किया जाता है कि उक्त दोनों डिजिटल पंजिकाओं (छात्र उपस्थिति पंजिका एवं मध्याह्न भोजन पंजिका ) का दैनिक रूप से शत- प्रतिशत उपयोग कराना सुनिश्चित करें , अन्यथा की स्थिति में कार्यवाही हेतु बाध्य होना पड़ेगा।

महानिदेशक,
स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश



ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में फेल 327 BEO पर लटकी तलवार

• यहां एक भी परिषदीय स्कूल में नहीं लग रही हाजिरी

• छात्रों की आनलाइन हाजिरी 15 फरवरी से है अनिवार्य


लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों की आनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में नाकाम 327 खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ) पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। यहां सभी विद्यालयों के शिक्षक इस व्यवस्था का बहिष्कार कर रहे हैं। कुल 826 ब्लाकों में से जिन 499 ब्लाक के परिषदीय स्कूलों में आनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है, उनकी स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। यहां भी बड़ी संख्या में शिक्षक आनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे। विद्यालयों में टैबलेट भिजवाए गए थे और 15 फरवरी से सभी शिक्षकों को इसके माध्यम से ही उपस्थिति दर्ज करनी थी। 


फिलहाल महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को पत्र लिखकर सख्त नाराजगी जताई गई है। स्कूलों में टैबलेट पहुंच जाने के बावजूद शिक्षकों द्वारा आदेशों का पालन न करने पर वेतन रोकने की चेतावनी दी गई है। 327 ब्लाकों के बीईओ से इस पर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। जिन जिलों में यह व्यवस्था सुचारु ढंग से लागू नहीं हो पा रही है, वहां बीएसए का आगे वेतन रोकने की चेतावनी भी दी गई है। 


वहीं बीईओ से कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वह विद्यालयों का भ्रमण करें और हर हाल में इस व्यवस्था को लागू कराएं, वरना वेतन रोकने के साथ-साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। मालूम हो कि 1.34 लाख परिषदीय स्कूलों में 1.96 करोड़ विद्यार्थी पढ़ते हैं।


प्रत्येक स्कूल में एक-एक और कुछ विद्यालयों में दो-दो टैबलेट छात्रों की आनलाइन उपस्थिति और मिड डे मील खाने वाले विद्यार्थियों की संख्या आनलाइन भेजने के लिए दिए गए हैं, ताकि प्रदेश स्तर पर रियल टाइम मानीटरिंग हो सके। तमाम निर्देशों के बावजूद शिक्षक विभाग की ओर से टैबलेट के लिए सिम न दिए जाने सहित अन्य तकनीकी कारण बताकर इसका बहिष्कार कर रहे हैं।



छात्रों की डिजिटल उपस्थिति पर आज से होगी सख्ती, आज शाम को होगी समीक्षा 

लखनऊ। बेसिक के विद्यालयों में छात्रों की रियल टाइम अटेंडेंस को लेकर अब सख्ती की जाएगी। सोमवार से उपस्थिति की सूचना हर हाल में शत-प्रतिशत ऑनलाइन करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर राज्य परियोजना निदेशालय ने बीएसए, बीईओ आदि अधिकारियों को कार्यवाही की चेतावनी दी है।

शासन ने पिछले काफी दिनों से परिषदीय विद्यालयों में एक दर्जन रजिस्टर डिजिटल करने की कवायद शुरू की थी। किंतु शिक्षकों के विरोध और टैबलेट के संचालन न होने के कारण यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है। कुछ जगह पर दो-चार फीसदी ही टैबलेट का संचालन हो रहा है। इस बीच शासन ने पिछले महीने छात्रों की सुबह के समय रियल टाइम अटेंडेंस लगाने व दोपहर में मध्याह्न भोजन की सूचना अपडेट करने का निर्देश दिया। इसमें भी शिक्षकों ने बहुत रुचि नहीं ली। इस पर संबंधित अधिकारियों से शासन ने नाराजगी व्यक्त की है।

राज्य परियोजना निदेशक कंचन वर्मा ने सभी बीएसए, बीईओ, डीसीटी, डीसी आदि को निर्देश दिया है कि 26 फरवरी से दोनों ही डिजिटल पंजिकाओं (छात्र उपस्थिति पंजिका व मध्याह्न भोजन पंजिका) का शत-प्रतिशत प्रयोग किया जाए। ऐसा न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। 26 फरवरी को ही स्कूल बंद होने के बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इसकी प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।



छात्र उपस्थिति एवं मध्याह्न भोजन पंजिका का डिजिटल रूप ही मान्य किये जाने के सम्बन्ध में जनपदवार प्रगति जारी कर DGSE ने दी बीएसए और बीईओ को चेतावनी, सीतापुर टॉप पर


आप अवगत हैं कि शासनादेश दिनांक - 20 जुलाई, 2023 के अनुपालन में दिनांक 15 फ़रवरी, 2024 से समस्त जनपदों के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्र उपस्थिति पंजिका एवं मध्याह्न भोजन पंजिका का डिजिटल रूप ही मान्य किये जाने के सम्बन्ध में निर्देशित किया गया है।

यह अत्यंत खेदजनक है कि राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देशित किए जाने के उपरांत भी प्रगति अत्यंत निराशाजनक है । ये आपकी शिथिल कार्यशैली का परिचायक है। तत्सम्बन्धी जनपदवार Tracker संलग्न है ।

अतः समस्त BSA एवम BEO को निर्देशित किया जाता है कि कल दिनाँक - 24 फरवरी , 2024 से उक्त दोनों डिजिटल पंजिकाओं (छात्र उपस्थिति पंजिका एवं मध्याह्न भोजन पंजिका ) का शत - प्रतिशत उपयोग कराना सुनिश्चित करें अन्यथा की स्थिति में आपके विरुद्ध कार्यवाही हेतु बाध्य होना पड़ेगा। इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता प्रदान करें । तद्विषयक अद्यतन प्रगति की समीक्षा अधोहस्ताक्षरी द्वारा दिनाँक - 26 फरवरी , 2024 को वीडियो कॉन्फेंस के माध्यम से की जायेगी।



सीतापुर अव्वल, अन्य जिले करें सुधार : बेसिक शिक्षा विभाग का डिजिटाइजेशन को लेकर निर्देश 

19 फरवरी 2024
बेसिक शिक्षा विभाग ने 15 फरवरी से सभी प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की रियल टाइम उपस्थिति अपडेट करने के निर्देश दिए हैं, इसमें सीतापुर अव्वल रहा है।

 जबकि फतेहपुर, महाराजगंज, जालौन, बहराइच, वाराणसी, शाहजहांपुर, आजमगढ़, बांदा, बदायूं, मेरठ की प्रगति न्यूनतम रही है। 

विभाग ने फिसड्डी जिलों से नाराजगी जताई है। विभाग ने सभी बीएसए व बीईओ को निर्देश दिया है कि छात्र उपस्थिति पंजिका व एमडीएम को प्रतिदिन डिजिटल तरीके से अपडेट करना सुनिश्चित करें।

15 फ़रवरी से छात्र उपस्थिति एवं मध्याह्न भोजन पंजिका का डिजिटल रूप ही मान्य किये जाने के सम्बन्ध में जनपदवार प्रगति जारी

👉 जनपद – फ़तेहपुर, महाराजगंज, जालौन, बहराइच, वाराणसी, शाहजहाँपुर, आज़मगढ़, बाँदा, बदायूँ, मेरठ की प्रगति न्यूनतम

👉 जनपद सीतापुर का आरम्भिक प्रयास को DGSE ने बताया सराहनीय

आप अवगत हैं कि शासनादेश दिनांक 20 जुलाई, 2023 के अनुपालन में दिनांक 15 फ़रवरी, 2024 से समस्त जनपदों के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्र उपस्थिति पंजिका एवं मध्याह्न भोजन पंजिका का डिजिटल रूप ही मान्य किये जाने के सम्बन्ध में निर्देशित किया गया है।

खेद का विषय है कि राज्य परियोजना कार्यालय के पत्रांक-13483, दिनाँक 09 फ़रवरी 2024 द्वारा निर्देशित किए जाने के उपरांत भी प्रगति अत्यंत निराशाजनक है । 


No comments:
Write comments