शिक्षामित्रों को भी मिले टीईटी में शामिल होने का अवसर, प्रदेश में करीब 70 हजार शिक्षामित्र नहीं पास हैं टीईटी, आंदोलन करने की तैयारी
प्रयागराज। शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी आयोजित कराए जाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस परीक्षा में शिक्षामित्रों को नहीं शामिल किया गया है। इससे शिक्षामित्रों में नाराजगी है। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की ओर से मांग की गई है कि इस पर सरकार को विचार करने की जरूरत है।
शिक्षामित्र भी लंबे समय से विद्यालयों में कार्यरत हैं और बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों ने सेवा के दौरान बीटीसी प्रशिक्षण पूरा किया है। इसके बावजूद उन्हें विभागीय टीईटी का अवसर न दिया जाना गलत है। करीब 1.43 लाख में करीब 70 हजार शिक्षामित्र हैं जो टीईटी पास नहीं हैं।
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा, "सरकार जब सेवारत अध्यापकों को विभागीय टीईटी के माध्यम से अपनी पात्रता पूरी करने का अवसर दे सकती है तो 26 वर्षों से विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षामित्रों के लिए ऐसा अवसर क्यों नहीं? यदि शिक्षामित्रों शिक्षामित्रा को नजरअंदाज किया गया तो प्रयागराज से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू होगा।"
संघ के जिला महामंत्री सुनील तिवारी ने कहा, "एक तरफ सेवारत अध्यापकों के लिए विशेष टीईटी की व्यवस्था की जा रही है और दूसरी तरफ शिक्षामित्रों को उस अवसर से वंचित किया जा रहा है।
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