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Monday, September 14, 2026

शिक्षामित्रों को भी मिले टीईटी में शामिल होने का अवसर, प्रदेश में करीब 70 हजार शिक्षामित्र नहीं पास हैं टीईटी, आंदोलन करने की तैयारी

विशेष टीईटी से शिक्षामित्रों को बाहर रखने पर पनप रहा आक्रोश

प्रयागराज। विशेष टीईटी के शासनादेश में शिक्षामित्रों को शामिल नहीं किए जाने के विरोध में प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। रविवार को चंद्रशेखर आजाद पार्क में आयोजित संघ की बैठक में विशेष टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करने के साथ ही टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को उनके शिक्षण अनुभव का लाभ देते हुए सुपर टेट में छूट प्रदान कर नियमित किए जाने की मांग उठाई गई।

वक्ताओं ने कहा कि शिक्षामित्र कोई नए अभ्यर्थी नहीं हैं, बल्कि वे लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी योग्यता, सेवाकाल और अनुभव को नजरअंदाज कर विशेष टीईटी से बाहर रखना उचित नहीं है।

 प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने कहा कि शिक्षामित्रों ने वर्षों तक ग्रामीण और दूरदराज के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि जिस शिक्षामित्र ने वर्षों तक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया है, उसके अनुभव को किसी भी चयन प्रक्रिया में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को शिक्षामित्रों की वास्तविक स्थिति को समझते हुए विशेष टीईटी में उन्हें शामिल करना चाहिए। अनदेखी किए जाने पर आवाज बुलंद की जाएगी।



शिक्षामित्रों को भी मिले टीईटी में शामिल होने का अवसर, प्रदेश में करीब 70 हजार शिक्षामित्र नहीं पास हैं टीईटी,  आंदोलन करने की तैयारी

प्रयागराज। शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी आयोजित कराए जाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस परीक्षा में शिक्षामित्रों को नहीं शामिल किया गया है। इससे शिक्षामित्रों में नाराजगी है। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की ओर से मांग की गई है कि इस पर सरकार को विचार करने की जरूरत है।


शिक्षामित्र भी लंबे समय से विद्यालयों में कार्यरत हैं और बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों ने सेवा के दौरान बीटीसी प्रशिक्षण पूरा किया है। इसके बावजूद उन्हें विभागीय टीईटी का अवसर न दिया जाना गलत है। करीब 1.43 लाख में करीब 70 हजार शिक्षामित्र हैं जो टीईटी पास नहीं हैं।

प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा, "सरकार जब सेवारत अध्यापकों को विभागीय टीईटी के माध्यम से अपनी पात्रता पूरी करने का अवसर दे सकती है तो 26 वर्षों से विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षामित्रों के लिए ऐसा अवसर क्यों नहीं? यदि शिक्षामित्रों शिक्षामित्रा को नजरअंदाज किया गया तो प्रयागराज से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू होगा।"

संघ के जिला महामंत्री सुनील तिवारी ने कहा, "एक तरफ सेवारत अध्यापकों के लिए विशेष टीईटी की व्यवस्था की जा रही है और दूसरी तरफ शिक्षामित्रों को उस अवसर से वंचित किया जा रहा है।

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