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Thursday, February 19, 2026

नई शिक्षक भर्ती की गुहार लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे यूपी के शिक्षामित्र, 69000 भर्ती में आरक्षण विवाद संग इस मामले की होगी सुनवाई

नई शिक्षक भर्ती की गुहार लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे यूपी के शिक्षामित्र, 69000 भर्ती में आरक्षण विवाद संग इस मामले की होगी सुनवाई

आदेश के पांच साल बाद भी प्रदेश भी में शुरू नहीं हुई शिक्षक भर्ती

शीर्ष अदालत के पहले के आदेश पर आदेश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने भी दी थी सहमति 

पूर्व में उच्चतम न्यायालय ने अवसर, वेटेज और आयु में छूट देने के लिए कहा था


प्रयागराज। 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े प्रकरण में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। सिविल अपील राम शरण मौर्य बनाम स्टेट ऑफ यूपी में शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दाखिल करते हुए नई शिक्षक भर्ती शुरू करने का अनुरोध किया है।


शिक्षामित्रों का कहना है कि शीर्ष अदालत ने अपने पूर्व आदेश में अगली शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को अवसर, वेटेज (भारांक) तथा आयु/पात्रता में उपयुक्त छूट देने की बात कही थी, जिस पर राज्य सरकार ने भी सहमति व्यक्त की थी। हालांकि, आदेश के बाद पांच वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद नई शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है। 
प्रार्थना में यह भी उल्लेख है कि राज्य सरकार ने पूर्व में सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष 12 जून 2020 को दाखिल इंटरक्यूलेटरी एप्लीकेशन में यह जानकारी दी थी कि उस समय शिक्षकों के 51112 पद खाली थे। साथ ही 68500 शिक्षक भर्ती से संबंधित 27,713 रिक्त पदों को नई विज्ञप्ति जारी कर भरने के निर्देशों का भी अब तक अनुपालन नहीं हुआ है। 

इस पर याचिकाकर्ताओं ने शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कराने और पूर्व निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की है। उधर इस मामले से जुड़े लोग इस मिसलेनियस एप्लीकेशन (एमए) को आगामी सुनवाई के संदर्भ में महत्वपूर्ण मान रहे हैं। 

यह आवेदन भविष्य की भर्ती नीति और प्रक्रियात्मक दिशा को प्रभावित कर सकता है। 69000 शिक्षक भर्ती पहले से ही व्यापक न्यायिक विमर्श का विषय रही है और संबंधित पक्षकार लंबित निर्देशों के अनुपालन पर विशेष जोर दे रहे हैं। शिक्षामित्रों के प्रार्थना पत्र की सुनवाई भी 69000 आरक्षण विवाद के साथ की जाएगी।

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