बेसिक शिक्षा विभाग ने ‘शिक्षा का अधिकार कानून’ को हर घर तक पहुंचाने के संकल्प को पूरा कर लिया है। महानगर के कान्वेंट स्कूलों में अब गरीबों के 1034 बच्चे निश्शुल्क पढ़ेंगे। विभिन्न कान्वेंट में 554 बच्चों का नामांकन पहले ही हो चुका है। दूसरे चरण में भी 480 बच्चों के नामांकन के लिए जिलाधिकारी ने सहमति प्रदान कर दी है। अगले सप्ताह बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करा दिया जाएगा।
नगर शिक्षा अधिकारी ब्रह्मचारी शर्मा के अनुसार कान्वेंट विद्यालयों में एक हजार बच्चों के नामांकन का लक्ष्य मिला था। जिसे पूरा कर लिया गया है। अब भी 65 आवेदन हैं, उसपर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के नए नियम के तहत कोई भी गरीब परिवार अपने बच्चे को कान्वेंट स्कूल में प्री प्राइमरी (एलकेजी और यूकेजी) में दाखिला दिला सकता है। इसके लिए अभिभावक को कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ वर्तमान पता का प्रमाण पत्र, स्वप्रमाणित फोटो के साथ मतदाता परिचय पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, भू अधिकार पत्रिका, पासपोर्ट में से कोई एक, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र जमा करना होगा। सरकार विद्यालय को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रतिमाह 450 रुपये प्रदान करती है। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत कान्वेंट विद्यालयों में गरीब परिवार के 25 फीसद बच्चों को पढ़ाना अनिवार्य है।
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