मानदेय वृद्धि के लिए अनशन कर रहे शिक्षामित्रों में से तीन की हालत गंभीर होने के बावजूद उनकी मांगें नहीं मानने से नाराज शिक्षक संगठनों ने 26 दिसम्बर यानि सोमवार को जिले के सभी प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूलों को बंद रखने का एलान किया है। उधर, अस्पताल में भर्ती तीन शिक्षामित्रों समेत सातों ने चौथे दिन रविवार को अनशन जारी रखा। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले अनशन कर रहे शिक्षामित्रों के समर्थन में जिले के शिक्षकों व शिक्षामित्रों ने दोपहर बाद अनशनस्थल के सामने बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री व बेसिक शिक्षा मंत्री की बुद्धि भ्रष्ट हो गयी है, तभी वह कड़ाके की ठंड में चार दिनों से आमरण अनशन कर रहे शिक्षामित्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।इसी क्रम में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन व आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने दोपहर बाद अनशनस्थल पर ही संयुक्त बैठक की। इसमें शिक्षामित्रों की मांगों को शासन/प्रशासन द्वारा संज्ञान नहीं लेने पर नाराजगी जतायी गयी। सभी शिक्षकों से अनशनकारी शिक्षामित्रों के समर्थन में सोमवार को स्कूलों को बंद करके कलक्ट्रेट पहुंचने का आह्वान किया गया। बैठक के बाद डीएम से मिलकर 26 दिसम्बर को स्कूलों को बंद रखने की सूचना दी गयी।इस दौरान सुरेंद्रनाथ सिंह, रामईश्वर सिंह, जितेंद्र सिंह, अवधेश सिंह, अजय सिंह, घनश्याम चौबे, राजेश सिंह, गोपाल पाठक, धर्मेंद्र गुप्त, अजीत सिंह, अजय मिश्र, अरुण सिंह, संजय कुमार, बृजकिशोर पाठक, जुबेर अहमद, काशीनाथ यादव थे।
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