जनपद के अंदर मनचाहे स्कूल में पहुंचने की लंबे समय से आश लगाए शिक्षक शिक्षिकाओं को शासन ने फिर से राहत दी है। आसन्न विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस प्रक्रिया को पहले निपटाने के आदेश दिए हैं। तबादले में पारदर्शिता के लिए डीएम, सीडीओ और बीएसए की त्रिसदस्यीय कमेटी का गठन करने के आदेश दिए हैं। लंबे समय से लंबित प्रक्रिया को लेकर शिक्षक वर्ग में तेजी न होने से खासी मायूसी थी। नया शासनादेश आते ही उनके चेहरे की मुस्कान बढ़ गई है। गैर जनपद के तबादले का लाभ मिलने के बाद जनपद के अंदर तबादले का आदेश 30 अगस्त 2016 को जारी किया था। ऑनलाइन आवेदन कराने के बाद इनकी सूची बनाई गई थी, लेकिन अंतिम मुहर नहीं लग पा रही थी। जिले के अंदर इस प्रक्रिया में आवेदन करने वालों की संख्या 1300 से ऊपर रही थी। इस तबादले की राह में खड़े शिक्षक अगस्त से लेकर अब तक पांच माह का समय बीत चुका है। विधानसभा चुनाव की आहट ने लाभ की श्रेणी में खड़े शिक्षक-शिक्षिकाओं के चेहरे मायूस हो गए थे। उन्हें विश्वास हो चला था कि तबादला प्रक्रिया विधानसभा चुनाव की भेंट चढ़ जाएगी। शासन के विशेष सचिव देवेंद्र प्रताप सिंह ने 22 अगस्त को शासनादेश जारी करके जनपद के अंदर तबादलों को विधानसभा चुनाव के पहले पूरा करने के आदेश दिए हैं। बीएसए विनय कुमार सिंह ने बताया कि शासनादेश का अनुपालन किया जाएगा। तबादले की प्रक्रिया का नया आदेश डीएम साहब के सामने रखने के बाद लिए गए निर्णय के आधार पर प्रक्रिया को गतिमान किया जाएगा।
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