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Wednesday, July 8, 2020

ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों को छोड़ना होगा अमेरिका, छात्र वीजा वापसी का एलान, विदेश मंत्रालय जारी नहीं करेगा विदेशी छात्रों को वीजा

ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों को छोड़ना होगा अमेरिका, छात्र वीजा वापसी का एलान, विदेश मंत्रालय जारी नहीं करेगा विदेशी छात्रों को वीजा।


छात्र वीजा वापसी का एलान, विदेश मंत्रालय जारी नहीं करेगा विदेशी छात्रों के लिए वीजा

न्यूयॉर्क। कोरोना महामारी के चलते ट्रंप प्रशासन के एक फैसले से अमेरिका में रहने वाले हजारों भारतीय छात्रों पर प्रतिकूल असर पड़ने जा रहा है। संघीय आव्रजन प्राधिकरण ने कहा, अमेरिका में जिन छात्रों की सभी कक्षाएं ऑनलाइन शिफ्ट हो गई हैं, उन्हें देश छोड़ना होगा या ऐसे विदेशी छात्र जिनके सेमेस्टर सिर्फ ऑनलाइन हो रही हैं, उन्हें अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन विभाग (आईसीई) ने कहा, 2020 के सेमेस्टर के लिए जो छात्र स्कूलों में पूरी तरह से ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं, उन्हें यहां रहकर पूरा कोर्स नहीं कराया जाएगा और उन्हें अमेरिका छोड़ना होगा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय न तो ऐसे स्कूलों या कार्यक्रमों में पंजीकृत छात्रों के लिए वीजा जारी करेगा और न ही अमेरिकी सीमा शुल्क व सीमा सुरक्षा विभाग इन छात्रों को देश में प्रवेश की मंजूरी देंगे। यानी अमेरिका में ऐसे छात्रों का वीजा वापस लिया जाएगा जिनकी कक्षाएं सिर्फ ऑनलाइन मोड पर हो रही है। आईसीई ने कहा, अकादमी पाठ्यक्रम में हिस्सा लेने वाले एफ-1 वीजा धारक आप्रवासी छात्र और वोकेशनल कोर्स करने वाले एम-1 वीजा धारकों को ऑनलाइन कक्षाएं चलने की स्थिति में उन्हें अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलेगा और जो यहां रह रहे हैं उन्हें देश छोड़ना होगा वरना उन्हें दुष्परिणाम भुगतने होंगे।







भारत ने अमेरिकी सरकार के समक्ष उठाया मुद्दा

नई दिल्ली : भारत ने वीजा वापस लेने के मुद्दे को मंगलवार को अमेरिकी सरकार के समक्ष उठाया। अधिकारियों ने बताया कि विदेश सचिव हर्षवर्धन सिंगला ने विदेश सचिव डेविड हेल से ऑनलाइन बैठक के दौरान इस मुद्दे को उठाया। सूत्रों ने बताया कि अमेरिका ने इसका संज्ञान लेते हुए कहा कि वह भारतीय छात्रों के हितों का ध्यान रखेगा और इस फैसले के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास करेगा।

10 लाख छात्रों में भारत के 2.20 लाख होंगे प्रभावित : अमेरिका में इस फैसले का असर करीब 10 लाख विदेशी छात्रों पर पड़ेगा। इनमें भारत के 2.20 लाख छात्र शामिल हैं जबकि चीन के 3.69 लाख और दक्षिण कोरिया के 52 हजार छात्र हैं। इनसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को काफी लाभ होता है। 2018 में विदेशी छात्रों से अमेरिका को 4,470 करोड़ डॉलर की कमाई हुई थी। भारत से 2017 की तुलना में 2018 में 4,157 छात्र बढ़े थे।

आसान नहीं होगा छात्रों को उनके देश वापस भेजना : यह आदेश उन्हीं छात्रों पर लागू होगा जिनकी सभी कक्षाएं ऑनलाइन चल रही हैं और जिन्हें कॉलेज या यूनिवर्सिटी जाना जरूरी नहीं है। यदि कोई विदेशी छात्र आदेश के बावजूद अमेरिका नहीं छोड़ता है तो उसे जबरदस्ती उनके देश भेजा जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक यह बहुत मुश्किल होगा क्योंकि कई देशों में यात्रा प्रतिबंध लागू हैं।


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