DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Tuesday, July 28, 2020

प्रयागराज : बिना सुरक्षा मानक के कंप्यूटर अनुदेशकों की कोरोना जांच केंद्र पर लगी ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर ड्यूटी नहीं पहुंचे अनुदेशको को बीएसए ने नोटिस जारी कर किया जवाब तलब

प्रयागराज : बिना सुरक्षा मानक के कंप्यूटर अनुदेशकों की कोरोना जांच केंद्र पर लगी ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर ड्यूटी नहीं पहुंचे अनुदेशको को बीएसए ने नोटिस जारी कर किया जवाब तलब।

परिषदीय विद्यालयों के अस्थाई कंप्यूटर अनुदेशकों को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना केपी कॉलेज स्थित कोरोना जांच केंद्र पर ड्यूटी लगा दी। कोराना के भय के चलते मात्र 7000 रुपये के मानदेय पर काम करने वाले कंप्यूटर अनुदेशक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इनके खिलाफ नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है। कोरोना जांच केंद्र पर ड्यूटी पर लगाए गए अनुदेशकों का कहना है कि उनके लिए सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अनुदेशकों ने जांच केंद्र पर ड्यूटी के लिए पीपीई किट की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।





बीएसए की ओर से 12 कंप्यूटर अनुदेशकों को नोटिस भेजकर जुलाई महीने का मानदेय रोके जाने और तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। बीएसए की ओर से इन कंप्यूटर अनुदेशकों की ड्यूटी कोरोना जांच केंद्र पर डाटा फीडिंग के लिए लगाई गई थी। ड्यूट पर नहीं आने वाले अनुदेशकों को भेजी नोटिस में बीएसए ने कहा है कि उनके नहीं आने से कोरोना की जांच में बांधा पड़ी। बीएसए ने इन अनुदेशकों से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है नहीं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में उच्च प्राथमिक अनुदेशक कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष भोलानाथ पांडेय का कहना है कि अनुदेशकों ने कभी किसी विभागीय आदेश की अवहेलना नहीं की है। उनका कहना है कि बिना पीपीई किट और कोरोना से बचाव का प्रशिक्षण दिए बिना कोविड-19 की डाटा फीडिंग में लगा दिया गया। डाटा फीडिंग के बगल में ही कोरोना की जांच चल रही है, ऐसी स्थिति में किसी अनुदेशक के साथ दुर्घटना हो जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा, उनके परिवार की चिंता के बारे में अधिकारी आश्वासन दें तो अनुदेशक अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए तैयार हैं।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

No comments:
Write comments