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Saturday, July 25, 2020

यूपी बोर्ड : विवाद, हिंसा वाले विद्यालयों को न बनाएं अग्रसारण केंद्र, व्यक्तिगत छात्रों के पंजीकरण के लिए अग्रसारण नीति जारी

यूपी बोर्ड : दूसरे राज्य के छात्र भर सकेंगे फॉर्म, माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 2021 परीक्षा की अग्रसारण नीति की जारी।

प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 के लिए अग्रसारण नीति जारी हो गई है। व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए जारी नीति में प्रधानाचार्य और डीआइओएस को किसी भी गड़बड़ी के लिए सीधे जिम्मेदार बताया गया है। पिछले वर्षों की तरह राजकीय इंटर कॉलेज को ही अग्रसारण केंद्र बनाया जाएगा। इतना ही नहीं दूसरे राज्य, विदेशी नागरिक व गैर बोर्ड के छात्र केवल जिला मुख्यालय पर स्थित जीआइसी पर परीक्षा का फार्म भर सकेंगे। अपात्र आवेदनों को जिला स्तर पर निरस्त किया जाएगा।


शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय ने शुक्रवार को यूपी बोर्ड की परीक्षा तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए अग्रसारण नीति घोषित कर दी है। जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजी गई नीति में कहा गया है कि हाईस्कूल व इंटर के व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का पंजीकरण ऑनलाइन ही होगा। वहीं, अग्रसारण केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज को ही बनाया जाएगा, बशर्ते वहां पर्याप्त संख्या में अनुभवी व प्रवक्ता व शिक्षणेतर स्टॉफ हो। ज्ञात हो कि पहले कुछ ऐसे भी कालेज अग्रसारण बन गए जहां पर्याप्त स्टॉफ ही नहीं था। इसके अलावा जिन कालेजों में पिछले वर्षों में सामूहिक नकल या फिर अन्य अनियमितता हुई हो उसे अग्रसारण केंद्र नहीं बनाया जाएगा।

प्रत्येक केंद्र से हाईस्कूल के 600 और इंटर के 40 यानी कुल 1000 सीमा तक ही अग्रसारण किया जाए। जिन राजकीय कालेजों को पत्राचार इंटर का पंजीकरण केंद्र बनाया गया है उन्हें कालेजों को सामान्य व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का अग्रसारण केंद्र न बनाया जाए। वहीं, पत्रकार का अग्रसारण केंद्र बने स्कूलों को हाईस्कूल व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का अग्रसारण केंद्र बनाया जा सकता है। इंटर पत्राचार के परीक्षार्थियों की अधिकतम सीमा 800 व अन्य परीक्षार्थियों की अग्रसारण सीमा 40 ही रहेगी। सीमा से अधिक अग्रसारण या अनर्ह का अग्रसारण होने पर प्रशासनिक व विधिक कार्रवाई होगी।

प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए सूखे में दो वर्ष निवास का प्रमाण पत्र देना होगा। व्यक्तिगत बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग अग्रसारण केंद्र बनाए जाएंगे। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में राजकीय कालेजों को बालक-बालिकाओं के लिए मिश्रित केंद्र बनाया जा सकता है।

इन पर खास नजर : अभ्यर्थियों के अर्हता संबंधित शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच व सत्यापन अनिवार्य,
• डीआईओएस प्रधानाचार्यों की टीम गठित करके विधिवत जांच कराएं क्षेत्रीय कार्यालय भी इसकी जांच कराएंगे और गड़बड़ी मिलने पर क्षेत्रीय सचिव भी जिम्मेदार होंगे।




यूपी बोर्ड : विवाद, हिंसा वाले विद्यालयों को न बनाएं अग्रसारण केंद्र, व्यक्तिगत छात्रों के पंजीकरण के लिए अग्रसारण नीति जारी।

प्रयागराज। ::  यूपी बोर्ड की हाईस्कूल-इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 की परीक्षा के लिए व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए अग्रसारण नीति जारी कर दी गई है। प्रदेश के निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनय कुमार पांडेय की ओर से जारी अग्रसारण नीति में राजकीय विद्यालयों को ही अग्रसारण केंद्र बनाने का सुझाव दिया गया है। निदेशक की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उन राजकीय विद्यालयों को किसी भी हालत में अग्रसारण केंद्र न बनाया जाए जहां सामूहिक नकल के आरोप लगे हैं।



जिन केंद्रों पर हिंसात्मक घटनाएं हुई हो और जो लगातार विवाद में रहे हैं, उन्हें अग्रसारण केंद्र न बनाया जाए। किसी भी विद्यालय में हाईस्कूल में 600 और इंटरमीडिएट में 400 कुल मिलाकर अधिकतम 1000 छात्रों का ही पंजीकरण किया जाए निदेशक की ओर से जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि व्यक्तिगत छात्रों के लिए आवेदन को पत्र वेबसाइटhttpsi/rupmsp.edu.in/ पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। व्यक्तिगत छात्रों को परेशानी न हो इसके लिए आवेदन पत्र के प्रारूप को जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से तहसील, ब्लाक, स्कूल स्तर तक उपलब्ध कराएं। इससे छात्रों को परेशानी नहीं होगी।


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