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Friday, December 11, 2020

यूपी बोर्ड : 9वीं और 11वीं के पंजीकरण में गिरावट

यूपी बोर्ड : 9वीं और 11वीं के पंजीकरण में गिरावट, 8वीं व 10वीं कक्षा पास करने वाले करीब 12 हजार विद्यार्थियों ने दाखिला ही नहीं लिया।

▪️770 यूपी बोर्ड के स्कूलों की संख्या राजधानी में हैं

▪️14 हजार तक छात्र- छात्राओं की संख्या में आई कमी।


लखनऊ : यूपी बोर्ड की कक्षा नौ और 11 में दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या में इस साल गिरी है। राजधानी में 8वीं और 10वीं कक्षा पास करने वाले करीब 12 हजार छात्र- छात्राओं ने दाखिला ही नहीं लिया है। यूपी बोर्ड की कक्षा 9 और 11 के लिए हुए पंजीकरण में यह स्थितियां उभर कर सामने आई है। साफ है कि आठवीं और 10वीं की परीक्षा पास करने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने दाखिला ही नहीं लिया है। एक अनुमान के तहत, इसे पिछले कई वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट माना जा रहा है। 

राजधानी में यूपी बोर्ड के स्कूलों की संख्या करीब 770 है। यहां से वर्तमान सत्र में कक्षा 9 में 46,494 छात्र- छात्राओं ने पंजीकरण कराया है। वहीं, 11वीं में 42,670 ने पंजीकरण कराया है। कुल पंजीकरण की संख्या करीब 89,164 रही। जबकि, पिछले वर्ष यह संख्या करीब 1.03 लाख की थी। सीधे करीब 14 हजार छात्र-छात्राएं कम हुए हैं। पिछले कई वर्षों में इसे सबसे अधिक गिरावट मानी जा रही है। जानकार इसे कोरोना संक्रमण का असर मान रहे हैं। 


आर्थिक स्थिति हुई कमजोर :

बालिक विद्यालय मोतीनगर में नौंवी और 11 वीं कक्षा के पंजीकरण में 15 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। गिरावट आई है। प्रिंसिपल लीना मिश्रा ने बताया कि सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय होने के कारण कमजोर आयवर्ग के बच्चे यहां पढ़ते हैं। कुछ के अभिभावक गांवों चले गए। लखनऊ मॉन्टेसरी स्कूल की प्रिंसिपल प्रशांत मिश्रा ने बताया कि कोरोना काल के दौरान कई बच्चों के अभिभावकों का काम धंधा बंद हो गया। इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर देखने को मिल रहा है।

पिछले कई वर्षों में एक लाख से कम छात्र कभी भी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। यह सीधे सीधे कोरोना संक्रमण का असर है।


इस वर्ष 1.03 लाख छात्र-छात्राएं देंगे परीक्षा

इस साल 1,05,400 छात्र-छात्राएं यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होंगे। इसमें, हाईस्कूल में 54354 और इंटरमीडिएट में 48,934 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इसके अलावा, हाईस्कूल, प्राइवेट में 466 और इंटर में 1646 हैं। पिछले साल के मुकाबले इस संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष परीक्षा देने वाले छात्र छात्राओं की संख्या 1,01,276 थी।

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