DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Monday, December 7, 2020

पुलिस मुख्यालय ने पूछा, कितने फर्जी शिक्षक पकड़े? शासन की मंशा पर होगी सख्ती

पुलिस मुख्यालय ने पूछा, कितने फर्जी शिक्षक पकड़े? शासन की मंशा पर होगी सख्ती


गोरखपुर।
बर्खास्त किए जा चुके फर्जी शिक्षकों की मुसीबतें अब और बढ़ने जा रही हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी करेगी। फरार चल रहे आरोपितों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी करेगी। पुलिस मुख्यालय लखनऊ ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया है और एसएसपी से पूछा है कि कितने फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कितने गिरफ्तार किए जा चुके हैं और कितनों की सम्पत्तियां कुर्क की गई हैं। पुलिस मुख्यालय ने अपनी सख्त मंशा भी जाहिर की है। पुलिस अधिकारियों से कहा है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लें।


बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा विभाग के साथ ही समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित स्कूल-कॉलेजों में बड़ी संख्या में फर्जी नियुक्तियां की गई हैं। शासन की सख्ती के बाद की गई जांच में फर्जी शिक्षकों की काली करतूतों का खुलासा हुआ है। शासन की मंशा के अनुरूप पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शासन की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई है। एसटीएफ ने अपनी जांच-पड़ताल में बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षकों को पकड़ा है और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया है। सूत्रों का कहना है कि अकेले गोरखपुर जिले में 78 फर्जी शिक्षक पकड़े जा चुके हैं। इनके खिलाफ जांच-पड़ताल चल रही है।


अपर पुलिस महानिदेशक अपराध डॉ. केएस प्रताप कुमार की एक चिट्ठी ने गोरखपुर पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी है। इस चिट्ठी ने शासन की मंशा भी जाहिर कर दी है कि फर्जी तरीके से नौकरी हथियाने और करोड़ों रुपये डकार जाने वाले इन फर्जी शिक्षकों को सरकार बख्शने वाली नहीं है। पुलिस मुख्यालय ने जिला पुलिस प्रमुखों को स्पट तौर पर निर्देश दिया है कि इस मामले को प्राथमिकता पर लें और यह रिपोर्ट तैयार कर भेजें कि कितने फर्जी शिक्षकों को चिह्नित किया गया है। कितने की सेवा समाप्त की गई है। जिनकी सेवा समाप्त की गई उनमें से कितनों से वसूली की जा चुकी है। कितनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। कितने फर्जी शिक्षकों की गिरफ्तारी की गई है। पुलिस मुख्यालय ने यह भी पूछा है कि कितने की सम्पत्तियां कुर्क की गई हैं। कितनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया है।


थानेदारों ने तेज की विवेचनाएं
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पुलिस मुख्यालय से चिट्ठी आने के बाद एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने भी सख्ती दिखाई है। एसएसपी की सख्ती के बाद फर्जी शिक्षकों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों की थानेदारों और चौकी प्रभारियों ने विवेचनाएं तेज कर दी हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिन फर्जी शिक्षकों के खिलाफ अभियोग दर्ज है और जो फरार चल रहे हैं उन पर दबाव बनाने के लिए पुलिस उनके खिलाफ न्यायालय से कुर्की का आदेश लेगी।

No comments:
Write comments