DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Friday, April 23, 2021

बेसिक शिक्षकों को जबरन न बुलाएं स्कूल : राज्य मानवाधिकार आयोग

बेसिक शिक्षकों को जबरन न बुलाएं स्कूल : राज्य मानवाधिकार आयोग


लखनऊ : बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच राज्य मानवाधिकार आयोग ने बेसिक शिक्षकों को जबरन स्कूल बुलाए जाने पर कड़ा एतराज जताया है। आयोग ने अत्यंत आकस्मिक व अपरिहार्य स्थिति में ही शिक्षकों को स्कूल बुलाए जाने का आदेश दिया है। आयोग ने अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा को नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब तलब किया है।


आयोग ने मीडिया रिपोर्ट के जरिये इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। बढ़ते संक्रमण के बावजूद कई स्थानों पर शासनादेश के विपरीत शिक्षकों को प्रशासनिक कार्य के लिए स्कूल बुलाया जा रहा है। इस पर इंटरनेट मीडिया के जरिए कई शिक्षक आक्रोश भी जता चुके हैं। कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें शिक्षकों के अस्वस्थ होने पर भी उनकी पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई। आयोग के सदस्य ओपी दीक्षित ने नोटिस में कहा कि मीडिया में इसे लेकर आई रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि बेसिक शिक्षकों को तय नीति का उल्लंघन कर अकारण स्कूलों में आने के लिए बाध्य किया जा रहा है।

No comments:
Write comments