मदरसे की मान्यता निलंबन के आधार पर नहीं रोका जा सकता मदरसा शिक्षकों का वेतन : हाईकोर्ट
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक किसी मदरसे की मान्यता अंतिम रूप से रद्द नहीं हो जाती, तब तक वहां के कर्मचारी वेतन पाने के हकदार हैं। केवल मान्यता निलंबन के आधार पर वहां के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वेतन रोका जाना अवैधानिक है।
यह टिप्पणी न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की एकल पीठ ने आजमगढ़ स्थित दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशर्फियां मिसबाहुल उलूम मुबारकपुर में तैनात रहे बदरे आलम और अन्य 19 शिक्षकों व कर्मचारियों की ओर से दाखिल याचिका पर की है। याचियों ने नौ जनवरी को जारी उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड के रजिस्ट्रार के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें मदरसे की मान्यता निलंबन की स्थिति में शिक्षकों का वेतन रोके जाने का आदेश दिया गया था।
वेतन की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे याचियों के वकील ने दलील दी कि उत्तर प्रदेश गैर-सरकारी अरबी और फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन और सेवा विनियमावली-2016 के विनियम 13 (6) के अनुसार, जब तक किसी मदरसे की मान्यता अंतिम रूप से रद्द नहीं हो जाती, तब तक वहां के कर्मचारी वेतन पाने के हकदार हैं।
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