सहपऊ ब्लाक के दो एबीआरसी की शिकायत पूर्व माध्यमिक विद्यालय शेरपुर के हेड मास्टर ने बीएसए सहित जिलाधिकारी से की थी। एक एबीआरसी पर जहां चेक अपने नाम से कटवा लेने और दस हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था, वहीं दूसरे एबीआरसी पर खंड शिक्षा अधिकारी के आदेश के बिना पत्र जारी करने का आरोप लगाया था। बीएसए ने दोनों एबीआरसी की जांच पड़ताल खंड शिक्षा अधिकारी सादाबाद से कराई, जिसमें आरोप सिद्ध हो जाने के बाद भी कार्रवाई तय नहीं की गई। अब एक एबीआरसी पीड़ित शिक्षक को धमकी दे रहा है। शिक्षक ने बीएसए सहित डीएम आदि को दिए पत्र में कहां है कि यदि उसे न्याय नहीं दिया गया तो वह आमरण अनशन करेगा। परिवार के साथ आत्मदाह करने की धमकी भी पीड़ित शिक्षक ने दी है। हेडमास्टर ने एबीआरसी ब्रजमोहन बघेल पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए आए सरकारी पैसे को अपने नाम से चेक कटवा लेने का आरोप लगाया था। वहीं एबीआरसी मुनेश कुमार पर आरोप है कि खंड शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति में इस प्रकरण के पता न होने पर भी उनके नाम से नामित पत्र पर अनुपस्थिति में कृते हस्ताक्षर कर उत्पीड़न किया गया। पीड़ित शिक्षक के स्तर से इस मामले की शिकायत 11 जून को बीएसए सहित जिलाधिकारी के पास की गई थी। इस प्रकरण में बीएसए रेखा सुमन ने खंड शिक्षा अधिकारी सादाबाद से जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए, लेकिन विभागीय कार्रवाई एबीआरसी पर तय नहीं की गई, जबकि पीड़ित शिक्षक का आरोप है कि एबीआरसी बृजमोहन बघेल के द्वारा लगातार उसे धमकी दी जा रही है। अब पीड़ित शिक्षक ने डीएम, एसपी, बीएसए और प्राथमिक शिक्षक संघ को एक प्रार्थना पत्र दिया है, जिसमें कहा गया है कि बीएसए इस मामले को दबाना चाहती हैं। साक्ष्य होने के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रही हैं। यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वो बीएसए कार्यालय पर आमरण अनशन पर बैठ जायेगा। यदि इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई तो परिवार संग आत्मदाह कर लेगा। बीएसए रेखा सुमन की मानें तो एबीआरसी फिलहाल प्रशिक्षण लेने के लिए लखनऊ में हैं। आरोप पत्र तैयार कर लिया गया है, जल्द ही आरोप पत्र देकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कुछ लोग बेवजह इस मामले में राजनीति करके तूल दे रहे हैं।
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