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Thursday, November 7, 2019

इटावा : फर्जी डिग्री से नौकरी कर रहे 88 शिक्षक, एसआइटी की जांच में नाम सामने आने के बाद बीएसए ने रोका वेतन

इटावा : फर्जी डिग्री से नौकरी कर रहे 88 शिक्षक, एसआइटी की जांच में नाम सामने आने के बाद बीएसए ने रोका वेतन।


फर्जी डिग्री से नौकरी कर रहे 88 शिक्षक
November 07, 2019

जागरण संवाददाता, इटावा : जिले में 88 शिक्षक बीएड की फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी कर रहे हैं। विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) लखनऊ की जांच में इनका नाम सामने आया है। बेसिक शिक्षा सचिव की ओर से मिले पत्र के आधार पर बीएसए ने सभी का वेतन रोक दिया है।
डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से सत्र 2004-2005 में बीएड करने वाले ज्यादातर अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र फर्जी होने की बात सामने आई थी। शासन ने एसआइटी को इसकी जांच सौंपी है। प्रदेश भर में ऐसे कई शिक्षक सामने आए हैं जो फर्जी डिग्री के सहारे ही नौकरी कर रहे हैं। इटावा में इनकी संख्या 88 है। वर्तमान में 72 शिक्षक यहीं नौकरी कर रहे हैं, जबकि 16 का अन्य जनपदों में स्थानांतरण हो चुका है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि एसआइटी ने प्रदेश भर में चार हजार से अधिक शिक्षक पकड़े हैं जिनके प्रमाण-पत्र फर्जी एवं टेंपर्ड हैं।

इटावा में 88 शिक्षक सामने आए हैं। इन सभी का वेतन रोक दिया गया है। एक अन्य मामले में अपर जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव पहले ही अन्य 49 शिक्षकों के खिलाफ फर्जी प्रमाण-पत्र मामले की जांच कर रहे हैं।

एसआइटी की जांच में नाम सामने आने के बाद बीएसए ने रोका वेतन






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