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Saturday, June 13, 2020

69000 भर्ती : पुलिस व एसटीएफ पहले सक्रिय होती तो न होता फर्जीवाड़ा

69000 भर्ती :  पुलिस व एसटीएफ पहले सक्रिय होती तो न होता फर्जीवाड़ा


69000 सहायक शिक्षक भर्ती में धांधली को लेकर बवाल मचा हुआ है। नकल कराने से लेकर रैकेट संचालित करने वाले के खुलासे के लिए शासन ने एसटीएफ को जिम्मेदारी दी है। 6 जनवरी 2019 को जब इसकी परीक्षा चल रही थी, उस वक्त भी निगरानी की जिम्मेदारी एसटीएफ को थी। अगर उस वक्त एसटीएफ थोड़ी सक्रिय हुई होती तो यह धांधली नहीं होती। परीक्षा के दौरान भी 27 नकलची पकड़े गए थे लेकिन इसकी जांच में स्थानीय पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई।


अध्यापकों की भर्ती के लिए 6 जनवरी 2019 को सूबे के 800 केंद्रों पर 11 से 1.30 बजे की पाली में लिखित परीक्षा कराई गई। परीक्षा में 27 अभ्यर्थियों को नकल के आरोप में पकड़ा गया। सभी के खिलाफ एफआईआर कराई गई। लखनऊ से एसटीएफ ने नौ सॉल्वर को पकड़ा। प्रयागराज से जयंत कुमार मौर्या के स्थान पर दूसरा व्यक्ति परीक्षा देते पकड़ा गया। करेली से एसटीएफ ने एक सॉल्वर पकड़ा। कटरा से एक छात्रा को हाथ से लिखी पर्ची के साथ पकड़ा गया। नैनी से एक छात्रा को इलेक्ट्रानिक डिवाइस का प्रयोग करते पकड़ा गया। झूंसी में दूसरे के स्थान पर एक अभ्यर्थी परीक्षा देते मिला। कानपुर नगर के दो स्कलों से एक-एक सॉल्वर एसटीएफ ने पकड़े। मिर्जापुर में अनिला कुमारी यादव को पर्ची के साथ पकड़ा गया।


ऐसे ही आजमगढ़ और मुरादाबाद में भी नकलची और दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते लोग पकड़े गए थे। उस वक्त पुलिस और एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए नकलची भी पकड़े लेकिन पुलिस और एसटीएफ ने रैकेट चलाने वाले का खुलासा नहीं किया। विभिन्न जनपदों में मुकदमे दर्ज किए गए। इसके बाद भी विवेचक ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगर उसी वक्त सही से जांच हो गई होती तो आज नकल कराने वाले गिरोह की बात सामने नहीं आती।


दो-दो मुकदमों में वांटेड था डॉ. केएल पटेल

प्रयागराज। 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में नकल कराने के आरोप में जेल भेजा गया पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ कृष्ण लाल पटेल की गिरफ्तारी इतनी आसान नहीं थी। सोरांव पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार किया तो पता चला कि वह 2 मुकदमों में पहले से वांछित था और उसे न तो पुलिस गिरफ्तार कर पा रही थी और ना ही एसटीएफ। पुलिस रिकॉर्ड की माने तो डॉक्टर कृष्ण लाल पटेल सबसे पहले व्यापम घोटाले में भोपाल में पकड़ा गया और डेढ़ महीना जेल में रहा। इसके बाद उसने प्रयागराज में शिक्षा माफियाओं के साथ मिलकर रैकेट चलाने लगा। 


बताया जा रहा है कि जब एसटीएफ ने रेलवे भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले गैंग का खुलासा किया था तो उस मुकदमे में भी डॉक्टर कृष्ण लाल पटेल को वांछित किया था। मामला सिविल लाइन्स थाने में दर्ज हुआ था, लेकिन सिविल लाइन पुलिस ने आरोपित किशन लाल पटेल को गिरफ्तार नहीं किया। इसी तरह एक दूसरी परीक्षा में शिवकुटी में एक गैंग पकड़ा और वहां से भी डॉक्टर कृष्ण लाल पटेल को वंचित कर दिया गया। पुराने दोनों मुकदमों में भी कृष्ण पाटिल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चर्चा यह भी है कि इस दौरान उसने करोड़ों रुपए की संपत्ति बना ली है जिस पर एसटीएफ की नजर है।

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