बेसिक शिक्षकों ने की आकांक्षी जनपद से वरिष्ठता के आधार पर स्थानांतरण की मांग
बहराइच। पिछले 10 से 15 वर्षों से बहराइच जनपद में कार्यरत शिक्षकों ने आज दिनांक 09 04 2026 को माननीय मुख्यमंत्री महोदय उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ को जिलाधिकारी महोदय बहराइच के माध्यम से बेसिक शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण में भारांक नीति को समाप्त करके बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 के नियम-22 के अनुसार वरिष्ठता आधारित अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण करने के सम्बन्ध में ज्ञापन कार्यक्रम दिया।
ज्ञापन के माध्यम से बहराइच के शिक्षकों ने माननीय मुख्यमंत्री महोदय से विनम्र निवेदन किया कि विगत 10 से 15 वर्षों से अधिक समय से आकांक्षी जनपदों सहित अन्य जनपदों से भारांक नीति के कारण सेवा में वरिष्ठ शिक्षकों का स्थानान्तरण गृह जनपद में नहीं हो पा रहा है।जबकि कनिष्ठ शिक्षक लाभान्वित हो जा रहे हैं।
भारांक नीति से वरिष्ठ शिक्षको के संविधान प्रदत्त समानता के अधिकार अनुच्छेद 14, 15, और 16 का हनन हो रहा है।शिक्षक लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि यदि भारांक नीति समाप्त न की गई तो पीड़ित शिक्षक पूरे सेवा काल में स्थानानारण से वचित रहेंगे।विजय पाण्डेय ने बताया कि आकांक्षी जनपदों से 2018 और 2020 में अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध था और शासन द्वारा जारी ट्रासफर नीति में यह कहा गया था कि दो वर्ष के अंदर विकल्प लेकर ट्रांसफर कर दिया जाएगा लेकिन अभी भी सभी ट्रांसफर से वंचित है।
दीपक यादव ने बताया कि आकांक्षी जनपदों में कार्यरत शिक्षकों का परिवार ट्रांसफर न होने से अत्याधिक पीड़ा से गुजर रहा है।राजकुमार सिंह ने बताया कि माता-पिता उम्र के इस पड़ाव पर है कि पारिवारिक जिम्मेदारियां भी बढ़ती जा रही है जिसरो अत्यधिक तनाव पूर्ण स्थिति होती जा रही है।
आकांक्षी जनपद बहराइच के शिक्षकों ने कहा कि अंतर्जनपदीय स्थानांतरण वरिष्ठता के क्रम में प्रत्येक वर्ष किए जाए जो कि 2023 से नहीं किए गए है, उक्त के सम्बंध में शिक्षकों ने अवगत कराया कि पूर्व में हुए अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में जिन शिक्षकों के पास भारांक नहीं रहे है। उनमें से किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण नहीं हुआ जबकि उनकी सेवा का अंतर जनपदीय स्थानांतरण का लाभ प्राप्त कर चुके शिक्षकों से अधिक है। उसका कारण भारांक का न होना है।
शिक्षकों ने सरकार से निवेदन किया कि इसी वर्ष मई माह में आवेदन लेकर अंतर्जनपदीय स्थानांतरण किए जाए जिससे कि हम अपने गृह जनपद या उसके नजदीक के जनपद में पहुँच कर पूर्ण मनोयोग से कार्य कर सके एवं परिवार का सहयोग कर सके।
इस ज्ञापन कार्यक्रम में लक्ष्मीकांत दुबे, आलोक सिंह, विजय पाण्डेय, सुनील परिहार, प्रवीण सिंह, शैलेन्द्र मौर्य, पवन दुबे, नितिन शर्मा, दीपक यादव, आशीष मिश्रा, के साथ सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रही।
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